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जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, बस और टैक्सी में टक्कर, 4 की मौत, 17 घायल

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार को श्रीनगर-सोनमर्ग रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक बस और टैक्सी की जोरदार टक्कर मेंचार लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना गुंड क्षेत्र में हुई, जहां दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। मृतकों में पर्यटक शामिलदुर्घटना में घायल हुए कुल 21 लोगों में से चार की मौत हो गई, जबकि बाकी 17 घायलों का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, मृतक पर्यटक थेजो मध्य प्रदेश के पंजीकरण नंबर वाली टैक्सी में यात्रा कर रहे थे। प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहा है। सीआरपीएफ कैंप के पास हुआ हादसाब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अर्शीद बाबा ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि टक्कर सीआरपीएफ कैंप के पास हुई। हादसे मेंघायल हुए 21 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से चार की मौत हो चुकी है। दो गंभीर रूप से घायलों को बोन एंड जॉइंट अस्पताल में भर्तीकराया गया है, जबकि आठ को एसकेआईएमएस अस्पताल भेजा गया है। पांच से छह घायलों की हालत स्थिर है। रामबन में लोड कैरियर खाई में गिरा, दो की मौतशनिवार को जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक और दर्दनाक हादसा हुआ। ताजी सब्जियां ले जा रहा एक लोड कैरियर सड़क से फिसलकर गहरीखाई में गिर गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान ड्राइवर अर्शीद अहमद और हेल्पर सेवा सिंह के रूप में हुई है। बचाव अभियान में शव बरामददुर्घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैटरी चश्मा के पास हुई। पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर कई सौ फीट गहरी खाई से शवों कोबरामद किया। राजौरी में वाहन की चपेट में आकर महिला की मौतउधर, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशहरा क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से प्रियंका देवी नामक महिला की मौत हो गई। यह घटनालंबेड़ी गांव में हुई, जहां महिला जम्मू-पुंछ हाईवे पार कर रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन की तलाश शुरू कर दी है।

संभल हिंसा मामला, शाही जामा मस्जिद के सदर एडवोकेट जफर अली गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के मामले में स्थानीय पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने शाही जामा मस्जिद के सदरएडवोकेट जफर अली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें पहले हिरासत में लिया गया और फिरऔपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।हिंसा से पहले जफर अली को दी गई थी जानकारीपुलिस के अनुसार, सर्वे से जुड़ी जानकारी सबसे पहले जफर अली को ही दी गई थी। 19 नवंबर को सर्वे की सूचना और 24 नवंबर को भी सर्वे होनेकी जानकारी सबसे पहले उन्हीं को मिली थी। इसके बाद भीड़ जुटी और सर्वे प्रक्रिया शुरू होने के तुरंत बाद हिंसा भड़क उठी। सांसद जिया उर रहमान बर्क भी आरोपीपुलिस ने बताया कि जिस एफआईआर में संभल से सांसद जिया उर रहमान बर्क आरोपी हैं, उसी केस में जफर अली को गिरफ्तार किया गया है।शाही जामा मस्जिद को लेकर विवाद की पृष्ठभूमिसंभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब एक याचिका में दावा किया गया कि मस्जिद एक प्राचीन हिंदू मंदिर के स्थल परबनाई गई है। इसी विवाद के बीच 24 नवंबर को अदालत के आदेश पर सर्वे किया जा रहा था, जिसके दौरान हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में चारलोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे। मस्जिद में नवीनीकरण कार्य जारीसंभल की शाही जामा मस्जिद में हाल ही में रंगाई-पुताई का काम किया गया है। यह कार्य इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर भारतीय पुरातत्वसर्वेक्षण (ASI) की देखरेख में शुरू किया गया। मस्जिद कमेटी के सचिव मसूद फारूकी ने बताया कि सफेदी और अतिरिक्त लाइटिंग का कामलगभग पूरा हो चुका है। हाईकोर्ट ने एक हफ्ते की समय सीमा दी थी, जिसके भीतर काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। अदालती निर्देशों के तहत कार्यमस्जिद के नवीनीकरण का काम कोर्ट के निर्देश पर शुरू किया गया था। मस्जिद प्रबंधन ने सफेदी, लाइटिंग और सजावटी कार्यों की अनुमति मांगीथी, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इसे मंजूरी दी गई। जांच जारी, पुलिस की सख्ती संभल हिंसा मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू सेजांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस वर्मा के घर से जले हुए नोट बरामद, जांच कमेटी गठित

दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के अंदर की पहली तस्वीरें सामने आ गई हैं, जिनमें जले हुए नोट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन तस्वीरों और रिपोर्ट को अपनी आधिकारिकवेबसाइट पर भी प्रकाशित किया है। जले हुए नोटों की बरामदगी और प्रारंभिक जांचसुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि आग बुझने के बाद जस्टिस वर्मा के घर के एक कमरे में 4-5 अधजली बोरियां मिलीं, जिनमेंभारतीय मुद्रा के अवशेष पाए गए। इस घटना की जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने दी है। जांच के लिए गठित समितिसुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें पंजाब एवं हरियाणाहाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिसअनु शिवरामन शामिल हैं। समिति को जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की गहन जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का बयानदिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने बताया कि जस्टिस वर्मा से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिस कमरे में आग लगी थी, वहां अनुपयोगी घरेलूसामान रखा हुआ था। जस्टिस वर्मा ने यह भी बताया कि घटना के समय वे भोपाल में थे और आग की सूचना उन्हें उनकी बेटी से मिली।चीफ जस्टिस ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि घटना स्थल पर कोई बाहरी व्यक्ति आया था या नहीं। प्रथम दृष्टयामामला संदिग्ध प्रतीत होता है और गहन जांच की आवश्यकता है। पुलिस आयुक्त का बयानदिल्ली पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि आग लगने की सूचना जस्टिस वर्मा के निजी सचिव ने पीसीआर कॉल के माध्यम से दी थी। हालांकि, अग्निशमन सेवा को अलग से सूचना नहीं दी गई थी। सुरक्षा गार्ड के अनुसार, आग लगने के बाद कुछ मलबा और अधजले सामान को कमरे से हटादिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का निर्देश सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को निर्देश दिया कि वे जस्टिस वर्मा से कमरे में मिले नोटों की सफाईऔर उनके स्रोत के बारे में जानकारी प्राप्त करें। साथ ही, पिछले छह महीनों के कॉल रिकॉर्ड और आवास पर तैनात सुरक्षा गार्डों का विवरण भी मांगागया है। जस्टिस वर्मा का पक्षजस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा स्टोर रूममें नकदी नहीं रखी गई थी। उन्होंने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि इस घटना के पीछे उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गहन जांच की मांगप्रारंभिक जांच और बयानों के आधार पर मामला अभी भी संदिग्ध बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मामले की गहराईसे जांच कराने का निर्देश दिया है ताकि सच का पता लगाया जा सके।

RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का समापन,दत्तात्रेय होसबोले ने औरंगजेब, मुस्लिम आरक्षण और बीजेपी अध्यक्ष जैसे मुद्दों पर रखीराय

बेंगलुरु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का समापन 23 मार्च को हो गया। सभा के निष्कर्षों को साझा करतेहुए संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने तीन दिवसीय बैठक के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की और देश के प्रमुखमुद्दों से जुड़े सवालों के भी जवाब दिए। औरंगजेब को आइकन नहीं बना सकतेदत्तात्रेय होसबोले ने औरंगजेब से जुड़े सवाल पर कहा कि जो लोग भारत विरोधी रहे हैं, उन्हें आइकन नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया किगंगा-जमुनी तहजीब की बात करने वाले लोग औरंगजेब के भाई दारा शिकोह को क्यों नहीं याद करते। दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम बदलकरअब्दुल कलाम रोड किया गया, जो एक सकारात्मक कदम है। बीजेपी अध्यक्ष के चयन पर RSS का रुखदत्तात्रेय होसबोले ने स्पष्ट किया कि बीजेपी अध्यक्ष के चयन में संघ की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी संगठन स्वतंत्र हैं और अपनीप्रक्रिया के अनुसार अध्यक्ष का चयन करने के लिए स्वायत्त हैं। जातिगत जनगणना पर संघ का मतसंघ का मानना है कि जाति और बिरादरी के आधार पर समाज में झगड़े नहीं होने चाहिए। होसबोले ने उदाहरण देते हुए कहा कि खेल में पदक जीतनेवाले या सीमा पर शहीद होने वाले सैनिक का धर्म या जाति नहीं देखी जाती। ऐसे उदाहरण सद्भाव और एकता को बढ़ावा देते हैं। बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ पर कड़ा रुखबांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर होसबोले ने कहा कि किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने स्पष्ट कियाकि संघ हमेशा से अवैध घुसपैठ के खिलाफ रहा है और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। मुस्लिम आरक्षण पर संघ का नजरियासंविधान के अनुसार, धार्मिक आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है। दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर भी धर्म आधारित आरक्षणके पक्ष में नहीं थे। यदि कोई सरकार ऐसा करती है, तो वह अंबेडकर की मंशा के खिलाफ काम कर रही है। बीजेपी के कामकाज पर विचार दत्तात्रेय होसबोले ने बीजेपी के कामकाज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा है। संघ का कामसुझाव देना है, लेकिन बीजेपी के कार्यों में हस्तक्षेप करना उसका उद्देश्य नहीं है। संघ ने अपनी अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के माध्यम से स्पष्ट किया कि वह सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी विचारधारा को लेकर दृढ़ है औरदेशहित में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।