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मोदी सरकार ने SEBI चेयरपर्सन के पद के लिए आवेदन मांगे, कांग्रेस ने उठाए सवाल

मोदी सरकार ने हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरपर्सन के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इसकदम को अपने लगातार चलाए जा रहे तथ्य-आधारित अभियान का समर्थन बताया, जिसमें उसने मौजूदा SEBI अध्यक्ष पर गंभीर समझौतों केआरोप लगाए थे। पार्टी का कहना है कि यह अवसर नए चेयरपर्सन को चुनने का है, जो देश के निवेशकों के हितों की रक्षा कर सके। कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि नया चेयरपर्सन न केवल पूंजी बाजार में मध्यम वर्ग के करोड़ों निवेशकों की सुरक्षा करेगा, बल्कि वह अडानी ग्रुप जैसे बड़ेकॉर्पोरेट के खिलाफ साहसिक कदम उठाएगा। पार्टी का मानना है कि नए चेयरपर्सन को बिना किसी डर या पक्षपात के अडानी ग्रुप के लेनदेन सेसंबंधित सभी मामलों में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से निपटना होगा।

वक्फ समिति ने NDA के सभी संशोधन किए स्वीकार, विपक्ष की एक नहीं चली

संसद की संयुक्त समिति (JPC) ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 में सत्तारूढ़ भाजपा के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) केसदस्य द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को मंजूरी दे दी और विपक्षी सांसदों के संशोधन प्रस्तावों को खारिज कर दिया। समिति के अध्यक्ष जगदम्बिकापाल ने बैठक के बाद कहा कि इन संशोधनों से कानून और भी बेहतर और प्रभावी बनेगा। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इस प्रक्रिया की आलोचना की और पाल पर लोकतांत्रिक तरीके से फैसले न करने का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस(TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने इसे ‘हास्यास्पद’ बताते हुए कहा, “हमारी बात नहीं सुनी गई और पाल ने तानाशाही तरीके से काम किया।” समिति की कार्यवाही और संशोधन प्रस्तावसंशोधन विधेयक के कुछ महत्वपूर्ण बदलावों में एक प्रमुख परिवर्तन यह था कि मौजूदा वक्फ संपत्तियों पर ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ के सवाल कोअब नहीं उठाया जा सकेगा। वर्तमान कानून में यह प्रावधान मौजूद था, लेकिन नए संशोधन में इसे हटा दिया गया है, जिसके बाद वक्फ संपत्ति केवलधार्मिक उद्देश्यों के लिए दी गई संपत्ति मानी जाएगी। विपक्ष के द्वारा किए गए 44 संशोधन प्रस्तावों में से सैकड़ों को मतदान के द्वारा खारिज कर दिया गया। पाल ने बताया कि एनडीए के सदस्यों नेविधेयक के 14 प्रावधानों में संशोधन पेश किए थे, जिन्हें मंजूरी दे दी गई। विपक्ष की प्रतिक्रियाविपक्षी सांसदों ने पूरी बैठक की कार्यवाही की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताया। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगायाकि यह एक ‘हास्यास्पद’ प्रक्रिया थी, जहां उनकी आवाज को नजरअंदाज कर दिया गया। वहीं, जगदम्बिका पाल ने इन आरोपों को नकारते हुए कहाकि पूरा निर्णय लोकतांत्रिक था और बहुमत की राय के अनुसार लिया गया। विधेयक का इतिहास और वर्तमान स्थितिवक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में पेश किया था। उसके बाद इसेसंयुक्त समिति को भेजा गया था, जहां अब इसे संशोधित और अपडेट किया गया है।

