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ACB ने भेजा केजरीवाल को नोटिस, पूछे 5 सवाल केजरीवाल देना होगा जवाब

दिल्ली में विधानसभा चुनाव की वोटिंग 5 फरवरी को हुई थी, और परिणाम 8 फरवरी को सामने आएंगे। हालांकि, चुनाव परिणामों से पहले ही आमआदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल फिर से सुर्खियों में हैं। दरअसल, केजरीवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया थाकि उनके उम्मीदवारों को 15-15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव देकर खरीदने की कोशिश की जा रही है। अब इस मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) नेकेजरीवाल से पूछताछ करने के लिए उन्हें नोटिस भेजा है। ACB को नहीं मिली केजरीवाल के घर में एंट्रीACB की टीम अरविंद केजरीवाल के घर में प्रवेश करने में असमर्थ रही। इसके बाद, टीम ने केजरीवाल को नोटिस भेजकर आज ही 5 सवालों केजवाब देने का आदेश दिया है। इस मामले में एसीबी ने तीन टीमों का गठन किया है, जिसमें एक टीम संजय सिंह से पूछताछ कर रही है। ACB नेअरविंद केजरीवाल से तात्कालिक रूप से जवाब देने के लिए समय मांगा है। आम आदमी पार्टी की लीगल टीम ने कहा है कि वे नोटिस का कानूनीजवाब देंगे।ACB के सवाल ACB ने केजरीवाल से निम्नलिखित 5 सवाल पूछे हैं:– क्या X पर पोस्ट किया गया ट्वीट आपके द्वारा पोस्ट किया गया था या किसी और के द्वारा? -उन 16 आम आदमी पार्टी के MLA उम्मीदवारों के विवरण प्रदान करें, जिन्हें रिश्वत की पेशकश के लिए फोन कॉल आए थे। -रिश्वत की पेशकश के संबंध में उपरोक्त विधायकों से संपर्क करने वाले फोन नंबरों और व्यक्तियों की जानकारी। -आम आदमी पार्टी के सदस्यों द्वारा विभिन्न मीडिया/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिश्वत की पेशकश के आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य औरप्रमाण। – मीडिया/सोशल मीडिया पर इस तरह की जानकारी फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए, जो दिल्लीमें भय और अशांति की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। उपराज्यपाल का आदेश और एसीबी की जांचआम आदमी पार्टी के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया था कि वे अपने उम्मीदवारों को लालच देकर उन्हें अपने पाले में लानेकी कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शुक्रवार को एसीबी को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए थे।इसी के बाद एसीबी की टीम अपनी जांच के लिए अरविंद केजरीवाल के घर पहुंची थी।

मुश्किलों में फंसे प्रशांत किशोर, JDU ने ‘जन सुराज पार्टी’ पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने गुरुवार को प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित ‘जन सुराज पार्टी’ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जदयू केप्रवक्ता और विधानपरिषद सदस्य नीरज कुमार ने दावा किया कि जन सुराज पार्टी वित्तीय अनियमितताओं में शामिल है। उनका आरोप है कि जनसुराज पार्टी को ‘बेंगलुरु में पंजीकृत एक धर्मार्थ फाउंडेशन’ से धन प्राप्त हुआ था।50 लाख रुपये का दान नीरज कुमार ने यह भी कहा कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जो यह साबित करते हैं कि प्रशांत किशोर ने खुद उस धर्मार्थ फाउंडेशन को 50 लाखरुपये का दान दिया था। हालांकि, इस पर टिप्पणी करने के लिए न तो प्रशांत किशोर और न ही उनकी पार्टी के किसी अन्य सदस्य से संपर्क हो पाया।पार्टी के पास बैंक खाता नहीं जदयू नेता नीरज कुमार ने यह भी सवाल उठाया कि जन सुराज पार्टी का वित्तीय स्रोत क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं के बयान इसमुद्दे पर विरोधाभासी हैं। जहां एक तरफ किशोर दावा करते हैं कि पैसे कोई समस्या नहीं हैं, वहीं उनकी पार्टी के सहयोगी यह कह रहे हैं कि जन सुराजपार्टी के पास कोई बैंक खाता भी नहीं है।कर चोरी के रैकेट में शामिल होने का संदेह नीरज कुमार ने यह भी कहा कि धर्मार्थ फाउंडेशन और जन सुराज पार्टी कर चोरी के रैकेट में शामिल हो सकते हैं। उनका कहना था कि प्रशांत किशोरको इस संबंध में सफाई देनी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके फाउंडेशन द्वारा पार्टी को वितीय मदद किस प्रकार दी जा रही है।

