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पवन खेड़ा का तीखा हमला: “देश अब नारे नहीं, जवाब चाहता है”

कांग्रेस नेता और पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने हाल ही में एक ज़ोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों औरकार्यशैली पर खुलकर सवाल उठाए। उनका यह संबोधन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि एक ज़िम्मेदार नागरिक की चिंता भी उसमेंझलक रही थी। खेड़ा ने कहा कि देश में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं, जिनमें हमारे जवान और आम नागरिक मारे जा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से न तोकोई ठोस कार्रवाई दिख रही है और न ही कोई भरोसेमंद जवाब। उन्होंने पूछा — “आख़िर कब तक सरकार चुप रहेगी?” यह सिर्फ राजनीति का विषयनहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मामला है। विदेश नीति को लेकर खेड़ा ने सरकार की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि भारत की विदेश नीति कभी दुनिया में सम्मान की दृष्टि से देखीजाती थी, लेकिन अब यह सोशल मीडिया के ट्रेंड्स और ट्रोल्स पर आधारित हो गई है। उन्होंने सरकार पर यह आरोप लगाया कि वह गंभीर कूटनीतिनहीं, बल्कि “लाइक्स और वायरल पोस्ट्स” के हिसाब से फैसले ले रही है। खेड़ा ने साफ़ कहा कि विपक्ष सवाल पूछता है, ताकि सरकार जवाबदेह रहे। लेकिन संसद में जब विपक्ष सवाल उठाता है, तो उसे “देशद्रोही” कहाजाता है। उन्होंने याद दिलाया कि पुलवामा हमले के समय भी कांग्रेस ने सरकार की आलोचना नहीं की थी, बल्कि सेना के साथ खड़ी रही थी। लेकिनअब सवाल पूछना भी सरकार को पसंद नहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मौजूदा राजनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आज की सरकार प्रचार, चुनाव और ट्रोलिंग में व्यस्त है। जबकि असलीमुद्दे — आतंकवाद, बेरोजगारी और महंगाई पीछे छूटते जा रहे हैं। खेड़ा ने अंत में ज़ोर देकर कहायह समय प्रचार का नहीं, जवाबदेही का है। यह समय नारे देने का नहीं, काम करने का है।”उन्होंने सरकार को सीधी चुनौती दी कि अब देश केवल भावनात्मक भाषण नहीं, ठोस जवाब और परिणाम चाहता है।

बीजेपी ने पूर्वांचल के लोगों को नजरअंदाज किया: ऋतुराज

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ऋतुराज ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी दिल्ली में पूर्वांचल केलोगों को नजरअंदाज कर रही है और उन्हें कोई सम्मान नहीं दे रही। ऋतुराज ने बताया कि बीजेपी ने दिल्ली के 14 जिलों में नए जिला अध्यक्ष बनाए हैं। कुल 14 लोगों की लिस्ट जारी की गई है, लेकिन उसमें एक भीव्यक्ति पूर्वांचल से नहीं है।उन्होंने कहा, “दिल्ली में 50 लाख से ज़्यादा पूर्वांचल के लोग रहते हैं। उनका वोट तो चाहिए, लेकिन उन्हें कोई पद नहीं दिया जाता। ऋतुराज ने कहा कि बीजेपी सिर्फ दिखावा करती है, जबकि आम आदमी पार्टी ने हमेशा पूर्वांचल के लोगों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि आमआदमी पार्टी ने छठ पूजा के लिए छुट्टी दी, स्कूल, अस्पताल बनाए और कॉलोनियों में सीवर और पाइपलाइन डलवाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ बुलडोजर चलाना जानती है और गरीबों को डराती है।“हम पूर्वांचल के लोगों के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे,” ऋतुराज ने कहा।

दिल्ली भाजपा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहली बैठक: विकास और संगठन को मजबूत करने पर ज़ोर- दिल्ली के सभी जिला अध्यक्ष बैठक में मौजूद

