गोवा में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सीएम ने मानी सभी मांगे स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी माफी जानें क्या है पूरा मामला

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि उनकी सरकार ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की सभी सात मांगें मान ली हैं. सीएम ने गोवा मेडिकल कॉलेजमें हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात की मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने डॉक्टरों की सभी मांगें मान ली हैं. ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनीचाहिएहाल ही में गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे गोवा मेडिकल कॉलेज में औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे। इस दौरान शिकायतें मिलने पर स्वास्थ्य मंत्रीने गोवा मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रुद्रेश कुट्टीकर को डांट दिया था. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर के खिलाफ सख्त भाषा काइस्तेमाल किया। साथ ही डॉक्टर को निलंबित भी कर दिया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हंगामा हो गया. डॉक्टरों ने स्वास्थ्यमंत्री से माफी की मांग की. उतरे स्वास्थ्य मंत्री के विरोध मेंइंडियन मेडिकल एसोसिएशन और गोवा एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स जैसे संगठन भी स्वास्थ्य मंत्री के विरोध में उतर आए. मामला बढ़ता देखसीएम ने डॉक्टर का निलंबन रद्द कर दिया. हालांकि डॉक्टरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी। हंगामा होने पर स्वास्थ्य मंत्रीविश्वजीत राणे ने भी माफी मांग ली. एक सोशल मीडिया पोस्ट में राणे ने लिखा, ‘गोवा मेडिकल कॉलेज के दौरे पर मैंने जो कठोर शब्द कहे थे. उसकेलिए मैं डॉ. कुट्टीकर से दिल से माफ़ी मांगता हूं. उस पल, मेरी भावनाएं मेरी अभिव्यक्ति पर हावी हो गईं और जिस तरह से मैंने हालात को हैंडल कियाउसके लिए मुझे गहरा खेद है. मंगलवार को सीएम से मुलाकात के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली. सीएम ने भी डॉक्टरों की सभी मान लींहड़ताल वापस लेने पर सीएम ने डॉक्टरों को धन्यवाद दिया और कहा कि वे समय-समय पर डॉक्टरों की समस्याओं को सुनते रहेंगे.
अनुशासनहीनता पर कांग्रेस का बड़ा फैसला, दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित

MP Latest News: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह पर पार्टी ने बड़ा एक्शन लिया है. पार्टी ने लक्ष्मण सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला और रॉबर्ट वाड्राको लेकर बयान दिए थे. उनके यह ही बयान अब उन पर भारी पड़ गए हैं. जारी पत्र में कहा गया है कि लक्ष्मण सिंह के राहुल गांधी, उमर अब्दुल्लाऔर रोबर्ट वाड्रा को लेकर दिए गए बयानों को पार्टी ने अनुशासनहीनता मानता है. इसी के चलते अब उन्हें पूरे 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्तादिखाया गया है. दरअसल कांग्रेस पार्टी से लक्ष्मण को 6 साल के लिए निष्कासित करने के लिए कांग्रेस की डिसिप्लिनरी कमिटी के अध्यक्ष सांसदतारिक अनवर ने आला कमान को सिफारिश भेजी थी. लिया जा चुका है एक्शनलगातार यह बात सामने आ रही थी कि उन्हें पार्टी से बाहर निकाला जा सकता है हालांकि अब यह एक्शन लिया जा चुका है. कांग्रेस मीडिया विभागके अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने लक्ष्मण सिंह को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उनकीप्राथमिक सदस्यता भी निरस्त कर दी गई है. नायक ने कहा कि यह संदेश है कि डिसिप्लिन सबके लिए है. अनेक बार लक्षण सिंह ने पार्टी को असहजकर देने वाले बयान दिए थे पिछला बयान था कि राहुल गांधी सोनिया गांधी आतंकवादियों के साथ खड़े हैं. इस बयान को बर्दाश्त नहीं किया गयाऔर उनको निष्कासित कर दिया गया है. नायक ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की तरह नहीं है. अनिशासनहीनता करने पर दिखाया जाएगा बाहर का रास्तादरअसल जहां मंत्री विजय शाह इस तरह के बयान के बाद भी बैठे हैं. लक्ष्मण सिंह को उसी दल में भाजपा डालेगी जिसमें सुरेश पचौरी पड़े हुए हैं. कांग्रेस में अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं किया जाएगा कोई भी हो. अनुशासनहीनता करने पर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. लक्ष्मण सिंह ने24 अप्रैल को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ बयान दिया था. उन्होंनेउमर अब्दुल्ला को आतंकवादियों से मिले होने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि हमारे नेताओं को सोच-समझकर बोलना चाहिए नहीं तोचुनावों में उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा अगर पार्टी को मुझे निकालना है तो आज ही निकाल दें.
एलन मस्क ने ट्रंप पर दिए बयानों पर जताया अफसोस, बोले सोशल मीडिया पर ज्यादा लंबा खिच गया विवाद

International News: अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल के संकेतों के बीच एलन मस्क के तेवर नरम पड़ते दिख रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केसमर्थक रहे अरबपति उद्योगपति एलन मस्क अब उनकी नीतियों की मुखर आलोचना करने के करीब एक हफ्ते बाद अपने बयानों पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा कि एक्स पर जारी वार-पलटवार का मामला लंबा खिंच गया. ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर उन्होंने जो भी बयान दिए. इसका उन्हेंगहरा अफसोस है। गौरतलब है कि दोनों दिग्गजों के बीच यह टकराव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए सिलसिलेवार पोस्ट से बीते पांच जून सेशुरू हुई थी. बता दें कि मस्क ने ट्रंप के साथ सीधे टकराव के बीच अपनी अंतरिक्ष परियोजनाओं को बंद करने का एलान कर दिया था.ट्रंप को भीपत्रकारों के बीच लगातार मस्क से टकराव के मुद्दे पर बोलते देखा गया. पत्रकारों ने किया एलान मुझे है पसंद एलन मस्कविवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सबसे पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा मुझे एलन हमेशा पसंद रहे हैं. मैं चाहूंगा कि वे बिल कीबजाय मेरी आलोचना करें. क्योंकि बिल अविश्वसनीय है। यह हमारे देश के इतिहास में सबसे बड़ी कटौती है. यह लगभग 1.6 ट्रिलियन डॉलर कीकटौती है यह सबसे बड़ी कर कटौती है लोगों पर लगने वाले टैक्स बहुत कम हो जाएंगे. हम उस बिल में ऐसी चीजें कर रहे हैं जो अविश्वसनीय हैं. एलन इसलिए परेशान हैं क्योंकि हमने इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल (EV) से जुड़े फैसले लिए. इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बहुत अधिक धन दिया जा रहा था. कटौती के बाद मस्क को मुश्किल समय का सामना करना पड़ रहा है वे चाहते हैं कि सरकार सब्सिडी के रूप में अरबों डॉलर का भुगतान करे.ट्रंप केबयान के मस्क ने एक्स पर लिखा अगर उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन नहीं किया होता. तो ट्रंप 2024 का राष्ट्रपति चुनाव हार जाते. मस्क ने दावाकिया कि ऐसी स्थिति में डेमोक्रेट्स को अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिल जाता और संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट में रिपब्लिकनपार्टी सिर्फ 51-49 के अंतर से सीनेट में बढ़त बना पाती.