Skip to main content

NEWS अब तक

नाइजीरिया में भयंकर बाढ़ का कहर: अब तक 115 लोगों की मौत, हालात बेहद गंभीर

मिन्ना (नाइजर राज्य), 31 मई 2025नाइजीरिया के नाइजर राज्य में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मोक्वा नामक प्रमुखव्यापारिक कस्बे में गुरुवार को अचानक आई बाढ़ ने बाजारों, घरों और सड़कों को जलमग्न कर दिया। समाचार एजेंसी एपी (AP) के अनुसार, अबतक 115 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और यह संख्या और बढ़ सकती है। इमरजेंसी चीफ ने दी जानकारीराज्य की राजधानी मिन्ना में स्थित आपातकालीन प्रबंधन कार्यालय के प्रमुख हुसैनी इसाह ने बताया कि बाढ़ के चलते कई लोग अब भी लापता हैंऔर खोज एवं राहत अभियान शुक्रवार को भी पूरे जोर-शोर से जारी है। शुरुआत में मृतकों की संख्या 20 बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे पानी कास्तर बढ़ता गया, हालात और गंभीर होते चले गए। बांध टूटने से बिगड़े हालातरिपोर्ट्स के अनुसार, लगातार घंटों तक हुई मूसलधार बारिश ने पहले ही हालात बिगाड़ दिए थे, लेकिन एक पास के कस्बे में बांध टूटने से मोक्वा पूरीतरह जलमग्न हो गया। यह क्षेत्र दक्षिण और उत्तर नाइजीरिया के व्यापारियों व किसानों के लिए एक अहम व्यापारिक केंद्र माना जाता है। पिछले साल भी आई थी आपदागौरतलब है कि सितंबर 2024 में भी देश के पूर्वोत्तर शहर माडुगुरी में इसी तरह की बाढ़ ने 30 लोगों की जान ले ली थी। उस समय भी एक बांध टूटगया था, जिससे लाखों लोग विस्थापित हो गए थे। उस घटना ने बोको हराम जैसे आतंकवादी संकट को और गहरा कर दिया था। प्राकृतिक आपदा से नाइजीरिया लगातार प्रभावितबारिश के मौसम में नाइजीरिया के कई हिस्से, विशेषकर नाइजर और बेन्यू नदियों के किनारे बसे इलाके, बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। फिलहालसरकार द्वारा राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों को खाद्य, दवाइयों और सुरक्षित आवास जैसी बुनियादी मदद कीतत्काल आवश्यकता है।

2500 रुपये की मांग को लेकर आप महिला कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लिया

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की महिला विंग ने शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शनकिया। आप का आरोप है कि भाजपा ने चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए 2500 रुपये मासिक सहायता के वादे को अब तक पूरा नहीं कियाहै। इस मुद्दे को लेकर जब बड़ी संख्या में महिलाएं पार्टी की महिला विंग अध्यक्ष सारिका चौधरी के नेतृत्व में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के बाहर जमाहुईं, तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। भाजपा ने वादा तोड़ा, अब आवाज को कुचल रही हैआम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में महिलाओं को उनका वादा किया गया हक मांगने पर गिरफ्तार किया जारहा है। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा कियाऔर कहा कि भाजपा की सरकार महज सौ दिन पूरे होने पर झूठा जश्न मना रही है, जबकि महिलाएं अपने अधिकारों की मांग कर रही हैं और पुलिसउन्हें जबरन उठा रही है। मोदी जी का वादा झूठा निकलाआप महिला विंग की अध्यक्ष सारिका चौधरी ने कहा कि भाजपा ने सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं को 2500 रुपये देने कीघोषणा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान द्वारका की रैली में यह वादा दोहराया था। उन्होंने कहा, “अब न तो कोई राशि दीगई है और न ही सरकार कोई जवाब दे रही है। महिलाओं को धोखा देकर भाजपा ने उनका वोट लिया।” बढ़ती महंगाई और बुनियादी समस्याओं पर भी उठाए सवालसारिका चौधरी ने भाजपा पर चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने की बात की गई थी, लेकिन अब तक किसी भी महिला को लाभ नहीं मिला है। उल्टा एलपीजी सिलेंडर के दाम 50 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। बिजली और पानी की किल्लतको लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “राजधानी के कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली नहीं रहती, और पीने का पानी भी नदारद है।”शिक्षा भी बनी महंगी, निजी स्कूलों ने बढ़ाई फीसआप नेता ने भाजपा सरकार पर शिक्षा को महंगा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 100 दिनों में निजी स्कूलों ने भारी फीस वृद्धिकी है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “भाजपा की यह सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। रेखा गुप्तासरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।”

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली गिरफ्तार, ऑपरेशन सिंदूर पर वीडियो बना विवाद का कारण

