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दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने टैंकर सेवा पर प्रतिक्रिया दी, सौरभ भारद्वाज पर किया हमला

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में पेयजल आपूर्ति की स्थिति में हाल ही में सुधार आया है, लेकिन गर्मी केमौसम के मद्देनजर टैंकर सेवा की आवश्यकता अब भी बनी हुई है। उन्होंने पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा किआम आदमी पार्टी द्वारा भारद्वाज को दिल्ली का संयोजक बनाए जाने के बाद वह सिर्फ बयानी बनकर रह गए हैं और अब दिल्ली के मुद्दों को उठाने मेंपूरी तरह से नाकाम हैं। सौरभ भारद्वाज की निंदा करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा: सचदेवा ने कहा, “चुनाव हारने के बाद सौरभ भारद्वाज ने खुद को बेरोजगार नेता घोषित करदिया था, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने उन्हें संयोजक बना दिया और वह अब केवल बयानबाजी कर रहे हैं। आज उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा 1111 जी.पी.एस. युक्त वाटर टैंकरों को लेकर भी निंदा की है।” पेयजल आपूर्ति में सुधार, टैंकर सेवा का महत्व: श्री सचदेवा ने बताया कि मुख्यमंत्री और जल मंत्री के प्रयासों से दिल्ली में पेयजल आपूर्ति की स्थितिमें पिछले दो महीनों में सुधार हुआ है। हालांकि, गर्मी के मौसम के कारण इस बार प्लानिंग का समय नहीं मिल पाया, इसलिए इस वर्ष टैंकरों काउपयोग करना जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाए। जी.पी.एस. लगे टैंकरों का महत्वदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि चालू जी.पी.एस. युक्त वाटर टैंकर दिल्ली के दूर-दराज़ इलाकों में पानी की गंभीर कमी का समाधान करेंगे। इनटैंकरों से पानी माफिया और जल बोर्ड के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। सौरभ भारद्वाज के दावों पर सवाल उठाए: श्री सचदेवा ने सौरभ भारद्वाज के दावे पर भी सवाल उठाया कि उनकी सरकार के समय भी टैंकरों मेंजी.पी.एस. लगे थे। उन्होंने कहा, “अगर उनके समय में जी.पी.एस. काम कर रहे थे, तो फिर टैंकरों और पानी की कालाबाजारी कैसे हो रही थी?”

दिल्ली बीजेपी की ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बैठक में प्रमुख नेताओं की उपस्थिति, आगे की रणनीतियों पर चर्चा

नई दिल्ली: दिल्ली बीजेपी ने शनिवार को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (O.N.O.E.) पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें राष्ट्रीय महासचिवश्री सुनील बंसल ने पार्टी नेताओं के साथ आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा कीउपस्थिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता और O.N.O.E. टीम के सदस्य शामिल हुए। बैठक में शामिल प्रमुख नेताओं ने दी अपनी प्रतिक्रियाबैठक में दिल्ली बीजेपी संगठन के महासचिव श्री पवन राणा, सांसद श्री योगेंद्र चंदोलिया और श्रीमती कमलजीत सेहरावत, दिल्ली सरकार के मंत्री श्रीपंकज सिंह और श्री इंदरराज सिंह, पूर्व अध्यक्ष और विधायक श्री सतिश उपाध्याय, महासचिव श्री विष्णु मित्तल और O.N.O.E. के संयोजकविधायक श्री गजेन्द्र यादव तथा सह-संयोजक विधायक श्री अशोक गोयल और श्री योगेंद्र भी मौजूद थे। इस बैठक में पार्टी नेताओं ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के क्रियान्वयन के उद्देश्य और इसकी योजना पर गहन विचार-विमर्श किया। खासतौर पर, भारतीय जनता पार्टी इस प्रस्ताव के समर्थन में है, ताकि देश में चुनावों का समय तय किया जा सके और राजनीतिक स्थिरता बनी रहे। पार्टी ने बतायाकि इसके लिए दिल्ली में सभी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को एक ही साथ कराना एक सकारात्मक कदम हो सकता है, जिससे चुनावी खर्च मेंभी कमी आएगी और सरकारी संसाधनों का समुचित उपयोग होगा। श्री सुनील बंसल ने दी दिशा-निर्देशबैठक में राष्ट्रीय महासचिव श्री सुनील बंसल ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की प्रक्रिया को लेकर पार्टी के नेताओं को दिशा-निर्देश दिए और इसे लागूकरने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी नेताओं से इस मुद्दे पर अपनी राय देने के साथ ही इसे दिल्ली में लागू करनेके तरीके पर भी विचार किया। इसके अलावा, दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने इस दिशा में अपनी आगामी योजनाओं का भी खाका तैयार किया, ताकि पार्टी के दृष्टिकोण को राष्ट्रीयस्तर पर मजबूती से रखा जा सके। आगे की योजनाबैठक के दौरान, O.N.O.E. के संयोजक और सह-संयोजक ने इस प्रस्ताव को लेकर दिल्ली में विभिन्न स्तरों पर लोगों से संवाद स्थापित करने कीयोजना बनाई। पार्टी ने यह भी बताया कि इसे लेकर सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे इसे हर वर्ग तक पहुंचा सकें औरआम जनता को इसके लाभ समझा सकें। दिल्ली बीजेपी के इस कदम को लेकर कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं, लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से देश मेंचुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और इससे चुनावी खर्चों में भी कमी आएगी, जो वर्तमान समय में बढ़ते जा रहे हैं।

