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NEWS अब तक

अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 क्रैश, 242 लोगों की मौत पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी थे सवार

Ahmedabad Plane Crash News: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार (12 जून) की दोपहर एयर इंडिया के पैसेंजर विमाग एआई-171 क्रैशहुआ है, जिसकी डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं. अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में आग की बड़ी-बड़ी लपटें देखी गईं. वहीं, काले धुएं का गुबारदूर से ही देखा जा सकता है. इस विमान में 242 यात्री सवार थे और सभी की मौत हो गई है. बता दें इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजयरुपाणी भी सवार थे जो अपने परिवार से मिलने के लिए लंदन जा रहे थे. यह एआई-171 विमान लंदन के लिए उड़ान भर रहा था. इमारत या दीवार से टकराने से हुआ प्लेन क्रैशअहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ करते समय ही आसपास की इमारत या दीवार से टकराने से प्लेन क्रैश हुआहै. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट में यह दर्दनाक हादसा हुआ है. माना जा रहा है कि एयरपोर्ट कीबाउंड्री से लगकर यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. शुरुआती तस्वीरें जो सामने आई है, उसमें देखा जा सकता है कि विमान के परखचे उड़ गए हैं. राहतऔर बचाव कार्य जारी है.तस्वीर में दिख रहा है कि विमान का एक विंग टूटकर गिर हुआ है. दमकल कर्मी पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने कीकोशिश कर रहे हैं. फिलहाल, आग पर कुछ हद तक काबू पा लिया गया है. विमान एयरपोर्ट से टेकऑफ कर रहा था, जब यह हादसा हुआ था. चारों तरफ अफरा- तफरी का माहैलचारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल है, लोग इस भयावह हादसे को देखकर भयभीत हैं और इधर उधर भाग रहे हैं. विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होगया है. विमान का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका है. विमान जिस बिल्डिंग से लगकर गिरा है, वह भी क्षितग्रस्त हुई है.एयरपोर्ट के पास हीसिविल अस्पताल है, जहां के सभी डॉक्टरों की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है. अभी तक की जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद से टेकऑफ हुआ यहविमान लंदन की ओर जा रहा था.

पश्चिमी दिल्ली में विकास की नई इबारत-कमलजीत सहरावत ने रखा मोदी सरकार के 11 साल का लेखा-जोखा