22 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली, जो पुणे की एक लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ती हैं, को कोलकाता पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम सेगिरफ्तार किया है। उन पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है। यह कार्रवाई उस वीडियो केवायरल होने के बाद हुई, जिसमें उन्होंने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बॉलीवुड की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए थे। वीडियो में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से शुरू हुआ विवादशर्मिष्ठा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड सेलेब्रिटीज की चुप्पी की आलोचना की थी। इसी दौरान उन्होंने कथितरूप से एक धर्म विशेष पर टिप्पणी कर दी, जिससे कई लोगों की भावनाएं आहत हुईं और वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई। शिकायत दर्ज, फरारी और गिरफ्तारीवीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोलकाता पुलिस को शिकायत मिली। पुलिस के मुताबिक, पनोली और उनके परिवार को समनभेजा गया था, लेकिन वे छिप गए। इसके बाद अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ और शुक्रवार को उन्हें गुरुग्राम से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड परकोलकाता ले जाया गया। शर्मिष्ठा को मिलीं धमकियां, फिर मांगी माफीगिरफ्तारी से पहले शर्मिष्ठा ने बयान दिया कि वीडियो पोस्ट के बाद से उन्हें बलात्कार और हत्या की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने विवाद बढ़ने परवीडियो डिलीट कर दिया और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। लेकिन पुलिस कार्रवाई पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और उन्हें गिरफ्तार कर लियागया। कौन हैं शर्मिष्ठा पनोली?शर्मिष्ठा पनोली पुणे की निवासी हैं और एक लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी-खासी फॉलोइंग है और वे राजनीतिक औरसामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर मिला मिला-जुला रिएक्शनइस घटना ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ यूजर्स इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोगों कामानना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है। एक वर्ग इसे “चुनिंदा सेंसरशिप” कहकर आलोचना कर रहा है, जबकि दूसरा इसे कानून केदायरे में की गई उचित कार्रवाई मान रहा है। अभिव्यक्ति बनाम जिम्मेदारी की बहसशर्मिष्ठा की गिरफ्तारी अब केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट का मामला नहीं रहा। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं को लेकर एकगहरी बहस को जन्म दे चुका है। आने वाले दिनों में कोलकाता पुलिस की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया से यह तय होगा कि यह मामला किस दिशा मेंआगे बढ़ता है।

प्रधानमंत्री मोदी का पाकिस्तान और आतंकवाद पर कड़ा प्रहार, “अब घर में घुसकर मारेंगे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर आतंकवाद और उसके संरक्षक पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकीहमले में सिर्फ निर्दोष भारतीयों का खून नहीं बहाया गया, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत पर भी एक हमला था। यह हमला भारत की एकताऔर नारी शक्ति को चुनौती देने की साजिश थी। लेकिन अब भारत किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा, “अब हम घर में घुसकरमारेंगे, और आतंकियों को समर्थन देने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” सेना की कार्रवाई: जहां सोचा नहीं, वहां तक पहुंचा भारतप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए ऐसी रणनीति अपनाई है, जिसकी पाकिस्तान ने कल्पना भी नहींकी थी। उन्होंने इसे भारत के सैन्य इतिहास का सबसे सफल ऑपरेशन करार दिया। उनके अनुसार, भारत अब प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पहले से तैयारहोकर प्रहार करने की नीति पर काम कर रहा है। भीड़ से गूंजा “मोदी-मोदी”, पीएम मुस्कराते रहेरैली के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विचार रखे, तो पूरा मैदान “मोदी-मोदी” के नारों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री कुछ देर तक शांत खड़े रहकरजनता की भावनाओं को महसूस करते रहे और मुस्कराते हुए लोगों का उत्साह देखा। महिलाएं, पुरुष और युवा बड़ी संख्या में मौजूद थे, और उनमेंजबरदस्त जोश देखा गया। सीमा पर बेटियों का शौर्य, सैनिक स्कूलों में मिला प्रवेशप्रधानमंत्री ने बीएसएफ की महिला जवानों के साहस की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने सीमा पार से हुई फायरिंग का डटकर जवाब दिया है।उन्होंने यह भी बताया कि अब सैनिक स्कूलों में बेटियों को भी प्रवेश दिया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में सेना में अग्रिम पंक्ति में देश सेवा कर सकें।हाल ही में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से पहला महिला कैडेट बैच पासआउट हुआ है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। महिलाओं की विशेष उपस्थिति ने रैली को बनाया खासप्रधानमंत्री की इस रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं साड़ी और माथे पर सिंदूर लगाकर शामिल हुईं, जिससे पूरा जंबूरी मैदान सिंदूरी रंग में रंगा नजरआया। मोदी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से महिलाओं और उनके सशक्तिकरण पर बल दिया। मध्य प्रदेश को मिली नई सौगातेंअपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश को कई नई सौगातें भी दीं। उन्होंने सतना और दतिया हवाई अड्डों का उद्घाटन किया, वहीं इंदौर मेट्रोपरियोजना का वर्चुअल शुभारंभ भी किया। सभा में आए लोग देशभक्ति से सराबोर नजर आए और हाथों में तिरंगा लेकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, नेपाल की बारिश ने बढ़ाई परेशानी

