
हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार के आम बजट से कई उम्मीदें हैं। प्रदेश को विशेष राज्य श्रेणी का लाभ मिल सकता है। आपदा राहत के लिए भी राज्य को खास मदद मिल सकती है। रेल और हवाई परियोजनाओं के लिए भी केंद्र से हिमाचल प्रदेश को बजट मिल सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर राज्य की वित्तीय स्थिति पर चर्चा की थी और हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार से उदार सहायता देने का आग्रह किया था। उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान को न्यूनतम 10,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष निर्धारित किए जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने पहाड़ी राज्यों के लिए अलग से ग्रीन फंड के गठन की पैरवी की थी।
विश्वास करने व व्यापार को सरल करने की उम्मीद
10 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में बतौर वित्त मंत्री शामिल हुए राजेश धर्माणी ने भी केंद्र सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। बजट पूर्व राज्यों की प्रस्तुतियों के लिए आयोजित हुई इस बैठक में हिमाचल को बीआईएस की ओर से भूकंप जोन छह में रखे जाने का मामला उठाते हुए इसी हिसाब से हिमाचल को फंडिंग करने का मामला उठाया था। उधर, बीबीएन के उद्योगपतियों को केंद्रीय बजट में वित्तीय घाटा कम करने, आयात- निर्यात के गैप को कम करने, उद्योगपतियों पर विश्वास करने व व्यापार को सरल करने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार के आम बजट में प्रावधान होगा
कांगड़ा-चंबा संसदीय सीट से भाजपा सांसद राजीव भारद्वाज ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि हिमाचल प्रदेश को पर्यटन, रेलवे, आधारभूत ढांचा विकास, शिक्षा आदि के लिए केंद्र सरकार के आम बजट में प्रावधान होगा। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और शिमला से लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि बजट में क्या मिलेगा, इसका पता रविवार को ही चलेगा। उससे पहले वह क्या बता सकते हैं। राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार ने कहा कि सभी सांसद अलग-अलग मंत्रालयों में मिले हैं। हिमाचल प्रदेश में रेल विस्तार और अन्य आधारभूत ढांचा विकास को लेकर मांगें उठा चुके हैं। बजट से उम्मीद है कि हिमाचल के लिए भी कई प्रावधान होंगे। हिमाचल और लद्दाख को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन को आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट में शामिल किए जाने की संभावना है। सामरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस परियोजना को पहले ही वित्त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पास पहुंचा था। एनएसए के स्तर पर चर्चा के बाद फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी, जहां से अंतिम स्वीकृति के बाद अब बजट आवंटन और निर्माण की समय-सीमा तय हुई है। रेल मंत्रालय की ओर से इस रेल लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट वर्ष 2022 में तैयार की गई थी।