मुस्तफाबाद इमारत हादसा, “आप” सरकार का दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का आग्रह, मुआवजे की मांग

नई दिल्ली: दिल्ली के मुस्तफाबाद में शनिवार को दयालपुर क्षेत्र में एक चार मंजिला इमारत के गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद, दिल्ली नगरनिगम की “आप” सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली नगर निगम के मेयर महेश कुमार खिंची ने रविवार कोनिगमायुक्त को पत्र लिखकर तुरंत दोषी अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। मेयर ने कहा कि उन्होंने शनिवार को ही निगमायुक्त को यह निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्णबताते हुए पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया। आप नेता आदिल खान ने की मुआवजे की मांग“आप” के नेता आदिल खान ने भी इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिल्ली सरकार से मृतक परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की मांगकी। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा पेश किया गया एक लाख करोड़ रुपये का बजट गरीबों और पीड़ितों के लिए नहीं है, क्योंकि सरकार उनके लिएमुआवजा देने के लिए पैसे नहीं रखती। आदिल खान ने मांग की कि दिल्ली सरकार को इस हादसे में मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये औरघायलों को 5 लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए। घटना का विवरण और राहत कार्यमहेश कुमार खिंची ने बताया कि शनिवार को वे खुद घटना स्थल पर गए थे और उन्होंने वहां चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। रेस्क्यू ऑपरेशनटीम और अधिकारियों को मलबे में दबे लोगों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने का निर्देश दिया गया था। हादसे में करीब 22 लोग मलबे में दबगए थे, जिनमें से 11 की मृत्यु हो गई और 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घोषणा पर सवाल उठाए, दिल्ली सरकार पर निशानाआदिल खान ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रियों ने इस दुखद घटना के बाद कोई मुआवजा कीघोषणा नहीं की है, जो कि पूरी तरह से निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा और दिल्ली सरकार की गरीब विरोधी मानसिकता को दर्शाता है, जोअब तक पीड़ित परिवारों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती।

कांग्रेस का संगठनात्मक अभियान, संविधान बचाओ रैलियां और विपक्षी एकता की दिशा में कदम

