औरंगजेब की कब्र पर सियासत तेज: मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी चेतावनी, शिवाजी महाराज के महिमामंडन का किया आह्वान

औरंगजेब की कब्र को लेकर देश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने महाराष्ट्र केसंभाजीनगर में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को तोड़ने की चेतावनी दी है। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी बयानसामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार को छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा करनी पड़ रही है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री फडणवीस का बयानमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब का इतिहास उत्पीड़न से भरा हुआ है, और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को उसकी कब्र कीसुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कोई औरंगजेब की विरासत का महिमामंडन करने का प्रयास करेगा, तो वहसफल नहीं होगा।फडणवीस ने छत्रपति शिवाजी महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही आज हम स्वतंत्र रूप से अपने देवी-देवताओं कीपूजा कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने स्वराज्य, धर्म और देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया। शिवाजी महाराज के महिमामंडन का आह्वानमुख्यमंत्री ने कहा कि महिमामंडन करना है तो छत्रपति शिवाजी महाराज का किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि औरंगजेब के क्रूर विचारोंका समर्थन या महिमामंडन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी के सतारा से सांसद उदयनराजे भोसले, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज भी हैं, ने संभाजीनगर में मौजूदऔरंगजेब की कब्र को हटाने की वकालत की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि ऐसा करना कानून के दायरे में होना चाहिए, क्योंकि यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में है।औरंगजेब का इतिहासऔरंगजेब मुगल साम्राज्य का छठा शासक था, जिसने 1658 से 1707 तक शासन किया। वह शाहजहां का पुत्र था और अपने शासनकाल में मुगलसाम्राज्य का विस्तार किया। औरंगजेब ने कट्टर इस्लामी नीतियों का पालन किया और गैर-मुसलमानों पर जजिया कर को दोबारा लागू किया। उसनेकुछ सांस्कृतिक प्रथाओं पर भी प्रतिबंध लगाया, जिससे उसका शासन विवादास्पद रहा।
उत्तरी कश्मीर में मुठभेड़: एक आतंकी ढेर, सुरक्षा बलों का अभियान जारी

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे खुरमोरा राजवार इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलोंने तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच संक्षिप्त मुठभेड़ हुई। एक आतंकी ढेर, कई फरारमुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया और उसके पास से एक असॉल्ट राइफल बरामद हुई है। हालांकि, कुछ आतंकी घेराबंदी तोड़कर भागने में कामयाबहो गए। फरार आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने अपना अभियान जारी रखा है। मुठभेड़ में एक सुरक्षा कर्मी के घायल होने की भी सूचना है, जिसका इलाज किया जा रहा है गंडबल में हथियारों के साथ दो संदिग्ध गिरफ्तारसंयुक्त अभियान में बरामद हुए हथियारबीते दिनों गंडबल-हाजिन रोड पर एक विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें दो संदिग्धों को गिरफ्तार कियागया। सुरक्षा बलों ने उनके कब्जे से एक पिस्तौल, एक पिस्तौल मैगजीन, दो हथगोले, एक एके राइफल मैगजीन और अन्य गोला-बारूद बरामदकिए। LoC पर गोलीबारी में जवान घायलनौशेरा सेक्टर में सेना का जवान घायलबुधवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी की घटना में सेना का एक जवान घायल हो गया। नौशेरा सेक्टर केकलसियां इलाके में अग्रिम चौकी पर तैनात जवान को गोली लगी, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद उधमपुर के सैन्य अस्पताल में भर्तीकराया गया। सांबा सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकामबीएसएफ ने विफल किया घुसपैठ का प्रयाससांबा सेक्टर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ के जवानों ने एक घुसपैठ के प्रयास को विफल कर दिया। खोरा पोस्ट पर रात करीब एक बजेसंदिग्ध गतिविधि देखे जाने पर जवानों ने कुछ राउंड फायर किए, जिससे घुसपैठ का प्रयास नाकाम हो गया। सुरक्षा बल सतर्क, अभियान जारीकश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। फरार आतंकियों की तलाश जारी है, जबकिसीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है।
