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पराक्रम दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: ‘विकसित भारत के लिए स्वराज की तरह हमें होना होगा एकजुट’

23 जनवरी को देशभर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस मनाया जाता है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेदेशवासियों से अपील की कि विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें एकजुट होना होगा, जैसा कि नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकजुट कियाथा।पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलिपराक्रम दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की। वे संविधान सदन (पुराने संसद भवन) के सेंट्रल हॉलमें नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे, जहां उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में विपक्षीनेता मल्लिकार्जुन खरगे, और अन्य कई केंद्रीय मंत्री व सांसद भी मौजूद थे।स्कूली छात्रों से संवादइस अवसर पर, पीएम मोदी ने संविधान सदन में स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ भी संवाद किया। उन्होंने बच्चों से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे मेंसवाल पूछे और उनकी प्रेरक यात्रा को साझा किया। प्रधानमंत्री ने इस संवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया, ताकि युवा पीढ़ी कोनेताजी के आदर्शों से प्रेरणा मिल सके।एकजुट होने की अपीलपीएम मोदी ने ओडिशा के कटक में बाराबती किले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित पराक्रम दिवस समारोह को संबोधित किया। उन्होंनेवहां उपस्थित जनसमूह से अपील करते हुए कहा, नेताजी ने हमें स्वराज के लिए एकजुट होने का मार्ग दिखाया था, और आज हमें विकसित भारत केलिए एकजुट होना होगा। प्रधानमंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यदि हम सब मिलकर एकजुट हो जाएं तो हम नेताजी सुभाष चंद्र बोसके सपनों का भारत बना सकते हैं, जो न केवल स्वतंत्रता प्राप्ति में, बल्कि समृद्धि और विकास में भी अग्रणी हो।पराक्रम दिवस का महत्व2021 में केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्‍मदिन 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस दिन का उद्देश्यनेताजी के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना और उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ना है।

राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में मोदी और केजरीवाल पर साधा निशाना, दिल्ली की सच्चाई जनता के सामने

दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और सभी पार्टियां अपने-अपने प्रचार अभियान को तेज कर रही हैं। इस बीच कांग्रेस पार्टी के पूर्वअध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तगड़ा हमला किया है। राहुल गांधी ने दिल्ली की वर्तमानस्थिति को लेकर दोनों नेताओं को आड़े हाथों लिया और कहा कि दिल्ली की असलियत अब लोगों के सामने आ चुकी है। दिल्ली में खराब निर्माण, गंदगी और प्रदूषण पर उठाए सवालराहुल गांधी ने दिल्ली के विकास मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा, “दिल्ली में कंस्ट्रक्शन का काम बेहद खराब है, गंदगी फैली हुई है, प्रदूषण औरमहंगाई चरम सीमा पर है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याएं दिल्ली की जनता को परेशान कर रही हैं।” उनका कहना था कि दिल्ली कीसच्चाई अब हर किसी के सामने आ चुकी है और यहां के लोग इन मुद्दों से जूझ रहे हैं। राहुल ने कहा कि दिल्ली में मोदी और केजरीवाल की सरकारें जो झूठा प्रचार और PR मॉडल चला रही हैं, वह अब काम नहीं आने वाला। उन्होंने यहभी जोड़ा कि दिल्लीवासियों को अब शीला दीक्षित जी का असली विकास मॉडल याद आ रहा है, जो सच्चे विकास और जनता की सेवा पर आधारितथा। कांग्रेस के विकास मॉडल का समर्थनराहुल गांधी ने कहा, “दिल्ली में सही विकास की आवश्यकता है और यह वही विकास मॉडल है, जो शीला दीक्षित जी के शासनकाल में देखा गयाथा। उनके द्वारा किए गए कामों की असली तस्वीर दिल्ली की जनता अब देखना चाहती है।” उन्होंने दावा किया कि शीला दीक्षित के समय दिल्ली मेंअधिकतर समस्याओं का समाधान किया गया था, लेकिन आज के हालात पूरी तरह से विपरीत हैं। जनता से समर्थन की अपीलराहुल ने जनता से अपील की कि वे इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपने अधिकार का सही इस्तेमाल करें और उन नेताओं को वोट दें, जो सच्चेविकास की दिशा में काम करें। उनका कहना था कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली में असली बदलाव लाने के लिए तैयार है और जनता के हर मुद्दे पर ध्यानदेगी। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली की समस्याओं का समाधान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिल्लीवासियों सेएकजुट होकर कांग्रेस को समर्थन देने की अपील की, ताकि दिल्ली को फिर से एक आदर्श राज्य बनाया जा सके।

