
विजय हजारे ट्रॉफी के राउंड-सात में पंजाब के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सरफराज खान ने अभिषेक शर्मा के एक ही ओवर में 30 रन बटोरे, लेकिन इसके बावजूद मुंबई को एक रन से हार झेलनी पड़ी। वहीं, भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव घरेलू टूर्नामेंट में भी फ्लॉप साबित हुए। शिवम दुबे का भी बल्ला नहीं चला। विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार फॉर्म में चल रहे सरफराज को हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम चयन में अनदेखा किया गया था। हालांकि, उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को करारा जवाब दिया। सरफराज ने पंजाब के कप्तान अभिषेक के एक ओवर में 6,4,6,4,6,4 लगाकर बाउंड्रीज की बरसात कर दी और 30 रन बटोरे।
25 रन बनाने में आखिरी छह विकेट गंवा दिए
सरफराज ने साथ ही 15 गेंद में अर्धशतक भी जड़ा और 20 गेंद में सात चौके और पांच छक्के की मदद से 62 रन बनाकर आउट हुए। सरफराज के नाम विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया। मुंबई के इस बल्लेबाज ने बड़ौदा के अतित शेठ का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 2020-21 में छत्तीसगढ़ के खिलाफ 16 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। सरफराज ने तूफानी बल्लेबाजी कर टीम को जीत के करीब पहुंचाया, लेकिन आखिरी पलों में मैच हाथ से निकल गया। सरफराज के अलावा मुंबई कप्तान श्रेयस अय्यर ने 34 गेंद में चार चौके और दो छक्कों की मदद से 45 रन की पारी खेली। वहीं, जीत दिलाने की जिम्मेदारी पांचवें नंबर पर उतरे सूर्यकुमार यादव और छठे नंबर पर उतरे शिवम दुबे पर थी, लेकिन दोनों फेल रहे। सूर्यकुमार 15 रन और दुबे 12 रन बनाकर आउट हुए। पंजाब के 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक वक्त मुंबई का स्कोर चार विकेट पर 191 रन था। इसके बाद टीम 26.2 ओवर में 215 रन पर सिमट गई। टीम ने 25 रन बनाने में आखिरी छह विकेट गंवा दिए।
स्कोर चार विकेट पर 191 रन
मुंबई के खिलाफ मैच जीतकर पंजाब ने ग्रुप-सी पॉइंट्स टेबल में टॉप पर अपना स्थान पक्का किया। पंजाब के गेंदबाजों ने भी कमाल किया। गुरनूर बराड़ और मयंक मारकंडे ने चार-चार विकेट लिए, जबकि कृष भगत और हरनूर सिंह ने एक-एक विकेट झटके। दमदार गेंदबाजी की बदौलत पंजाब ने मुंबई को रोककर मैच अपने नाम किया। महत्वपूर्ण बात यह है कि पंजाब और मुंबई दोनों ने क्वार्टर-फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। सरफराज के अलावा मुंबई कप्तान श्रेयस अय्यर ने 34 गेंद में चार चौके और दो छक्कों की मदद से 45 रन की पारी खेली। वहीं, जीत दिलाने की जिम्मेदारी पांचवें नंबर पर उतरे सूर्यकुमार यादव और छठे नंबर पर उतरे शिवम दुबे पर थी, लेकिन दोनों फेल रहे। सूर्यकुमार 15 रन और दुबे 12 रन बनाकर आउट हुए। पंजाब के 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक वक्त मुंबई का स्कोर चार विकेट पर 191 रन था। इसके बाद टीम 26.2 ओवर में 215 रन पर सिमट गई। टीम ने 25 रन बनाने में आखिरी छह विकेट गंवा दिए।