Skip to main content

NEWS अब तक

सरकार की तरफ से दिए गए निर्देश,श्री नगर के लिए न बढ़ाया जाए किराया “एयरलाइंस को सख्त निर्देश”

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार सुरक्षा और पीड़ित पर्यटकों की मदद के लिए अलर्ट मोड पर है. इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय नेएयरलाइंस को श्रीनगर हवाई मार्ग पर किराया न बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. वहीं इंडिगो और एयर इंडिया ने श्रीनगर से मुंबई और दिल्ली के लिए चारअतिरिक्त उड़ाने संचालित करने का एलान किया है. इसके साथ ही एयरलाइंस ने टिकट रिशेड्यूलिंग और टिकट कैंसिलेशन चार्ज भी माफ कर दियाहै. पहलगाम में आतंकी हमले के बाद दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ आपात बैठक की. इसदौरान उन्होंने सभी एयरलाइंस को श्रीनगर मार्ग पर हवाई किराये में इजाफा न करने के सख्त निर्देश दिए. एयरलाइंस को नियमित किराया बनाए रखनेका निर्देश दिया गया है ताकि इस मुश्किल समय में किसी भी यात्री पर बोझ न पड़े.इसके अलावा तत्काल राहत उपायों के तहत श्रीनगर से चार विशेषउड़ानें दो दिल्ली और दो मुंबई के लिए चलाने का एलान किया गया है. साथ ही कई अतिरिक्त उड़ानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है. नागरिक उड्डयनमंत्री ने सभी एयरलाइनों को राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाते हुए मृतकों को उनके संबंधित गृह राज्यों में ले जाने केलिए पूर्ण सहयोग देने का भी निर्देश दिया है. मंत्रालय ने जारी किया हाई अलर्टमंत्रालय हाई अलर्ट पर है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडूने कहा कि दुखद आतंकी हमले के मद्देनजर हम श्रीनगर से पर्यटकों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. एयरलाइनकंपनियों को किराये में बढ़ोतरी से बचने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं किराये पर नजर रखी जा रही है और उन्हें उचित स्तर पर रखा जा रहाहै.अकासा एयर ने कहा कि जो यात्री अपनी बुकिंग रद्द करना चाहते हैं उन्हें 23 से 29 अप्रैल के बीच श्रीनगर जाने वाली सभी उड़ानों के लिए बिनाकिसी अतिरिक्त शुल्क के पूरा रिफंड दिया जाएगा. ग्राहक अपनी मूल तिथि से 7 दिनों के भीतर यात्रा के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनापहला शेड्यूल बदल सकते हैं जिसमें जुर्माना या किराये के अंतर की छूट भी शामिल है. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि पहलगाम में मौजूदा स्थितिको देखते हुए वह श्रीनगर से आने-जाने वाले अपने यात्रियों का सहयोग कर रही है. एयरलाइन ने कहा कि 30 अप्रैल 2025 तक श्रीनगर से या श्रीनगरके लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में यात्रा करने के लिए बुक किए गए टिकटों की तिथि परिवर्तन शुल्क और किराये के अंतर की पूरी छूट केसाथ अपनी यात्रा को रिशेड्यूल करने की सुविधा दी जा रही है. यात्री अपनी बुकिंग रद्द करने और पूर्ण धनवापसी प्राप्त करने का विकल्प भी चुनसकते हैं.

जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में गई 26 लोगों की जान 17 लोग घायल, सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किए तीन आतंकवादियों केस्कैच

