भुवनेश्वर के केआईआईटी हॉस्टल में नेपाली छात्रा की संदिग्ध आत्महत्या, परिजनों ने न्याय की उठाई मांग

ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) के हॉस्टल में एक नेपाली छात्रा की आत्महत्या का मामलालगातार गरमाता जा रहा है। इस घटना के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के हस्तक्षेप के चलते नेपाल दूतावास, ओडिशा सरकार औरपुलिस प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। पुलिस ने इस मामले में तीन डायरेक्टर्स और दो सिक्योरिटी गार्ड्स को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ केस दर्ज कियाहै। हाई लेवल जांच कमेटी गठितओडिशा सरकार ने इस घटना की विस्तृत जांच के लिए एक उच्च स्तरीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में गृह विभाग केअतिरिक्त मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटीछात्रा की मौत की जांच के साथ-साथ प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार की भी समीक्षा करेगी। आरोपियों के खिलाफ केस दर्जमृतक छात्रा प्रकृति लामसाल के चचेरे भाई सिद्धांत सिग्दल की शिकायत पर भुवनेश्वर के इन्फोसिटी पुलिस स्टेशन में एक आरोपी आदविक श्रीवास्तवके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, केआईआईटी के दो सिक्योरिटी गार्ड—रमाकांत नायक (45) और जोगेंद्र बेहरा के खिलाफ बीएनएस की धारा 126 (2)/296/115(2)/3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस इनसभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। छात्र विरोध और माफी की पेशकशहॉस्टल के एक अधिकारी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान नेपाल को लेकर की गई अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्यकिसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था, और यदि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक स्वतंत्र संगठन की मांग की है, जो छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। मृतक छात्रा के परिजनों की न्याय की मांगघटना की जानकारी मिलने पर नेपाल से भुवनेश्वर पहुंचे मृतक छात्रा के परिजनों ने न्याय की मांग की है। उन्होंने बताया कि घटना से कुछ समय पहलेउनकी बेटी से बात हुई थी और वह सामान्य थी। उसने परिवार को बताया था कि वह कॉलेज फेस्ट में जा रही है और बाद में उनसे बात करेगी, लेकिनइसके कुछ समय बाद ही उनकी बेटी की मौत की खबर आ गई। मृतक छात्रा के पिता सुनील लामसाल ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को उच्च शिक्षा के लिए भारत भेजा था, लेकिन संस्थान में छात्रों के साथ गलतव्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया गया, जो अनुचित है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन परभरोसा जताते हुए इस घटना में न्याय की उम्मीद जताई है। केआईआईटी का दावा: प्रेम संबंध के कारण आत्महत्यासंस्थान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह संदेह है कि छात्रा का किसी अन्य छात्र के साथ प्रेम संबंध था और संभवतः किसीकारण से उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि, मृतका के चचेरे भाई ने दावा किया है कि उसे एक छात्र द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। इस घटना के बाद सरकार, पुलिस प्रशासन और नेपाल सरकार इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में आगेक्या कार्रवाई होती है।
केरल में रैगिंग का मामला: सरकारी कॉलेज के छात्र की बेरहमी से पिटाई, पुलिस ने दर्ज किया केस

