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देश में कोरोना संक्रमण ने फिर पकड़ी रफ्तार, सक्रिय मामले 6000 के पार केरल सबसे प्रभावित राज्य

देश में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार डराने लगी है कोरोना संक्रमण के सक्रिय केसों का आंकड़ा 6000 के पार पहुंच गया है. बीते 24 घंटे में छहकोरोना संक्रमितों की मौत भी हुई है केरल अब भी देश का सबसे प्रभावित राज्य बना हुआ है. यहां कोरोना के कुल 1950 केस हैं बीते 24 घंटे मेंइसमें 144 का इजाफा देखा गया है। इसके बाद गुजरात में 822, दिल्ली में 686, महाराष्ट्र में 595, कर्नाटक में 366, उत्तर प्रदेश में 219, तमिलनाडु में 194, राजस्थान में 132 और हरियाणा में 102 कोरोना के मामले मिल चुके हैं.पिछले 24 घंटे में हुई मौतों की बात करें तो केरल में तीनकोरोना संक्रमितों ने दम तोड़ दिया. एक की उम्र 51 साल, दूसरे की 64 और तीसरे की उम्र 92 साल बताई गई। तीनों ही पुरुष थे और तीनों कोपहले से कई बीमारियां थीं. ऐसे ही कर्नाटक में भी दो कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। जान गंवाने वाले दोनों पुरुषों की उम्र 51 और 78 साल थी. येदोनों भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से ग्रसित थे इसके अलावा एक 42 साल के पुरुष कोरोना संक्रमित की मौत तमिलनाडु में हुई. 600 के आंकडे़ को कर गए पारकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 48 घंटों में 769 नए संक्रमणों के साथ भारत के सक्रिय कोविड मामले 6,000 के आंकड़े कोपार कर गए हैं. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बढ़ते कोविड मामलों की वजह से केंद्र सरकार सुविधा-स्तर की तैयारियों की जांच करने के लिए मॉकड्रिल करा रहा है. सभी राज्यों को ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गयाहै.मंत्रालय ने कहा कि भारत में 6,133 सक्रिय कोविड मामले हैं. पिछले 24 घंटों में छह और मौतें हुई हैं आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अधिकांशमामले हल्के हैं और घरेलू देखभाल में ही आइसोलेशन के साथ ठीक कर लिए जा रहे हैं. इस साल जनवरी से अब तक देश में 65 मौतें हुई हैं 22 मईको देश में कुल 257 सक्रिय मरीज थे.इससे पहले 2 और 3 जून को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में आपदाप्रबंधन प्रकोष्ठ, आपातकालीन प्रबंधन प्रतिक्रिया (EMR) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद(ICMR), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP), दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों के प्रतिनिधियों और सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों केप्रतिनिधियों के साथ मौजूदा कोरोना स्थिति और तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए तकनीकी समीक्षा बैठकों की एक सीरीज आयोजित की गई थी.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में मिला नौ साल की बच्ची का सूटकेस में शव,आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर साधा निशाना

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में पड़ोसी के घर में नौ साल की बच्ची का शव सूटकेस में बंद मिला. जिसके बाद परिवार के सदस्यों औरस्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया. कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिएक्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है. पुलिस यौन उत्पीड़न समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है.मामले कीजानकारी के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. भीड़ ने लापरवाही का आरोप लगाया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारीकी मांग की. इलाके में तनाव के कारण कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं. दुकानें की गई बंददरअसल उनमें से कई ने कहा कि वे हिंसा से डरते हैं और प्रदर्शनकारियों के बाजार की गलियों से मौजूदगी के चलते अपनी दुकानें बंद कर लीं.इसमामले में राजनीति भी तेज हो गई है दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंनेकहा है कि दिल्ली की बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? आतिशी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि ‘दिल्ली में 9 सालकी बच्ची के साथ दुष्कर्म और मर्डर के लिए कौन जिम्मेदार है? बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? भाजपा की 4 इंजन कीसरकार है, फिर भी हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं? कहां हैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी? कहां हैं देश के गृह मंत्री अमित शाह जी?’उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एकनाबालिग लड़की का खून से लथपथ सूटकेस में शव मिला है. संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतअधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पूर्वोत्तर दिल्ली के नेहरू विहार में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. पुलिस कोशुरुआती मेडिकल जांच के आधार पर यौन उत्पीड़न का संदेह है.एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दयालपुर पुलिस स्टेशन में रात 8:41 बजेपीसीआर कॉल मिलने पर एक टीम को नेहरू विहार की गली नंबर 2 में भेजा गया, जिसमें पाया गया कि लड़की के पिता ने उसे पहले ही जग प्रवेशचंद्र अस्पताल में भर्ती करा दिया था. अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया. डॉक्टरों ने उसके चेहरे पर चोट के निशान पाए और यौन उत्पीड़न कीसंभावना जताई है.पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियमकी धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया है. साक्ष्य एकत्र करने और आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमों को तैनात किया गया है.

