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राजधानी दिल्ली में जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में गुरुवार देर रात गिरने से कमल की मौत हो गई। जनकपुरी वी-ब्लॉक में 20 फीट गहरे गड्ढे में रात गिरे युवक ने मदद न मिलने पर तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। वहीं इस मामले में आज दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद घटनास्थल जनकपुरी पहुंचे। इस दौरान मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ‘इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।’

अनिवार्य मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया
उन्होंने कहा कि ‘सभी विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सड़क को सुचारू रूप से संचालित कराया जाएगा, ताकी लोगों को कम से कम असुविधा हो। इसी उद्देश्य से हम घटनास्थल पर पहुंचे हैं। दोषी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना से हम भी आहत हैं। इसमें सुधार के लिए स्वयं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निगरानी कर रही हैं।’ बता दें कि जनकपुरी स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग पर घटनास्थल के निरीक्षण में सामने आया कि पिछले कई महीनों से दिल्ली जल बोर्ड का सीवर लाइन से जुड़ा कार्य चल रहा था। करीब छह मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। हालांकि सड़क के कुछ हिस्सों पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा के अनिवार्य मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया।

जमीनी स्तर पर पालन और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी
गड्ढे के बावजूद दुपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी, जबकि ऐसी स्थिति में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाना जरूरी था। बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की कमी और रात्रि दृश्यता के लिए रिफ्लेक्टर न होने से यह स्थल आम नागरिकों के लिए जानलेवा बन गया। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा में हुए एक समान हादसे के बाद 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड ने सभी इंजीनियरों और काम करने वाली एजेंसियों को निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के सख्त पालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जनकपुरी की घटना ने इन आदेशों के जमीनी स्तर पर पालन और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।

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