देश में रैगिंग के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में केरल के तिरुवनंतपुरम के एक सरकारी कॉलेज में रैगिंग की एक गंभीर घटना सामने आईहै। पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया कि सीनियर छात्रों ने उसके साथ न केवल मारपीट की, बल्कि मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया। इस घटना केबाद राज्य में आक्रोश फैल गया है। सीनियर्स पर रैगिंग और मारपीट का आरोपपीड़ित छात्र, जो प्रथम वर्ष का बायोटेक्नोलॉजी छात्र है, ने बताया कि 11 फरवरी को कैंपस में सीनियर छात्रों के एक समूह ने उसे बेरहमी से पीटा।छात्र ने घटना के दिन ही पुलिस और कॉलेज प्रशासन को इसकी सूचना दी थी। बेल्ट और लाठियों से हमलाछात्र के अनुसार, जब वह अपने दोस्त अभिषेक के साथ कैंपस से गुजर रहा था, तभी सीनियर छात्रों के एक समूह ने उसे रोक लिया और बुरी तरहपीटना शुरू कर दिया। इस दौरान उसका दोस्त किसी तरह वहां से भागकर प्राचार्य को सूचना देने पहुंचा। पीड़ित ने बताया कि उसे बेल्ट और लाठियोंसे पीटा गया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। जबरन शिकायत दर्ज कराने का दबावपीड़ित ने आगे बताया कि घटना के बाद उसे यूनिट रूम में बंद कर दिया गया। उसकी शर्ट उतरवा दी गई और उसे घुटनों के बल बैठने पर मजबूर कियागया। जब उसने पानी मांगा, तो उसे थूका हुआ पानी पीने के लिए दिया गया। इसके अलावा, आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यदि उसने इस घटनाकी जानकारी किसी को दी तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही, उससे उसके दोस्त के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने का दबाव भी डालागया। पुलिस ने मामला दर्ज कियाइस घटना की शिकायत कझाकुट्टम थाने में दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करलिया है। कॉलेज प्राचार्य ने भी अपनी रिपोर्ट में छात्र की शिकायत को सही ठहराया है। पुलिस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद जल्द ही रिपोर्टअदालत में प्रस्तुत की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
समाजवादी पार्टी उर्दू शब्दों ने दिया, योगी आदित्यनाथ को महफिल में चार चाँद लगाने का मौका

UP News: उत्तर प्रदेश का सत्र शुरु होते ही समाजवादी पार्टी ऐसा फिजां बना देती है. कि इन बातों पर सरकार को घेर लेगी पर ये कुछ न कुछ ऐसीगलतियां कर देती है. कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हमला करने का मौका मिल जाता है. अगर बात करें पिछले सदन में संभल हिंसा पर जिसतरह से समाजवादी पार्टी विवादों में घिर गई थी. ठीक वैसा ही कुछ आज बजट सत्र में भी हो गया. मंगलवार की सुबह विधानसभा के बजट सत्र केपहले दिन सरकार को घेरने के लिए इनके पास बहुत कुछ था. कुंभ में हो रही परेशानियां, भगदड़ के बाद हुई मौतें, पर समाजवादी पार्टी के मुखियाऔर राज्य के पूर्व सीएम अखिलेश यादव सोशल मीडिया के प्रत्येक मंच पर मुद्गा बनाते है. पर जब बात आती है विधानसभा में बोलने की तो उनकीपार्टी ने उर्दू का मुद्दा उठा दिया. उर्दू को किया जाए शामिल- माता प्रसादसमाजवादी पार्टी के नेता और विधानसभा में प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने विधानसभा के फ्लोर लैंगवेज में उर्दू में जो भाषण दिया. उससे समाजवादीपार्टी फिर से चार कदम पीछे चली गई. सुबह की कार्यवाही के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर के वक्त शुरु की