केजरीवाल का बड़ा एलान: अगले पांच साल में दिल्ली में रोजगार पर रहेगा फोकस

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने युवाओं के लिए एक बड़ा एलान किया है। उनका कहना है कि दिल्लीमें सरकार बनने के बाद अगले पांच साल में उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रोजगार और नौकरी पैदा करना होगा। इसके साथ ही उन्होंनेशिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, मेट्रो और सीवर जैसे क्षेत्रों में काम जारी रखने का भी वादा किया। युवाओं के लिए रोजगार का वादाकेजरीवाल ने कहा, “हमारी सरकार ने पहले ही दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किए हैं। अब हमें यहसुनिश्चित करना होगा कि हमारे युवाओं को उनके मेहनत के अनुसार रोजगार मिले।” उनका मानना है कि रोजगार की कमी के कारण युवा गलत रास्तेपर चलने के लिए मजबूर हो जाते हैं, जिससे समाज में अपराध भी बढ़ता है। कोरोना काल में रोजगार का इंतजामअरविंद केजरीवाल ने यह भी बताया कि कोरोना काल में जब पूरी दुनिया में बेरोजगारी का संकट छाया हुआ था, तब उनकी सरकार ने विशेष प्रयासकिए थे। उन्होंने कहा, “कोरोना के दौरान जब सारे उद्योग, दुकानें और बाजार बंद हो गए थे, तब हमने दिल्ली सरकार के माध्यम से 12 लाख युवाओंको रोजगार दिलवाया था। हम उन्हें रोजगार देने के लिए लगातार नए तरीके ढूंढ रहे हैं।” पंजाब में भी रोजगार के प्रयासकेजरीवाल ने पंजाब का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी पार्टी की सरकार ने वहां 48,000 से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां दी हैं। इसकेअलावा, 3 लाख से ज्यादा बच्चों के लिए प्राइवेट क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए गए हैं। पार्टी की टीम करेगी रोजगार योजना पर कामकेजरीवाल ने कहा कि इस कार्य को सफल बनाने के लिए उनकी पार्टी के पास एक बहुत अच्छी और समर्पित टीम है। इसमें मनीष सिसोदिया, आतिशी, संजय सिंह, गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज और राघव चड्ढा जैसे अनुभवी नेता शामिल हैं। ये सभी लोग बेरोजगारी को खत्म करने के लिए एकठोस योजना पर काम कर रहे हैं। साझा प्रयास से रोजगार मिलेगाअरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे इस मुहिम में उनकी मदद करें। उन्होंने कहा, “मैं और मेरी टीम इसे अकेले नहीं कर सकते।हम सबको मिलकर काम करना होगा, जैसे हमने अन्य क्षेत्रों में काम किया है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि अगले पांच सालों में हम दिल्ली से बेरोजगारीखत्म कर देंगे। मुझे आपका साथ और आशीर्वाद चाहिए।” नियमित रूप से रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार के कदमदिल्ली सरकार अब तक कई रोजगार योजनाओं और पहलुओं पर काम कर चुकी है। केजरीवाल का कहना है कि उनकी पार्टी पूरी तरह से निष्ठावान हैऔर उनका उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। अंत में, उन्होंने कहा कि यह सभी कदम सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली के युवाओं को हर हाल में रोजगार मिले, जिससे वे आत्मनिर्भर बनें और समाज मेंयोगदान कर सकें।

चुनावी रैली में नहीं पहुंचे राहुल गांधी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव बोले- उनकी तबियत है खराब

