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मणिशंकर अय्यर के बयान पर सियासत गरमाई, अशोक गहलोत ने की कड़ी आलोचना

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। राजस्थान के पूर्वमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने अय्यर की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। गहलोत ने अय्यर को बताया ‘सिरफिरा’जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि मणिशंकर अय्यर से इस तरह के बयान की उम्मीद कोई भी नहीं कर सकता था।उन्होंने कहा, “राजीव गांधी के बारे में ऐसी टिप्पणी वही व्यक्ति कर सकता है, जो सिरफिरा हो।” गहलोत ने अय्यर के बयान को ‘निराधार’ और ‘हैरानकरने वाला’ बताया। मणिशंकर अय्यर के पुराने बयानों पर भी उठाए सवालअशोक गहलोत ने अय्यर के पूर्व में दिए गए बयानों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर पिछले कुछ वर्षों से विवादास्पदबयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अय्यर पर आरोप लगाते हुए कहा, “उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी कई बार विवादास्पद टिप्पणियां की हैं।इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान की नीति का समर्थन किया और पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के बारे में भी आपत्तिजनक बयान दिए।” अय्यर के बयान को बताया ‘हताशा की पराकाष्ठा’गहलोत ने अय्यर के बयान को उनकी हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “राजीव गांधी ने देश-विदेश में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया था।वे युवाओं को मताधिकार देने, महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने और संवैधानिक सुधार लाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में मणिशंकरअय्यर का यह बयान उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है।” कांग्रेस में अय्यर के भविष्य पर सवालगहलोत ने कहा कि अय्यर लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के समर्पित नेता रहे हैं, लेकिन अब उनके विचार और बयान समझ से परे हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्वसे अपील की कि ऐसे बयानों पर उचित कार्रवाई की जाए।

होली के दिन लखनऊ में जुमे की नमाज के समय में बदलाव, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

लखनऊ में इस बार होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं ने एहतियात के तौर पर एक बड़ा फैसलालिया है। जामा मस्जिद की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, 14 मार्च को होने वाली जुमे की नमाज के समय में बदलाव किया गया है। आमतौरपर जुमे की नमाज दोपहर 12:30 बजे अदा की जाती है, लेकिन इस बार इसे आगे बढ़ाकर दोपहर 2 बजे कर दिया गया है। समय बदलाव का कारणइस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह है कि होली का त्योहार और नमाज के समय का आपसी टकराव न हो। चूंकि होली के दौरान सड़कों पर काफी चहल-पहल होती है, रंगों की होली खेली जाती है और जुलूस भी निकलते हैं, इसलिए मस्जिद प्रशासन ने यह निर्णय लिया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रियस्थिति से बचा जा सके और दोनों समुदाय शांति व भाईचारे के साथ अपने-अपने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को मना सकें। धार्मिक नेताओं ने की सौहार्द बनाए रखने की अपीलऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने सभी से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की है।उन्होंने कहा कि भारत की खूबसूरती इसकी गंगा-जमुनी तहजीब में है, जहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहारों को मनाते हैं। उन्होंनेयह भी कहा कि इस तरह के फैसले समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करते हैं। प्रशासन भी अलर्टलखनऊ प्रशासन भी होली और जुमे की नमाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकेंहो चुकी हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय घटना को रोका जा सके।साथ ही, ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। पहले भी हो चुके हैं ऐसे फैसलेयह पहली बार नहीं है जब होली या किसी अन्य त्योहार के मद्देनजर नमाज के समय में बदलाव किया गया हो। इससे पहले भी कई बार प्रशासन औरधार्मिक संगठनों की सहमति से ऐसे फैसले लिए गए हैं ताकि दोनों समुदाय अपने-अपने रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों को शांति औरसौहार्दपूर्वक मना सकें। सामाजिक सौहार्द के लिए सराहनीय कदमइस फैसले को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इसे सौहार्द को बनाए रखने के लिए एक अच्छा कदम बताया है।वहीं, हिंदू संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह हमारी साझा संस्कृति को मजबूत करता है।