हरियाणा बजट 2025-26: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया 2.05 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 17 मार्च को हरियाणा का बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल 2.05 लाख करोड़ रुपये काबजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान से 13.70 प्रतिशत अधिक है। बजट में युवाओं के रोजगार, शिक्षा, महिला कल्याण और कृषि के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकतामुख्यमंत्री सैनी ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में हर साल 50 लाख युवाओं को रोजगार देने कालक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम कदम उठाए गए हैं। विज्ञान और इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करनेवाली छात्राओं को एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। आर्थिक सहायता और शुल्क माफीजिन परिवारों की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है, उनकी बेटियों के लिए विश्वविद्यालय परिसरों में बीएससी कोर्स की ट्यूशन फीस माफ होगी।वर्ल्ड स्किल ओलंपिक में जीतने वाले छात्रों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।स्वरोजगार के लिए भी 10 लाख रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। लाडो लक्ष्मी योजना का ऐलानमहिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए “लाडो लक्ष्मी योजना” को अंतिम रूप दिया गया है। इसके लिए बजट में5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।महिला किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋणडेयरी फार्मिंग, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन में लगी महिला किसानों को एक लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत सहकारी दूध उत्पादकों को 70 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।कृषि और पर्यावरण संरक्षणधान की खेती छोड़ने पर सब्सिडी“मेरा पानी मेरी विरासत” योजना के तहत धान की खेती छोड़ने पर सब्सिडी को 7,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति एकड़ कर दियागया है। पराली प्रबंधन को बढ़ावाधान की पराली का उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को 1,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। नशामुक्ति अभियान और जन कल्याणनशा मुक्ति कार्यक्रम प्राधिकरण की स्थापनामुख्यमंत्री सैनी ने राज्य में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए “मेरा संकल्प प्राधिकरण” के गठन की घोषणा की। इसके लिए 10 करोड़ रुपये काप्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशनहरियाणा में विश्व बैंक की सहायता से “हरियाणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 474 करोड़ रुपये काप्रावधान रखा गया है। गौ संरक्षण और पशुपालनहर जिले में नए गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, पंजीकृत गौशालाओं में 51 शेड बनाने के लिए 5 करोड़ रुपयेका अनुदान दिया जाएगा। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावामुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया है और कई वादों को पूरा किया है। बजट में डिजिटल गवर्नेंसको और सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैंमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट को हरियाणा के सर्वांगीण विकास का खाका बताते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की जनता के कल्याण और आर्थिकप्रगति के लिए लगातार प्रयासरत है।
वडोदरा हिट एंड रन केस: नशे में कार चलाकर महिला की मौत, आरोपी रक्षित चौरसिया गिरफ्तार, CCTV वीडियो आया सामने

गुजरात के वडोदरा में होली की रात हुए हिट एंड रन हादसे को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस बीच, पुलिस को घटना से पहले की सीसीटीवीफुटेज मिली है, जिसमें रक्षित चौरसिया और उसके दोस्तों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। फुटेज में रक्षित चौरसिया को अपने दोस्त सुरेश भरवाड़ के घरपर दुपहिया वाहन से पहुंचते हुए देखा गया। थोड़ी देर बाद प्रांशु चौहान कार लेकर वहां पहुंचा। ड्राइविंग को लेकर हुई बहसफुटेज में दिख रहा है कि कार की ड्राइविंग सीट पर पहले प्रांशु चौहान बैठा था, लेकिन रक्षित चौरसिया ने ड्राइविंग करने की जिद की। प्रांशु ने बिनाकार से उतरे ही दूसरी सीट पर शिफ्ट हो गया। इसी के बाद दोनों कार लेकर वहां से निकल गए। नशे की हालत में होने का शकसीसीटीवी फुटेज में रक्षित