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार दोपहर को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए हैं और 17 लोग घायल हैं. सुरक्षाएजेंसियों ने तीन आतंकियों के स्कैच जारी किए हैं. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ की जम्मू कश्मीर मेंसक्रिय प्रॉक्सी विंग ‘द रजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली है. जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के विश्वस्त सूत्रों का कहना है. भले ही घाटी में आतंकीसंगठनों को दहशतगर्दों की संख्या बढ़ाने के लिए नई भर्ती का अवसर नहीं मिल रहा. लेकिन वहां मौजूद विदेशी एवं लोकल आतंकियों ने बड़ी संख्यामें अपने ‘स्लीपर सेल’ तैयार कर लिए हैं. ये सेल आतंकियों को सैन्य मूवमेंट की जानकारी मुहैया कराते हैं. पहलगाम सहित जम्मू कश्मीर के अधिकांशइलाकों में चाय बेचने वाले पंक्चर लगाने वाले, ढाबा संचालक और ‘खच्चर-घोड़े व पोटर्स दिखाई पड़ते हैं. कहीं न कहीं इन्हें संदेह के दायरे से दूररखना इंटेलिजेंस चूक बन रहा है. इन्हीं में ही आतंकियों के ‘स्लीपर सेल’ शामिल रहते हैं. लिहाजा ये लोग स्थानीय होते हैं. आतंकियों को कहीं न कहीं मिल रहा लोकर सपोर्टऐसे में सुरक्षा बल भी इन पर ज्यादा शक नहीं करते हैं.जम्मू कश्मीर के सुरक्षा से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर (रिटायर्ड) कहते हैं. इसबात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि घाटी और दूसरे क्षेत्रों में आतंकियों के ‘स्लीपर सेल’ मौजूद हैं. उन्हें कहीं न कहीं बड़े स्तर पर लोकल स्पोर्टमिल रही है. चाय बेचने वाले पंक्चर मेकेनिक, ढाबा संचालक और ‘खच्चर-घोड़े व पोटर्स वाले पहले भी शक के दायरे में रहे हैं. लेकिन ये सब स्थानीयहोते हैं इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इनके साथ ज्यादा सख्ती से पेश नहीं आती. इनकी मौजूदगी हर इलाके में रहती है. घने जंगल में भी ये लोग रहते हैंअनंतनाग से पहलगाम की ओर मुख्य सड़क के आसपास ऐसी बहुत सी जगहें हैं. जहां पर्यटकों के छोटे-छोटे समूह प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने केलिए पैदल यात्रा करते हैं. यहां तक पहुंचने के लिए घोड़ों एवं खच्चरों की भी मदद ली जाती है इस कड़ी में ढाबा व चाय वाले भी मिल जाते हैं.हमले के दौरान नहीं हुआ कोई क्रोस फायरसुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने पहलगाम में जिस जगह पर हमला किया है. उसकी संरचना के बारे में निश्चित रूप से आतंकियोंके पास सभी तरह की जानकारी थी आतंकियों को सुरक्षा बलों एवं लोकल पुलिस की मूवमेंट के बारे भी पुख्ता सूचना रही होगी. उन्हें पुलिस गश्त कीटाइमिंग का भी पता होगा. आतंकियों को यह जानकारी भी रही होगी कि बैसरन घाटी में गश्त का शेड्यूल क्या रहता है जिस वक्त हमला हुआ वहांपर सुरक्षा बलों की मौजूदगी नहीं थी. हमले के दौरान कोई क्रॉस फायर भी नहीं हुआ. घास के मैदानों में भी खाने-पीने की दुकानें हैं वहां स्थानीय लोगोंद्वारा काम धंधा किया जाता है. इन ढाबों के आसपास कई पर्यटक मारे गए हैं बताया जा रहा है कि कोई ढाबा संचालक और वहां काम करने वाले, आतंकियों का निशाना नहीं बनें. हमले के काफी देर बाद सुरक्षा बल वहां पहुंचे थे तब तक सभी आतंकी जंगलों की तरफ भाग चुके थे.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी ने रद्द की सऊदी अरब की यात्रा,तत्काल की भारत वापसी