नई शिक्षा नीति पर किरेन रिजिजू का बयान, त्रिभाषा नीति पूरे देश के लिए फायदेमंद

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नई शिक्षा नीति (NEP) में शामिल त्रिभाषा नीति का समर्थन किया और इसे पूरे देश के लिए लाभकारी बताया। उन्होंनेकहा कि इस नीति को लेकर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं और गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। त्रिभाषा नीति पर उठ रहे विवाद पर प्रतिक्रियाकेंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू की गई त्रिभाषा नीति का उद्देश्य पूरेदेश में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने इस पर हो रही बहस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे का राजनीतिकरण करनेकी कोशिश कर रहे हैं। भाषा और धर्म के आधार पर विभाजन का विरोधरिजिजू ने तिरुवनंतपुरम में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान यह बयानदिया। उन्होंने कहा कि भारत विविध भाषाओं और संस्कृतियों का देश है, और इसे भाषा या धर्म के आधार पर बांटना सही नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी मातृभाषाएं अलग-अलग हैं, फिरभी वे एक साथ मिलकर देश के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार, हर भारतीय को एकता बनाए रखनी चाहिए और शिक्षा को राजनीति सेदूर रखना चाहिए।तमिलनाडु का विरोध और आंध्र प्रदेश का समर्थनतमिलनाडु सरकार ने नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर कड़ा विरोध जताया है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु में इसेलागू नहीं किया जाएगा, भले ही केंद्र सरकार इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये की पेशकश करे। इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने त्रिभाषा नीति का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों को केवल तीन ही नहीं बल्कि अधिकभाषाएं सीखने के अवसर मिलने चाहिए। राष्ट्रीय एकता की जरूरतरिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा भारत की एकता और समानता की बात करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राज्य, समुदाय याभाषा के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और देश के हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे शिक्षा नीति को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं और इसे देश की उन्नति और युवाओं के भविष्य के दृष्टिकोण सेअपनाएं।

सुप्रीम कोर्ट से उदयनिधि स्टालिन को राहत, सनातन धर्म विवाद पर नई FIR दर्ज करने पर रोक

उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को राहत देते हुए उनके खिलाफ सनातन धर्म पर की गई विवादितटिप्पणी को लेकर नई प्राथमिकी दर्ज करने पर रोक लगा दी। प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने यह आदेश देतेहुए कहा कि स्टालिन के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में उन्हें जबरन कार्रवाई से बचाव देने वाला अंतरिम आदेश जारी रहेगा। सितंबर 2023 में एक सम्मेलन के दौरान द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी। उन्होंनेसनातन धर्म की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू से करते हुए इसे समाप्त करने की आवश्यकता जताई थी। इस बयान के बाद, महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू और कर्नाटक सहित देश के कई राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। स्टालिन ने इन मामलों को एक साथ जोड़ने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एम. सिंघवी और पी. विल्सन ने अदालत में दलील दी कि बिहार में उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है, इसलिए उन्होंने शिकायतकर्ताओं को वर्तमानयाचिका में पक्षकार बनाने के लिए संशोधन आवेदन दायर किया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्टालिन के खिलाफ दर्ज पहले से मामलों में दी गई अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी और उनके खिलाफकोई नई एफआईआर दर्ज नहीं होगी। इसके अलावा, अदालत ने संकेत दिया कि आगे की सुनवाई में सभी एफआईआर को एक ही स्थान पर जोड़नेपर विचार किया जाएगा। सिंघवी ने नूपुर शर्मा, मोहम्मद जुबैर और अर्नब गोस्वामी के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में दर्जएफआईआर को एक स्थान पर स्थानांतरित करने का फैसला किया था। उन्होंने तर्क दिया कि नूपुर शर्मा मामले में अदालत ने उनके बयान कोअत्यधिक आक्रामक माना था, फिर भी उनकी एफआईआर को एक जगह जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि उसी तरह उदयनिधि स्टालिन के मामलों काभी निपटारा किया जाना चाहिए। इस फैसले से स्टालिन को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि उनके खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकेगी। हालांकि, पहले से दर्ज मामलों मेंकानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और सुप्रीम कोर्ट आने वाली सुनवाई में यह तय करेगा कि सभी मामलों को एक साथ जोड़ा जाए या नहीं।

कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में गिरफ्तार, फ्लैट से 2 करोड़ का सोना और 2.7 करोड़ कैश बरामद