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी माहौल गरमाया हुआ है, जहां कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी सभी अपनी-अपनी जीत का दावा कररही हैं। इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी के लिए राहुल गांधी का चुनावी प्रचार महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन इस बीच राहुल गांधी की तबियत खराब होने कीखबर आई है, जिसके कारण वह अपनी प्रस्तावित रैली में शामिल नहीं हो पाए। राहुल गांधी की तबियत के कारण रैली में न पहुंचने की जानकारीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को मीडिया को जानकारी दी कि राहुल गांधी की तबियत खराब हो गई है, जिसके कारण वहमुस्तफाबाद में होने वाली चुनावी रैली में नहीं शामिल हो सकेंगे। यादव ने कहा, “राहुल जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और इसलिए वह यहां नहीं पहुंचसकेंगे।” इस दौरान, उन्होंने राहुल गांधी का संदेश भी पढ़ा, जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि तबियत ठीक होने के बाद वह लोगों से मिलेंगे और उन्होंनेदिल्ली के मतदाताओं से कांग्रेस पार्टी का समर्थन करने की अपील की। स्वास्थ्य कारणों से पहले भी रैलियों में शामिल नहीं हो पाए थे राहुल गांधीराहुल गांधी का स्वास्थ्य बुधवार से ही खराब था, जिसकी वजह से वह 22 जनवरी को दिल्ली के सदर बाजार विधानसभा क्षेत्र में होने वाली प्रस्तावितजनसभा में भी नहीं पहुंचे। इस जनसभा में दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेंद्र यादव और अन्य पार्टी नेता शामिल हुए। इस समय सदर बाजार से कांग्रेसके उम्मीदवार अनिल भारद्वाज थे। राहुल गांधी की तबियत खराब होने के बाद अन्य कार्यक्रम स्थगितराहुल गांधी का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्होंने 21 जनवरी को कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली’ मेंभी भाग नहीं लिया था। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वह दिल्ली में कई जनसभाओं को संबोधित करने के साथ-साथरोडशो और पदयात्राओं में भी हिस्सा ले सकते हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार की अहमियतदिल्ली में विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को होने हैं और 8 फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और आमआदमी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला है। राहुल गांधी की अनुपस्थिति के बावजूद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस पार्टी का प्रचार कार्य जारी है और पार्टी के अन्यनेता अपनी ताकत झोंक रहे हैं।

उत्तरप्रदेश के शामली जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच एनकाउंटर,एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनीलकुमार शहीद

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हाल ही में पुलिस और बदमाशों के बीच एक एनकाउंटर हुआ, जिसमें पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाशअरशद और उसके तीन साथियों को ढेर कर दिया। इस एनकाउंटर के दौरान एसटीएफ के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार घायल हो गए थे, औरइलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। एनकाउंटर के दौरान घायल हुए थे एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमारबता दें कि एनकाउंटर में अपराधियों के पास से देसी कट्टे, पिस्टल और कार्बाइन बरामद किए गए थे। इस दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कईगोलियां लगी थीं, और उन्हें गंभीर हालत में गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान आज उनका निधन हो गया। सीएम योगी ने जताया शहीद सुनील कुमार के प्रति श्रद्धांजलिइंस्पेक्टर सुनील कुमार की मौत पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया। सीएम योगी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) परलिखा, “जनपद शामली में अपराधियों के साथ साहसिक मुठभेड़ में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए जनपद मेरठ निवासी उत्तर प्रदेशएसटीएफ के निरीक्षक श्री सुनील कुमार जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।” परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की घोषणासीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिवार के लिए ₹50 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। इसके साथ ही, एक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी कही गई है। सीएम ने आगे कहा, “प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में शहीद के परिजनों के साथहै, उन्हें हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।” शामली में शहीद सुनील कुमार के नाम पर होगा सड़क का नामकरणमुख्यमंत्री योगी ने यह भी घोषणा की कि शामली जिले की एक सड़क का नाम शहीद सुनील कुमार के नाम पर रखा जाएगा, ताकि उनकी यादें हमेशाताजा रहें। सुनील कुमार का पुलिस सेवा में शानदार करियरसाल 1971 में जन्मे सुनील कुमार मेरठ के निवासी थे। उन्होंने साल 1990 में पुलिस सेवा में भर्ती होने के बाद कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवादी। वर्ष 2009 में वे उत्तर प्रदेश एसटीएफ में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से कई अहम मिशनों को सफल बनाया। इससेपहले वे पीएसी (प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी) में भी अपनी सेवा दे चुके थे। विशिष्ट सेवाओं के लिए कई बार सम्मानित हुए सुनील कुमारअपने शानदार करियर में, सुनील कुमार को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए कई बार सम्मानित किया गया। 1997 में उन्होंने कमांडो कोर्स मानेसर(हरियाणा) से किया था। इसके बाद, 2015 में उन्हें “सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह”, 2022 में “उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह”, 2024 में “अति उत्कृष्टसेवा पदक” और “प्रशंसा चिन्ह” से नवाजा गया था।