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिवों, प्रभारियों और फ्रंटलसंगठनों के अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पार्टी की आगामी रणनीतियों पर चर्चा की गई, जिसमें ‘संविधान बचाओ’ अभियानऔर संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। ‘संविधान बचाओ’ रैलियां और अभियान की शुरुआतबैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं से देश के ज्वलंत मुद्दों को उठाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से आगामी विधानसभा चुनावों के लिएपार्टी की तैयारियों को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही, पार्टी ने देशभर में ‘संविधान बचाओ’ रैलियां आयोजित करने कानिर्णय लिया है। 25 से 30 अप्रैल तक हर राज्य में ‘संविधान बचाओ’ रैलियां आयोजित की जाएंगी, और 3 से 10 मई तक जिला स्तर पर और 11 से17 मई तक विधानसभा स्तर पर रैलियां होंगी। इसके बाद, 20 से 30 मई तक ‘संविधान बचाओ’ अभियान घर-घर चलाया जाएगा। इस अभियानका उद्देश्य लोगों तक अहमदाबाद अधिवेशन में पारित प्रस्तावों, विशेष रूप से सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय के संदेश को पहुंचाना है। कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती और ‘संविधान बचाओ’ रैली का उद्देश्यकांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक में अहमदाबाद में पारित ‘न्याय पथ: संकल्प, समर्पण, संघर्ष’ प्रस्ताव पर चर्चा की। इस प्रस्ताव के तहत कांग्रेस पार्टी कीप्राथमिकता जिला संगठन को मजबूत करना है। राहुल गांधी ने गुजरात में ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य जिला अध्यक्षोंको मजबूत करना और उन्हें अधिक अधिकार और ताकत देना है। इसके अंतर्गत, प्रत्येक जिले में पांच पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे और 31 मई तक नएजिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। इस संगठनात्मक अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में भी समान प्रयास किए जाएंगे। भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेस का रुखबैठक में नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही कार्रवाई पर भी चर्चा की गई।मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे मोदी सरकार द्वारा बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया। जयराम रमेश ने कहा कि यह मामला पूरी तरह सेराजनीतिक है, जिसमें कांग्रेस नेतृत्व को उत्पीड़न, धमकी और डराने की राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ईडीका दुरुपयोग करके कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के संविधान बचाओ अभियान को विपक्ष का समर्थनजयराम रमेश ने आगे बताया कि कांग्रेस और विपक्ष के अन्य दलों ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मिलकर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इसबिल पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा महत्वपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं, जो विपक्ष की विजय की ओर इशारा करती हैं। इस संदर्भ में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलोंके प्रयासों को समर्थन देने के लिए अब पार्टी द्वारा विभिन्न रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

असम: पत्नी की हत्या कर कटा सिर लेकर थाने पहुंचा व्यक्ति, पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण

असम के चिरांग ज़िले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की हत्याकर दी। आरोपी ने पत्नी का सिर काटकर साइकिल की टोकरी में रखा और खुद पुलिस चौकी जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। धारदार हथियार से की निर्मम हत्यायह घटना चिरांग जिले के उत्तर बल्लामगुड़ी गांव की है। आरोपी बितीश हाजोंग ने धारदार हथियार से अपनी पत्नी बैजंती की हत्या की। उसने कटे हुएसिर को साइकिल की स्टोरेज बास्केट में रखकर बल्लामगुड़ी पुलिस चौकी पहुंच आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी पेशे से दिहाड़ीमजदूर है। हर दिन होते थे झगड़ेपड़ोसियों के अनुसार, दंपति के बीच रोजाना किसी न किसी बात को लेकर झगड़े होते रहते थे। शनिवार की रात भी ऐसी ही बहस के बाद यहखौफनाक वारदात हुई। हाजोंग काम से लौटने के बाद किसी बात पर गुस्से में आ गया और यह वीभत्स कदम उठा लिया। पुलिस जांच में जुटीपुलिस अधिकारी रश्मिरेखा सरमा ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ जारी है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिएभेज दिया गया है, वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछेकी वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।

छतरपुर: बुजुर्ग को डॉक्टर ने अस्पताल से घसीटकर निकाला, वीडियो वायरल, लोगों में आक्रोश

