उत्तर प्रदेश बजट 2025-26: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य के भविष्य के लिए अहम बताया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2025-26 के बजट की सराहना करते हुए इसे सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप बताया। उन्होंनेकहा कि यह बजट गरीबों, अन्नदाता किसानों, युवाओं और महिलाओं के उत्थान को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने इस बजट को राज्य के भविष्य कोआकार देने वाला और अगले 25 वर्षों की योजनाओं का आधार बनाने वाला बताया। प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को साकार करता बजटयोगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए ‘वंचित को वरीयता’ इस बजट का केंद्रीय संदेश है। मुख्यमंत्रीने इसे भारतीय संविधान के कार्यान्वयन और उत्तर प्रदेश की स्थापना के अमृत महोत्सव के रूप में महत्वपूर्ण करार दिया। बाबा साहब आंबेडकर को श्रद्धांजलिमुख्यमंत्री ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में बाबा साहब आंबेडकरस्मारक और सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो वंचितों को प्राथमिकता देने के सिद्धांतों को बढ़ावा देगा और संविधान की भावना को लागूकरने का एक मंच बनेगा। बजट में 9.8 प्रतिशत की वृद्धियोगी आदित्यनाथ ने बताया कि 2024-25 के बजट के मुकाबले 2025-26 के बजट में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया किराज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2017-18 में 12.89 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 27.51 लाख करोड़ रुपये होने काअनुमान है। मुख्यमंत्री का यह नौवां बजटयोगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह राज्य सरकार का नौवां बजट है, जो उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा को और मजबूत करेगा।
राहुल गांधी का रायबरेली दौरा, भाजपा पर महंगाई और विकास के मुद्दों को लेकर हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने लखनऊ से सड़कमार्ग के द्वारा यात्रा करते हुए पहले चुरुवा सीमा पर स्थित हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। मंदिर के पुजारी ने उनका स्वागत किया और कुछ समयमंदिर में बिताने के बाद राहुल गांधी बछरावां की ओर रवाना हो गए। बछरावां में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकातबछरावां में गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया। इस अवसर पर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं नेउनका माला पहनाकर स्वागत किया। गांधी ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर अपनी पकड़ बनाए रखने का आह्वान किया और भाजपा सरकार पर निशानासाधते हुए कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महंगाई बहुतबढ़ गई है और भाजपा सिर्फ पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रही है। राहुल गांधी का रायबरेली का दौराकांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद राहुल गांधी रायबरेली के लिए रवाना हो गए। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें नजरबंदकर दिया गया। भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रवेश वर्मा ने कहा, “हमें नगर पंचायत कार्यालय में बंद कर दिया गया है, जबकि सांसद को यहां रहकर जनताकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए था।” हालांकि, पुलिस ने नजरबंदी के आरोपों की कोई पुष्टि नहीं की। राहुल गांधी का लखनऊ में स्वागतराहुल गांधी के लखनऊ पहुंचने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अन्य पार्टी सदस्य ने उनका स्वागत किया। इस दौरान यूपी कांग्रेस पार्टी नेसोशल मीडिया पर राहुल गांधी के लखनऊ हवाईअड्डे पर पहुंचने की तस्वीरें जारी की। कांग्रेस पार्टी का दौरा कार्यक्रमराहुल गांधी के दौरे के कार्यक्रम के अनुसार, वह बछरावां में पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और इसके बाद सिविल लाइंस स्थित भारतीयछात्रावास में छात्राओं से मिलेंगे। इसके बाद वह उत्तरपाड़ा में सहकारी संघ लिमिटेड में महिला संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। राहुल गांधी का अन्य कार्यक्रमराहुल गांधी शंकरपुर और जगतपुर में राणा बेनी माधव सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज में एक प्रतिमा का अनावरण करेंगे और एक सभा को संबोधितकरेंगे। इस दौरान वह ऊंचाहार और सदर विधानसभा क्षेत्रों में संक्षिप्त ठहराव की योजना भी बना रहे हैं, जहां वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं केसाथ बैठक करेंगे।
अखिलेश यादव का यूपी बजट 2025-26 पर हमला, बताया ‘खाली झोला’

