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जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, पाकिस्तानी इंटेलिजेंस से जुड़े होने की आशंका

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के संपर्कों में रहे लोगों से भी पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है. हिसार पुलिस के इनपुट परओडिशा के पुरी में यू-ट्यूबर प्रियंका सेनापति से शनिवार को पूछताछ की गई. बताया जा रहा है कि प्रियंका ज्योति की सहेली है और वह भीपाकिस्तान जा चुकी है. ओडिशा पुलिस ने प्रियंका और ज्योति के बीच कथित संबंधों की जांच शुरू कर दी है. इसके अलावा ज्योति के संपर्क में रहेकुरुक्षेत्र निवासी हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) के एक कर्मचारी से हिसार सीआईए ने पूछताछ की. एचएसजीएमसीकर्मचारी को करीब 10-12 घंटे पूछताछ के बाद रविवार दोपहर छोड़ दिया गया. ज्योति पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) से जुड़े कईलोगों के संपर्क में थी. पाकिस्तानी दूतावास में आयोजित इफ्तार पार्टी में हुई थी शामिलज्योति पाकिस्तानी दूतावास में आयोजित इफ्तार पार्टी में भी शामिल हुई. इस पार्टी का वीडियो उसने अपने चैनल पर अपलोड किया था. वीडियो मेंज्योति दानिश और उसकी पत्नी के साथ बात करती दिख रही है. भारत सरकार ने इसी दानिश को गत 13 मई को जासूसी के आरोप में वापसपाकिस्तान भेज दिया था पहलगाम हमले से पहले वह पाकिस्तान और चीन गई थी. बार-बार पाकिस्तान जाने, वहां की इंटेलिजेंस से जुड़े लोगों सेमिलने के कारण ज्योति एजेंसियों के रडार पर थी. इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है. ज्योति किन-किन देशों में और किस मकसद से गई, इसकी जांच की जा रही है सोशल मीडिया पर अपलोड उसके वीडियो से भी मदद ले रहे हैं. कुछ लीड भी मिली है दो-तीन दिन में उससे काफीजानकारियां हासिल कर लेंगे.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर जारी किया अपना बयान, बोले “खाली बैठे लोग बढाते है बातों को काम करने वाले बढ़ते है आगे” जानें क्या है पूरा मामला

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डीएनए के मुद्दे पर वार-पलटवार के बीच सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपना बयान जारी किया है. उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को भाजपा में बाहरी बताया है. उन्होंने कहा कि खाली बैठे लोग बात आगे बढ़ाते हैं‘काम करनेवाले’ आगे बढ़ जाते हैं.चलो हमसब पीडीए मिलकर सकारात्मक राजनीति के मार्ग पर आगे बढ़कर संकल्प उठाएं कि अपनी पीडीए सरकार बनाएंगे, सामाजिक न्याय का राजलाएंगे.जो लोग अपने दलों में पूछे नहीं जाते हैं, अपने मंत्रालय को नाकामी का तमगा पहनाते हैं, निरर्थक बातों में, चाटुकारिता में अपना दिन औरसमय बिताते हैं, उनसे पुनः आग्रह है कि कुछ सार्थक भूमिका निभाइए और जिस समाज का आप सामाजिक प्रतिनिधित्व करते हैं. बोलकर कुछ कहने का नहीं है साहसउप्र भाजपा सरकार के राज में उस समाज पर कितना अत्याचार और अन्याय हो रहा है, उस पर यदि बोलकर कुछ कहने का साहस नहीं है तो कम सेकम इशारे से ही कुछ कह दीजिए. परिपक्व बनिए, सौम्य, शिष्टाचारी और मृदु भाषी भी. उन पर विश्वास मत कीजिए जो अपनों के सगे नहीं हैं, औरवैसे भी आप तो मूल रूप से उनके हैं भी नहीं, बाहर से आकर; भाजपाइयों जैसा बोलकर, भाजपाइयों जैसा बनकर यहां घुलने-मिलने की कोशिश कररहे हैं। अपना राजनीतिक शोषण मत होने दीजिए. अगर आपको इन पर कुछ ज़्यादा ही विश्वास है तो उनके बारे में एक बार ज़रूर सोच लीजिए, जोआज से पहले अपने को भाजपा में महत्वपूर्ण समझते थे और जो मूल रूप से भाजपाई थे, आप की तरह बाहरी भी नहीं थे. आज हैं वो वहां कल आप होंगे जहां. आशा है आप अपने दल में ‘राजनीतिक स्वास्थ्य’ को सुधारने का काम करेंगे. अगर कभी संकट में हों तो हमआपके साथ खड़े रहेंगे। हम जानते हैं वो समय दूर भी नहीं है क्योंकि न तो आप, न ही आपका समाज आज के सत्ताधीश को “भाता है या लुभाता है. आपका समाज उनकी निगाह में दोयम क्या, कभी तियम भी न था और न होगा. आप तो अपनी चहारदीवारी बचाइए और नैतिक बुनियाद भी, वोबचेगी तो आप भी बचे रहेंगे. इस कड़ी का अंतिम पत्र क्योंकि हमें तो जनहित के लिए काम पर निकलना है. बता दें कि इसके पहले भी इस विवाद मेंअखिलेश यादव और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कई टिप्पणी कर चुके हैं और विवाद बढ़ता गया.