गई. इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष माताप्रसाद ने कहा कि फ्लोर लैग्वेज में अंग्रेजी की जगह की उर्दू को शामिल किया जाए. उर्दू हमारी दूसरी भाषा है. इस पर सीएम योगी ने जबाव देते हुएकहा कि विपक्ष आज से नहीं बल्कि पहले से ही अच्छे कामों पर विरोध करते हुए आया है. ये इनके लिए कोई नयी बात नहीं है. ये लोग तो भोजपुरीऔर अवधी भाषा का विरोध करने वाले लोग है. और उर्दू भाषा की वकालत करने को तैयार है. योगी आदित्यनाथ ने किया पलटवारयोगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि इस सदन में विशुद्ध साहित्यिक और व्याकरण के विद्धानों का नहीं है. इस सदन में अलग- अलगसमाज के सदस्य है. अंतिम पायदान के व्यक्ति को सदन में मुखरता मिले इस के लिए व्यवस्था की गई है. अगर सदन के अंदर मौजूद कोई हिंदी बोलनेमें असमर्थ है तो वह जिस भाषा में समर्थ हो वह व्यक्ति उस भाषा को बोल सकता है. और अपने विचारों को रख सकता है. इस को लेकर विरोध क्योंकिया जा रहा है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री होगें 20 फरवरी की शाम रामलीला मैदान में, समारोह को लेकर की गई खास तैयारियां

Delhi New CM: दिल्ली के नए सीएम की शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सारी तैयारियां हो चुकी है. लेकिन बीजेपी पार्टी की तरफ से अभी तकदिल्ली के नए सीएम को चेहरा सामने नहीं आया है. Delhi New CM: दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने भारी जीत हासिल कर ली है. पर अभी तक बीजेपी पार्टी की तरफ से दिल्ली के अगलेसीएम का चेहरा सामने नहीं आया है. 19 फरवरी की शाम को बैठक होगी जिसमें यमुना की सफाई और सौंदर्यीकरण, रुकी हुई बुनियादी ढांचागतपरियोजनाओं में तेजी, वन क्षेत्र और वायु गुणवत्ता में सुधार महिलाओं के लिए, 2500 रुपए मासिक भत्ता और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं कोमंजूरी होने की संभावना है. हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 70 में से 48 सीटों पर भारी बहुमत मिला है. रामलीलामैदान में गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद मंत्री परिषद की पहली बैठक होगी. अगले सीएम को होगा 20 फरवरी को शपथ ग्रहणसरकार राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड को दोबारा सक्रिय करने पर भी विचार कर रही है इसके सदस्यों में राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्लीके मुख्यमंत्री एवं उपराज्यपाल शामिल है. 8 फरवरी को बीजेपी मुख्यालय में प्रधानमंत्री ने संबोधन के दौरान कहा है कि अब एनसीआर के सभी राज्योंमें उनकी पार्टी की सरकारें है केंद्र के साथ मिलकर ये राज्य सरकारें अब दिल्ली- एनसीआर के बुनियादी ढांचे का विकास करेंगी और आवाजाही कोआसान बनाने में मदद करेंगी. बीजेपी पार्टी का कहना है कि दिल्ली के अगले सीएम और मंत्री 20 फरवरी की शाम को 4:30 बजे रामलीला मैदान मेंआयोजित होने वाले शानदार समारोह में शपथ लेंगें. शपथ ग्रहण से पहले बैठकशपथ ग्रहण से पहले बीजेपी की बैठक होगी. इस बैठक में भाग लेने के लिए सभी राज्यों के मुख्यंमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित कियागया है. ये शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगें. दिल्ली के अगले सीएम के नाम का खुलासा बीजेपी विधायक दल की बैठक में होने की संभावना है. शपथ ग्रहण को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में सारी तैयारियां हो चुकी है. अब दिल्ली की जनता को इंतजार है वो है दिल्ली के नए सीएम का.