दिल्ली भाजपा के नवनिर्वाचित 14 जिलाध्यक्षों की पहली बैठक आज प्रदेश कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा नेकी। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर, संगठन महामंत्री पवन राणा और विष्णु मित्तल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के 100 दिन के कामकाज का ब्योरा दिया और पार्टी नेताओं से दिल्ली के विकास के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने कहाकि सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है और संगठन की भूमिका इसमें बेहद अहम है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, “हमारा लक्ष्य है — विकसित भारत की विकसित दिल्ली। पार्टी के सभी नए पदाधिकारी इस मिशन में सक्रिययोगदान देंगे।” बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर भाजपा “संकल्प से सिद्धि” अभियान चलाएगी, जिसे मंडल स्तर तकपहुँचाया जाएगा।बैठक में सभी 14 नए जिलाध्यक्षों की मौजूदगी रही और आने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई। भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का केजरीवाल पर निशाना, रेखा गुप्ता सरकार की तारीफदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि राजधानी की जनता अब प्रशासनिक बदलाव को साफ महसूस कर रही है। उनका कहना है किजहां पहले अरविंद केजरीवाल की सरकार सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दूसरों पर आरोप लगाती थी, वहीं अब रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार जमीनी स्तरपर विकास और सुधार के काम कर रही है। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल के हालिया बयान ने दिल्ली वालों को हैरान कर दिया है, क्योंकि लोग खुद देख रहे हैं कि अब दिल्ली में चीजेंबेहतर हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी अब राजनीति में अप्रासंगिक होती जा रही है और केवल झूठे बयान देकर चर्चा में बने रहनेकी कोशिश कर रही है, लेकिन दिल्ली की जनता अब इन बातों पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने बताया कि दिल्ली में बिजली सब्सिडी पहले की तरह जारी है और मध्यम वर्ग बिजली-पानी की पर्याप्त सप्लाई और सड़कों की अच्छी हालतसे संतुष्ट है। झुग्गी बस्तियों में रहने वालों को भी अब बेहतर पानी मिल रहा है – चाहे वो पब्लिक पाइप लाइन से हो या जीपीएस ट्रैकिंग वाले पानी केटैंकरों से। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि रेखा गुप्ता की सरकार लोगों के बीच जाकर काम कर रही है, और दिल्ली की जनता इसका समर्थन कर रही है।

ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में जीत के साथ फिर की शुरुआत, दूसरे दौर में किया प्रवेश

दो बार की ओलंपिक पदक विजता पीवी सिंधू ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत की है. सिंधू ने कनाडा की वेनयु झांग को हराकर मंगलवार को दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया. सिंधू ने सिर्फ 31 मिनट तक चले मुकाबले में झांग को 21-14, 21-9 से हरायाहालांकि, सिंधू के लिए आगे की राह कठिन है क्योंकि उनका सामना अब टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता और फिलहाल विश्व रैंकिंग मेंपांचवें नंबर पर मौजूद चीन की यू फेई से होगा. सिंधू ने जहां विजयी आगाज किया, वहीं अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. मालविका बंसोड़, अनमोल खरब, प्रियांशु रजावत और किरण जॉर्ड को अपने-अपने मुकाबलों में हार सामना करना पड़ा और ये खिलाड़ी पहले ही दौरसे बाहर हो गए मालविका और प्रियांशु एक गेम की बढ़त लेने के बावजूद लय बरकरार नहीं कर सके. थाईलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त सुपानिदा कातेथोंग के खिलाफमालविका को थाईलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त सुपानिदा कातेथोंग के खिलाफ 21-14, 18-21, 11-21 से, जबकि प्रियांशु को पुरुष एकल वर्गके मुकाबले में सातवीं वरीयता प्राप्त जापान के कोदाई नारोका के खिलाफ 21-14, 10-21, 14-21 से हार का सामना करना पड़ा. वहीं, चेन नेअनमोल को मात दी अनमोल ने पहले गेम में पिछड़ने के बाद दूसरे गेम में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन अंत में उन्हें 11-21, 22-24 से शिकस्तमिली. इस साल इंडिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जॉर्ज को चीन के वेंग हॉन्ग यांग के खिलाफ 19-21, 17-21 से, जबकि आरसंतोष रामराज को पुरुष एकल वर्ग के शुरुआती मुकाबले में दक्षिण कोरिया के किम गा यून के खिलाफ 14-21, 8-21 से हार मिली। मिश्रित युगलवर्ग में ध्रुव कपिल और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी को चीन के चेंग जिंग और झांग ची की जोड़ी के खिलाफ 18-21, 13-21 से हार का सामना करनापड़ा। असिथ सूर्या और अमरुता पारमुतेश की जोड़ी भी जापान की युइची शिमोगामी और सायका होबारा की जोड़ी के खिलाफ 11-21, 17-21 सेहारकर बाहर हो गई.