भतीजी की शादी में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ, शनिवार को जाएंगे अपने स्कूल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित अपने पैतृक गांव पंचुर में अपनी भतीजी की शादी में शिरकतकी। इस विवाह समारोह के दौरान मीडिया को दूर रखा गया था। समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री धनसिंह रावतभी मौजूद रहे, जिन्होंने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। वे कुछ समय तक समारोह में रहे और फिर हवाई मार्ग से देहरादून लौट गए। योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय दौरे पर पंचुर पहुंचे थे। शनिवार को वह अपने पुराने स्कूल, ठांगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय भी जाएंगे। यहवही विद्यालय है, जहां से योगी ने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। अपनी भतीजी की शादी में पहुंचे सीएम योगीमुख्यमंत्री बनने के बाद यह योगी आदित्यनाथ का पहला दौरा था, हालांकि इससे पहले जब वह गोरखपुर से सांसद थे, तब भी वह यहां आए थे।कार्यक्रम में जुटे स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि योगी आदित्यनाथ बच्चों से बातचीत करेंगे और फिर वह कांडी स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल भीजाएंगे, जहां भी बच्चों से मुलाकात करेंगे। कांडी गांव योगी के गुरु अवैद्यनाथ का गांव है, जो उनके जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस बार उनकेदौरे को उनके बचपन से जुड़े यादों से जोड़ा जा रहा है। अपने स्कूल में जाएंगे योगी आदित्यनाथप्रधानाचार्य सत्येंद्र शाह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया कि योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर स्कूल को अच्छे से सजाया गया है औरविद्यालय के छात्र-छात्राएं अपने पूर्व छात्र के स्वागत के लिए उत्साहित हैं। विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका रजनी बहुगुणा ने बताया कि पुराने दस्तावेजोंके अनुसार, योगी आदित्यनाथ का नाम अजय मोहन बिष्ट के रूप में दर्ज है, और उनका दाखिला 1972 में इस स्कूल में हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को पंचुर पहुंचे थे और वहां महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी में ब्रह्मलीन संत महंतअवैद्यनाथ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए थे। इसके बाद उन्होंने अपने पिता दिवंगत आनंद सिंह बिष्ट की स्मृति में बने पार्क में 100 फुट ऊंचे तिरंगेऔर दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन भी किया। योगी ने सिद्धपीठ महादेव मंदिर में दर्शन किए और पूजा अर्चना की। इसके बाद महाविद्यालय कीगौरक्ष पत्रिका का विमोचन भी किया था।

एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान: “अभी तो ट्रेलर दिखाया है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है”

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को एक बयान देकर राज्य की सियासत में हलचल मचा दी। शिंदे ने ‘ऑपरेशनटाइगर’ के संदर्भ में कहा, “अभी तो ट्रेलर दिखाया है, पूरी पिक्चर बाकी है।” उनके इस बयान से यह साफ हो गया कि वह आने वाले समय में कुछबड़ा करने की योजना बना रहे हैं। शिंदे ने विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी कड़ा पलटवार किया और उन्हें निशाने पर लिया।विपक्ष को ‘सॉलिड झटका’ देने का दावा शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना (UBT) नेता संजय राऊत द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहाकि विधानसभा चुनाव में इन नेताओं को एक ‘440 वोल्ट का जोर का झटका’ लगा है, जिससे वे अब तक उबर नहीं पाए हैं। उनका कहना था किचुनाव हारने के बाद विपक्षी नेता अब EVM, चुनाव आयोग और कोर्ट को दोषी ठहरा रहे हैं, और अब तो वे वोटर लिस्ट पर भी सवाल उठा रहे हैं।शिंदे ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों से वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की है, और महाराष्ट्र की जनता ने उन्हें पूरी तरह से समर्थनदिया है।काम में जुटे शिंदे: ‘हम घर में बैठकर फेसबुक लाइव नहीं करते’ शिंदे ने खुद को और अपनी पार्टी को लेकर एक और बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा, “हम घर में बैठकर फेसबुक लाइव नहीं करते। हम फील्ड परकाम कर रहे हैं, और यही कारण है कि लोग हमसे जुड़ते हैं।” उनका यह बयान विपक्ष पर सीधा कटाक्ष था, जो सोशल मीडिया के जरिए अपनीगतिविधियों को प्रमोट करता है। शिंदे ने यह भी कहा कि वह लगातार विकास की दिशा में काम कर रहे हैं, और यही वजह है कि लाड़ली बहनों, लाड़ले भाइयों और किसानों ने उन्हें समर्थन दिया और चुनाव में जीत दिलाई। ‘ऑपरेशन टाइगर‘: शिंदे की पार्टी में शामिल होंगे विपक्षी विधायकशिंदे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बारे में भी खुलासा किया, जिसमें शिवसेना (UBT) के सांसदों और विधायकों की शिंदे सेना में एंट्री का दावा किया जारहा है। उन्होंने कहा, “रुकिए जरा, इतनी जल्दी क्या है? धीरे-धीरे होगा। अभी तो ट्रेलर दिखाया है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।” शिंदे के इस बयान सेयह स्पष्ट होता है कि वह आने वाले समय में विपक्षी पार्टी के नेताओं और विधायकों को अपने पक्ष में लाने की योजना बना रहे हैं।