चौरसिया के हाथ में एक बोतल दिखाई दे रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बोतल में पानी था या कोईनशीला पदार्थ। पुलिस रक्षित के नशे में होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सभी सबूत खंगाल रही है। ड्रग्स का शक, एफएसएल रिपोर्ट का इंतजाररक्षित चौरसिया के ड्रग्स के नशे में होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस ने रक्षित, प्रांशु और एक अन्य दोस्त के ब्लड सैंपल एफएसएल (फॉरेंसिकसाइंस लेबोरेटरी) को भेजे हैं। वडोदरा के पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कोमार ने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर उचित धाराओंके तहत कार्रवाई की जाएगी। दर्दनाक हादसा: महिला की मौत, चार घायलशुक्रवार रात रक्षित चौरसिया द्वारा चलाई जा रही फॉक्सवैगन वर्टस कार ने वडोदरा के आम्रपाली कॉमर्शियल प्लेस के पास तीन दुपहिया वाहनों कोटक्कर मार दी। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद रक्षित को चिल्लाते हुए सुनागया – “एक और राउंड, एक और राउंड!” पुराना विवाद: नशे में हंगामा कर चुका है रक्षितस्थानीय लोगों ने बताया कि रक्षित चौरसिया पहले भी नशे में हंगामा कर चुका है। फरवरी में भी नशे की हालत में विवाद करने पर स्थानीय लोगों नेउसकी पिटाई की थी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया था। आरोप और गिरफ्तारीपुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में रक्षित चौरसिया और प्रांशु चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। रक्षित ने दावा किया कि उसने शराब नहीं पी थीऔर कार की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटा थी। हालांकि, पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस की सख्ती और आगे की कार्रवाईवडोदरा पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी गुस्सा है औरपुलिस पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ रहा है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी कड़ी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ दिल्ली में AIMPLB का जोरदार प्रदर्शन, ओवैसी बोले – असंवैधानिक बिल से वक्फ संपत्तियोंपर खतरा

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ विरोधप्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए और वक्फ संपत्तियों के संरक्षण के समर्थन में अपनी आवाज बुलंदकी। मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी की चेतावनीAIMPLB के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह विरोध केवल वक्फ संपत्तियों को बचाने तक सीमित नहींहै, बल्कि संविधान और न्याय के लिए भी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ज़बरदस्ती कानून पारित किया, तो इसका जवाब उसी सख्ती से दियाजाएगा। सांसद महिबुल्लाह नदवी और मौलाना कल्बे जवाद का बयानसांसद महिबुल्लाह नदवी ने सरकार पर मजहबी मामलों में दखलंदाजी का आरोप लगाया। मौलाना कल्बे जवाद ने वक्फ संशोधन विधेयक को “सांपका बिल” करार देते हुए कहा कि यह मुस्लिम समाज के खिलाफ ज़हर है और उनकी बर्बादी का कारण बनेगा।किसान आंदोलन की तर्ज पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनीAIMPLB के प्रवक्ता कासिम रसूल इलियास ने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक पारित हुआ तो किसान आंदोलन की तर्ज पर बड़ा विरोध होगा।उन्होंने कहा कि पटना और विजयवाड़ा में पहले से ही विरोध प्रदर्शन जारी है, और यदि सरकार ने बिल वापस नहीं लिया, तो पूरे देश में विरोध प्रदर्शनकिया जाएगा। असदुद्दीन ओवैसी का विरोधAIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों को खत्म करने का प्रयास कर रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत खराब है और इसका मकसद समुदायों के बीच दरार पैदा करना है। सरकार का पक्ष: वक्फ संशोधन विधेयक पर भ्रम फैलाया जा रहा है किरेन रिजिजू का बयानकेंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों को छीनने का दावा पूरीतरह गलत है। उन्होंने कहा कि देश कानून से चलता है और किसी की जमीन छीनना असंभव है। न्यायालय में जाने का विकल्परिजिजू ने स्पष्ट किया कि अगर किसी को कानून से समस्या है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मुस्लिमसमाज के भले के लिए यह कानून लेकर आई है और विपक्षी दल झूठ फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों और विपक्षी नेताओं की भागीदारीAIMPLB के एक पदाधिकारी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जमात-ए-इस्लामी, जमीयत अहले हदीस और ऑल इंडियामिल्ली काउंसिल जैसी संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेशयादव, राजद सांसद मनोज झा और अन्य विपक्षी नेताओं को भी आमंत्रित किया गया। आगे की रणनीति पर विचारप्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा हुई। AIMPLB और अन्य संगठनों ने स्पष्ट किया कि वक्फसंपत्तियों के संरक्षण के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने राजशाही बहाल करने पर कह दी बड़ी बात,लोकतंत्र में नहीं होता रिवर्स गियर