वैंकूवर में खालिस्तान समर्थकों ने पत्रकार मोचा बेजिरगन पर हमला किया, मारपीट कर छीना फोन

कनाडा के वैंकूवर में खालिस्तानियों ने एक पत्रकार पर हमला किया. हमले की आपबीती पत्रकार मोचा बेजिरगन ने बताते हुए कहा कि मैं अभी भीकांप रहा हूं मुझे गुंडो ने धमकाया है.पत्रकार मोचा बेजिरगन ने कहा कि मैं खालिस्तानियों की एक रैली को कवर कर रहा था हमला करीब दो घंटेपहले हुआ और मैं अभी भी कांप रहा हूं। मुझे कई खालिस्तानियों ने घेर लिया था. उन्होंने गुंडों की तरह व्यवहार किया उन्होंने मुझे घेर लिया, मुझेधमकाया और मेरे साथ मारपीट की मेरा फोन छीन लिया.पत्रकार ने कहा कि एक व्यक्ति लंबे समय से मेरे खिलाफ अमानवीय भाषा का उपयोग करकेमुझे परेशान कर रहा था. हमला उसी ने किया है। वह कनाडाई नागरिक भी नहीं है वह यूके से है। मैं कनाडा, यूके, यूएस, न्यूजीलैंड में खालिस्तानविरोध प्रदर्शनों को कवर करता रहा हूं.संपादकीय रूप से स्वतंत्र -मोचा बेजिरगनमेरा एकमात्र लक्ष्य स्वतंत्र पत्रकारिता करना और जो कुछ हो रहा है उसे रिकॉर्ड करना और रिपोर्ट करना है.मोचा बेजिरगन ने कहा कि मैं संपादकीय रूपसे स्वतंत्र हूं, इससे कुछ लोग निराश हो जाते हैं. वे मुझे प्रभावित करना चाहते हैं मुझे खरीदना चाहते हैं मैं बस उस कार्यक्रम की रिपोर्टिंग कर रहा थाजिसमें खालिस्तानी इंदिरा गांधी के हत्यारों सहित अपने जान गंवाने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए एकत्र हुए थे.पत्रकार मोचा बेजिरगन नेकहा कि एक व्यक्ति मेरे पास आया और मुझसे सवाल पूछने लगा. वह मेरे चेहरे के बहुत करीब था फिर अचानक दो-तीन लोगों ने मुझे घेर लिया औरमेरे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं थी. मैं अपने मुख्य कैमरे से गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग कर रहा था। जैसे ही मैंने रिकॉर्डिंग शुरू की. उन्होंने अपनाचेहरा दूसरी ओर कर लिया, लेकिन एक व्यक्ति मेरी ओर बढ़ता रहा और फिर आखिरकार उसने एक पल के लिए मेरा फोन मेरे हाथ से छीन लिया. इसने मेरी रिकॉर्डिंग बंद कर दी और जब मैंने वापस चालू किया तो पुलिस उसे रोक रही थी.

धार्मिक भावनाएं आहत’ कहकर 6 लाख मुआवजे की मांग पर आयोग ने लगाई फटकार, कहा शिकायतकर्ता खुद दोषी जानें क्या है पूरा मामला