फ्लैट से 2 करोड़ की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ कैश बरामद, पिता DGP रामचंद्र राव ने किया संबंधों से इनकार बेंगलुरु: कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री रान्या राव को डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने गोल्ड स्मगलिंग के आरोप में गिरफ्तारकिया है। बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रान्या को 14.2 किलो सोने के साथ पकड़ा गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है। इसमामले में पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके आलीशान फ्लैट पर छापा मारकर 2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपये नकद बरामदकिए हैं। कैसे हुआ खुलासा?DRI को गुप्त सूचना मिली थी कि दुबई से बेंगलुरु लौटने वाली एक महिला तस्करी में शामिल हो सकती है। सूचना के आधार पर अधिकारियों नेबेंगलुरु एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी। जैसे ही रान्या एयरपोर्ट पहुंचीं, जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ। महिला अधिकारी ने जब तलाशी ली, तो पाया कि रान्या ने 14.2 किलो सोना बेल्ट में छिपाकर लपेट रखा था। इसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार करलिया गया। बार-बार दुबई जाने से हुआ शकजांच में पता चला कि रान्या राव ने पिछले 15 दिनों में चार बार दुबई की यात्रा की थी। अधिकारियों को संदेह है कि वह एक बड़े गोल्ड स्मगलिंगनेटवर्क का हिस्सा हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रान्या को हर किलो सोने की तस्करी के लिए 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था, जिससेवह एक ट्रिप में करीब 12-13 लाख रुपये कमा रही थीं। फ्लैट से करोड़ों की संपत्ति बरामदगिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बेंगलुरु के लावेल रोड स्थित रान्या के आलीशान अपार्टमेंट पर छापा मारा। इस दौरान फ्लैट से 2 करोड़ रुपये मूल्य कीज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। जांच एजेंसियों को शक है कि यह संपत्ति भी तस्करी से अर्जित की गई हो सकती है। DGP रामचंद्र राव से जुड़ा नामइस केस में एक और चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब यह पता चला कि रान्या राव कर्नाटक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के DGP रामचंद्र राव कीसौतेली बेटी हैं। हालांकि, DGP रामचंद्र राव ने सफाई देते हुए कहा,“रान्या मेरी सौतेली बेटी हैं, लेकिन मैं उनके संपर्क में नहीं हूं। वह अब मेरे साथ नहीं रहतीं और अपने पति के साथ अलग रहती हैं। मुझे इस मामले कीजानकारी मीडिया के जरिए मिली है। कानून सबके लिए समान है।” बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का शकDRI को संदेह है कि रान्या केवल एक मोहरा हैं और उनके पीछे एक बड़ा तस्करी गिरोह सक्रिय है। अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहेहैं कि वह दुबई में किससे संपर्क कर रही थीं और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। राजनीतिक बयानबाजी शुरूइस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीजेपी विधायक डॉ. भरत शेट्टी वाई ने कहा:“अगर लोकल पुलिस इस मामले में शामिल है तो यह सत्ता के दुरुपयोग का मामला है। सरकार को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।” वहीं, कांग्रेस विधायक एएस पोन्ना ने कहा:“चाहे आरोपी किसी प्रभावशाली व्यक्ति की बेटी हो या आम नागरिक, कानून सबके लिए समान है। जांच एजेंसियों को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।” 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रान्यागिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने रान्या राव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल, पुलिस और DRI उनकी दुबई यात्राओं, बैंक खातोंऔर संपर्कों की जांच कर रहे हैं। फिल्मी करियर पर भी सवालरान्या राव ने कन्नड़ फिल्मों में कुछ चर्चित भूमिकाएं निभाई हैं। उनकी गिरफ्तारी से फिल्म इंडस्ट्री में भी हलचल मच गई है। अब इस मामले के सामनेआने के बाद उनके करियर पर भी सवालिया निशान लग गया है।क्या है आगे की जांच?DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि रान्या के पीछे कौन लोग हैं और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय है। इस केस में और भी गिरफ्तारियां होसकती हैं।