अमेरिका से ही नहीं, अब और भी देशों से वापस भेजे जाएगें अप्रवासी अवैध, क्या है ट्रंप का अगला एक्शन प्लान

Costa Rica Deporation Drive: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वयान जारी करते हुए कहा है कि भारत के 200 अप्रवासी एकफ्लाइट से कोस्टा रिका पहुंचेगें.Costa Rica Deporation Drive: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया एक्शन प्लान लिया है जिस पर पनामा और ग्वालेमाला के रास्तेपर चलते हुए अब कोस्टारिका ने सोमवार यानी 17 फरवरी को इस पर सहमति दे दी है. इसको लेकर कोस्टा रिका ने घोषणा की है. कि वह संयुक्तराज्य अमेरिका से डिपोर्ट किए जा रहे है अवैध अप्रवासियों जो अमेरिका से डिपोर्ट किए जा रहे है.वो अवैध अप्रवासी विभिन्न देशों के रहने वालेहै.जिनको वह स्वीकार करने के लिए तैयार है. सेंट्रल अमेरिकन देश के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि 19 फरवरी कोसेंट्रल एशिया और भारत के 200 अप्रवासी एक फ्लाइट से कोस्टा रिका पहुंचेंगें. इसके बाद उन सभी प्रवासियों को उनके मूल देश भेज दिया जाएगा. कोस्टा रिका के दिया बयानकोस्टा रिका के राष्ट्रपति कार्यालय में अपने बयान में कहा है कि कोस्टा रिका की सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका केसाथ 200 अवैध अप्रवासियों को उनके देश वापस भेजने में सहयोग करने के लिए पूरी तरह से सहमत है. जितने भी अवैध अप्रवासी है. ये सेंट्रलएशिया और भारत के रहने वाले है.20 जनवरी को राजधानी वाँशिंगटन डीसी में अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बादअमेरिका से अप्रवासियों के वापसी में सहयोग करने वाला कोस्टा रिका तीसरा देश है. समझौते के बाद सहमतिइससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्कों रुबियो की हाल ही में लैटिन अमेरिकी यात्रा के दौरान पनामा और ग्वाटेमाला ने इसी प्रकार के समझौते परअपनी सहमति जताई थी. लैटिन अमेरिका ही संयुक्त राज्य अमेरिका के करीब 11 मिलियन बिना कागजात वाले अप्रवासियों के रहने का मूल ठिकानाहै जो एक बेहतर जीवन की तलाश में कई खतरनाक इलाकों की यात्राएं करते है.
जानिए कौन है भारत पर आए शेख तमीम बिन हमद अल- थानी, भारत पहुंचे पीएम मोदी ने किया स्वागत

Qatar Emir sheikh: कतर के अमीर दो दिन के दौरे पर भारत पहुंचे. दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचकर पीएम मोदी समेत विदेश मंत्री एस जयशंकर नेपहुंचकर स्नागत किया. Qatar Emir sheikh Tamin Bin Hamad: कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी 17 फरवरी से दो दिवसीय भारत के दौरे पर है. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार की शाम को दिल्ली एयरपोर्ट पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल- थानी का स्वागत किया. स्वागत के दौरानदोनों नेताओं को बातचीत करते और गर्मजोशी से गले मिले. मौके पर मौजूद एस जयशंकर ने भी उनका स्वागत किया. पीएम मोदी ने सोशल मीडियापर शेख अमीर के साथ फोटो भी शेयर किए है.आखिरकार कौन है शेख तमीम बिन हमद अल थानी.1980 में पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अलथानी के घर में जन्में थे शेख तमीम ने लंदन में अपनी पढ़ाई को पूरा किया. राँयल मिलिट्रि में एडमिशन लेने से पहले उन्होनें हैरो स्कूल में पढ़ाई की1998 में उन्होनें अपनी ग्रेजुएशन की और उसी साल वह कतर वापस आ गए. वापस आने के बाद में वह सेंकेंड लेफ्टनेंट के तौर पर सेना में शामिल होगए.शेख तमीम बिन हमद अल- थानी को साल 2003 में उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया. देश की सिक्योरिटी का संभाला था जिम्माइसके बाद ही उन्हें सशस्त्र सेनाओं का डिप्टी कमांडर- इन चीफ नियुक्त किया गया. उन्होनें बेहद ही जल्द देश की सिक्योरिटी का पूरा जिम्मा संभाला. अपनी लाइफस्टाइल के लिए फेमस शेख तमीम को दुनिया के आंठवें सबसे अमीर सम्राट के तौर पर जगह दी गई. अल थानी के परिवार की कुलसंपत्ति लगभग 335 बिलियन डालर है. उनकी निजी संपत्ति 2.4 बिलियन डालर के करीब है. कतर के अमीर का पूरा परिवार दोहा के एक राँयलपैलेस में रहता है. यह सोने से सजा एक आलीशान महल है. इस महल में 100 से ज्यादा कमरे है और इसमें करीब 500 गाड़ियों को पार्क किया जासकता है. कतर अमीरी नाम की खास प्राइवेटपरिवार के पास कतर अमीरी नाम की एक खास प्राइवेट एयरलाइन भी है. यह केवल शाही परिवार के लोगों को खास सेवाएं देती है. विदेश मंत्रालयके अनुसार शेख तमीम बिन हमद अल थानी भारत की दी दिवसीय यात्रा पर है. दरअसल ये दौरा उनका दूसरा दौरा है. इससे पहले भी अमीर साल2025 में भी भारत की यात्रा पर आए थे. अमीर राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगें. पीएम मोदी के बीच में द्दिपक्षीय वार्ता भी होगी. इसमें अलग- अलगसेक्टर पर फोकस करने की उम्मीद है.