महाराष्ट्र के उपभोक्ता आयोग ने मांसाहारी खाने से जुड़े विवाद को लेकर सख्त टिप्पणी की. आयोग ने कहा कि अगर मांसाहारी भोजन से शाकाहारीव्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है तो वह शाकाहारी और मांसाहारी दोनों भोजन देने वाले रेस्तरां से खाना क्यों मंगवा रहा है? आयोग नेएक भोजनालय के खिलाफ दो व्यक्तियों की शिकायत को खारिज कर दिया. भोजनालय पर आरोप लगाया गया था कि उन्हें गलत तरीके सेमांसाहारी भोजन परोसा गया था.आयोग ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता पूरी तरह से शाकाहारी थे और मांसाहारी भोजन से उनकी धार्मिक भावनाएंआहत होती हैं. तो उन्होंने ऐसे रेस्तरां से भोजन क्यों मंगवाया जो मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह का भोजन परोसता था. बजाय इसके कि वे ऐसेरेस्तरां से भोजन मंगवाएं जो पूरी तरह शाकाहारी था और केवल शाकाहारी भोजन परोसता था.छह लाख मांगा मुआवजाएक विवेकशील व्यक्ति खाने से पहले शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के बीच अंतर करने में सक्षम होता है.शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने 19 दिसंबर, 2020 को मुंबई के सायन में एक वाउ मोमोज आउटलेट से सॉफ्ट ड्रिंक के साथ स्टीम्ड ‘दार्जिलिंग मोमो कॉम्बो’ का ऑर्डर दिया था. उन्होंनेदो बार अपनी शाकाहारी पसंद पर विशेष जोर दिया. लेकिल उन्हें स्टीम्ड चिकन दार्जिलिंग मोमोज मिले। रेस्तरां के कर्मचारियों ने उनके निर्देशों कीअनदेखी की तथा आउटलेट पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया कि भोजन में शाकाहारी या मांसाहारी विकल्प है या नहीं कंपनीकी लापरवाही के कारण उन्हें मानसिक आघात, भावनात्मक परेशानी हुई तथा उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. उन्होंने कंपनी से छह लाख रुपयेमुआवजा मांगा. शिकायतकर्ताओं के आरोपों को कंपनी ने किया खारिजशिकायकर्ताओं के आरोपों को कंपनी ने खारिज कर दिया. कंपनी ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ताओं ने स्वयं मांसाहारी वस्तुओं का ऑर्डर दिया था जोउनके बिल में दर्शाया गया है. शिकायतकर्ताओं ने कंपनी के कर्मचारी के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया तथा उपद्रव मचाया। उन्हें ऑर्डर वापस करनापड़ा तथा उत्पाद निःशुल्क उपलब्ध कराने पड़े. कंपनी ने दलील दी कि रिफंड के कारण शिकायतकर्ता उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत ग्राहकनहीं थे. इसके बाद भी कंपनी ने उन्हें 1,200 रुपये का उपहार वाउचर देने की पेशकश की लेकिन शिकायतकर्ताओं ने मुआवजे की मांग की। यहशिकायत कंपनी को परेशान करने के इरादे से की गई है.

कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दावेदार मिगुएल उरीबे टर्बे पर जानलेवा हमला, बोगोटा में चुनावी कार्यक्रम के दौरान मारी गई गोली

