
सरिता साहनी
नई दिल्ली, 14 मार्च 2026
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा है कि दिल्ली में खाना पकाने की गैस (एलपीजी) की गंभीर कमी के कारण लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर संकट आ गया है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में दिल्ली की भाजपा सरकार को तुरंत कदम उठाते हुए प्रभावित गिग वर्कर्स और अन्य कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए, ताकि वे इस कठिन समय से बाहर निकल सकें। देवेंद्र यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है और इसका असर अब दिल्ली के आम लोगों और कामगारों पर साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संकट का पहले से अनुमान लगाकर तैयारी करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पश्चिम एशिया के युद्ध का असर भारत में गैस आपूर्ति पर
देवेंद्र यादव के अनुसार पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद गैस आपूर्ति की स्थिति अचानक खराब हो गई। इसका सीधा असर भारत में घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गैस सप्लाई पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई होटल, ढाबे, रेस्तरां और ऑनलाइन फूड डिलीवरी से जुड़े किचन गैस की कमी के कारण बंद हो गए हैं। जब ये व्यवसाय बंद होते हैं तो उनके साथ जुड़े हजारों कर्मचारियों की नौकरियां भी चली जाती हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। देवेंद्र यादव का कहना है कि यह स्थिति अचानक नहीं बनी, बल्कि सरकार की तैयारी की कमी के कारण यह संकट और ज्यादा गंभीर हो गया है।
5 लाख से अधिक लोग हुए प्रभावित
देवेंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली में इस गैस संकट के कारण लगभग 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें गिग वर्कर्स, रसोइये, वेटर, होटल कर्मचारी और खाने के कारोबार से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर्स आज शहर की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं में काम करते हैं। लेकिन जब खाने का कारोबार ही बंद होने लगता है, तो इन कामगारों के सामने रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। देवेंद्र यादव ने कहा कि इस समय हजारों परिवारों की आय बंद हो गई है और वे अपने घर का खर्च चलाने के लिए परेशान हो रहे हैं।
दिल्ली सरकार से तुरंत आर्थिक सहायता की मांग
देवेंद्र यादव ने दिल्ली की भाजपा सरकार से मांग की कि वह इस संकट की गंभीरता को समझे और प्रभावित लोगों को तुरंत आर्थिक मदद दे। उन्होंने कहा कि जब तक गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती, तब तक बेरोजगार हुए गिग वर्कर्स और अन्य कर्मचारियों को सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। इससे उनके परिवारों को थोड़ी राहत मिल सकेगी। देवेंद्र यादव ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि लोगों की मदद करने का है। सरकार को तुरंत राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
एलपीजी की कमी से बढ़ी कालाबाजारी
देवेंद्र यादव ने यह भी कहा कि दिल्ली में गैस की कमी के कारण कालाबाजारी तेजी से बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर गैस सिलेंडर 5000 रुपये से अधिक कीमत में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार इतने महंगे सिलेंडर खरीदने में असमर्थ हैं। कई परिवारों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कालाबाजारी को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। अगर सरकार सख्ती से कार्रवाई करती तो गैस की कालाबाजारी इतनी ज्यादा नहीं बढ़ती।
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें
देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि दिल्ली में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि शहर में कई गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोगों को गैस सिलेंडर पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो लोगों को कई दिनों तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
राहुल गांधी लगातार उठा रहे हैं गिग वर्कर्स का मुद्दा
देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार गिग वर्कर्स और छोटे-मध्यम कामगारों के अधिकारों और कल्याण के लिए आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में भी गिग वर्कर्स के लिए विशेष कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने का वादा किया था। देवेंद्र यादव का कहना है कि आने वाले समय में इस वर्ग के लिए सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता की योजनाएं बहुत जरूरी हैं।
मोदी सरकार के रोजगार वादे पर सवाल
देवेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के चुनाव से पहले हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था।
उन्होंने कहा कि यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। उल्टा नोटबंदी, कोविड-19 महामारी और अब गैस संकट जैसे कारणों से बड़ी संख्या में युवाओं की नौकरियां चली गई हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि देश की युवा आबादी रोजगार की उम्मीद लेकर बैठी है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
संकट से उबरने के लिए ठोस कदम जरूरी
देवेंद्र यादव ने अंत में कहा कि दिल्ली में गैस संकट का असर सिर्फ किचन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रोजगार, छोटे कारोबार और आम लोगों की जिंदगी पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत गैस की आपूर्ति बढ़ाए, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करे और प्रभावित कामगारों के लिए राहत पैकेज घोषित करे। देवेंद्र यादव के अनुसार अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और भी बड़ा रूप ले सकता है और लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।