शिवराज सिंह चौहान ने केजरीवाल पर जमकर हमला बोला

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनावी माहौल गर्मा चुका है और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता अपना प्रचार तेज कर चुके हैं। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को दिल्ली केमुंडका विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी रैली में उन्होंने केजरीवाल को ‘शिकारी’ और ‘नटवरलाल’ जैसे शब्दों से संबोधित किया और दिल्लीके मतदाताओं से उनके जाल में न फंसने की अपील की। ‘शिकारी’ और ‘नटवरलाल’ का आरोपशिवराज चौहान ने अरविंद केजरीवाल की तुलना एक शिकारी से की, जो अपने शिकार को फंसाने के लिए जाल बिछाता है। उन्होंने कहा किकेजरीवाल ने दिल्ली में अपने चुनावी प्रचार के दौरान किसानों को केंद्रीय योजनाओं से वंचित किया, जबकि खुद महल बनाने में सफल रहे। उनकाआरोप था कि केजरीवाल ने सरकारी लाभ लेने से इंकार किया था, लेकिन दिल्ली में अपनी निजी संपत्ति का निर्माण किया। केजरीवाल के ‘झूठे वादों’ से बचने की चेतावनीचौहान ने दिल्लीवासियों को केजरीवाल के ‘झूठे वादों’ से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “यह बड़ा कलाकार है, नटवरलाल है। इनकीराजनीति केवल मुफ्त में सामान बांटने की है, जो अंततः लोगों को धोखा देती है।” उनके अनुसार, दिल्ली के लोग केजरीवाल के भ्रमित करने वालेवादों से बचकर सही चुनाव करें। चुनावी हलचल और मतदान की तारीखदिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को होने वाले हैं, जिसमें 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा। इसके बाद, 8 फरवरी को चुनाव परिणामघोषित होंगे। इस चुनावी दौड़ में सभी प्रमुख दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बीजेपी ने जहां आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उसेभ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों से घेर लिया है, वहीं आम आदमी पार्टी भी अपनी योजनाओं और घोषणाओं के साथ जनता के बीच जा रही है। राजनीतिक संघर्ष तेजचुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रमुख पार्टियां, बीजेपी और AAP, अपनी-अपनी तरफ से चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक रही हैं। जहां बीजेपी के नेताकेजरीवाल के खिलाफ आक्रामक होते जा रहे हैं, वहीं केजरीवाल भी अपनी सरकार की योजनाओं और कामों को जनता के बीच प्रस्तुत कर रहे हैं।अब देखना यह है कि 5 फरवरी को मतदान के बाद दिल्ली के चुनावी समर में किसकी जीत होती है।

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू, देश का पहला राज्य बना

उत्तराखंड ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करके इतिहास रच दिया है, और वह देश का पहला राज्य बन गया है जहां यह कानून लागूकिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण कदम की घोषणा करते हुए कहा कि यह निर्णय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर कोश्रद्धांजलि है। UCC के लागू होने के साथ, राज्य में विभिन्न सामाजिक और कानूनी बदलाव होंगे, खासकर महिलाओं के अधिकारों को लेकर। शादी, तलाक और न्यूनतम उम्रUCC के तहत उत्तराखंड में शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य शादी को कानूनी रूप से मान्यता देना है, ताकि किसी भीविवाद की स्थिति में सही दस्तावेज उपलब्ध हो सकें। तलाक के मामले में अब सभी धर्मों और समुदायों के लिए समान कानून होंगे, जिससे न्यायव्यवस्था में समानता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, शादी की न्यूनतम उम्र को 18 साल तय किया गया है, जो सभी धर्मों की लड़कियों के लिएसमान होगा, इस तरह से महिलाओं के अधिकारों को सशक्त किया जाएगा। गोद लेने और संपत्ति के अधिकारUCC के लागू होने से अब सभी धर्मों को बच्चा गोद लेने का समान अधिकार मिलेगा। हालांकि, एक धर्म के लोग दूसरे धर्म के बच्चे को गोद नहीं लेसकते। इसके अतिरिक्त, जायदाद में लड़कों और लड़कियों के लिए बराबरी की हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे महिलाओं को संपत्ति केअधिकारों में भी समानता मिलेगी। यह कदम महिलाओं को आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने की दिशा में अहम होगा। सामाजिक प्रथाओं पर कड़ी पाबंदीयूसीसी लागू होने के साथ उत्तराखंड में हलाला और इद्दत जैसी प्रथाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, एक पति और पत्नी केजीवित रहने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। यह कानून समाज में समानता और महिला अधिकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेलाया गया है। लिव-इन रिलेशनशिप और अन्य प्रावधानयूसीसी के तहत लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। अगर लिव-इन में रहने वाले जोड़े की उम्र 18 से 21 सालके बीच है, तो उन्हें माता-पिता की सहमति प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा, लिव-इन से पैदा हुए बच्चों को शादीशुदा जोड़ों के बच्चों की तरह सभीकानूनी अधिकार मिलेंगे। इससे बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकार सुनिश्चित होंगे। UCC के तहत शेड्यूल ट्राइब्स को बाहर रखा गया है, उनकेलिए अलग नियम लागू किए गए हैं।