मशहूर निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘स्पिरिट’को लेकर चर्चाओं में, दीपिका पादुकोण के बाहर होने के बाद अब तृप्ति डिमरी को बतौर लीड एक्ट्रेस किया गया शामिल

मशहूर निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘स्पिरिट’ को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं. फिल्म से दीपिका पादुकोण के बाहर होनेके बाद अब तृप्ति डिमरी को बतौर लीड एक्ट्रेस शामिल किया गया है लेकिन दीपिका पादुकोण के फीस और काम के घंटों को लेकर फिल्म छोड़ने काविवाद अब गहराता जा रहा है. क्योंकि अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर संदीप रेड्डी वांगा दीपिका पादुकोण के इस फैसले से नाखुश हैं. निर्देशक नेसोशल मीडिया पर क्रिप्टिक पोस्ट किया है, जिसे दीपिका पादुकोण से जोड़कर देखा जा रहा है. कबीर सिंह’ और ‘एनीमल’ फिल्मों का निर्देशन करनेवाले संदीप रेड्डी वांगा ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट किया है. जो अब सुर्खियां बटोर रहा है इस पोस्ट में संदीप ने लिखा है, “जब मैं किसीएक्टर को कहानी सुनाता हूं, तो मैं उस पर 100% भरोसा करता हूं. हमारे बीच एक अनकहा एनडीए (नॉन डिस्क्लोज एग्रीमेंट) होता है. लेकिन ऐसाकरके, आपने उस व्यक्ति को डिस्क्लोज कर दिया है, सामने ला दिया है, जो आप वास्तव में हैं एक युवा एक्टर को नीचा दिखाना और मेरी कहानी कोबाहर करना? क्या यही आपका फेमिनिस्म है? अपने क्राफ्ट के पीछे सालों की कड़ी मेहनतउन्होनें कहा कि एक फिल्म निर्माता के रूप में मैंने अपने क्राफ्ट के पीछे सालों की कड़ी मेहनत की है मेरे लिए फिल्म मेकिंग ही सब कुछ है आपको यहसमझ में नहीं आया आपको यह समझ में नहीं आएगा आपको यह कभी नहीं समझ में आएगा. आगे उन्होंने लिखा, ऐसा करो अगली बार पूरी कहानीबोलना, क्योंकि मुझे जरा भी फर्क नहीं पड़ता. मुझे ये कहावत बहुत पसंद है- ‘खुंदक में बिल्ली खंभा नोचे साथ ही संदीप रेड्डी वांगा ने हैशटैग में डर्टीपीआर गेम्स भी लिखा है. हालांकि, संदीप रेड्डी वांगा ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया और न ही अपनी फिल्म ‘स्पिरिट’ का कोई जिक्रकिया है. लेकिन उनके इस पोस्ट को देखकर ऐसा लगता है कि ये उन्होंने दीपिका पादुकोण पर एक तंज कसा है. क्योंकि हाल ही में एक रिपोर्ट में‘स्पिरिट’ की कहानी के बारे में जानकारी लीक गई थी. जिसको लेकर फैंस का मानना है कि ये दीपिका पादुकोण की पीआर टीम ने फिल्म से उनकेबाहर होने और तृप्ति डिमरी के फिल्म में शामिल होने पर किया गया था. हालांकि, ये सब फैंस के कयास हैं और संदीप रेड्डी वांगा की पोस्ट के बादफैंस इसे दीपिका से जोड़कर देख रहे हैं. हां, इतना तो साफ है कि अब ये मामला आगे बढ़ सकता है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, दीपिकापादुकोण ने भुगतान और काम के घंटों को लेकर हुए मतभेदों के बाद ‘स्पिरिट’ छोड़ दी थी. कई रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया था कि उन्होंने 40 करोड़ रुपये की फीस और आठ घंटे की शिफ्ट की मांग की थी. इसको लेकर उठे मतभेदों के बाद दीपिका फिल्म से बाहर हो गईं। इसके बाद तृप्तिडिमरी को फिल्म में शामिल कर लिया गया.

विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे जर्मनी के दौरे पर, पहलगाम आतंकी हमले व भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर की पत्रकारों से बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने का दावा किया था ट्रंप के इस दावे को भारत सरकार कई बारखारिज कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद बार-बार वहीं सवाल पूछा जा रहा है. भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर इन दिनों जर्मनी के दौरे पर हैंजर्मनी में भी उनसे यही सवाल किया गया, जिस पर विदेश मंत्री जयशंकर के जवाब ने पत्रकार की बोलती बंद कर दी. दरअसल जर्मनी के एकअखबार के पत्रकार ने डॉ. जयशंकर से सवाल किया कि ‘क्या दुनिया को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए अमेरिका को धन्यवाददेना चाहिए?’ इस पर विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि ‘संघर्ष विराम के लिए भारत और पाकिस्तान के सैन्य कमांडर्स के बीच सीधा संपर्क हुआथा और उसी में संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी. उससे पहले हमने प्रभावी तरीके से पाकिस्तान के मुख्य एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम कोनिशाना बनाया था. इसलिए संघर्ष विराम के लिए मुझे किसे धन्यवाद देना चाहिए? मुझे लगता है कि भारतीय सेना को, क्योंकि ये भारतीय सेना द्वाराकी गई कार्रवाई ही थी, 26 निर्दोष पर्यटकों की गई थी निर्मम हत्याजिसके चलते पाकिस्तान ये कहने को मजबूर हुआ कि हम लड़ाई रोकने के लिए तैयार हैं. बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानसमर्थित आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी. इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई की मध्य रात्रि पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकीठिकानों पर हमला किया. इसके बाद पाकिस्तान ने आतंकियों के समर्थन में भारत के कई शहरों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिशकी, लेकिन भारत ने उन हमलों को नाकाम कर दिया. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान कई एयरबेस को निशाना बनाकर और उसके एयर डिफेंस कोतबाह कर उसे घुटनों पर ला दिया. जिसके बाद पाकिस्तान की सेना के कमांडर्स ने भारतीय समकक्षों से बात की, जिसमें दोनों पक्षों में संघर्ष विराम परसहमति बन गई. हालांकि ट्रंप प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान के संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की. पाकिस्तान ने भी अमेरिका को इसके लिएधन्यवाद कहा, लेकिन भारत ने अमेरिका की संघर्ष विराम में कोई भी भूमिका होने से साफ इनकार किया. विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले एक इंटरव्यूमें बता चुके हैं कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत से बात की थी, लेकिन उनकी भूमिका महज संघर्ष पर चिंताजताने तक थी. जयशंकर ने कहा कि ‘हमने सभी से स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि पाकिस्तान अगर लड़ाई रोकना चाहता है तो उसे खुद हमें बतानाहोगा हम उनसे सुनना चाहते हैं इसके बाद उनके जनरलों ने हमारे जनरल को फोन किया, जिसके बाद संघर्ष विराम हुआ.जर्मन अखबार के पत्रकारों ने भारतीय विदेश मंत्री से किए सवालजर्मन अखबार के पत्रकार ने भारतीय विदेश मंत्री से परमाणु युद्ध को लेकर भी सवाल किया, जिस पर विदेश मंत्री ने भी हैरानी जताई. दरअसल पत्रकारने पूछा कि ‘भारत और पाकिस्तान संघर्ष के दौरान दुनिया परमाणु युद्ध से कितनी दूर थी?’ इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि ‘बहुत, बहुत दूर थी मैं सचबताऊं तो मैं इस सवाल से ही हैरान हूं. हमने आतंकी ठिकानों को सटीकता से तबाह किया और किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया. इसदौरान ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया कि संघर्ष बढ़े इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने हम पर हमला किया, लेकिन हमने उन्हें दिखाया कि हम क्या करसकते हैं और हमने उनका एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया. उनकी मांग पर गोलीबारी रोकी गई, लेकिन इस दौरान कभी भी परमाणु हमले की कोईबात नहीं थी. ऐसा नैरेटिव है कि अगर हमारे इलाके में कुछ भी होगा तो उसे सीधे परमाणु युद्ध से जोड़ दिया जाता है, ये बात मुझे बेहद परेशान करतीहै क्योंकि इससे आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है. इसके बाद विदेश मंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पश्चिम को आईना दिखाते हुए कहाकि ‘अगर परमाणु युद्ध का कहीं खतरा है तो वो आपके हिस्से में है, क्योंकि यहां बहुत कुछ घटित हो रहा है.