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादवने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बजट को खोखला बताते हुए कहा कि यह केवल दिखावे का ढोल है, जिसमें आवाज तो बहुत है लेकिन असलमें कुछ नहीं। उन्होंने सरकार की नीतियों और बजट प्रावधानों पर भी सवाल उठाए। बजट पर डबल इंजन सरकार को बताया ‘डबल ब्लंडर’अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के इस बजट को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि यह डबल इंजन सरकार का डबल ब्लंडर है। उन्होंने प्रेसकॉन्फ्रेंस में दावा किया कि यह सरकार का सेकेंड लास्ट बजट है और इसके बाद जनता को नई सरकार चुनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आरोप लगायाकि बजट में सरकार के वादों और घोषणाओं का कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता। ‘जुमला मंत्रालय’ पर तंजसपा प्रमुख ने बजट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसे देखकर भाजपा के मंत्रियों के गले सूख गए हैं, क्योंकि अब उन्हें जनता और बेरोजगारों केसवालों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि जुमला मंत्रालय के लिए इस बजट में क्या प्रावधान किया गया है? किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेराअखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने कावादा किया गया था, लेकिन नौ बजट बीतने के बाद भी किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और गन्ने केसमर्थन मूल्य पर सरकार की चुप्पी पर भी उन्होंने सवाल उठाए। फूडपार्क और महिलाओं के रोजगार पर सरकार की वादाखिलाफीसपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में छह मेगा फूडपार्क बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक एक भी फूडपार्क अस्तित्व में नहींआया। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या दोगुनी करने के वादे पर भी कोई प्रगति नहीं हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवालअखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री के गृह जिले शाहजहांपुर कामेडिकल कॉलेज भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है। मरीजों को एंबुलेंस तक नहीं मिल रही और लखनऊ के कैंसर इंस्टीट्यूट में मरीजों कोजमीन पर बैठकर इलाज कराना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार केवल कागजी दावे कर रही है और वास्तविकता कुछऔर है। उत्तराखंड के नए भूमि कानून का विरोधसपा प्रमुख ने उत्तराखंड सरकार के उस फैसले का भी विरोध किया, जिसमें बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीदने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंनेइस फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक विशेष वर्ग को निशाना बना रही है। जनता के साथ धोखा बताया बजटअखिलेश यादव ने अंत में कहा कि यह बजट जनता को गुमराह करने वाला है और यूपी सरकार की नाकामियों को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने इसेजनता के साथ धोखा करार देते हुए कहा कि यह बजट भाजपा की खोखली नीतियों का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित SOUL (School of Ultimate Leadership) लीडरशिपकॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भूटान केप्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे शामिलSOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन 21 से 22 फरवरी तक किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्मिकता, सार्वजनिक नीति, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख हस्तियां अपने विचार साझा करेंगी। ये विशेषज्ञ अपने प्रेरणादायकजीवन अनुभवों को साझा करते हुए नेतृत्व कौशल और रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। युवाओं को मिलेगा नेतृत्व और सीखने का अवसरयह सम्मेलन विचार नेतृत्व और सहयोग की एक मजबूत प्रणाली को विकसित करने में सहायक होगा। इसके माध्यम से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी औरवे सफलता-असफलता से सीखने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रतिभाशाली और प्रतिबद्ध लोगों को मार्गदर्शन देना है, ताकि वेनेतृत्व की जटिलताओं को समझ सकें और समाज के हित में कार्य कर सकें। SOUL: नेतृत्व विकास के लिए एक प्रमुख संस्थानSOUL, गुजरात में स्थापित एक प्रतिष्ठित लीडरशिप संस्थान है, जिसका उद्देश्य जनसेवकों को प्रशिक्षित कर उन्हें समाज और राजनीति में प्रभावीभूमिका निभाने के लिए तैयार करना है। यह संस्थान उन लोगों को प्रशिक्षित करता है जो राजनीतिक परिवारों से नहीं आते, लेकिन अपनी योग्यता, समर्पण और समाज सेवा के माध्यम से नेतृत्व क्षमता विकसित करना चाहते हैं। SOUL नेतृत्व से संबंधित सोच, कौशल और विशेषज्ञता प्रदान करउन्हें जटिल चुनौतियों का समाधान निकालने में सक्षम बनाता है। समाज में नेतृत्व विकास को मिलेगा बढ़ावाSOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव नेतृत्व विकास और समाज सेवा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन युवा नेताओं औरउभरते हुए प्रतिभाशाली व्यक्तियों के लिए सीखने और प्रेरणा लेने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।