नेपाल में राजशाही समर्थक समूहों पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने रविवार को कहा कि लोकतंत्र एक राजमार्ग की तरह है, जिसमेंकोई रिवर्स गियर नहीं होता है.उन्होंने कहा कि कभी-कभार अंधे मोड़ के कारण क्षणिक रूप से पीछे हटना पड़ता है। उन्होंने आगे बढ़ने के महत्व पर बलदिया। पिछले हफ्ते पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के सैकड़ों समर्थकों ने काडमांडू में पूर्व राजा के स्वागत में एक रैली का आयोजन किया था। 77 वर्षीयज्ञानेंद्र जैसे ही देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों का दौरा करने के बाद पोखरा से रविवार को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे उनकेसमर्थकों ने उनके पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए। रैली का उद्देश्य नेपाल में राजशाही की बहाली के लिए समर्थन प्रदर्शित करना था। महिला नेतृत्वशिखर सम्मेलन 2025 में बोलते हुए प्रधानमंत्री ओली ने राजशाही समर्थक समूहों द्वारा हाल ही में किए गए विरोध प्रदर्शनों की ओर इशारा कियाऔर कहा कि हमें हमेशा आगे बढ़ने की जरूरत है। पीछे मुड़ना नहीं चाहिए। रिवर्स गियर कभी-कभी तभी लगाया जाता है, जब सड़क पर तीखे मोड़हों. उन्होंने कहा कि हाईवे पर कोई बैक गियर नहीं होता और लोकतंत्र ही हमारा हाईवे है। वहीं, रविवार को संसद (प्रतिनिधि सभा) में सत्तारूढ़ औरविपक्षी सांसदों के बीच राजशाही की वापसी की बढ़ती मांग को लेकर गरमागरम बहस हुई। उन्होंने कहा कि रिवर्स गियर कभी-कभी तब लगाया जाताहै जब सड़क पर तीखे मोड़ हों. लोकतंत्र से पूर्व राजा का समर्थनहाइवे पर कोई बैक गियर नहीं है और लोकतंत्र हमारा राजमार्ग है पूर्व राजा के समर्थक गत कई दिनों से काठमांडू और पोखरा सहित देश के विभिन्नहिस्सों में रैलियां निकाल रहे हैं और 2008 में खत्म की गई राजशाही को एक बार फिर बहाल करने की मांग कर रहे हैं. राजतंत्र समर्थक फरवरी मेंलोकतंत्र दिवस के बाद तब सक्रिय हुए जब ज्ञानेंद्र ने कहा था. समय आ गया है कि हम देश की रक्षा करने और राष्ट्रीय एकता लाने की जिम्मेदारीलें.इस रैली का उद्देश्य नेपाल में राजशाही की फिर स्थापना के प्रति समर्थन प्रदर्शित करना था. ओली ने रविवार को यहां महिला नेतृत्व शिखर सम्मेलन2025 को संबोधित करते हुए राजशाही समर्थक समूहों द्वारा हाल ही में किए गए विरोध प्रदर्शनों की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि हमें हमेशाआगे बढ़ने की जरूरत है. पीछे मुड़ना नहीं चाहिए.पिछले हफ्ते पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के सैकड़ों समर्थकों ने राजधानी में उनके स्वागत में रैली निकालीथी। ज्ञानेंद्र (77) पिछले सप्ताह रविवार को जैसे ही देश के विभिन्न भागों में धार्मिक स्थलों का दर्शन कर पोखरा से काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीयहवाई अड्डे पर पहुंचे समर्थकों ने उनके पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए. रैली का उद्देश्य था राजशाही की पुन:स्पाथना करनाइस रैली का उद्देश्य नेपाल में राजशाही की पुनः स्थापना के प्रति समर्थन प्रदर्शित करना था. ओली ने रविवार को यहां महिला नेतृत्व शिखर सम्मेलन2025 को संबोधित करते हुए राजशाही समर्थक समूहों द्वारा हाल ही में किए गए विरोध प्रदर्शनों की ओर इशारा किया।उन्होंने कहा हमें हमेशा आगेबढ़ने की जरूरत है. पीछे मुड़ना नहीं चाहिए रिवर्स गियर (वाहन को पीछे ले जाने में सक्षम) कभी-कभी तब लगाया जाता है जब सड़क पर तीखे मोड़हों. राजमार्ग पर कोई ‘बैक गियर’ नहीं है और लोकतंत्र हमारा राजमार्ग है. पूर्व राजा के समर्थक गत कई दिनों से काठमांडू और पोखरा सहित देश केविभिन्न हिस्सों में रैलियां निकाल रहे हैं और 2008 में समाप्त की गई राजशाही को पुनः बहाल करने की मांग कर रहे हैं. राजतंत्र समर्थक फरवरी मेंलोकतंत्र दिवस के बाद तब सक्रिय हुए जब ज्ञानेन्द्र ने कहा था. समय आ गया है कि हम देश की रक्षा करने और राष्ट्रीय एकता लाने की जिम्मेदारी लें.