बिहार में शिक्षा विभाग का अधिकारी निकला ‘धनकुबेर’, कैश गिनने के लिए लगानी

बिहार के बेतिया जिले में निगरानी विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रजनीशकांत प्रवीण के आवास पर छापेमारी की है, जहां से भारी मात्रामें नकद राशि बरामद होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इस छापेमारी में जो राशि बरामद हुई है, वह इतनी अधिक है कि इसे गिनने के लिए नोट गिननेकी मशीन भी मंगवाई गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, DEO के बेतिया-सरिसवा रोड स्थित किराए के मकान से लगभग 1 करोड़ 87 लाख रुपयेमिले हैं। यह घटना स्थानीय प्रशासन और निगरानी विभाग के अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि इतनी बड़ी रकम का एकसरकारी अधिकारी के घर से मिलना एक गंभीर सवाल उठाता है। छापेमारी के दौरान मिली बड़ी रकमनिगरानी विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई छापेमारी में लगभग 1 करोड़ 87 लाख रुपये की नकद राशि बरामद हुई है। खबरों के मुताबिक, यह राशि इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती करने के लिए गिनने वाली मशीन मंगवानी पड़ी। बेतिया के मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र स्थित रेलवे ढाला के पास स्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी के किराए के घर पर यह छापेमारी की गई थी, और जैसे ही अधिकारियों ने नोटों की गिनती शुरू की, स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस रकम के बारे में विभाग ने अभी तक पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।हालांकि, इस घटना से जुड़ी कुछ वीडियो और तस्वीरें मीडिया में सामने आई हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों को नोट गिनने वाली मशीन के साथ देखा जासकता है। अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी जारीनिगरानी विभाग की टीम ने इस छापेमारी के दौरान सिर्फ DEO के आवास पर ही नहीं, बल्कि उनके अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की कार्रवाई जारीरखी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक कार्रवाई है और मामले की जांच के बाद अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आसकती हैं। पुलिस ने मौके पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय प्रशासन द्वारा भी यह सुनिश्चित किया गया है कि इलाके में किसी तरह की अव्यवस्था न हो। इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या अफरा-तफरी का सामना न करना पड़े। छापेमारी के दौरान अधिकारी के आवास के बाहर उनकी स्कॉर्पियो कार केआसपास भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। यह दिखाता है कि निगरानी विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और हर कदम पर सतर्क है।निगरानी विभाग ने अभी तक कारण नहीं किया सार्वजनिकहालांकि, निगरानी विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस छापेमारी के मुख्य कारण क्या हैं और इस पूरे मामले में किस बात की जांच कीजा रही है। विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और छापेमारी की कार्रवाई पूरी तरह से जारी है। इस छापेमारी के बाद से इलाके में अफवाहों काबाजार गर्म हो गया है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, लेकिन निगरानी विभाग ने फिलहाल किसी भी तरह कीटिप्पणी से बचते हुए जांच प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया है। […]