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक डॉक्टर को 77 साल के बुजुर्ग को अस्पताल से घसीटते हुए बाहर निकालते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग अपनी पत्नीके इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। वीडियो सामने आते ही डॉक्टर हुआ फरारघटना का वीडियो अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों ने रिकॉर्ड किया, जिसके बाद डॉक्टर वहां से भाग निकला। वीडियो में साफ देखा जा सकता है किकिस तरह से बुजुर्ग के साथ अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार किया गया। लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाईकी मांग की है। स्थानीय लोगों में नाराजगीवीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा देखा गया। उनका कहना है कि मरीजों, खासतौर पर बुजुर्गों के साथ ऐसा बर्ताव बेहदशर्मनाक है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। लोगों का कहना है कि सिर्फ समझाइश देने से कुछ नहीं होगा, दोषी डॉक्टर परकड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सिविल सर्जन का बयानमीडिया द्वारा पूछे जाने पर सिविल सर्जन जीएल अहिरवार ने बताया कि डॉक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि बुजुर्गों और जरूरतमंदों को प्राथमिकता केआधार पर देखा जाए। हालांकि, इस बयान से लोगों की नाराजगी शांत नहीं हुई है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब सख्त कदम उठाने का समय है। अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालइस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था और संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। मरीजों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहारके लगातार सामने आ रहे मामलों से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बिहार चुनाव 2025, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का जेडीयू-बीजेपी पर तीखा हमला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रविवार (20 अप्रैल, 2025) को बिहार के बक्सर पहुंचे, जहां उन्होंने ‘जय बापू, जय भीम और जय संविधान’ रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीशकुमार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। ‘नीतीश-बीजेपी का गठबंधन है स्वार्थ आधारित’रैली के दौरान खरगे ने जेडीयू और बीजेपी के गठबंधन को पूरी तरह अवसरवादी बताया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार सत्ता के लिए किसी के साथ भीहाथ मिला लेते हैं। उन्होंने उस विचारधारा का साथ दिया, जो महात्मा गांधी की हत्या की जिम्मेदार है।” ‘1.25 लाख करोड़ के पैकेज का क्या हुआ?’खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2015 में घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह वादा आजतक अधूरा है और जनता को इसके बारे में जवाब मांगना चाहिए। “प्रधानमंत्री झूठे वादों की फैक्ट्री चला रहे हैं,” खरगे ने कहा। ईडी की कार्रवाई पर भी बोले खरगेनेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर खरगे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यहकार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को डराया नहीं जा सकता। हमारे नेता संघर्ष और बलिदान की मिसाल हैं – चाहे वो इंदिरा गांधी हों या राजीव गांधी।” ‘आरएसएस-बीजेपी समाज को बांटने में विश्वास रखते हैं’खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर समाज को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित करने का आरोपलगाया। उन्होंने दावा किया कि ये संगठन समाज के कमजोर वर्गों के हित में काम नहीं करते। साथ ही वक्फ कानून को लेकर कहा कि यह बीजेपीऔर आरएसएस की ओर से समुदायों के बीच फूट डालने की कोशिश है। कांग्रेस ने जनता से किया आह्वानअपने भाषण के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार की जनता से अपील की कि इस बार के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) कोसत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएं और एक न्यायप्रिय, समावेशी सरकार को समर्थन दें।

जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश और बादल फटने से तबाही

रामबन में तीन लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्तजम्मू-कश्मीर में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। रविवार सुबह रामबन जिले में बादल फटने कीघटना में तीन लोगों की जान चली गई। भारी बारिश से जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे आम लोगों को गंभीर कठिनाइयोंका सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, भूस्खलन ने हालात और भी भयावह बना दिए हैं। त्रासदी का खौफनाक मंजरजम्मू से कश्मीर की ओर यात्रा कर रहे सुनील कुमार और उनके 15 साथियों ने इस दर्दनाक घटना को अपनी आंखों से देखा। उन्होंने News18 से बातकरते हुए बताया कि किस तरह रात के अंधेरे में उन्होंने जिस होटल में शरण ली थी, वह इस तबाही का केंद्र बन गया। उस स्थान पर सड़क से लगभग25 फुट ऊपर की ज़मीन मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी थी। इस मलबे में कई घर, दुकानें और होटल समा गए। बताया जा रहा है कि जिस स्थानपर यह दृश्य रिकॉर्ड किया गया, वहां नीचे करीब 15 से अधिक गाड़ियां दबी हुई हैं। NH-44 पर फंसे यात्रियों की मदद में सेना उतरी मैदान मेंरामबन के पास राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर भूस्खलन और बारिश की वजह से सैकड़ों यात्री फंस गए थे। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिलथे। जब स्थिति बिगड़ती गई और यात्री भोजन, पानी व प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझने लगे, तब भारतीय सेना ने मानवीयसहायता प्रदान करते हुए राहत कार्य शुरू किया। सेना की तत्परता बनी संकट में सहाराजैसे ही सेना को फंसे यात्रियों की सूचना मिली, इलाके में तैनात सैन्य टुकड़ियों ने तुरंत राहत अभियान शुरू कर दिया। सेना ने यात्रियों को खाने केपैकेट, पीने का पानी और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा जवानों ने सड़क से मलबा हटाने में भी मदद की और स्थानीयप्रशासन के साथ मिलकर यातायात बहाल करने के प्रयासों में सहयोग किया।बारिश अभी भी जारी, हालात गंभीरक्षेत्र में भारी बारिश का सिलसिला जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें औरअनावश्यक यात्रा से बचें।

निशिकांत दुबे का कुरैशी पर हमला, “आप चुनाव नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी पर निशाना साधा। कुरैशी द्वारा वक्फ कानून की आलोचना करनेपर दुबे ने उन्हें जमकर लताड़ा। ये हमला उस समय हुआ जब पहले से ही सुप्रीम कोर्ट को लेकर दिए गए दुबे के बयान पर देशभर में सियासी हलचलमची हुई है। विपक्षी दलों ने उनके बयान की कड़ी निंदा की है, वहीं बीजेपी ने खुद को इस बयान से अलग बताया है।आप चुनाव नहीं, मुस्लिम आयुक्त थेदुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कुरैशी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा, “आप चुनाव आयुक्त नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे।आपके कार्यकाल में झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में सबसे ज़्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता बनाया गया।” उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ जोड़तेहुए कहा कि पैगंबर मुहम्मद साहब का इस्लाम भारत में 712 में आया था, उससे पहले यह भूमि हिंदू, आदिवासी, जैन या बौद्ध समुदाय की थी।उन्होंने अपने गांव विक्रमशिला का उल्लेख करते हुए लिखा कि बख्तियार खिलजी ने 1189 में विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था। “इस देश को जोड़ो, तोड़ो नहीं” – दुबेनिशिकांत दुबे ने आगे लिखा कि भारत को जोड़ने की जरूरत है, इतिहास को समझने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया कि क्या फिर से देश काबंटवारा होगा? कुरैशी ने क्या कहा था?एसवाई कुरैशी ने हाल ही में वक्फ कानून की आलोचना करते हुए इसे मुसलमानों की जमीनों को हड़पने की साजिश बताया। उन्होंने यह भी कहा किउन्हें उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट इस पर जरूर सवाल उठाएगा।सुप्रीम कोर्ट पर निशाना, फिर बढ़ा विवादइससे पहले निशिकांत दुबे ने एक बयान में कहा था कि देश में धार्मिक संघर्षों के लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अगर हर मुद्दे परसुप्रीम कोर्ट फैसला करेगा, तो संसद और विधानसभाओं का क्या काम है? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और विशेष रूप से सीजेआई संजीव खन्ना पर आरोपलगाया कि देश में हो रहे गृह युद्धों के लिए वही जिम्मेदार हैं। बीजेपी ने लिया पल्ला झाड़बयान पर विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि यह सांसदों के निजी विचार हैं और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। AAP का पलटवारAAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी ने स्वीकार किया था, यहां तक कि मुसलमानों ने भी। लेकिनबीजेपी सांसदों के बयानों से यह स्पष्ट है कि वे सुप्रीम कोर्ट का सम्मान नहीं करते और संविधान की मर्यादा को ताक पर रख रहे हैं।