गोपाल राय ने बाबरपुर में की जनसभाएं, महिला सम्मान और संजीवनी योजना की घोषणा

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश संयोजक और बाबरपुर विधानसभा से प्रत्याशी गोपाल राय ने रविवार को बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में चारप्रमुख जनसभाओं का आयोजन किया। ये सभाएं वेस्ट गोरख पार्क, वेस्ट ज्योति नगर, कबीर नगर और मोहनपुरी में हुईं, जिनमें स्थानीय जनता का भारीसमर्थन मिला। गोपाल राय ने इन सभाओं में आम आदमी पार्टी की सरकार की योजनाओं को जनता के सामने रखा और आगामी विधानसभा चुनावोंको लेकर अपने इरादे जाहिर किए। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए नई योजनाओं का एलानगोपाल राय ने अपनी जनसभाओं में कहा कि यदि दिल्ली में एक बार फिर आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है, तो महिलाओं के लिए ‘‘महिलासम्मान योजना’’ और बुजुर्गों के लिए ‘‘संजीवनी योजना’’ लागू की जाएगी। इसके तहत दिल्ली में हर परिवार को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहाकि आम आदमी पार्टी ही इकलौती पार्टी है जो लोगों को मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, इलाज, और महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएंप्रदान करती है। गोपाल राय ने दावा किया कि दिल्ली में जब से अरविंद केजरीवाल की सरकार बनी है, तब से दिल्लीवासियों के लिए 24 घंटे बिजली, मुफ्त पानी, मुफ्त इलाज और शिक्षा जैसी सुविधाएं शुरू हो गई हैं। इन योजनाओं ने दिल्लीवासियों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है और यदि पार्टी फिर सेसत्ता में आई तो यह योजनाएं और भी मजबूत होंगी। दिल्ली के इतिहास में कामों का जिक्रगोपाल राय ने दिल्ली में किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकारने दिल्ली में कई बड़े बदलाव किए हैं, जो अब तक देश के किसी भी राज्य में नहीं हुए थे। उनका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पहले दिल्ली मेंकेवल प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के घरों में 24 घंटे बिजली आती थी, जबकि आम नागरिकों के घरों में अक्सर पावर कट होते थे। अब आमआदमी के घरों में भी 24 घंटे बिजली आ रही है, जो कि एक ऐतिहासिक बदलाव है।उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने हर परिवार के लिए 24 घंटे बिजली, मुफ्त पानी, शिक्षा और चिकित्सा के लिए शानदारयोजनाएं लागू की हैं। यह काम सिर्फ आम आदमी पार्टी ही कर सकती है, और इस काम को पार्टी आने वाले समय में भी जारी रखेगी। कांग्रेस और भाजपा पर हमलागोपाल राय ने कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस की कोई भी सक्रियता नहीं है और भाजपा भी सिर्फ प्रचारकर रही है, लेकिन उनके पास कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने पिछले कुछ महीनों में दिल्ली केलोगों के लिए कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया है, और इस बार भी दोनों पार्टियों को बाबरपुर से उम्मीदवार खोजने में परेशानी हुई। गोपाल राय ने कहा कि बाबरपुर में भाजपा के सभी कैबिनेट मंत्री प्रचार कर रहे थे, लेकिन पार्टी को यहां से कोई उम्मीदवार नहीं मिल पाया। कांग्रेस भीबाबरपुर में अपने उम्मीदवार की बजाय सीलमपुर से उम्मीदवार लेकर आई है। उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वे पार्टी की योजनाओं कोध्यान में रखते हुए ‘‘झाड़ू’’ का बटन दबाकर आम आदमी पार्टी को समर्थन दें। दिल्ली के भविष्य को लेकर बड़ी घोषणागोपाल राय ने दिल्ली के लोगों से आगामी 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों के महत्व को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यहचुनाव दिल्लीवासियों की आने वाली पांच सालों की जिंदगी का फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी को चुनतीहै तो वह मुफ्त सुविधाओं को जारी रखेगी, जबकि भाजपा के सत्ता में आने पर यह सारी योजनाएं बंद हो जाएंगी। गोपाल राय ने महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दिल्ली में 18 वर्ष से अधिकउम्र की सभी महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये दिए जाएंगे, ताकि वे अपने परिवार की मजबूती में योगदान कर सकें। इसके अलावा, संजीवनीयोजना के तहत 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों के इलाज का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी, चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट अस्पताल हो। आप के कार्यों का जिक्रगोपाल राय ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के द्वारा किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के राज में दिल्लीवासियों की काफी बचत होरही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में फ्री शिक्षा, फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री इलाज, और महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा जैसी सुविधाओं से दिल्लीके हर परिवार में 4 से 5 हजार रुपये की बचत हो रही है। कई परिवारों के लिए यह बचत 7-8 हजार रुपये तक हो रही है, जो उन्हें अन्य खर्चों में मददकरती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों के पास ऐसी कोई योजना नहीं है, जो लोगों की जिंदगी में सुधार लाए। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दिल्ली में न केबराबर काम कर रही हैं। इसलिए दिल्ली के लोग अब आम आदमी पार्टी को ही अपनी सरकार बनाने का सही विकल्प मानते हैं। वोट खरीदने की कोशिशोंगोपाल राय ने चुनावी धांधली और वोट खरीदने की कोशिशों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि वे वोट खरीदलेंगे, लेकिन उनकी ये कोशिशें नाकाम रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की लोकप्रियता और कार्यों के आधार पर दिल्लीवाले आम आदमी पार्टीको ही जीत दिलाएंगे और भाजपा और कांग्रेस का तो कोई भी वोट नहीं मिलेगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने महाकुंभ में संगम में डुबकी लगाई, सीएम योगी और स्वामी रामदेव भी मौजूद