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि के मौके पर पीएम मोदी ने की श्रद्धांजलि अर्पित, कांग्रेस ने साधा जमकर निशाना

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आज पुण्यतिथि है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि ‘हमारे पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि’. पंडितनेहरू भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता थे और उन्होंने अगस्त 1947 से लेकर मई 1964 तक भारत का नेतृत्व किया. पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. कांग्रेस ने इस मौके पर भी केंद्र पर निशाना साधने का मौका नहीं चूका और कहा किसाल 2014 से पंडित नेहरू की विरासत को बदनाम करने, विकृत करने, नकारने, अपमानित करने और विरासत के ध्वस्त करने के 6डी प्रयास किए जारहे हैं. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें राहुल गांधी नेलिखा कि पंडित नेहरू ने ही अपनी दूरदर्शिता से आजाद भारत की मजबूत नींव रखी थी. उन्होंने लिखा कि सामाजिक न्याय, आधुनिकता, शिक्षा, संविधान और लोकतंत्र में पंडित नेहरू का अतुलनीय योगदान है. कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने नई दिल्ली में शांति वन स्थित पंडितनेहरू की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को दी श्रद्धांजलिकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू कीपुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, जिन्होंने भारत को शून्य से शीर्ष पर पहुंचाया. वह आधुनिक भारत के निर्माता, लोकतंत्र के संरक्षक, उन्होंने भारत कोवैज्ञानिक, आर्थिक और औद्योगिक समेत विभिन्न क्षेत्रों में विकसित किया. उन्होंने लगातार अनेकता में एकता का संदेश दिया। वह हमारी प्रेरणा केस्त्रोत हैं. कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने एक पोस्ट में पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि ‘आज पंडित नेहरू की 61वींपुण्यतिथि है. आधुनिक भारत बनाने में उनका सबसे अहम योगदान है. वे उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं जो एक ऐसे भारत के लिएप्रतिबद्ध हैं जो अपनी समग्र विरासत के साथ एक खुला, उदार और धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र है. नेहरू के लिए, लोकतंत्र ही ऑक्सीजन था जो हमारे जीवनको अर्थ देता था, न कि जन-उत्तेजना। वे न केवल एक उत्कृष्ट सार्वजनिक व्यक्ति थे जिन्होंने इतिहास को पढ़ा, लिखा और निर्णायक रूप से आकारदिया, शायद इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वे एक अच्छे, सभ्य, बड़े दिल वाले, चिंतनशील और महान इंसान थे जिनमें किसी भी तरह कीअसुरक्षा नहीं थी. वे झांसे देने, शेखी बघारने और आडंबरों से दूर रहने वाले थे, जैसा कि हम 26 मई, 2014 से रोजाना देख रहे हैं. प्रियंका गांधी ने भीपंडित नेहरू को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रियंका गांधी ने लिखा कि ‘पंडित नेहरू ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था, जो विज्ञानऔर तकनीक के दम पर आगे बढ़े और आधुनिक दुनिया से प्रतिस्पर्धा करे. इसके लिए उन्होंने दर्जनों शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों, तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक संस्थानों की नींव रखी, जो आज भारत की ताकत की रीढ़ और विकास के स्तंभ हैं.

