*पोस्टर वार में नया मोड़: बीजेपी का “बुलडोजर से आई शांति” स्लोगन चर्चा में*

नए साल के मौके पर लखनऊ में बीजेपी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। इस पोस्टर में मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ को बुलडोजर के साथ दिखाया गया है, और स्लोगन लिखा है- “चरखे से क्रांति आई, बुलडोजर से आई शांति। बदलता यूपी, बढ़ता भारत। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।” यह स्लोगन बीजेपी नेता शम्सी आजाद द्वारा लगाया गया है। इस पोस्टर के जरिए पार्टी योगीआदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन को प्रदेश में शांति और अपराध नियंत्रण का कारण बताने की कोशिश कर रही है। योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन को बीजेपी का समर्थनबीजेपी हमेशा से योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन का समर्थन करती आई है, और यह पोस्टर भी उसी विचारधारा को आगे बढ़ाता है। उत्तरप्रदेश में विपक्ष ने अक्सर बुलडोजर एक्शन को आलोचना का विषय बनाया है, लेकिन बीजेपी का कहना है कि इससे प्रदेश में माफिया के खौफ मेंकमी आई है और अपराधों का ग्राफ गिरा है। पार्टी का दावा है कि बुलडोजर से राज्य में शांति आई है। बीजेपी और सपा के बीच पोस्टर वॉरयह पहली बार नहीं है जब शम्सी आजाद का पोस्टर विवादों में आया हो। इससे पहले यूपी उपचुनाव के दौरान भी बीजेपी और सपा के बीचपोस्टरबाजी देखने को मिली थी। बीजेपी ने “बंटेगे तो कटेंगे” और “एक है तो सैफ” जैसे स्लोगन दिए थे, वहीं सपा ने “पीडीए जोड़ेगी और जीतेगी” कानारा दिया था। अब देखना होगा कि इस नए पोस्टर पर विपक्ष का क्या जवाब आता है।
*संभल पहुंचे सांसद जिया उर रहमान बर्क, बोले- हिंसा ने सुकून को आग लगाई, बिजली चोरी पर दी अपनी प्रतिक्रिया*

समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद जिया उर रहमान बर्क, 37 दिनों बाद अपने गृह जिले संभल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुएकहा, “मेरा घर सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरा संभल मेरा घर है और मैं अपने घर आया हूं।” संभल में हाल ही में हुई हिंसा पर बर्क ने कहा कि यह घटनासुकून को आग लगाने वाली थी। उन्होंने कहा, “हमारे लोगों की हत्या हुई और हमारे खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया गया।” *बिजली चोरी पर सांसद की प्रतिक्रिया* सांसद ने बिजली चोरी के मामले में भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कल पुलिस का डंडा गायब हो जाएगा, तो मुझे जिम्मेदार ठहरायाजाएगा।” यह बयान उन्होंने बिजली चोरी के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए दिया, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। *हिंसा के दौरान कहां थे सांसद?* जिया उर रहमान बर्क 22 नवंबर को संभल में जामा मस्जिद पर नमाज अदा करने पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद 24 नवंबर को संभल में हिंसा भड़कउठी। 25 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र था, और बर्क ने बताया कि हिंसा के दिन वह संभल में नहीं थे, बल्कि दिल्ली में संसद सत्र में हिस्सालेने के लिए आ गए थे। हिंसा के बाद यह उनकी पहली बार संभल की यात्रा थी। *गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है* 37 दिनों में संभल की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और सांसद बर्क पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। उन्हें संभल हिंसा मामले में मुख्य आरोपीबनाया गया है। इसके अलावा, बिजली चोरी के मामले में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है और बिजली विभाग ने उन पर 1 करोड़ 91 लाखरुपये का जुर्माना भी लगाया है। *सपा डेलिगेशन की संभल यात्रा* समाजवादी पार्टी का एक डेलिगेशन, जिसमें संभल सांसद जिया उर रहमान बर्क और कैराना सांसद इकरा हसन भी शामिल थे, संभल पहुंचे। इसडेलिगेशन ने हिंसा के पीड़ितों को 5-5 लाख रुपये के चेक सौंपे। सपा डेलिगेशन का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद ने किया था। यह घटना अब संभल और राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले चुकी है, जहां सांसद बर्क और उनकी पार्टी के खिलाफ कई आरोप लगे हुए हैं, औरआने वाले दिनों में क्या घटनाएं घटेंगी, यह देखना
केजरीवाल का आरोप: शाह और पुरी के पास रोहिंग्याओं का डेटा

दिल्ली में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा विधानसभा चुनाव से पहले फिर से गरमा गया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवारको केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और पुरी के पास रोहिंग्याओं का डेटा है।केजरीवाल ने पुरी पर आरोप लगाया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है कि दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में रोहिंग्याओं को बसायागया है। पुरी का पलटवार: आरोपों को नकारा अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दिल्ली में किसी भी रोहिंग्या को EWS फ्लैट नहीं दिया गया है। पुरी नेयह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल के विधायक ही रोहिंग्याओं को मुफ्त राशन, पानी, बिजली और 10 हजार रुपए देकर उनका वोटर कार्ड बनवातेहैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब केजरीवाल के दल की राजनीति का हिस्सा है, और रोहिंग्या किस पार्टी के वोटर हो सकते हैं, यह पूरे देश को पताहै। केजरीवाल का बयान: सुरक्षा के साथ खिलवाड़ केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मुद्दा दिल्ली की सुरक्षा से जुड़ा है और उनका बार-बार रोहिंग्याओं का समर्थन करना देश की सुरक्षा के लिए खतरे काकारण बन सकता है। उनका आरोप है कि शाह और पुरी के पास रोहिंग्याओं के बसने से जुड़ी पूरी जानकारी है, जो देश की सुरक्षा के लिहाज से गंभीरहै।