कोलंबिया के दक्षिणपंथी सीनेटर मिगुएल उरीबे टर्बे को शनिवार (7 जून) को राजधानी बोगोटा में एक चुनाव प्रचार कार्यक्रम के दौरान गोली मार दीगई. इस जानलेवा हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मिगुएल उरीबे टर्बे 2026 के चुनावों के लिए एक प्रमुख राष्ट्रपति पद के दावेदार हैं. गोलीबारी की जांच कर रहे अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने बताया कि सीनेटर को हमले में दो गोलियां लगीं. हमले में दो अन्य लोग भी घायल हो गएहैं कार्यालय के बयान के मुताबिक, घटनास्थल पर एक 15 वर्षीय लड़के को बंदूक के साथ गिरफ्तार किया गया है कोलंबिया की सरकार ने जिम्मेदारलोगों को पकड़ने के लिए इनाम की पेशकश की है.हमला शाम पांच बजे (स्थानीय समयानुसार) के आसपास हुआ. समर्थकों को कर रहे थे संबोधितउन पर उस वक्त गोली चलाई गई जब देश के विपक्षी दल सेंट्रो डेमोक्रेटिको पार्टी के उम्मीदवार उरीबे टर्बे राजधानी के मॉडेलिया में एक मंच सेसमर्थकों को संबोधित कर रहे थे. उन पर कई गोलियां चलाई गईं गोलियां सीनेटर की पीठ और कथित तौर पर सिर में भी लगीं. हमले के बाद वे तुरंतबेहोश हो गए. उन्हें गंभीर हालत में पास के क्लिनिक में ले जाया गया. कोलंबियाई पुलिस प्रमुख जनरल कार्लोस ट्रियाना ने बताया कि हमले के समयउरीबे टर्बे के साथ काउंसिलमैन एंड्रेस बैरियोस और 20 अन्य लोग थे.हादसे के बाद मिगुएल की पत्नी ने उनके ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट के जरिएसमर्थकों से दुआ करने को कहा. उन्होंने लिखा, ‘मैं मारिया क्लाउडिया तराजोना, मिगुएल की पत्नी हूं. जिंदगी के लिए कर रहे है संघर्षमिगुएल जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. आइए हम ईश्वर से प्रार्थना करें कि वह उसका इलाज कर रहे डॉक्टरों के हाथों का मार्गदर्शन करें। मैं सभी सेमिगुएल के जिंदगी के लिए प्रार्थना करने की अपील करती हूं. मुझे ईश्वर पर पूरा विश्वास है.बोगोटा के मेयर कार्लोस फर्नांडो गैलन ने पुष्टि की किसंदिग्ध बंदूकधारी को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया. उन्होंने कहा कि हमलावर को हिरासत में लेने के लिए सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की. देशके रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बाद में घोषणा की कि हमले की साजिशकर्ता और हमलावर की मदद करने वालों की पहचान करने वाली जानकारी केलिए तीन बिलियन कोलंबियाई पेसो का इनाम दिया जाएगा. हमला फोंटिबोन नेबरहुड के एक पार्क में हुआ हथियारबंद हमलावरों ने उन्हें पीछे सेगोली मारी.

राहुल गांधी के चुनाव धांधली आरोपों पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा संवैधानिक निकाय तभी देगा जवाब जब विपक्ष के नेता सीधे उसे भेजेंगे पत्र

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली के आरोपों को लेकर राहुल गांधी के लेख पर निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण मांगे जाने के एक दिन बाद आयोगसे जुड़े सूत्रों ने रविवार को कहा कि यह संवैधानिक निकाय तभी जवाब देगा जब विपक्ष के नेता सीधे उसे पत्र भेजेंगे.सूत्रों के मुताबिक अपने संपर्कअभियान के तहत निर्वाचन आयोग ने सभी छह राष्ट्रीय दलों से अलग-अलग बातचीत के लिए उन्हें आमंत्रित किया था. जबकि अन्य पांच दलों नेआयोग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन कांग्रेस ने 15 मई की बैठक रद्द कर दी.राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र के मतदान केंद्रों की शाम कीसीसीटीवी फुटेज मांगे जाने संबंधी एक सवाल के जवाब में सूत्रों ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव याचिका दायर होने पर मतदानकेंद्रों की सीसीटीवी फुटेज की जांच सक्षम उच्च न्यायालय ही कर सकता है. आयोग के एक अधिकारी ने कहा चुनाव की शुचिता के साथ-साथमतदाताओं की गोपनीयता की रक्षा के लिए निर्वाचन आयोग ऐसा करता है.गोपनीयता का उल्लंघनराहुल गांधी मतदाताओं की गोपनीयता का उल्लंघन क्यों करना चाहते हैं. जिसकी चुनाव कानूनों के अनुसार निर्वाचन आयोग को रक्षा करनी होती है? उन्होंने कहा कि किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए गांधी को उच्च न्यायालयों पर भरोसा करना चाहिए. उन्होंने साथ ही कहा कि मतदाता सूची मेंहेराफेरी का आरोप लगाकर गांधी ने वास्तव में अपनी ही पार्टी द्वारा नियुक्त बूथ स्तर के एजेंट और महाराष्ट्र में अपनी ही पार्टी के उम्मीदवारों द्वारानियुक्त मतदान एवं मतगणना एजेंट पर सवाल उठाए हैं.निर्वाचन आयोग ने राहुल के दावों को निराधार करार दिया और इसे कानून के शासन काअपमान बताया. उन्होंने कहा ‘महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और मतदाता सूची को लेकर लगाए गए निराधार आरोप कानून के शासन का अपमान हैं.तथ्यों को किया जा रहा है नजरअंदाजचुनाव आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को ही कांग्रेस को भेजे अपने जवाब में ये सभी तथ्य सामने रखे थे जो चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. ऐसा लगता है कि बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते हुए इन सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है.कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र मेंपिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में धांधली के आरोपों को निर्वाचन आयोग के सूत्रों द्वारा खारिज किए जाने के बाद उस पर पलटवार करते हुएशनिवार को कहा था कि उसकी विश्वसनीयता बात छिपाने से नहीं बल्कि सच बोलने से बचेगी. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार कोदो समाचार पत्रों में लेख लिखकर आरोप लगाया था कि 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली का ब्लूप्रिंट था. उन्होंने कहा थाकि यह मैच फिक्सिंग अब बिहार में भी दोहराई जाएगी और फिर उन जगहों पर भी ऐसा ही किया जाएगा. जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हार रही होगी.