ऑपरेशन सिंदूर पर बीएसएफ ने की प्रेस कॅान्फ्रेंस,आईजी जम्मू शशांक आनंद बोले बीएसएफ की महिला कर्मियों ने अग्रिम ड्यूटी चौकियों परलड़ाई लड़ी

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर पर बीएसएफ के आईजी जम्मू शशांक आनंद ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ की महिलाकर्मियों ने अग्रिम ड्यूटी चौकियों पर लड़ाई लड़ी. हमारी बहादुर महिला कर्मियों, सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने एक अग्रिम चौकी की कमान संभाली, कांस्टेबल मंजीत कौर, कांस्टेबल मलकीत कौर, कांस्टेबल ज्योति, कांस्टेबल सम्पा और कांस्टेबल स्वप्ना और अन्य ने इस ऑपरेशन के दौरानपाकिस्तान के खिलाफ अग्रिम चौकियों पर लड़ाई लड़ी. पाकिस्तान की ओर से बीएसएफ चौकियों पर ड्रोन हमले और गोलाबारी में हमने बीएसएफके सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार को खो दिया. हम अपनी दो पोस्ट का नामअपने खोए हुए कर्मियों के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेज रहे हैं और एक पोस्ट का नाम ‘सिंदूर’ रखने का प्रस्ताव भेज रहे हैं. बीएसएफ के आईजी जम्मूशशांक आनंद ने कहा कि आतंकियों को आगे करके पाकिस्तानी सेना घुसपैठ कराना चाहती थी. 40 से 50 आतंकी घुसपैठ की कोशिश में थे.फॉरवर्ड पोस्ट को नुकसान पहुंचाने की थी साजिशउन्होंने बताया कि फॉरवर्ड पोस्ट को नुकसान पहुंचाने की साजिश थी बीएसएफ की फॉरवर्ड पोस्ट पर फायरिंग का माकूल जवाब दिया गया ऑपरेशनसिंदूर का प्रहार पाकिस्तान भूल नहीं पाएगा. बीएसएफ के आईजी ने कहा कि आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया गया बीएसएफ ने ऑपरेशनसिंदूर की कार्रवाई का नया वीडियो जारी किया है. बीएसएफ आईजी जम्मू शशांक आनंद ने कहा, “हमें आतंकवादियों के अपने लॉन्चपैड्स औरशिविरों में लौटने और एलओसी और आईबी पर संभावित घुसपैठ के बारे में कई इनपुट मिल रहे हैं सुरक्षा बलों को सतर्क रहना होगा. सीमावर्ती गांवोंमें विश्वास बहाली के उपायों पर बीएसएफ आईजी जम्मू शशांक आनंद कहते हैं, “हम सीमा पर लगातार निगरानी कर रहे हैं. हम सीमावर्ती गांवों मेंरहने वाले किसानों को अपनी फसल काटने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. हमारे किसान कड़ी सुरक्षा के बीच अपनी कृषि गतिविधि करते हैं हम यह भीदेख सकते हैं कि पाकिस्तानी किसान भी अब कृषि गतिविधि कर रहे हैं. हम देख रहे हैं कि सामान्य स्थिति वापस आ रही है सीमा सुरक्षा बल के जवानसीमावर्ती गांवों का दौरा कर रहे हैं और बैठकें, चिकित्सा शिविर और नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन, गांधीनगर में कई परियोजनाओं का किया शिलान्यास