27 साल बाद दिल्ली में भाजपा की वापसी, रेखा गुप्ता ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता रेखा गुप्ता ने दिल्ली की नौवीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। यह समारोह रामलीला मैदान में आयोजितकिया गया, जहां उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने उन्हें शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे। इस जीत के साथ भाजपा ने 27 साल बाद दिल्ली कीसत्ता में वापसी की और रेखा गुप्ता राज्य की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ छह अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इन मंत्रियों में प्रवेश वर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इनकेअलावा पंकज सिंह, आशीष सूद, रवींद्र इंद्रराज, कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है। पंकज सिंह बिहारसे हैं और राजपूत समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि रवींद्र इंद्रराज दलित समुदाय के प्रमुख चेहरे के रूप में माने जाते हैं। भाजपा ने अपनेमंत्रिमंडल में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। रेखा गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए के शीर्ष नेता भी उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र केमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, जदयू नेता ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए।इस समारोह को भाजपा की बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी दिल्ली में लंबे समय तक सत्ताबनाए रखने की योजना पर काम कर रही है। रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग सीट से जीत दर्ज कर दिल्ली विधानसभा में प्रवेश किया। वह पेशे से वकील हैं और भाजपा में महासचिव एवं महिलामोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उनका जन्म हरियाणा के जींद में हुआ था, लेकिन उनकी शिक्षा दिल्ली में हुई। भाजपाविधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया। दिल्ली के नए उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा राजनीतिक रूप से एक मजबूत चेहरा हैं। वह पश्चिमी दिल्ली से सांसद रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंहवर्मा के पुत्र हैं। प्रवेश वर्मा ने अपने राजनीतिक करियर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उनकी छवि एक ऊर्जावान और समर्पित नेताके रूप में बनी हुई है। भाजपा ने 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस पार्टी लगातार तीसरी बार एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। भाजपा कीइस जीत ने आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। इस चुनाव में भाजपा ने आम जनता को आकर्षित करने के लिए कई बड़े वादे किए थे। पार्टी ने सरकारी स्कूलों के पुनर्निर्माण, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, गरीब महिलाओं को मासिक ₹2,500 की सहायता और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं को जनता के सामने रखा, जिससे मतदाताओंका झुकाव भाजपा की ओर हुआ और चुनाव में उन्हें जीत मिली। आम आदमी पार्टी (AAP) को इस चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हारगए। केजरीवाल ने भाजपा की जीत को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। यह हार आम आदमीपार्टी के लिए एक बड़ा झटका है और पार्टी को अपनी भविष्य की रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत होगी। दिल्ली में भाजपा की इस जीत का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। यह भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का प्रमाण है औरपार्टी के लिए एक मनोवैज्ञानिक बढ़ावा है। यह जीत भाजपा को आगामी चुनावों में बढ़त दिला सकती है और पार्टी की स्थिति को और मजबूत बनासकती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने दिल्ली में कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। वायु और जल प्रदूषण की समस्या, बुनियादी ढांचे का विकास, सरकारी स्कूलोंऔर अस्पतालों में सुधार, महिला सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उन्होंने चुनाव प्रचार केदौरान कई योजनाओं की घोषणा की थी, जिन्हें लागू करने की जिम्मेदारी अब उनकी सरकार पर होगी। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा की सत्ता में वापसी दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। भाजपा को 27 साल बाद सत्ता मिली है, जिससे पार्टीका राजनीतिक कद मजबूत हुआ है। नई सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन भाजपा की चुनावी रणनीति और जनता के बीच उसकी पकड़ नेयह जीत सुनिश्चित की। अब देखना होगा कि रेखा गुप्ता सरकार अपने वादों को किस हद तक पूरा कर पाती है और दिल्ली के विकास को नई दिशादेने में कितनी सफल होती है।