पीएम मोदी ने उत्तरकाशी से शीतकालीन पर्यटन को दी नई पहचान, “घाम तापो टूरिज्म” को किया प्रमोट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक दिवसीय यात्रा के दौरान उत्तरकाशी पहुंचे, जहां उन्होंने मुखवा और हर्षिल से उत्तराखंड में शीतकालीन तीर्थाटन औरपर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों को उत्तराखंड आनेका निमंत्रण दिया। पीएम मोदी ने प्रदेश के विंटर टूरिज्म को “घाम तापो टूरिज्म” के रूप में प्रस्तुत किया। उत्तराखंड से आत्मीय लगाव व्यक्त कियाहर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सबसे पहले माणा में हुए हिमस्खलन में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंनेउत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें मां गंगा के आशीर्वाद से इस पवित्र भूमि की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंनेअपने काशी सांसद बनने का श्रेय भी मां गंगा की कृपा को दिया। “यह दशक उत्तराखंड का होगा”प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह कुछ वर्ष पहले केदारनाथ दर्शन के लिए आए थे, तो उनके मुख से यह वाक्य स्वतः ही निकला था कि “यह दशकउत्तराखंड का होगा।” उन्होंने इसे बाबा केदार का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि अब यह भविष्यवाणी सच होती दिख रही है और राज्य तेजी से विकासकी ओर बढ़ रहा है। 365 दिन पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरतपीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में पूरे साल पर्यटन को सक्रिय बनाए रखना जरूरी है, ताकि कोई भी मौसम “ऑफ-सीजन” न कहलाए। उन्होंने यहभी उल्लेख किया कि वर्तमान में अधिकतर पर्यटक मार्च से जून के बीच उत्तराखंड आते हैं, जबकि अन्य महीनों में पर्यटन गतिविधियां कम हो जाती हैं। विंटर वेडिंग और वेलनेस टूरिज्म पर जोरप्रधानमंत्री ने “वेड इन इंडिया” अभियान के तहत भारतीयों को देश में ही विवाह समारोह आयोजित करने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया किउत्तराखंड को शीतकालीन विवाह स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, प्रदेश केप्राकृतिक हॉट स्प्रिंग्स (गर्म जल स्रोत) को वेलनेस स्पा के रूप में विकसित करने की भी जरूरत बताई। डबल इंजन सरकार कर रही उत्तराखंड के विकास को मजबूतप्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने में जुटी हैं। चारधाम यात्रा, ऑल वेदर रोड, आधुनिकएक्सप्रेसवे, रेलवे और हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को सशक्त किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा और घोषणाओं से उत्तराखंड के पर्यटन और आर्थिक विकास को नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

सांसद राघव चड्ढा को हार्वर्ड कैनेडी स्कूल के ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम में शामिल होने का निमंत्रण

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को अमेरिका के प्रसिद्ध हार्वर्ड कैनेडी स्कूल के ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने का निमंत्रणमिला है। यह कार्यक्रम विश्व स्तर पर प्रभावशाली नेताओं को एक मंच पर लाकर सार्वजनिक नीति, नवाचार और नेतृत्व पर गहन विचार-विमर्श काअवसर प्रदान करता है। वैश्विक नीति और नेतृत्व पर होगी चर्चायह कार्यक्रम 5 से 13 मार्च 2025 तक बोस्टन, कैम्ब्रिज में आयोजित होगा, जिसमें दुनिया भर के नीति निर्माता, विशेषज्ञ और नेता भाग लेंगे। इसमेंवैश्विक राजनीति, नीतिगत नवाचार और नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण चर्चाएं होंगी। राघव चड्ढा की प्रतिक्रियाइस निमंत्रण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राघव चड्ढा ने कहा, “हार्वर्ड कैनेडी स्कूल का यह कार्यक्रम मेरे लिए एक शानदार अवसर है, जहां मैंदुनिया के श्रेष्ठ नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों से सीखने का मौका प्राप्त करूंगा। यह अनुभव न केवल मेरे व्यक्तिगत विकास में सहायक होगा, बल्किभारत की नीतिगत रणनीतियों को भी बेहतर बनाने में योगदान देगा।” वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत उपस्थितिराघव चड्ढा को पहले भी विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा “यंग ग्लोबल लीडर” के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंचोंपर उनकी भागीदारी भारत की वैश्विक उपस्थिति को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी। युवा नेताओं के लिए सीखने का मंचहार्वर्ड कैनेडी स्कूल का यह कार्यक्रम वैश्विक चुनौतियों जैसे बेरोजगारी, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक अस्थिरता से निपटने के लिए नेताओं कोआवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है। इस अनुभव से राघव चड्ढा को भारत की नीति निर्माण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इस निमंत्रण के साथ, राघव चड्ढा ने अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माण क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को और सशक्त किया है, जिससे भारत की नीतिगतदिशा को मजबूती मिलेगी।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने अबू आजमी के खिलाफ पेश किया संस्पेंड प्रस्ताव, अबू आजमी ने मांगी माफी