पाकिस्तान के अब्दुल पर बरसाई गई जबरदस्त गोलियां,फिर से की गई एक हाई प्रोफाइल किलिंग

पाकिस्तान के आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों को सफाया हो रहा है. जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई) के वरिष्ठ नेता मुफ्ती अब्दुल बाकीनूरजई की रविवार रात क्वेटा के एयरपोर्ट रोड पर हत्या कर दी गई.अज्ञात बंदूकधारियों ने उसपर गोलियां चलाई. पुलिस ने जानकारी के मुताबिकहमले में वो बुरी तरह घायल हो गया था, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया.रविवार को क्वेटा में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के विद्रोहियों नेआतंकी हमले को अंजाम दिया है. क्वेटा के ताफ्तान जा रहे सेना के काफिले पर आतंकी हमला हुआ. इस हमले में सात सैनिकों की मौत हो गई.21 घायल हो गए बलूच लिबरेशन आर्मी ने 90 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा किया है बलूच लिबरेशन आर्मी ने इस हमले की जिम्मेदारी भी लीहै.रविवार को पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकी अबु कताल सिंघी की हत्या कर दी गई है। शनिवार रात 8 बजेअबु कताल को मौत के घाट उतार दिया गया. उसने भारत में भी कई बड़े हमलों को अंजाम दिया था. NIA ने उसे वांटेड घोषित कर रखा था. वोहाफिज सईद (Hafiz Saeed) का करीबी माना जाता रहा है.यह हत्या पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से बढ़ रही राजनीतिक हिंसा और आतंकवादीहमलों की कड़ी में एक और जोड़ है. आतंकवादी समूहों ने बनाया कई सदस्यों को निशानापाकिस्तान और पीओके में अज्ञात बंदूकधारियों ने अब तक लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी समूहों के कईसदस्यों को निशाना बनाया है. पाकिस्तान में कई धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह के हमलों का सामना करना पड़ाहै. पाकिस्तान में राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं.क्वेटा(Quetta) में हुई इस घटना नेएक बार फिर पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति पर अपनी कार में जा रहे थे. अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसकेपरिणामस्वरूप वह गंभीर रूप से घायल हो गए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन अत्यधिक खून बहने के कारण वह बच नहीं पाएउनका निधन हो गया नूरजई के निधन से पाकिस्तान में धार्मिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है. नहीं मिला कोई हमलावरों का सुरागइस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है लेकिन अब तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.इससे पहले11 मार्च को क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को बीएलए के विद्रोहियों ने हाईजैक कर लिया था.इस ट्रेन को दोपहर 1.30 बजे सिब्बीपहुंचना था लेकिन बोलान के माशफाक टनल में हमला हुआ इस हमले को BLA ने पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया था BLA के लड़ाके पहले सेही घात लगाकर बैठे थे हमले के लिए BLA ने अपने सबसे घातक लड़ाके मजीद ब्रिगेड और फतेह को तैयार किया था.पाकिस्तान में बीते कुछ समयमें लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं.रविवार को क्वेटा से ताफ्तान जा रहे सेना के काफिले पर आतंकी हमला हुआ, जिसमें सात सैनिकों की मौत हुईजबकि 21 घायल हुए.इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 90 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा किया.