मुझे और मेरे बेटे को फसाया जा रहा है हमरा उस लड़की से कोई संबंध नहीं है- मनोज श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश के पॉलिटिकल पार्टी केसरिया वाहिनी के संस्थापक मनोज श्रीवास्तव की एक तस्वीर हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसतस्वीर में उन्हें ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में एक छात्रा की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपीअद्विक श्रीवास्तव के पिता के रूप में गलत पहचान दी गई है। वायरल फोटो में दिख रहे व्यक्ति ने बूम को बताया कि अद्विक उसका रिश्तेदार नहीं हैऔर उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसका बेटा 16 साल का है, जो अभी स्कूल में पढ़ रहा है। 16 फरवरी, 2025 को केआईआईटी के हॉस्टल में एक 20 वर्षीय तीसरे वर्ष की बीटेक छात्रा की मौत के बाद कॉलेज में तनाव फैल गया। प्रारंभिकरिपोर्टों के अनुसार, छात्रा ने एक अन्य पुरुष छात्र द्वारा उत्पीड़न के बाद आत्महत्या कर ली। इस घटना ने अन्य नेपाली छात्रों में भारी आक्रोश पैदा करदिया, जिन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ओडिशा पुलिस ने इस मामले में अद्विक श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है, औरकेआईआईटी के अधिकारियों ने एक पत्र जारी कर नेपाली छात्रों को रातों-रात हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया है। कई छात्रों ने कुछ प्रोफेसरों परदुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया है। केआईआईटी के कुलपति प्रोफेसर सरनजीत सिंह ने मंगलवार शाम को नेपाली छात्रों से माफी मांगी और कहा कि विश्वविद्यालय के दो सदस्यों कोउनकी “बेहद गैरजिम्मेदाराना” टिप्पणियों के लिए सेवा से हटा दिया गया है। इस घटना ने नेपाल के साथ राजनयिक संबंधों पर भी असर डाला है।नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने घोषणा की कि घटना की जांच के लिए दो नेपाली अधिकारियों को केआईआईटी ओडिशा परिसर भेजा गयाहै। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर गुस्सा देखने को मिला, जहां कई लोगों ने मनोज श्रीवास्तव के फेसबुक अकाउंट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें उन्हें भगवा दुपट्टा पहने हुए दिखाया गया है। फोटो के साथ लिखे टेक्स्ट में दावा किया गया है कि यह व्यक्ति आरोपी अद्विक का पिता है औरयह भी कहा गया है कि वह भारतीय जनता पार्टी की एक शाखा का प्रमुख है। वायरल पोस्ट में एक उपयोगकर्ता ने सवाल उठाया, “आश्चर्य है कि यहकॉलेज अद्विक श्रीवास्तव को क्यों बचा रहा है??” बूम ने इस मामले की गहराई से जांच की और पाया कि वायरल तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति अद्विक श्रीवास्तव का पिता नहीं है। ओडिशा के एकस्थानीय पत्रकार ने बताया कि पुलिस की गिरफ्तारी रिपोर्ट में आरोपी का पूरा नाम अद्विक मनोज श्रीवास्तव बताया गया है, लेकिन उसके माता-पिताके बारे में कोई और जानकारी उपलब्ध नहीं है। मनोज श्रीवास्तव ने बूम से बात करते हुए कहा कि वे भाजपा और आरएसएस दोनों के सदस्य हैं, लेकिन उनका बेटा अद्विक श्रीवास्तव नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा 16 साल का है और वर्तमान में लखनऊ में 12वीं कक्षा में पढ़ रहा है। मनोज श्रीवास्तव ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक खंडन भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने वायरल दावे को खारिज किया। बूम ने पुष्टि की है किवायरल फोटो में मनोज श्रीवास्तव का अद्विक से कोई संबंध नहीं है, हालांकि आरोपी के पिता के बारे में स्वतंत्र रूप से जानकारी सत्यापित नहीं की जासकी। इस मामले ने न केवल सोशल मीडिया पर हलचल मचाई है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे गलत जानकारी और पहचान के दावों से स्थितिऔर भी जटिल हो सकती है।
बजट को लेकर खुश नहीं है जनता, लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी ने यूपी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी ने केंद्रीय कार्यालय पर राज्य के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दरअसल राज्य का बजट जन हितका बजट नहीं है इस बजट को खास तौर पर जनता के हित के लिए बनाया गया है. इस बजट में इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि जो वर्ग- मंहगाई जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. यूपी सरकार का बजट एक धोखा है इसमें बेरोजगारी और मंहगाई जैसे सवालों का कोई जवाब नहीं है. इसबजट में गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, महिला, युवा और आम जनता परेशान है. इस बजट से देश की आम जनता को दूर-दूर तक कोई लाभ नहीं होनेवाला है. सुनील ने आगे कहा कि इस बजट को देखकर उनके परिवार का एक भी सदस्य और विधायक मंत्री समेत सभी निराश है. जब इस बजट कोलेकर हम सब परेशान है तो देश की आम जनता जो अपना गुजारा सड़को के किनारे कर रही है. देश की जनता के साथ घोखाजिनके पास खाने के लिए दो वक्त की रोटी नहीं है. वो देश की जनता इस बजट को लेकर कैसे खुश होगी. उन्होनें आगे बजट को लेकर कहा कि देशका युवा, किसान और बेरोजगार महिलाओं के साथ सरकार ने धोखा किया है. ये आम जनता के लिए धोखा बजट है देश की जनता इस बजट कोलेकर बिल्कुल खुश नहीं है.बेरोजगार युवा भी इस बजट को लेकर परेशान है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. सरकार युवाओं के रोजगार कोलेकर भी कोई विशेष ध्यान नहीं दे रही है. ये बजट जनता के हित के लिए नहीं है. और न हीं इस बजट से देश की जनता खुश है.