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नई दिल्ली, 28 फरवरी 2026

दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति कर का बकाया भुगतान न करने पर पुठ खुर्द गांव स्थित ‘सेवन सन मोटल’ की संपत्ति को ज़ब्त (अटैच) कर लिया है। नगर निगम की ओर से यह सख्त कार्रवाई असेसमेंट एंड कलेक्शन विभाग (मुख्यालय) द्वारा की गई। नगर निगम के अनुसार, मोटल पर लगभग 2.90 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया था। कई बार नोटिस देने और पर्याप्त समय देने के बाद भी जब कर जमा नहीं किया गया, तब कानून के तहत यह कदम उठाया गया।

क्या है पूरा मामला, क्यों करनी पड़ी कार्रवाई?
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि ‘सेवन सन’ नामक मोटल पर पिछले काफी समय से संपत्ति कर बकाया था। पिछले वर्ष दिसंबर में बकाया राशि तय की गई थी और करदाता को इसकी सूचना दे दी गई थी। इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। नगर निगम ने बार-बार लिखित नोटिस भेजे और कानूनी रूप से भुगतान का अवसर दिया। लेकिन निर्धारित समय सीमा के अंदर कर जमा नहीं हुआ। जब सभी प्रयासों के बावजूद करदाता ने बकाया राशि नहीं चुकाई, तब नगर निगम को मजबूर होकर संपत्ति ज़ब्त करने की कार्रवाई करनी पड़ी।

किस कानून के तहत की गई ज़ब्ती?
नगर निगम ने यह कार्रवाई डीएमसी अधिनियम, 1957 (संशोधित) की धारा 156ए के तहत की है। इसके अलावा धारा 154(1), 156 और 446 के अंतर्गत भी वसूली नोटिस जारी किए गए थे। इन धाराओं के माध्यम से करदाता को कानूनी रूप से पर्याप्त अवसर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही संपत्ति को अटैच किया गया है।

पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
यह संपत्ति नरेला जोन में स्थित है। ज़ब्ती की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए पुलिस बल की सहायता भी ली गई। नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए संपत्ति को ज़ब्त कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी गई।

नगर निगम ने दिया सख्त संदेश
दिल्ली नगर निगम ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि संपत्ति कर का भुगतान करना हर संपत्ति मालिक की जिम्मेदारी है। नगर निगम ने कहा कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी करदाताओं से अपील की गई है कि वे समय पर अपना बकाया कर जमा करें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

क्यों जरूरी है संपत्ति कर का भुगतान?
संपत्ति कर से मिलने वाली राशि नगर निगम के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसी धन से शहर में सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण और मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का रखरखाव, जल निकासी व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि लोग समय पर कर जमा नहीं करते हैं, तो इन सुविधाओं पर असर पड़ सकता है और विकास कार्य बाधित हो सकते हैं। इसलिए नगर निगम समय-समय पर बकाया कर की समीक्षा करता है और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाता है।

आगे भी जारी रहेगी निगरानी और कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बकाया कर की वसूली को लेकर आगे भी लगातार निगरानी की जाएगी। जो भी संपत्ति मालिक लंबे समय तक कर बकाया रखेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम के माध्यम से दिल्ली नगर निगम ने यह दिखाया है कि वह राजस्व संग्रह और नियमों के पालन को लेकर गंभीर है। अंत में नगर निगम ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि समय पर कर भुगतान करना न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि शहर के विकास में योगदान भी है।

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