Maharashtra Politics:औरंगजेब विवादित बयान के बाद अबू आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा सत्र से सस्पेंड किया गया था.जिसकोलेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा सत्र से अबू आजमी को सस्पेंड करने के लिए प्रस्ताव पेश किया था. औरंगजेब को लेकरविवादित बयान करने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा से अभी फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है. लेकिन इसकेबावजूद यह मामला अभी शांत नहीं हुआ है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रक्रिया दी है. औरंगजेब पर अबू आजमीकी टिप्पणी के बाद उनके सस्पेंशन पर शिंदे ने कहा कि अभी तो यह पहला स्टेप है. अभी तो फिलहाल उन्हें इशारा ही दिया गया है दरअसल समझनेवाले कोई सारा ही काफी है. उन्हें समझदारी से काम करना चाहिए जो भी शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का अपमान करेगा उन्हें हम नहींछोड़ेंगे. औरंगजेब पर विवादित बयान के बाद अबू आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा सत्र से सस्पेंड कर दिया गया था. महाराष्ट्र सरकार में मंत्रीचंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा सत्र से सस्पेंड कर दिया गया था. सस्पेंड करने के लिए पेश किया प्रस्तावसत्र से अबू आजमी को सस्पेंड करने के लिए एक प्रस्ताव भी पेश किया था. भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि आजमी को विधायक की सेहटना चाहिए ना कि सिर्फ एक सत्र के लिए उन्हें सस्पेंड करना चाहिए.उन्होनें कहा कि छत्रपति शिवाजी पूजनीय है और उनका अपमान करने वाले कोहम आसानी से नहीं जाने दे सकते. औरंगजेब पर दिए बयान के बाद से सियासत गर्माने पर अबू आजमी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मैं शिवाजीमहाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ बोलने के बारे में सोच भी नहीं सकता. इस पर अबू आजमी ने कहा कि मेरे शब्दों को तोड़ मरोड़ कर दिखायागया ह. औरंगजेब के बारे में मैंने वही कहा है जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा है मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज संभाजी महाराज या अन्य किसीभी पुरुष के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है. मैं इतना बड़ा नहीं हूं जो कुछ कहा था. वही असल में किन्हीं इतिहासकारों का व्यक्तव्य है. अबू आजमी ने मांगी माफीअबू आजमी ने कहा कि मैने पहले तो ऐसा कुछ नहीं कहा है अगर मेरे इन बयानों की वजह से कोई आहत हुआ है. तो में बिना किसी शर्त के माफीमांगता हूं और अपने बयान को वापस लेता हूं.औरंगजेब पर बयान बाजी को लेकर महाराष्ट्र के ठाणे में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.आजमी नेऔरंगजेब का बचाव करते हुए बयान दिया था. कि मैं 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या अहिंष्यणु शासक नहीं मानता. इन दोनों फिल्मों के माध्यम से मुगल बादशाह की विक्रत छवि बनाई जा रही है. मालूम हो कि महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च तक समाप्तहो रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ऐसा क्या बोल गए राजदूत, कि विंस्टन पीटर्स चली गई नौकरी