मोदी सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली भाजपा महामंत्री एवं पश्चिमी दिल्ली की सांसद श्रीमती कमलजीतसहरावत ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से अपने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता औरकार्यकर्ता भी मौजूद थे। पश्चिमी दिल्ली की बदली तस्वीर सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने जिस तरह विकास कार्यों को गति दी है, उसने पश्चिमी दिल्ली की तस्वीर बदलदी है। भारत वंदना पार्क, 26000 करोड़ की लागत वाला यशोभूमि, मल्टी स्पोर्ट्स एरिना (40,000 क्षमता वाला स्टेडियम), वीर सावरकर कॉलेज(रोशनपुरा), द्वारका वेस्ट कैंपस, जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को दर्शाती हैं।इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट में क्रांतिकारी बदलाव – सहरावत ने बताया कि मोदी सरकार ने दिल्ली को नई रफ्तार दी यूआर-2 और द्वारका एक्सप्रेसवेजैसे प्रोजेक्ट्स के अलावा, शिवमूर्ति टनल जैसे मार्गों से यातायात में सुविधा मिली है। तीन नई मेट्रो लाइनों का विस्तार – नजफगढ़ से ढांसा, जनकपुरी से कालिंदी कुंज और कृष्णा पार्क लाइन — सीधे तौर पर पश्चिमी दिल्ली के लोगोंको लाभ दे रही हैं। खेल और शिक्षा को भी मिला प्रोत्साहन – 5 स्थानों पर खेल परिसर, 7 नए कम्युनिटी हॉल, दो कॉलेज (वीर सावरकर कॉलेज औरद्वारका वेस्ट कैंपस) के निर्माण से क्षेत्र को शैक्षिक और खेल सुविधाएं मिली हैं। मल्टी स्पोर्ट्स एरिना में क्रिकेट और फुटबॉल दोनों के लिए स्टेडियमबनेगा। सामाजिक योजनाओं से जनता को मिला सीधा लाभ सांसद ने बताया कि – PM उदय योजना के तहत हजारों लोगों को घर की रजिस्ट्री मिली। उज्ज्वला योजना से 40,000 से अधिक लोगों को गैसकनेक्शन मिला।50090 रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ पहुंचा।, 22000 से अधिक आयुष्मान कार्ड दिल्ली में बने। नजफगढ़ में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है जिससेपानी की कमी दूर होगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम कमलजीत सहरावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया है । एनडीए की महिला कैडेट्स की पासिंग आउट परेड, 26 जनवरी की परेड में महिलाओं की अगुवाई, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने बेटियों को नई पहचान दी है। भारत की वैश्विक पहचान उन्होंने कहाकि कोविड के दौरान भारत ने न सिर्फ देशवासियों को स्वदेशी वैक्सीन दी, बल्कि 100 से अधिक देशों को मुफ्त में वैक्सीन देकर अपनी वैश्विकभूमिका निभाई। भारत अब डिजिटल लीडर बन चुका है, और वोकल फॉर लोकल से लेकर लोकल फॉर ग्लोबल तक भारत का नाम पूरी दुनिया में गूंजरहा है। कमलजीत सहरावत ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने पश्चिमी दिल्ली में आधारभूत संरचना, शिक्षा, खेल, ट्रांसपोर्ट, सामाजिक योजनाओं औरमहिला सशक्तिकरण में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। आने वाले समय में यह क्षेत्र और भी अधिक विकसित और समृद्ध होगा।

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड 34 बच्चियों के यौन उत्पीड़न ने हिलाई सरकार, TISS रिपोर्ट से हुआ था सनसनीखेज खुलासा

साल 2018 की बात है बिहार में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ था. जिसने राज्य सरकार की नींद उड़ा दी. मामला मुजफ्फरपुर के एक बालिकागृह में 34 नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न का था. इस कांड की खबरें सामने आते ही जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमारको पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपनी पड़ी. इसके बाद जो खुलासे हुए उसके चलते 11 आरोपियों को आजीवनकारावास की सजा हुई. साल 2017 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के रिसर्चर्स के एक समूह ने बिहार सरकार के समाज कल्याणविभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव अतुल प्रसाद से मुलाकात की। इस समूह ने अपने फील्ड एक्शन प्रोजेक्ट ‘कोशिश’ के तहत बिहार में निजी तौर परचलाए जा रहे बालिका गृहों के सर्वे की इजाजत मांगी. बालिका गृहों के करने होगें सभी सर्वेअतुल प्रसाद ने TISS के रिसर्चर्स के समूह को सरकारी बालिका गृहों के भी सर्वे करने के लिए कहा. इसका मकसद राज्यभर के शेल्टर होम कीस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर हासिल करना था. बताया जाता है कि समाज कल्याण विभाग उस दौरान TISS की रिसर्च के जरिए राज्यभर में चल रहे110 बालिका गृहों की स्थिति बेहतर करने के तरीके जानना चाहता था. ताकि उन्हें अच्छे ढंग से संचालन के लिए सरकार की तरफ से जरूरी मददपहुंचाई जा सके। इजाजत मिलने के बाद टाटा इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स ने बालिका गृहों का सर्वे शुरू किया. सर्वे के दौरान बालिका सुधार गृहों के स्टाफउनमें रहने वाली लड़कियों से बात की गई. बातचीत के जरिए सर्वे टीमों को करीब 15 शेल्टर होम्स में प्रताड़ना, दुष्कर्म और उत्पीड़न की शिकायतेंमिलीं. 2018 में दी गई थी TISS रिपोर्टइनमें मुजफ्फरपुर का एक बालिका गृह ऐसी शिकायतों का केंद्र था. 2018 में TISS की तरफ से जो रिपोर्ट दी गई, उसके मुताबिक मुजफ्फरपुर मेंसेवा संकल्प एवं विकास समिति की तरफ से जो बालिका सुधार गृह चलाया जाता था, उसमें 7 से 17 साल की 42 बच्चियां रहती थीं. इनमें सेकरीब 34 बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न और टॉर्चर जैसी घटनाएं हुई थीं. बताया जाता है कि टाटा इंस्टीट्यूट की टीम ने फरवरी 2018 में अपनीरिपोर्ट पूरी कर ली और नीतीश कुमार सरकार को अप्रैल 2018 में इसे सौंप दिया। हालांकि राज्य सरकार ने करीब एक महीने तक इस रिपोर्ट पर कोईएक्शन नहीं लिया. इस बीच TISS की रिपोर्ट के कुछ अंश लीक हो गए और राज्य सरकार पर बालिका गृह कांड की घटना पर ध्यान न देने के आरोपलगने लगे.