चिराग पासवान का बड़ा एलान LJP लड़ेगी बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव, बोले NDA को और मजबूत करना है लक्ष्य

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. इस सिलसिले में केंद्रीय मंत्रीएवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बड़ा एलान किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और यह लड़ाई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मजबूत करने के उद्देश्य से लड़ी जाएगी. भोजपुर जिले मेंएक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही.चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी तरह से NDA से अलग नहीं हैबल्कि उनका लक्ष्य गठबंधन को और अधिक मजबूती देना है उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी और मैं बिहार की 243 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे ताकि NDA कोमजबूती मिले और हम एकजुट होकर विजय की ओर बढ़ें. उन्होंने अपने संबोधन में यह भी दोहराया कि LJP (रामविलास) हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के नेतृत्व में विश्वास रखती है.भोजपुर की सभा में चिराग पासवान ने तथाकथित ‘जंगलराज’ पर तीखा हमला बोला. जंगलराज की करते है बातउन्होंने कहा कि जब हम ‘जंगलराज’ की बात करते हैं तो लोग इसे केवल RJD से जोड़कर देखते हैं लेकिन सच यह है कि इसके लिए कांग्रेस भीबराबर की जिम्मेदार है. बिहार के उस दौर में दोनों दल सत्ता में साझेदार रहे और राज्य को अराजकता की ओर धकेला.सभा के दौरान चिराग पासवान नेएनडीए सरकार द्वारा सामाजिक न्याय के पुरोधा कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ दिए जाने को एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि जिसव्यक्ति ने जीवनभर पिछड़ों, वंचितों और गरीबों के अधिकार के लिए संघर्ष किया. उसे सम्मान देने का काम हमारी सरकार ने किया है यह फैसला हमारे सामाजिक समरसता के संकल्प का प्रमाण है. वकेंद्रीय मंत्री एवं एलजेपीआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भोजपुर के आरा में लंबे समय के बाद एक बड़ी सभा को संबोधित किया. इस दौरान चिराग ने विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर भी विराम लगाते हुए कह दिया कि बिहार से नहीं बल्कि बिहार के लिए विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे. कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे थे आराइस सभा में हजारों की संख्या में भोजपुर समेत कई जिलों से कार्यकर्ता और समर्थक आरा पहुंचे थे.जानकारी के मुताबिक एलजेपीआर द्वाराविधानसभा चुनाव की तैयारी की घोषणा अनौपचारिक रूप से कर दी गई है. नवसंकल्प महासभा के नाम चिराग पासवान ने सभा को संबोधित कियाआरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में यह कार्यक्रम हुआ जहां चिराग पासवान शामिल हुए उनके साथ पार्टी के सभी पांच सासंद, प्रदेश अध्यक्ष, संसदीयबोर्ड के अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष राजेश्वर पासवान मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि चिराग पासवान की सभा में भोजपुर, कैमूर, रोहतास, बक्सर औरपटना के अलावा कई जिलों से लगभग 20 से 30 हजार लोग शामिल हुए. मंच पर आते ही चिराग पासवान ने माइक थाम लिया और कांग्रेस-राजदकी सरकार की नाकामी से अपने भाषण […]