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़ दी .उन्होंने तत्काल भारतवापसी की. भारत वापसी के दौरान पीएम मोदी के विमान का मार्ग बदल दिया गया यह विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा. विमानअरब सागर के ऊपर भारतीय प्रायद्वीप से गुजरात के रास्ते दिल्ली पहुंचा. जबकि सऊदी अरब जाते वक्त विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब गए थे मंगलवार को पहलगाम में आतंकी हमले की सूचना मिलने के बाद पीएम मोदी ने दुखजताया. इसके बाद दौरा बीच में छोड़कर उन्होंने भारत वापसी की. पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत के बाद रात्रि भोजमें हिस्सा नहीं लिया. पीएम मोदी ने की बैठकप्रधानमंत्री आधी रात के बाद करीब दो बजे भारत के लिए रवाना हुए. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पीएम मोदी खाड़ी देश की दो दिवसीययात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को स्वदेश लौटने वाले थे.पीएम नरेंद्र मोदी का विमान जब स्वदेश लौट रहा था तो उसने रास्ता बदल लिया. फ्लाइटट्रैकिंग वेबसाइट के मुताबिक प्रधानमंत्री के भारतीय वायुसेना के बोइंग 777-300 विमान ने मंगलवार सुबह रियाद जाते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्रको पार किया था. लेकिन वापस आते समय बड़ा चक्कर लगाया. वापसी में यह अरब सागर के ऊपर से सीधा उड़ान भरकर भारतीय प्रायद्वीप को पारकरता हुआ गुजरात से प्रवेश करता हुआ वापस दिल्ली पहुंचा. इस मार्ग से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से बचा गया माना जा रहा है कि आतंकी हमले केबाद सुरक्षा के लिहाज से विमान का मार्ग बदला गया. नई दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर विमान उतरने के बाद पीएम मोदी ने विदेश मंत्री एसजयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की. इससे पहले पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर जरूरीकदम उठाने और कश्मीर पहुंचाने के निर्देश दिए.पीएम मोदी ने पहलगाम हमले को लेकर सोशल मीडिया पर किया पोस्टपीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में लिखा मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. जिन लोगों ने अपनेप्रियजनों को खो दिया है उनके प्रति मेरी संवेदनाएं मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं. प्रभावित लोगों को हर संभवसहायता प्रदान की जा रही है. इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. उनका नापाकएजेंडा कभी सफल नहीं होगा आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा.जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवारको आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी. सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम कीबायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी. 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं जबकिदो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं.

भारत के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली ने जताया आतंकी हमले पर शोक,पाकिस्तान से खेल संबंध समाप्त करने कीमांग

भारतीय खेल जगत ने भी पहलगाम आतंकी हमले पर शोक जताया है. वहीं भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने पाकिस्तान के साथ खेलसंबंध पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है. मंगलवार को हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है जिसमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. यह2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला है. पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन चीड़ के पेड़ों के घनेजंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश व दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है. पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधितआतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है.भारतीय टीम के पूर्वबल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ने भी इस हमले पर दुख जताया और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी है. सचिन ने लिखा पीड़ित परिवारअकल्पनीय कष्ट से गुजर रहे होंगे. भारत और दुनिया भर में लोग इस कठिन समय में उनके साथ हैं. हम इस हमले में जान गंवाने वाले लोगों कोश्रद्धांजलि देते हैं और न्याय की प्रार्थन करते हैं.IPL 2025 में हिस्सा ले रहे विराट कोहलीआईपीएल 2025 में हिस्सा ले रहे दिग्गज भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने इंस्टाग्राम पर लिखा पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना. जिन परिवारके लोगों ने इस कायरतापूर्ण हमले में अपनी जान गंवाई है. उनके लिए प्रार्थना करता हूं और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले ऐसीप्रार्थना करता हूं. इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान के साथ सभी प्रकार के खेल संबंधसमाप्त करने की मांग कर डाली है. गोस्वामी ने लिखा इसलिए मैं कहता हूं कि आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलें. ना सिर्फ अभी, बल्कि कभीनहीं. जब बीसीसीआई या सरकार ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम को पाकिस्तान भेजने से इन्कार किया था तो कुछ लोगों ने कहा था कि खेलको राजनीति से ऊपर रखना चाहिए कि निर्दोष भारतीयों की हत्या करना पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बना गया है और भारत को जीरो टोलेरेंस के तहतजवाब देना चाहिए ना कि बल्ले और गेंद से.मालूम हो कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2012-13 से ही द्विपक्षीय सीरीज बंद है.गोस्वामी ने किया था पहलगाम का दौराबीसीसीआई ने फरवरी-मार्च में हुए चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत की टीम भेजने से मना कर दिया था और भारतीय टीम ने फाइनल सहित अपने सभीमैच दुबई में खेले थे. गोस्वामी ने हाल ही में पहलगाम का दौरा किया था गोस्वामी ने कहा कि उन्होंने घाटी में आशा और शांति लौटती हुई महसूस कीथी. गोस्वामी ने कहा और अब फिर खूनखराबा हुआ. यह आपके अंदर कुछ तोड़ देता है. यह आपको यह सवाल करने पर मजबूर करता है कि हमसेऔर कितनी बार यह अपेक्षा की जाएगी कि हम चुप रहें. खेलते रहें. जबकि हमारे लोग मर रहे हैं। अब और नहीं। इस बार बिल्कुल नहीं.