अंतरिक्ष यात्री सुनीत विलयम्स और उनके साथी को NASA ने धरती पर वापसी की बताई तारीख,”जानें कब तक वापस आएंगी विलियम्स”

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर की धरतीपर वापसी की तारीख तय हो गई है.अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया है कि ये दोनों और दो अन्य अंतरिक्ष यात्री मंगलवार शाम को धरती परवापस लौटेंगे. नासा ने बताया कि सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर और एक अन्य अमेरिकी अंतरिक्षयात्री निक हेग और एक रूसी अंतरिक्षयात्रीएलेक्जेंडर गोरबुनोव स्पेसएक्स के ड्रैगन क्राफ्ट यान से फ्लोरिडा के तट पर मंगलवार शाम करीब छह बजे धरती पर उतर सकते हैं. पहले इनके बुधवारको धरती पर लौटने की उम्मीद थी.स्पेसएक्स का ड्रैगन क्राफ्ट यान रविवार को चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचा था. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बीते करीब नौ महीने से अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन पर फंसे हैं. दोनों बीते साल जून में बोइंग के स्टारलाइनर यान सेअंतरिक्ष पहुंचे थे लेकिन स्टारलाइनर यान में तकनीकी खराबी के चलते दोनों वापस नहीं आ सके.एनडीटीवी ने नासा के सेवानिवृत्त अंतरिक्ष यात्री कैडीकोलमैन के हवाले से बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए कोई विशेष ओवरटाइम वेतन नहीं है. ऐसे में अंतरिक्ष यात्री संघीय कर्मचारी है इस स्थिति मेंअंतरिक्ष में उनके समय को पृथ्वी पर किसी भी नियमित कार्य यात्रा की तरह ही माना जाता है. नौ महीनों से फंसी सुनीत विलियम्स और उनके साथीअंतरिक्ष में नौ महीनों से फंसी सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर प्रत्येक को को संभवतः अतिरिक्त मुआवज़े के रूप में सिर्फ़ 1,148 डॉलर (लगभग 1 लाख रुपये) मिलेंगे. हालांकि ये केवल अनुमान है बता दें कि नासा ने हाल के एक बयान में कहा कि तकनीकी रूप से अंतरिक्ष यात्री फंसे नहीं हैं नासाका तर्क है कि वे आई.एस.एस. पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को जीएस-15 वेतन ग्रेडके अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है. इसके अनुसार सामान्य अनुसूची (जीएस) प्रणाली के तहत संघीय कर्मचारियों के लिए उच्चतम स्तर है.तीसरी बारसुनीता विलियम्स 5 जून, 2024 को आठ दिन के लिए अंतरिक्ष में गई थीं लेकिन बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में खराबी की वजह से वह वापसनहीं आ पाईं. वो बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की पहली टेस्ट फ्लाइट भी थी इसके बाद से वह नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी हुई हैं. अब क्रू-10 मिशन के स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद उनके वापस आने का रास्ता साफ हो गया है इस बार वह अपने साथ भगवान गणेश की मूर्ति लेकर गई हैं. भगवान गणेश को मानती है अपना आराध्यअंतरिक्ष में जाने से पहले उन्होंने कहा था कि भगवान गणेश को अपने लिए लकी मानती है इसलिए भगवान गणेश की मूर्ति लेकर जाएंगी. अंतरराष्ट्रीयअंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पिछले 9 महीने से फंसी भारतीय अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके अमेरिकी साथी बुच विल्मोर के इंतजार कीघड़ियां अब खत्म होने वाली है. वे दोनों मंगलवार शाम को धरती पर लौट आएंगे. नासा ने रविवार शाम को कहा कि इन अंतरिक्ष यात्रियों की वापसीमंगलवार को फ्लोरिडा तट पर समुद्र में उतरने का समय शाम 5:57 बजे (भारतीय समयानुसार 19 मार्च की सुबह 3:30 बजे) होगी. इससे पहले यहवापसी बुधवार से पहले होने की उम्मीद नहीं जताई जा रही थी.बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स एक अन्य अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और एक रूसीकॉस्मोनॉट के साथ स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन यान से वापस आएंगे जो रविवार सुबह ISS पर पहुंचा था. विल्मोर और विलियम्स जून 2023 से आईएसएसपर हैं. वे बोइंग स्टारलाइनर यान के पहले मानवयुक्त परीक्षण उड़ान में गए थे लेकिन उसमें तकनीकी खराबी आ गई जिससे वह सुरक्षित वापसी केलिए ठीक नहीं रहा.