उपेंद्र कुशवाहा की मुजफ्फरपुर रैली में भीड़ का जनसैलाब, बोले बदलाव की लहर है ये

मुजफ्फरपुर में पहुंचे राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने क्लब मैदान में आयोजित संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार महारैलीको संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इतनी भीषण गर्मी और तपिश में आए लोगों के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं. मुझे इतनी भारी भीड़ कीउम्मीद नहीं थी आप सबको देखकर हमें हौसला मिलता है हमारा हौसला आपकी ताकत और इस भीड़ से है। भीड़ को देखकर उपेंद्र कुशवाहा गदगदहो गए और कहा कि यह बदलाव का संकेत है.राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर हम चल रहे हैं उनके रास्ते में जितनीबाधाएं आती हैं मुझे उतना ही आनंद आता है। हम परिसीमन को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं. जिसमें दक्षिण के कुछ नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा हैअब मुझे जिस तरह से शाहाबाद और मुजफ्फरपुर में मिल रहा है उससे इनडायरेक्ट समर्थन बढ़ने लगा है बिहार में केवल राष्ट्रीय लोक मोर्चा ही यहकाम कर रही है. जनगणना हर दस वर्ष में होगी जिसमें लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या निर्धारित होगी. वर्ष 1951, 1961, 1971 मेंजनगणना हुई थी. लेकिन 2009 में सीटें नहीं बढ़ी थीं 1976 में आपातकाल के दौरान संशोधन कर परिसीमन पर रोक लगा दी गई थी. 2026 में समाप्त होने वाली है समय सीमा2001 में यह रोक 25 वर्ष तक लागू रही यह समय सीमा 2026 में समाप्त होने वाली है. दक्षिण के नेता इसे रोकने में लगे हुए हैं यदि इसमें रुकावटआई तो हम और भी पिछड़ जाएंगे. मुझे अपने बिहार के संविधान के अधिकार से वंचित करने का षडयंत्र किया जा रहा है.उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार मेंलोक मोर्चा को मिल रही सीटों को लेकर कहा कि किसी को कुछ भी पता नहीं होता है. ध्यान को भटकाने के लिए यह सब साजिश के तहत किया जारहा है ताकि जनता महत्वपूर्ण मुद्दों से भटक जाए. मीडिया में चल रही सीटों को लेकर चर्चा पर उन्होंने कहा कि आपको यह अधिकार किसने दिया? जो काम है, वह आप कीजिए राजनीतिक दल का काम वही करे। हम जो भी सवाल उठाते हैं, उसे लेकर हम सभी गठबंधन के लोगों के साथ चर्चाकरेंगे.उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जो लोग पद के लिए राजनीति करते हैं उन्हें यह मुबारक हो। हम तो परिवर्तन के लिए राजनीति करते हैं और जनता केलिए लड़ते रहेंगे. चाहे परिणाम कुछ भी हो मुझे क्या मिलेगा यह मैं भी नहीं जानता। क्या गांधी कभी रणनीति में गए थे? लेकिन वह उच्च शिखर पररहे हैं. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इन लोगों का नाम सम्मान के लिए लिया जाना चाहिए. जनता के सवालोंको लेकर संघर्ष करना ज्यादा जरूरी है जेपी भी इनमें रहे हैं हम जनता के मुद्दों को लेकर लड़ना ज्यादा जरूरी मानते हैं सीट मेरे लिए कोई मायने नहींरखती.

चाड ने अमेरिकी नागरिकों को वीजा देने पर लगाई रोक, ट्रंप की यात्रा नीति के जवाब में उठाया कदम