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का सीधा असर बिहार के सीमावर्ती जिलों पर देखा जा रहा है। किशनगंज की प्रमुख नदियां—कनकई, बूढ़ीकनकई और मेची—शुक्रवार को उफान पर रहीं। इससे दिघलबैंक और टेढ़ागाछ प्रखंड के कई गांव जलमग्न हो गए। खासतौर पर तेलीभीट्टा, बिहारटोला और भुरलीभिट्ठा जैसे निचले इलाकों में नेपाल से आया पानी तेजी से घुस गया, जिससे खेत डूब गए और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। किसानों की मेहनत पर पानी फिराअचानक आई बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। मक्का और सब्जियों की खड़ी फसलें पानी में डूब कर बर्बाद हो गई हैं। ग्रामीणों काकहना है कि लाखों रुपये की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। अब लोग सरकार से राहत और मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि स्थितिलगातार बिगड़ती जा रही है। भीषण गर्मी ने बढ़ाई दिक्कतेंराज्य के अन्य जिलों में गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। गया समेत नौ जिलों में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पूर्वीहवाओं के कारण उमस भरी गर्मी ने स्थिति और भी कठिन बना दी है। पटना में बादल छाए रहने और शाम के समय हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन इससे तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। अगले तीन दिन महत्वपूर्णमौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, 1 से 3 जून के बीच पटना सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इससे मौसम में थोड़ा बदलाव आ सकता है। इस बार मानसून देगा राहतमौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि इस साल राज्य में औसत से अधिक वर्षा हो सकती है। जहां सामान्यत: करीब 1024.3 मिमी बारिश होती है, इस बार लगभग 1137 मिमी बारिश होने की उम्मीद जताई गई है। मानसून के 13 से 15 जून के बीच दस्तक देने की संभावना है, और जून के पहलेसप्ताह से ही बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

100 दिनों में भरोसे की बुनियाद, 11 वर्षों की विफलताओं पर सवाल, भाजपा का “आप” पर तीखा वार

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उनकी सरकार के पहले 100 सफल दिनों के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इनसौ दिनों में दिल्लीवासियों को यह विश्वास हुआ है कि अब राजधानी में एक ऐसी सरकार है जो जनता की भावनाओं को समझती है। इसके विपरीत, पिछली सरकार ने 11 वर्षों तक केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति की, जबकि ज़मीनी स्तर पर बदलाव की कमी साफ दिखती रही। “आप” को पहले जवाब देना चाहिएश्री सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग 100 दिनों की भाजपा सरकार से सवाल कर रहे हैं, उन्हें पहले खुद से जुड़े गंभीर मुद्दों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने “आप” सरकार से जुड़े पाँच अहम सवाल उठाए हैं: महिला पेंशन का वादा केवल घोषणाओं तक क्यों सीमित रहा?आप सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में दिल्ली की महिलाओं के लिए पेंशन योजना की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस योजना कोलागू क्यों नहीं किया गया? ठीक इसी तरह, पंजाब में 2022 के चुनाव घोषणापत्र में भी महिला पेंशन का वादा किया गया था, लेकिन तीन सालबीतने के बावजूद वहाँ भी कोई अमल नहीं हुआ। कांट्रैक्ट पर रखे युवाओं के साथ विश्वासघात क्यों?बिना प्रशासनिक स्वीकृति के हजारों युवाओं को बस मार्शल सहित विभिन्न पदों पर अनुबंधित किया गया और बाद में जांच के दौरान उन्हें बर्खास्त करदिया गया। भाजपा अध्यक्ष ने पूछा कि आखिर इन युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ क्यों किया गया? निजी स्कूलों पर नियंत्रण के लिए 11 साल में ठोस क़दम क्यों नहीं उठे?यदि भाजपा सरकार दो माह में ही दिल्ली एजुकेशन एक्ट के माध्यम से निजी स्कूलों की मनमानी पर नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, तो“आप” सरकार ने 11 वर्षों में ऐसा कोई प्रयास क्यों नहीं किया? गरीबों के लिए बने आवास खंडहर क्यों बन गए?नरेला और बवाना जैसे क्षेत्रों में गरीबों के लिए हजारों आवासों का निर्माण हुआ, लेकिन उन्हें आवंटित नहीं किया गया। भाजपा का आरोप है कि यहसब कुछ केवल कॉलोनियों में वोट बैंक बनाए रखने की राजनीति के तहत किया गया। कौन-सी जनहित योजना भाजपा ने बंद की?श्री सचदेवा ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ने कोई भी जनकल्याण योजना बंद नहीं की है। बिजली-पानी सब्सिडी और महिलाओं के लिए मुफ्तबस यात्रा जैसी सभी सुविधाएं पहले की तरह जारी हैं। उन्होंने “आप” नेताओं से पूछा कि यदि कोई योजना बंद हुई है, तो वे उसका नाम बताएं।