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ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है। यह केस बच्चों के साथ यौन शोषण करने के आरोप में दर्ज किया गया है। इसमें दो तीन अन्य को भी नामजद किया गया है। यह एफआआईर स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ है। शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य पर बच्चों का यौन शोषण करने आरोप लगाते हुए कोर्ट ेअर्जी दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शनिवार को केस दर्ज करने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद झूंसी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ अन्य बिंदुओं पर जांच शुरू करेगी।

न्यायालय में प्रस्तुत कर उनके बयान दर्ज कराए गए
इलाहाबाद जिला अदालत के आदेश पर झूंसी पुलिस ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ दो बालकों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। यह आदेश पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने एक धर्मगुरु के शिष्य की ओर से बालकों के संरक्षक के रूप में दाखिल अर्जी पर पारित किया है। अर्जी में आरोप लगाया गया कि माघ मेला के दौरान गुरु सेवा के नाम पर दोनों बालकों का यौन शोषण किया गया। अदालत ने पुलिस आयुक्त प्रयागराज से विस्तृत आख्या तलब की थी। साथ ही पीड़ित बालकों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनके बयान दर्ज कराए गए थे। बयानों व रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने आरोपों को अत्यंत गंभीर माना। विभिन्न उच्च न्यायालय और भारत का सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का उल्लेख करते हुए अदालत ने कहा कि मामले की निष्पक्ष विवेचना आवश्यक है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है। पुलिस स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करे।

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