महाकुंभ के मौके पर देशभर के श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े हुए हैं, और इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस धार्मिक आयोजन मेंभाग लिया। 27 जनवरी को अमित शाह ने संगम में डुबकी लगाई, इस मौके पर उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, योग गुरुस्वामी रामदेव और कई अन्य साधु-संत भी उपस्थित थे। अमित शाह, सीएम योगी और स्वामी रामदेव के संग संगम में स्नान करते हुए वीडियो सोशलमीडिया पर तेजी से वायरल हुए। महाकुंभ में स्नान करने वालों का आंकड़ामहाकुंभ में संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 27 जनवरी तक महाकुंभ में कुल 60.19 लाख से अधिक लोग संगममें डुबकी लगा चुके थे। वहीं, महाकुंभ की शुरुआत से लेकर 26 जनवरी तक यह आंकड़ा 13.21 करोड़ के पार जा चुका था। इस बड़ी संख्या मेंश्रद्धालुओं का शामिल होना महाकुंभ के महत्व और इसकी धार्मिक महत्ता को दर्शाता है। सीएम योगी का महाकुंभ दौरा और कैबिनेट बैठकगृह मंत्री अमित शाह के संगम स्नान से पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने मंत्रिमंडल के साथ महाकुंभ का दौरा किया। इस दौरान सीएमयोगी ने संगम में स्नान किया और अपने मंत्रियों के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। स्नान से पहले, सीएम योगी ने अपनी कैबिनेट बैठक भी आयोजित की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका प्रभाव राज्य के विकास औरजनकल्याण पर पड़ेगा। बैठक में बागपत, कासगंज और हाथरस में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई, इसके साथ ही प्रयागराज, वाराणसी और आगरा नगर निगम के लिए बॉन्ड जारी करने का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा, सरकार ने युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट देनेकी योजना भी घोषित की। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बात की और चित्रकूट को भी इसी एक्सप्रेसवे से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। इसकेसाथ ही एक नई एयरोस्पेस डिफेंस पॉलिसी बनाने की बात भी की गई, ताकि राज्य में रोजगार और उद्योगों का विकास हो सके। महाकुंभ के संदर्भ मेंप्रयागराज के विकास को लेकर भी योजनाओं की घोषणा की गई। यमुना नदी पर एक और सिग्नेचर ब्रिज बनाने की बात भी इस बैठक में उठी। अखिलेश यादव का महाकुंभ में स्नान और सियासी बयानमहाकुंभ में स्नान करने का एक और महत्वपूर्ण दृश्य 26 जनवरी को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का था। अखिलेश यादव ने भी संगममें डुबकी लगाई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस स्नान के बाद सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई, खासकरउस वक्त जब अखिलेश यादव ने महाकुंभ के आंकड़ों पर सवाल खड़े किए थे। अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाकुंभ के आंकड़ों को लेकर सरकार पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार के सभी आंकड़े फर्जी हैं।अखिलेश ने यह भी दावा किया कि कुछ ट्रेनें खाली जा रही हैं, और गोरखपुर वाली ट्रेन के बारे में भी ऐसी खबरें हैं। उनका कहना था कि भाजपासरकार के आंकड़े जनता को धोखा देने के लिए हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। यह बयान महाकुंभ की सफलता और सरकारीआंकड़ों पर उठाए गए सवालों को लेकर सियासी विवाद का कारण बना। महाकुंभ का महत्व और सरकार की योजनाएंमहाकुंभ भारतीय संस्कृति और धर्म का एक अहम हिस्सा है, जो प्रत्येक बार खास उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह आयोजन न केवलधार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमे शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक आत्मिक और मानसिक शुद्धि का अवसर भी है। महाकुंभ के आयोजन में प्रदेश सरकार की सक्रियता और योजनाओं का बड़ा हाथ है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास केलिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। इन योजनाओं से न केवल राज्य की आधारभूत संरचना में सुधार होगा, बल्कि रोजगार और विकास केनए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, महाकुंभ के आयोजन से राज्य के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होने की संभावना है। संगम स्नान: एक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरासंगम में स्नान का हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व है। मान्यता है कि संगम में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और हर साल लाखों श्रद्धालु इस परंपरा को निभाने के लिए संगम पहुंचते हैं। महाकुंभ में स्नान करने के साथ-साथ श्रद्धालु कई धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लेते हैं, जो उन्हें आध्यात्मिक शांति और तृप्ति का अहसास कराते हैं। इसअवसर पर साधु-संत भी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, जो समूचे आयोजन को और भी विशेष बना देती है।