PM Modi in Gujrat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है. उन्होंने गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 5,536 करोड़ रुपये कीविभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान और आतंकवादियों पर करारा हमला बोला. प्रधानमंत्रीमोदी ने कहा, ‘मैं दो दिन से गुजरात में हूं. कल वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और आज गांधीनगर में हूं मैं जहां-जहां गया वहां गर्जना करतासिंदूरिया सागर और लहराता तिरंगा जन-जन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम और देशभक्ति का ज्वार देखने को मिल रहा है. ये दृश्य सिर्फगुजरात में नहीं है, हिंदुस्तान के कोने-कोने में है, हर हिंदुस्तानी के दिल में है। यह देखने लायक दृश्य था, यह अविस्मरणीय दृश्य था. पीएम मोदी नेकहा कि शरीर चाहे कितना भी मजबूत या स्वस्थ क्यों न हो, एक भी कांटा लगातार दर्द दे सकता है. इसलिए हमने तय किया है कि कांटा निकालनाही होगा. आतंकी हमला हुआ कश्मीर की धरती पर1947 में मां भारती के टुकड़े हुए कटनी चाहिए थीं जंजीरें, लेकिन काट दी गईं भुजाएं. देश के तीन टुकड़े कर दिए गए और उसी रात पहला आतंकीहमला कश्मीर की धरती पर हुआ. मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया. अगर उसीदिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मान ली गई होती, तो 75 साल से चला आ रहा ये आतंकीघटनाओं का सिलसिला देखने को नहीं मिलता. सरदार पटेल चाहते थे कि जब तक पीओके हमें वापस न मिल जाए, सेना वापस नहीं आनी चाहिए, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई. उन्होंने कहा कि ये मुजाहिद्दीन के मुंह में खून लग गया था ये सिलसिला 75 सालों से चल रहा है. पहलगाम में भीउसी का विकृत रूप था. 75 साल तक हम इसे झेलते रहे। पाकिस्तान के साथ जब-जब युद्ध की नौबत आई, हर बार भारत की सैन्य शक्ति नेपाकिस्तान के धूल चटा दी. पाकिस्तान समझ गया कि लड़ाई में वह भारत से जीत नहीं सकता इसीलिए उसने प्रॉक्सी वॉर का सहारा लिया. उसनेआतंकी तैयार करने शुरू किए उन्हें भारत भेजने लगा. हम मारते है आतंकियों को घर में घुसकरहम जब उनके आतंकियों को घर में घुसकर मारते हैं तो वे सम्मान के साथ दहशतगर्दों को विदाई देते हैं. उन्होंने कहा कि जब आतंकवाद के 9 ठिकानोंको तय करके 22 मिनट में ध्वस्त कर दिया, तब सबकुछ कैमरे के सामने किया गया. ऐसा इसलिए कि यहां कोई सबूत न मांगने लगे अब हमें सबूतनहीं देना पड़ा रहा है. सामने वाला खुद ही सबूत पर सबूत दे रहा है 6 मई की रात जो लोग मारे गए, पाकिस्तान में उन जनाजों को स्टेट ऑनर दियागया. उनके ताबूतों पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए, वहां की सेना ने उनको सैल्यूट किया। ये सिद्ध करता है कि आतंकवादी गतिविधि प्रॉक्सी वॉरनहीं है, ये पाकिस्तान की सोची-समझी युद्ध की रणनीति है. आप वॉर ही कर रहे हैं, तो उसका जवाब भी वैसे ही मिलेगा. उन्होंने कहा कि हमारा देशमहान संस्कृति परंपरा को लेकर चला है वसुधैव कुटुंबकम हमारा संस्कार है हमारी रग-रग में है हमारा चरित्र है हमने इसे जिया है वे भी सुख- चैन सेजीएं और हमें भी जीने दें. हजारों वर्षों से यही हमारा चिंतन रहा है हम निष्ठ भाव के साथ कोटि-कोटि भारतीयों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं. इसके बावजूद जब बार-बार हमारे सामर्थ्य को ललकार जाए तो यह देश वीरों की भी भूमि है.