International News: चाड के राष्ट्रपति महामत इदरीस डेबी ने घोषणा की कि उनका देश अब अमेरिकी नागरिकों को वीजा जारी नहीं करेगा. यहफैसला तब लिया गया. जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चाड के नागरिकों के अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगाया है.राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार कोअपने पहले कार्यकाल की एक प्रमुख नीति को फिर से लागू कर दिया. जिसके तहत 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर पाबंदी लगा दी गईइनमें चाड भी शामिल है. ट्रंप का आरोप है कि इन देशों में सुरक्षा जांच की प्रक्रिया कमजोर है और ये देश अपने उन नागरिकों को वापस लेने सेइनकार करते हैं. जो अमेरिका में रहने की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां ठहर जाते हैं.जिन देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पाबंदीलगाई गई है उनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमनशामिल हैं. इसके अलावा सात अन्य देशों के लिए यात्रा नियम और कड़े किए गए हैं. सरकार को दे रहे है निर्देशयह नई नीति सोमवार की सुबह 12:01 बजे से प्रभावी होगी.चाड के राष्ट्रपति ने गुरुवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि वह अपनी सरकार कोनिर्देश दे रहे हैं कि पारस्परिकता के सिद्धांतों के अनुसार अमेरिकी नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगा दी जाए. डेबी ने कहा चाड के पास देनेके लिए विमान नहीं हैं न अरबों डॉलर हैं. लेकिन चाड के पास अपनी गरिमा और आत्मसम्मान है. उन्होंने कतर के शाही परिवार की ओर से ट्रंप प्रशासनको भेंट किए गए 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लग्जरी विमान का जिक्र करते हुए यह टिप्पणी की. ट्रंप की इस नई यात्रा नीति पर अफ्रीकी देशोंसे मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है. जिन 12 देशों के नागरिकों के आने पर पाबंधी लगाई गई है उनमें से सात अफ्रीका के हैं. अमेरिका में हुई हथियारबंद हमले की घटनाकांगो गणराज्य की सरकार के प्रवक्ता थियरी मोंगल्ला ने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका में हुई एक हथियारबंद हमले की घटना को लेकरगलतफहमी के कारण उनका देश इस सूची में आ गया है. उन्होंने कहा कि गलत पहचान के कारण कांगो गणराज्य को गलत समझा गया।उन्होंने आगेकहा कांगो कोई आतंकवादी देश नहीं है। यह न कोई आतंकवादी है और न ही हमारी आतंकी सोच है. इसलिए हमें लगता है कि यह एक गलतफहमीहै और हमें भरोसा है कि आने वाले घंटों में हमारे राजनयिक अमेरिकी प्रशासन से संपर्क करेंगे.

लॉस एंजेलिस में हिंसक विरोध के बीच ट्रंप ने की नेशनल गार्ड्स की तैनाती, गवर्नर न्यूजकम ने जताया विरोध

International News: लॉस एंजेलिस में अप्रवासन नीति के खिलाफ लोगों के विरोध को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कैलिफोर्निया गार्ड्स की तैनातीकरने का फैसला किया है. लॉस एंजेलिस में अप्रवासन विभाग की कार्रवाई का विरोध हो रहा है और बीते दो दिनों से अलग-अलग जगहों पर हिंसाभड़क चुकी है. जिसमें पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया है। हिंसा पर राष्ट्रपति ट्रंप ने नाराजगी जताई थी और कैलिफोर्निया केगवर्नर पर हालात को नियंत्रित नहीं कर पाने का आरोप लगाया था. अब नेशनल गार्ड्स की तैनाती के ट्रंप के आदेश के बाद कैलिफोर्निया गवर्नर गैविनन्यूजकम ने विरोध जताया है और इस कदम से तनाव बढ़ने की धमकी भी दी है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नेशनल गार्ड्स कीतैनाती को लेकर सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा’लॉस एंजिल्स में दो दिनों की हिंसा झड़प और अशांति के बाद नेशनल गार्ड ने बहुतबढ़िया काम किया है. भड़काने वालों और अक्सर पैसे लेकर उपद्रव करने वाले ये कट्टरपंथी वामपंथी विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. इसकेअलावा अब से विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की अनुमति नहीं होगी. नेशनल गार्ड को धन्यवादइन लोगों के पास छिपाने के लिए क्या है और क्यों? फिर से अच्छी तरह से किए गए काम के लिए नेशनल गार्ड को धन्यवाद.व्हाइट हाउस ने शनिवारको एक बयान में कहा कि ट्रंप,कैलिफोर्निया में अराजकता को दूर करने के लिए नेशनल गार्ड्स की तैनाती कर रहे हैं. कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविनन्यूजकम ने इस पर आपत्ति जताई और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि ‘रिपब्लिकन राष्ट्रपति का यह कदम जानबूझकर भड़काऊ हैऔर इससे केवल तनाव बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘यह गलत मिशन है और इससे जनता का भरोसा खत्म हो जाएगा. स्थानीय अधिकारी किसी भी समयकानून प्रवर्तन सहायता देने में सक्षम हैं. गैविन न्यूजकम विपक्षी डेमोक्रेट नेता हैं शनिवार को कैलिफोर्निया प्रांत के प्रमुख शहर लॉस एंजेलिस केपैरामाउंट नामक इलाके में अप्रवासन नीतियों को विरोध में दंगा भड़क गया. दरअसल अप्रवासन विभाग पुलिस के साथ मिलकर देशभर में तलाशीअभियान चला रहा है और अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कर रहा है लॉस एंजेलिस में इस सप्ताह 118 कथित अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कियागया है.