
सरिता साहनी
नई दिल्ली, 10 मार्च 2026
दिल्ली में साफ-सुथरे और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने परिवहन विभाग और दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के कामकाज की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने, चार्जिंग व्यवस्था को मजबूत करने और नई परिवहन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि इस महीने दिल्ली के इलेक्ट्रिक बस बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इससे दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली में पहले से चल रही हैं 4000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में इस समय 4000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर चल रही हैं। ये बसें पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ यात्रियों के लिए भी आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 के अंत तक दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 7500 कर दी जाए। अगर यह लक्ष्य पूरा होता है तो दिल्ली देश के उन शहरों में शामिल होगी जहां सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क होगा। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली में क्लीन मोबिलिटी यानी साफ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बढ़ रहा EV नेटवर्क
परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार राजधानी में पर्यावरण को बचाने और बेहतर परिवहन व्यवस्था देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल प्रदूषण कम करती हैं बल्कि यात्रियों को शांत, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर भी देती हैं। इसलिए सरकार लगातार नई EV बसों को बेड़े में शामिल कर रही है।
44 बस डिपो में तैयार किया गया EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के लिए जरूरी चार्जिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के 44 बस डिपो में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के पहले और दूसरे चरण के तहत 36 अन्य डिपो में भी चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। जब यह काम पूरा हो जाएगा तो दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या और तेजी से बढ़ाई जा सकेगी।
भलस्वा में बनेगा नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल
समीक्षा बैठक में दिल्ली की एक बड़ी परिवहन परियोजना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार भलस्वा इलाके में लगभग 20 एकड़ जमीन पर नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने की योजना बना रही है। यह जमीन पहले लैंडफिल साइट थी, जिसे अब साफ करके दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जा रहा है। नया बस टर्मिनल बनने से दिल्ली के उत्तरी हिस्से में आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और दूसरे राज्यों से आने वाली बसों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार होगी।
UER-II कॉरिडोर पर नया DTC डिपो बनाने की तैयारी
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) कॉरिडोर पर एक नया DTC बस डिपो बनाने की संभावना का अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में तेजी से शहरी विकास हो रहा है और वहां यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में नए डिपो बनाकर बस सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।
बुराड़ी बस डिपो को किया जाएगा अपग्रेड
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बुराड़ी के मौजूदा बस डिपो को अपग्रेड किया जाएगा। डिपो को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि बढ़ती इलेक्ट्रिक बसों को सही तरीके से संभाला जा सके और बस संचालन अधिक सुचारु तरीके से हो सके।
नंद नगरी और तेहखंड में शुरू होंगे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि नंद नगरी और तेहखंड में बनाए जा रहे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) जल्द ही शुरू होने वाले हैं। उम्मीद है कि अप्रैल 2026 से ये स्टेशन आम लोगों के लिए चालू हो जाएंगे। इन स्टेशनों के शुरू होने से वाहनों की फिटनेस जांच की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी। साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों का पालन भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।
दिल्ली को मिलेगा आधुनिक और स्वच्छ ट्रांसपोर्ट सिस्टम
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और नए बस टर्मिनल जैसी परियोजनाएं दिल्ली को स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक कुशल सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में दिल्ली के लोगों को तेज, सस्ता और प्रदूषण-मुक्त परिवहन उपलब्ध कराया जाए, जिससे शहर की जीवन गुणवत्ता और बेहतर हो सके।