प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में विशाल जनसभा को संबोधित करने के दौरान विपक्ष पर साधा निशाना, बोले ऑपरेशन सिंदूर को इसी बजह सेकिया कैमरे के सामने ताकि कोई न मांगे सबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 5,536 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यासकिया. इस दौरान उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष पर तंज कसा उन्होंने सिंधू जल संधिका जिक्र किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘पाकिस्तान हमसे सीधी लड़ाई में नहीं जीत पाया तो उसने आतंकियों को हमारे देश में भेजना शुरू किया. यानी उन्होंने प्रॉक्सी वॉर का सहारा लिया जिसे हम आज तक प्रॉक्सी युद्ध कहते थे, 6 मई के बाद जो दृश्य देखने को मिले, उसके बाद हम अब इसेप्रॉक्सी युद्ध कहने की गलती नहीं कर सकते. हमने जिन आतंकियों को मिट्टी में मिलाया, वहां उनके जनाजों को सम्मान दिया गया, उसकी ताबूत परपाकिस्तानी झंडे रखे गए. पाकिस्तान का नापाक चेहरा आया सामनेइससे पाकिस्तान का नापाक चेहरा सभी के सामने आ गया मात्र 22 मिनट के भीतर 9 आतंकवादी ठिकानों की पहचान कर उन्हें नष्ट कर दिया गया, तोयह एक निर्णायक कार्रवाई थी. इस बार सब कुछ कैमरों के सामने किया गया, ताकि घर पर कोई सबूत न मांग सके हमें इस बार सबूत नहीं देना पड़रहा है उधर वाले सबूत दे रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने सिंधू जल संधि का जिक्र कर कहा कि हम अपने काम में लगे थे, प्रगति की राह पर चले थे, हमसबका भला चाहते हैं और मुसीबत में मदद भी करते हैं, लेकिन बदले में खून की नदियां बहती हैं। 1960 में जो सिंधु जल समझौता हुआ है अगरउसकी बारीकी में जाएंगे तो आप चौंक जाएंगे. उसमें यहां तक तय हुआ कि जो जम्मू-कश्मीर की अन्य नदियों पर बांध बने हैं उनकी सफाई का कामनहीं किया जाएगा. उसके लिए गेट नहीं खोले जाएंग 60 साल तक गेट नहीं खोले गए। जिसमें शत प्रतिशत पानी भरना चाहिए था धीरे-धीरे उसकीक्षमता कम हो गई. क्या मेरे देशवासियों को पानी पर अधिकार नहीं है क्या? अभी हमने कुछ ज्यादा किया नहीं है और वहां पसीना छूट रहा है हमनेसफाई शुरू की है, इतने से वहां बाढ़ आ जाती है. 6 मई की रात शुरु हुआ था ऑपरेशन सिंदूरप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘6 मई की रात को हमारे सशस्त्र बलों की ताकत के साथ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ. अब, यह ऑपरेशन सिंदूर लोगों कीताकत के साथ आगे बढ़ेगा. जब मैं हमारे सशस्त्र बलों की ताकत और लोगों की ताकत की बात करता हूं, तो मेरा मतलब है कि हर नागरिक को देशके विकास में भागीदार बनना चाहिए। अगर हम सभी 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देते हैं और अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तरपर चौथे से तीसरे स्थान पर ले जाना चाहते हैं, तो हम विदेशी उत्पादों पर निर्भर नहीं रहेंगे। हमें गांव के व्यापारियों को यह संकल्प दिलाना चाहिए किचाहे उन्हें कितना भी मुनाफा हो, वे विदेशी सामान नहीं बेचेंगे. लेकिन दुर्भाग्य से गणेश की मूर्तियां भी विदेश से आती हैं, छोटी आंखों वाली गणेशमूर्तियां, जिनकी आँखें ठीक से खुलती भी नहीं हैं. ऑपरेशन सिंदूर के लिए एक नागरिक के तौर पर मेरे पास आपके लिए एक काम है- घर जाइए औरएक सूची बनाइए कि आप 24 घंटे में कितने विदेशी उत्पादों का उपयोग करते हैं. हमारे पास सब कुछ है। ऐसे में हमें अपनी चीजों को ही इस्तेमालकरना है, जो हमारे देश में बनी हो एक या दो चीजों को छोड़कर सब कुछ हमारे यहां उपलब्ध है.