भाजपा के ऑपरेशन लोटस के खिलाफ आम आदमी पार्टी की रणनीति

दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले, भाजपा द्वारा ऑपरेशन लोटस की शुरुआत के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी रणनीतितैयार की है। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को भाजपा के कुछ नेताओं ने आम आदमी पार्टी के दर्जन भर प्रत्याशियों से संपर्क किया और उन्हें 15-15 करोड़रुपये देने का प्रस्ताव किया, साथ ही मंत्री बनने का ऑफर भी दिया। शुक्रवार को इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंदकेजरीवाल ने सभी 70 प्रत्याशियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और उन्हें भाजपा के इस ऑपरेशन लोटस से निपटने का तरीका बताया।केजरीवाल का संदेश: दिल्ली में AAP की सरकार बन रही है बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपाने हमेशा पैसे और गुंडागर्दी के जरिए चुनाव लड़ने की कोशिश की है। सिसोदिया ने आगे कहा कि भाजपा की गाली-गलौज वाली राजनीति अबसमाप्त हो जाएगी और शनिवार के बाद उनका सारा खेल खत्म हो जाएगा। वहीं, दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने भी पार्टी के उम्मीदवापदों के साथ की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व मेंआम आदमी पार्टी को दिल्ली में 50 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद है। गोपाल राय ने कहा, “दिल्ली की जनता ने हमें जनादेश दिया है, और हमयकीन के साथ कह सकते हैं कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी फिर से सरकार बनाएगी।”भाजपा द्वारा विधायकों को खरीदने की कोशिशें गोपाल राय ने बताया कि भाजपा की गाली-गलौज और झूठे एग्जिट पोल के माध्यम से एक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है कि दिल्ली मेंभाजपा की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों और विधायकों को पैसे देने का ऑफर दियाऔर उन्हें मंत्री बनाने की पेशकश की। राय ने इसे भाजपा का ऑपरेशन लोटस करार दिया और कहा कि इन प्रयासों के बावजूद, दिल्ली में आमआदमी पार्टी की जीत तय है। गोपाल राय ने यह भी बताया कि बैठक में कई विधायकों ने फोन कॉल की जानकारी साझा की थी। पार्टी के एक विधायक ने भी इस फोन कॉल काविवरण देते हुए बताया कि उन्हें भाजपा के एक नेता से मिलने का प्रस्ताव आया था। राय के मुताबिक, भाजपा इन तरीकों से मानसिक दबाव डालनेकी कोशिश कर रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पूरी मजबूती से काउंटिंग की तैयारी कर रहे हैं।मुकेश अहलावत की बातचीत से खुलासासुल्तानपुर माजरा से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी और दिल्ली सरकार के मंत्री मुकेश अहलावत ने भी एक दिलचस्प घटना का खुलासा किया।अहलावत ने बताया कि उन्हें एक वॉट्सऐप कॉल आया था, जिसमें फोन करने वाले शख्स ने कहा कि भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने उनसे संपर्क करने कोकहा है। फोन करने वाले व्यक्ति ने यह भी दावा किया कि अगर आम आदमी पार्टी सरकार नहीं बनाती, तो मुकेश अहलावत को मंत्री बना दियाजाएगा। अहलावत ने इस बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि यदि फायदा करना था तो चुनाव से पहले यह कदम क्यों नहीं उठाया गया।