ज्ञानेश कुमार के CEC बनने पर राहुल गांधी की नाराजगी, जानिए नाखुश होने की बजह

CES Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त पर राहुल गांधी ने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की नई नियक्ति प्रक्रिया कोचुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता तब तक इस फैसले को स्थगित कर देना चाहिए. CES Gyanesh kumar: ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त बना दिया गया है. ज्ञानेश कुमार अब राजीव कुमार की जगह लेगें. कानूनमंत्रालय ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है. पीएम मोदी, अमित शाह और राहुलगांधी की त्रिकोणीय सदस्यीय कमेटी ने यह फैसला लिया है. हालांकि इस मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन 2:1 के बहुमत से हुआ है. हाल ही में राहुलगांधी ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए अपनी असहमति जताई और उन्होनें कहा कि नए कानून के तहत पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली कमेटी नेपहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन किया गया है.इससे पहले भी इसी कमेटी ने पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन किया था. उसकमेटी में एक ज्ञानेश कुमार थे तो दूसरी तरफ ए एस संधू. ज्ञानेश कुमार के नाम पर आपत्ति क्योंआखिरकार राहुल गांधी का ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने पर आपत्ति जताने के पीछे की बजह क्या है. बैठक के दौरान पीएम मोदी नेज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने पर हां बोला तो वहीं राहुल गांधी ने इस पर न बोला था. दरअसल राहुल गांधी चाहते थे. कि जब सुप्रीमकोर्ट ने नई नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक इस मुख्य चुनाव को स्थगित कर देना चाहिए.नएकानून के तहत अब मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्त पैनल में सीजेआई नहीं होंगें. पहले सीजेआई शामिल होते थे. मगर पहले साल केंद्र सरकार नेकानून का बदलाव किया था. इस बात पर कांग्रेस को आपत्ति थी. कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भीखटखटाया था.लेकिन मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. संविधान की भावनाओं के खिलाफ- कांग्रेसराहुल गांधी ने बस इसी को लेकर फैसल का इंतजार करने को कहा था. कांग्रेस के महासचिव और सांसद केसी वेनुगोपाल ने विस्तार से समझाया है. कांग्रेस ने इस फैसले को संविधान की भावना और सु्प्रीम कोर्ट के खिलाफ बताया है. इस पर उनका कहना है कि सरकार को 19 फरवरी का इंतजारनहीं हुआ. आधी रात को जल्दबाजी में सरकार के नए मुख्य चुनाव आयुक्त की अधिसूचना को जारी कर दिया गया. ये सब हमारे संविधान के खिलाफहै. सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों में इस बात को दोहराया है. कि चुनाव प्रक्रिया को दौरान पवित्रता के लिए,मुख्य चुनाव आयुक्त को एक निष्पक्षहितधारक होना चाहिए.