रुस यूक्रेन संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका समेत कई देश कर रहे प्रयास,रक्षा प्रमुख शांति समझौते को लेकर करेंगें बैठक

रूस-यूक्रेन संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका समेत कई देश प्रयास कर रहे हैं. लंदन में ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोपीय देशों और यूक्रेन के राजनयिक और रक्षाप्रमुख शांति समझौते को लेकर बैठक करेंगे. ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि विदेश मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में युद्धविराम कैसा हो सकता है और दीर्घ अवधि में शांति कैसे सुनिश्चित की जा सकती है इस पर चर्चा होगी. बैठक में यूक्रेन और रूस के लिए राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप के दूत सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग भी शामिल होंगे. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि पेरिस वार्ता में शामिल होने वालेविदेश मंत्री मार्को रुबियो शेड्यूल संबंधी समस्या के कारण बैठक में नहीं आ पाएंगे. ब्रिटेन ने कहा कि रूस द्वारा अपने पड़ोसी पर पूर्ण पैमाने परआक्रमण के बाद से तीन साल से अधिक समय से चल रही लड़ाई को रोकने के लिए राजनयिक प्रयासों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है.ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि वार्ता अपने चरम पर पहुंच रही है और अगर दोनों पक्षों में से कोई भी शांति की ओर नहीं बढ़ता है तो अमेरिका इसेछोड़ सकता है. पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के इस सप्ताह फिर से मास्कोआने की उम्मीद है. शांति वार्ता को समाप्त करने की जल्दी नहींपश्चिमी विश्लेषकों का कहना है कि रूस शांति वार्ता को समाप्त करने की जल्दी में नहीं है क्योंकि उसके पास युद्ध के मैदान की गति है और वह अधिकयूक्रेनी भूमि पर कब्जा करना चाहता है. यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के प्रवक्ता डेव पेरेस ने कहा कि गेंद रूस के पाले में है. अब समय आ गया है किरूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिखाएं कि वह शांति के बारे में गंभीर हैं. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि ब्रिटेन जाने वाले यूक्रेनके प्रतिनिधिमंडल को रूस के साथ केवल बिना शर्त या आंशिक युद्धविराम पर चर्चा करने का अधिकार है. युद्धविराम के बाद हम किसी भी प्रारूप मेंबातचीत के लिए बैठने के लिए तैयार हैं. वहीं क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने चेतावनी दी कि समझौते का मुद्दा इतना जटिल है कि इस पर कुछसख्त सीमाएं लगाना और किसी समझौते के लिए छोटी समय-सीमा निर्धारित करने का प्रयास करना गलत होगा.पिछले दिनों रूस और यूक्रेन केप्रतिनिधिमंडलों ने सऊदी अरब में अमेरिकी अधिकारियों के साथ अलग-अलग वार्ता की है. रूस ने दूरगामी शर्तें लगाकर लड़ाई में तत्काल और पूरे 30 दिन की रोक के अमेरिकी प्रस्ताव को प्रभावी रूप से खारिज कर दिया है. पुतिन ने शनिवार को 30 घंटे के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की लेकिनयूक्रेन और ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा कि कथित रोक के दौरान रूसी हमले जारी रहे.