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के मौजूदा विधायकों की दावेदारी पर आ सकता है संकट, एजेंसियों ने गोपनीय तरीके से शुरु किया काम

UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के मौजूदा विधायकों की दावेदारी पर संकट आ सकता है. टिकटबांटने से पहले सभी विधायकों को जनता की कसौटी पर कसा जाएगा. विधायकों की लोगों के बीच छवि परखने का काम शुरू भी कर दिया गया है. दरअसल, सरकार और भाजपा चुनावी मोड में जाने से पहले अपने विधायकों के बारे में पूरा ब्योरा जुटाना चाहती है. इसलिए उनके कामकाज काऑडिट कराया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि कौन विधायक जनता के बीच कितना सॉलिड है. भाजपा प्रदेश में लगातार दो बार सरकारबनाने के बाद अब हैट्रिक की रणनीति बना रही है। ऐसे में पार्टी टिकट बांटने में कोई गलती नहीं करना चाहती. सूत्रों के मुताबिक, विधायकों काऑडिट कराने की जिम्मा सरकार को सौंपा गया है. सरकार ने कुछ एजेंसियों को काम पर लगा दिया है एजेंसियों ने गोपनीय तरीके से काम शुरू भी करदिया है. विधायकों के कामकाज और जनता के बीच छवि का ऑडिटविधायकों के कामकाज और जनता के बीच छवि का ऑडिट कराने के साथ ही सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों केआधार पर सर्वे कराने का भी फैसला लिया गया है. विधानसभावार सर्वे करके एक डाटा तैयार किया जाएगा साफ है कि विधानसभा चुनाव 2027 मेंविधायकों को टिकट पाने के लिए अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ेगा. सर्वे में विधायकों की छवि का आकलन ए, बी और सी तीन श्रेणियों में कियाजाएगा. ऑडिट के बाद विधायकों को श्रेणीबद्ध करते हुए अंक दिए जाएंगे सर्वाधिक अंक पाने वाले विधायक को ए श्रेणी में रखा जएगा. इसी प्रकारअंक के आधार पर बी और सी श्रेणी में रखा जाएगा. सरकार के स्तर से पूरा डाटा तैयार करके पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी जाएगी. सर्वे मेंभाजपा के साथ ही मुख्य विपक्षी दलों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी. जातिवार समीकरण के लिहाज से भी रिपोर्ट बनेगी इसमें देखा जाएगाकि किस जाति व समाज में किस दल की पकड़ है. किस पार्टी को लेकर क्या अवधारणा है पार्टी की स्थिति के साथ ही मौजूदा विधायकों के बारे मेंरिपोर्ट तैयार की जाएगी.

विदेश मंत्री एस जयशंकर के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े बयान पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को किया गया खारिज, जानें क्या है पूरा मामला

विदेश मंत्री एस जयशंकर के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े बयान पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने राहुल के बयान को “तथ्यों का पूरी तरह से गलत प्रस्तुतीकरण” बताया है. विदेश मंत्रालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर सेविदेश मंत्री एस जयशंकर के खिलाफ लगाए गए उन आरोपों का खंडन किया कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने से पहले “पाकिस्तान कोसूचित किया”. विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन के अनुसार, जयशंकर ने कहा था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद शुरुआती चरण मेंही पाकिस्तान को चेतावनी दे दी थी. विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन ने कहा, “विदेश मंत्री ने कहा था कि हमने पाकिस्तान को शुरुआत में हीचेतावनी दे दी थी, जो स्पष्ट रूप से ऑपरेशन सिंदूर के शुरू होने के बाद का प्रारंभिक चरण है. गलत तरीके से किया जा रहा प्रचारितइसे गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है तथ्यों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया राहुलगांधी की ओर से एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद आई है. जिसमें जयशंकर गुरुवार को दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के बादपत्रकारों से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. राहुल गांधी ने सरकार पर गलत काम करने का आरोप लगाया. एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा, “हमारेहमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध था. विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया. 1. इसे किसने अधिकृत किया? 2. इसके परिणामस्वरूप हमारी वायुसेना ने कितने विमान खो दिए? दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के बादगुरुवार को पत्रकारों से बात हुए जयशंकर ने कहा, “यह स्पष्ट है कि कौन गोलीबारी बंद करना चाहता था. आतंकवाद के ढांचे को किया नष्टहमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझेलगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरुआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हमआतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर, और सेना के पास यह विकल्प है कि वह खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे. उन्होंने कहा, “उन्होंने(पाकिस्तान ने) उस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया. उसके बाद 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा. सैटेलाइट तस्वीरों सेपता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया. यह स्पष्ट है कि गोलीबारी कौन बंद करना चाहता था.