बिहार में पांच साल में कितनी बदली सियासत, बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने ली तीन बार शपथ “अबकी बार क्या है बदल सकती है सरकार”

Bihar Assembly Election: बिहार में विधानसभा चुनाव का एलान होने में करीब छह महीने का समय बचा है. इस बीच राज्य में सियासी उथल-पुथल भी जारी है हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में लंबे समय से खाली पड़े मंत्री पदों पर अपनी पार्टी के विधायकों को शपथ दिलाई. पार्टीने इस दौरान जातीय समीकरणों का खास ख्याल रखा. इसके साथ ही सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दलों में चुनाव बाद मुख्यमंत्री कौन बनेगा. इसकोलेकर भी बयानबाजी शुरू हो चुकी है. नीतीश कुमार की सेहत भी अक्सर चर्चा में रहती है हालांकि अगर 2020 के बाद से बिहार की राजनीति को देखेंतो यह काफी उठा पटक वाली रही है. खासकर बिहार की सत्ता में बैठे गठबंधनों में तो लगातार बदलाव देखने को मिले चौंकाने वाली बात यह है किइन बदलावों के बावजूद राज्य में मुख्यमंत्री के पद में कोई बदलाव नहीं हुआ 2020 में नीतीश कुमार की जेडीयू को राज्य की तीन मुख्य पार्टियों मेंसबसे कम सीटें मिलने के बावजूद बीते पांच साल में वही सरकार के मुखिया रहे हैं बिहार में 2020 में हुए विधानसभा चुनाव 28 अक्टूबर 2020 से 7 नवंबर 2020 तक आयोजित किए गए थे. मतगणना 10 नवंबर को कराई गई. यह मुकाबला सत्तासीन एनडीए गठबंधन और महागठबंधन के बीचथा. उस वक्त एनडीए में भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी शामिल थीं जबकि महागठबंधन में राजद वाम दल और कांग्रेस शामिल थीं.243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) को 125 सीटों पर जीत मिली थी. इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोसबसे ज्यादा 74 सीटें हासिल हुई थीं.जबकि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को 43 सीटें मिली थीं. महागठबंधन को मिली थी 110 सीटों पर जीतइसके अलावा विकासशील इंसान पार्टी को 4 सीटें हासिल हुई थीं दूसरी तरफ महागठबंधन को बिहार में 110 सीटों पर जीत मिली थी. इनमें से राजदको सबसे ज्यादा 75 सीटें, कांग्रेस को 19 सीटें, वाम दलों (सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई-एमएल) को 16 सीटें मिली थीं.वहीं अन्य दलों मेंलोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) जो कि अब एनडीए का हिस्सा है. जिसे 1 सीट और एआईएमआईएम को पांच सीटें मिली थीं. बसपा को एक और 1 निर्दलीय प्रत्याशी की भी जीत हुई थी.बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत में सबसे अहम भूमिका भाजपा की रही. इसकेबावजूद पार्टी ने मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा नहीं किया. 43 सीटें होने के बावजूद जदयू का मुख्यमंत्री पद पर दावा बरकरार रहा और नीतीश कुमारने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. हालांकि इस बार कैबिनेट में भाजपा का बोलबाला रहा पार्टी को जदयू से ज्यादा मंत्रीपद मिले. साथ हीउसने दो उपमुख्यमंत्री भी नियुक्त किए.बिहार में एनडीए गठबंधन का सरकार में साथ दो साल से भी कम समय के लिए चला. यह राजनीतिकगठबंधन तब समाप्त हुआ जब नीतीश कुमार ने अगस्त 2022 में भाजपा पर अपनी पार्टी जदयू को तोड़ने और खत्म करने की कोशिश का आरोपलगाया. इसके बाद उन्होंने राजद जेदयू का सिकुड़ता वोटर बेसएक बार फिर नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली बताया जाता है कि नीतीश के एनडीए छोड़ने की मुख्य वजह जदयू का सिकुड़ता वोटर बेसथा. दरअसल 2015 में जदयू को 71 सीटें मिली थीं जो कि 2020 में घटकर 43 पर पहुंच गई थीं. वहीं भाजपा की सीटें 53 से बढ़कर 74 पर पहुंचगई थी. नीतीश की पार्टी के नेताओं का कहना था कि चिराग पासवान और उनकी लोकजनशक्ति पार्टी को जदयू के खिलाफ प्रत्याशी उतारने से नरोककर भाजपा ने ही गठबंधन की अपनी साथी पार्टी की ताकत कम करने का काम किया. जदयू का मानना था कि भाजपा की शह पर लोजपा नेचुनाव में उसके वोट काटे जिसका असर उसकी सीटों पर पड़ा.इसके अलावा नीतीश के दोनों डिप्टी सीएम- रेणू देवी और तारकिशोर प्रसाद को लेकरअसहज महसूस करने की खबरें भी आने लगी थीं. दरअसल लंबे समय तक सुशील मोदी उनके साथ उपमुख्यमंत्री रहे थे और अब भाजपा ने दो नएनेताओं को उनके साथ लगाया था. इतना ही नहीं नीतीश के एनडीए से अलग होने का एक और कारण जदयू के तत्कालीन नेता और राष्ट्रीय अध्यक्षआरसीपी सिंह थे.जो कि केंद्र सरकार में मंत्री थे. अटकलें थीं कि भाजपा उन्हें अपने साथ मिलाकर जदयू को दो हिस्सों में बांटना चाहती थी. ऐसे मेंनीतीश ने अलग राह चुन ली.