
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को अपने ही खिलाड़ियों से विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बीसीबी ने टी20 विश्व कप के मुकाबले भारत में नहीं खेलने की जिद पकड़ ली है, लेकिन उसे अपने ही घर में विरोध झेलना पड़ रहा है। अब इसे लेकर बांग्लादेश के टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने भी चुप्पी तोड़ी है। शांतो का कहना है कि अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप में टीम के शामिल होने पर चल रहे संशय से खिलाड़ियों पर असर पड़ रहा है, लेकिन हम ऐसे बर्ताव कर रहे हैं जैसे सब ठीक है। शांतो ने इसके अलावा पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को भारत का एजेंट कहने पर बीसीबी के निदेशक एम नजमुल इस्लाम को भी घेरा। बांग्लादेश ने आईसीसी से उसके मुकाबले भारत के बजाए श्रीलंका में खेलने की मांग की है। बीसीबी ने भारत में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। आईसीसी ने आधिकारिक रूप से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन बांग्लादेश के खिलाड़ी अब इस विवाद को लेकर अपने ही बोर्ड को घेर रहे हैं।
विश्व कप को लेकर राग अलपाना शुरू कर दिया
शांतो ने कहा, सबसे पहले अगर आप हमारे विश्व कप के नतीजों को देखें, तो हमने कभी भी लगातार अच्छा क्रिकेट नहीं खेला है। पिछले साल हमने अच्छा खेला था लेकिन उससे भी बेहतर मौके मिले थे जिनका हम फायदा नहीं उठा पाए। लेकिन आप देखेंगे कि हर विश्व कप से पहले कुछ न कुछ जरूर होता है। तीन विश्व कप के अपने अनुभव से मैं कह सकता हूं कि इसका असर जरूर पड़ता है। अब हम ऐसे बर्ताव करते हैं जैसे हमें कोई फर्क ही नहीं पड़ता, जैसे हम पूरी तरह से पेशेवर क्रिकेटर हैं। आप लोग भी समझते हैं कि हम सिर्फ दिखावा कर रहे हैं, ये आसान नहीं है। शांतो ने कहा कि खिलाड़ी इन ध्यान भटकाने वाली चीजों को एक तरफ रखने और टीम के लिए प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, ‘बेशक अगर ये सब न होता तो बेहतर होता, लेकिन यह कुछ हद तक हमारे नियंत्रण से बाहर है।’ टी20 विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होनी है और बांग्लादेश को ग्रुप चरण के अपने चार मैच भारत में खेलने हैं। इसमें से तीन कोलकाता में और एक मुंबई में खेला जाना है। बीसीसीआई ने हाल ही में आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को निर्देश दिया था कि वह बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दे। इसके बाद से ही बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप को लेकर राग अलपाना शुरू कर दिया है। बीसीबी ने सुरक्षा को बहाना बनाया है और अपने मैच श्रीलंका में खेलने की मांग की है।
टिप्पणियां एक क्रिकेटर के बारे में की गईं
शांतो ने कहा, मुझे इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं है न ही यह पता है कि इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता था। फिर भी मैं कहूंगा कि ऐसी परिस्थितियों में भी कुछ करना मुश्किल है। अगर हम सही मानसिकता के साथ विश्व कप में जाते हैं और कहीं भी खेलते हैं तो हमें टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शांतो ने बीसीबी निदेशक इस्लाम के उस बयान पर भी गुस्सा जताया जिसमें उन्होंने तमीम इकबाल को भारत का एजेंट बताया था। तमीम ने बीसीबी को सलाह देते हुए कहा था कि वह भावनाओं में आकर टी20 विश्व कप के लिए भारत नहीं जाने का फैसला ना ले। इसे लेकर यह अधिकारी गुस्सा हो गया और उसने अपने ही पूर्व कप्तान को लताड़ा था। शांतो ने कहा, बहुत दुख की बात है क्योंकि ऐसी टिप्पणियां एक क्रिकेटर के बारे में की गईं। एक पूर्व कप्तान के बारे में और मेरी राय में बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक जिन्हें हम बचपन से खेलते हुए देखते आए हैं। एक खिलाड़ी के तौर पर हम सम्मान की अपेक्षा रखते हैं। चाहे कोई पूर्व कप्तान हो, नियमित खिलाड़ी हो, सफल हो या नहीं। अंततः एक क्रिकेटर सम्मान की उम्मीद करता है।