विपक्ष ने महाराष्ट्र चुनावों में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए

पवन खेड़ा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी, एनसीपीसे सुप्रिया सुले और शिवसेना से संजय राउत को इस प्रेस वार्ता में शामिल किया। पवन खेड़ा ने कहा, “हम ज्यादा समय नहीं वेस्ट करते हुए राहुलगांधी से आग्रह करेंगे कि वह प्रेस वार्ता को शुरू करें।” राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता की शुरुआत में कहा, “नमस्कार। राउत जी, सुप्रिया जी, आप सबका स्वागत है।” उन्होंने आगे बताया कि हाल ही मेंपार्लियामेंट हाउस में उन्होंने महाराष्ट्र चुनावों के बारे में कुछ अहम सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा चुनावोंके बीच वोटर लिस्ट में अत्यधिक वृद्धि हुई है।बढ़ी हुई वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में विधानसभा 2019-2024 के बीच 32 लाख नए वोटर जोड़े गए, जबकि लोकसभा 2024 और विधानसभा2024 के बीच 39 लाख नए वोटर जोड़े गए, जो कि हिमाचल प्रदेश की पूरी जनसंख्या के बराबर है। उन्होंने पूछा कि यह नए वोटर कौन हैं और कहांसे आए हैं? राहुल गांधी ने दूसरे सवाल के रूप में यह उठाया कि महाराष्ट्र का अडल्ट पॉपुलेशन 9.54 करोड़ है, जबकि चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में 9.7 करोड़ वोटर्स हैं, जो कि पॉपुलेशन से ज्यादा हैं। राहुल गांधी ने यह सवाल उठाया कि यह कैसे हो सकता है?बीजेपी के पक्ष में बढ़े वोट राहुल गांधी ने एक उदाहरण के तौर पर कामठी विधानसभा का जिक्र किया, जहां कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में 1.36 लाख वोट मिले थे।विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को लगभग उतने ही वोट मिले, लेकिन बीजेपी को वही वोट बढ़कर 1.19 लाख से 1.35 लाख हो गए थे। उन्होंनेआरोप लगाया कि इन 35 हजार नए वोटर्स में से सभी वोट बीजेपी के खाते में गए हैं, जिससे बीजेपी ने चुनाव जीत लिया। राहुल गांधी ने कहा, “हमारा वोट कम नहीं हुआ है, बीजेपी का वोट ज्यादा हुआ है। ये वोटर्स कहां जोड़े गए हैं? जहां बीजेपी की स्ट्राइक रेट 90 प्रतिशत से ऊपर रही है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।”चुनाव आयोग से ट्रांसपेरेंसी की मांग राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से बार-बार वोटर लिस्ट मांगी है, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी तक यह लिस्ट उन्हें नहीं दी। उन्होंने कहा कि चुनावआयोग की जिम्मेदारी बनती है कि वह महाराष्ट्र की लोकसभा और विधानसभा वोटर लिस्ट सार्वजनिक करे। उनका कहना था कि यह कोई आरोप नहींहै, बल्कि यह तथ्यों पर आधारित सवाल हैं।मतदान के आंकड़े और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई अनुमान नहीं है, बल्कि यह चुनाव आयोग के द्वारा जारी किए गए डेटा पर आधारित है। उनका कहना था कि चुनावआयोग को यह डेटा सार्वजनिक करना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पार्टी को वोटर लिस्ट नहीं दी, जो उनकेमुताबिक, लोकतंत्र के मूल तत्व की सुरक्षा के लिए जरूरी है।सुप्रिया सुले की टिप्पणियां सुप्रिया सुले ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि वह और उनके सहयोगी अरविंद जी ने भी इन सवालों को उठाया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनकेनिर्वाचन क्षेत्र में ऑनलाइन वोटर लिस्ट में सुधार किया जा सकता है, लेकिन जब चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में उन्होंने मॉनिटर किया, तो नामों मेंवृद्धि हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि आधार कार्ड के जरिए गलत नाम दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे जाँच की जरूरत है। सुप्रिया सुले ने कहा, “इलेक्शन कमीशन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है। यह उस मूलभूत चीज की रक्षा नहीं कर रहा है, जिस पर लोकतंत्रकी पूरी प्रक्रिया आधारित है।” उन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर के एक उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा, “इलेक्शन रोल लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्णहिस्सा है,” और चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की अपील की।