न्यूजीलैंड ने अपने लंदन में तैनात वरिष्ठ राजनयिक को बर्खास्त कर दिया है. इस दूत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का द्वितीय विश्व युद्ध की समझपर सवाल उठाए थे. न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि हाई कमिश्नर फिल गोल के टिप्पणियां”बेहद निराशाजनक” थी और उन्हें अब उनके पद से हटा दिया गया है. मंगलवार को लंदन में एक पैनल चर्चा के दौरान गोफ फिनलैंड की विदेश मंत्रीऔर एलिना वाल्टोनन से सवाल किया. गोफ ने ब्रिटिश योद्धकालीन नेता विंस्टन चर्चिल ने 1938 के एक भाषण का जिक्र करते हुए पूछा राष्ट्रपति ट्रंपने चर्चिल की मूर्ति को ओवल ऑफिस में वापस रखा है. लेकिन क्या आपको लगता है कि वह असल में इतिहास को समझते भी हैं. यह टिप्पणी रूसके यूक्रेन पर आक्रमण के संदर्भ में की गई थी. गोफ ने 1938 के म्यूनिख समझौते की तुलना हाल की घटनाओं से की थी. न्यूजीलैंड सरकार को किया अस्वीकारन्यूजीलैंड सरकार ने गोफ के बयान को अस्वीकार करते हुए कहा कि सरकार या न्यूजीलैंड का आधिकारिक रूख नहीं है. यह टिप्पणियां न्यूजीलैंडसरकार के विचारों को नहीं दर्शाती हैं. और लंदन में हाई कमिश्नर के रूप में उन्हें पद से हटाया है जाता है. गोफ न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री और आकलैंडके मेयर रह चुके हैं. उनको 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न की सरकार ने इस पद पर नियुक्त किया गया था. न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री हेलेनक्लार्क ने इस बर्खास्त की की निंदा की और इसे एक बेहद सम्मानित पूर्व विदेश मंत्री को हटाने का बहुत कमजोर बहना बताया दूसरी ओर पीटर्स नेकहा कि एक राजनायिक के रूप में गोफ को सरकार की नीतियों या प्रतिनिधित्व करना चाहिए न की व्यक्तिगत राय देनी चाहिए. जब ट्रंप ने हाल ही मेंयूक्रेन के साथ संबंधों में तनाव और रूस के साथ संबंधों को बेहतर करने की कोशिश की है. न्यूजीलैंड अब लंदन में नए हाई कमिश्नर की नियुक्ति कीप्रतिक्रिया शुरू करेगा गोफ ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

उत्तराखण्ड दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी, हिमस्खलन में मजदूरों की मौतों पर जताया शोक

PM uttrakhand visit: पीएम मोदी आज उत्तराखंड दौरे पर है यहां उन्होंने मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर पूजा की और हार्षिलमें एक रैली को संबोधित किया. उन्होंने सबसे पहले उत्तराखंड की माणा गांव में हुए हिमस्खलन में हुई मजदूरों की मौतों पर शोक जाहिर किया. उन्होंनेकहा कि माणा में जो हादसा हुआ है उसके प्रति मैं दुख व्यक्त करता हूं मैं हादसे से में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. इसके बादपीएम मोदी ने उत्तराखंड की अपनी पुरानी यात्राओं को याद किया उन्होंने कहा कि वर्तमान दशक उत्तराखंड का दशक है. उन्होंने यह भी कहा किउत्तराखंड में कोई भी सीजन ऑफ सीजन नहीं होना चाहिए. यहां हमेशा टूरिज्म ऑन रहना चाहिए पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमिदेवभूमि आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत है. चारधाम और अनंत तीर्थों का आशीर्वाद है मैं मानता हूं कि मैं मां गंगा के आशीर्वाद से काशी तक पहुंचा हूं. और संसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं. और मैंने कहा भी था. कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है कुछ महीने पहले ही मुझे यह अनुभूति हुई की मांगंगा ने मुझे गोद ले लिया है. यह उनका स्नेह ही है कि आज मैं उनके मायके मुखवा गांव आया हूं. बाबा केदारनाथ का है आशीर्वाद- पीएम मोदीपीएम मोदी ने कहा कुछ साल पहले जब मैं बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए गया था मैं बोल पड़ा था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा वहशब्द मेरे थे भाव मेरे थे लेकिन उसके पीछे की शक्ति स्वयं बाबा केदारनाथ ने दी थी. बाबा केदारनाथ के आशीर्वाद से वह शब्द वह भाव सच्चाई औरहकीकत में बदल रहे हैं. ये दशक उत्तराखंड का बन रहा है मैं चाहता हूं कि कोई भी सीजन हो टूरिज्म ऑन रहे सर्दियों में रिजॉर्ट खाली पड़े रहते हैं. यहआर्थिक असंतुलन पैदा करता है. अगर देश-विदेश के लोग आए तो यहां की आध्यात्मिक आभा का वास्तविक परिचय मिलेगा. पीएम मोदी ने कहाउत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए हमारी डबल इंजन सरकार मिलकर काम कर रही है. केंद्रीय कैबिनेट ने केदारनाथ रूप में प्रोजेक्ट औरहेमकुंड रूप में प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. केदारनाथ रूप में बनने के बाद जो यात्रा आठ नौ घंटे में पूरी होती थी. अब वही यात्रा 30 मिनट में पूरी होजाएगी इससे बुजुर्गों और बच्चों के लिए केदारनाथ यात्रा और 30 मिनट में पूरी हो जाएगी इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान कर दिया है.