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गोवर्धन मठ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा है कि उनका निर्णय अकाट्य होता है और उनके निर्णय को सुप्रीम कोर्ट भी मानता है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर चल रहे विवाद पर संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से किए गए सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि उनके पास जब विधिवत यह मामला आएगा, तभी वह इसका जवाब देंगे। अभी उनके पास यह प्रकरण नहीं आया है। इसलिए वह इस बारे में कुछ भी नहीं कहेंगे। इसके साथ ही साथ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपना लाडला भी बताया। माघ मेले की त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर में पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज मंगलवार को भक्तों के धर्म एवं अध्यात्म से जुड़े प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। इसी दौरान संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को लेकर मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर स्नान को लेकर हुए विवाद और उनके अनशन पर पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने सीधे तो कोई जवाब नहीं दिया लेकिन एक तरीके से उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन भी किया।

सवाल पर पुरी पीठाधीश्वर ने कहा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को प्रशासन की ओर से दिए गए नोटिस के जवाब में पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। कहा कि मेला प्रशासन अपना काम करे, सामने वाला उसका जवाब देगा। शंकराचार्य स्वामी एवं निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अपना लाडला भी बताया। माघ मेले के त्रिवेणी मार्ग पर स्थित पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के ठीक आगे ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का भी शिविर लगा हुआ है। मौनी अमावस्या पर पर संगम नोज पर स्नान को लेकर प्रशासन से हुए विवाद के तीसरे दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने अपने शिष्यों एवं समर्थकों के साथ मंगलवार को मेले में गौ रक्षा निकाली। इसी दौरान उनकी यात्रा जैसे ही पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के शिविर के सामने पहुंची तो शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद वहां रुके और अपनी पालकी से नीचे उतरकर पुरी पीठाधीश्वर के शिविर के मुख्य गेट पर पहुंचे। गेट से ही उन्होंने सामने बैठे पुरी शंकराचार्य को प्रणाम किया और इसके बाद अपनी पालकी पर बैठकर आगे बढ़ गए। अमर उजाला प्रतिनिधि की ओर से इसे लेकर किए गए सवाल पर पुरी पीठाधीश्वर ने कहा कि उनका ध्यान उस और नहीं गया।

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