दिल्ली में तपती गर्मी से हाहाकार, बारिश की उम्मीद 12 जून के बाद IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Weather News: गूगल पर बस एक ही सवाल टाइप हो रहा है बारिश कब होगी. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्मी नेऐसा तांडव मचाया है कि लोग पसीने से तर-बतर हैं. तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार निकल चुका है और ऊपर से उमस भरी हवा ने हालत खराबकर दी है. लगता है जैसे सूरज भइया दिल्ली पर कुछ अधिक ही खुश हो गए हैं. दिल्लीवालों की आंखें अब आसमान की तरफ टिकी हैं हर कोई बसयही दुआ मांग रहा है कि बादल बरसें और थोड़ी सी ठंडक मिले. हर गली-मोहल्ले में बस यही चर्चा है. “भाई, बारिश कब आएगी. अच्छी खबर ये हैकि मौसम विभाग ने थोड़ा सुकून देने वाला अपडेट दिया है. उनके मुताबिक 12 जून के बाद दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओंका दौर शुरू हो सकता है. दिल्ली की शुरुआत में गर्मी के तीखे असरदिल्ली में इस साल जून की शुरुआत से गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाए हैं. मई 2025 में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद जून में गर्मी ने फिर से जोरपकड़ा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दिल्ली में मंगलवार, 11 जून को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जोसामान्य से 3.6 डिग्री अधिक है. 12 जून को तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है. नमी का स्तर 31% से 73% के बीच उतार-चढ़ाव कररहा है. जिससे गर्मी का अहसास और बढ़ गया है. हीटवेव के लिए हुआ रेड अलर्ट जारीIMD ने दिल्ली के लिए 11 और 12 जून को हीटवेव के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि गर्मी और उमस का असर लोगों केस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है. विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और बाहर काम करने वाले लोग इस मौसम में अधिक जोखिम में हैं. मौसमविशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और मानसून के उत्तर-पश्चिम भारत में देरी से पहुंचने के कारण गर्मी काप्रकोप बढ़ा है.

भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज 20 जून से, शुभमन गिल के नेतृत्व में उतरेगी युवा टीम “कोहली-रोहित की कमी खलेगी”

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है. फैंस के मन में उत्सुकता उतनी बढ़ती जा रही है इससीरीज की शुरुआत 20 जून से होगी. भारतीय टीम नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में इस सीरीज में उतरेगी और सभी खिलाड़ी इंग्लैंड पहुंचचुके हैं. इस दौरान टीम इंडिया भारत-ए टीम के खिलाफ एक इंट्रा स्क्वॉड मैच भी खेलेगी. हालांकि काफी समय बाद ऐसा होगा कि किसी टेस्ट सीरीजमें विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन नहीं खेलते दिखेंगे.रोहित और कोहली ने टेस्ट को अलविदा कह दिया है तो वहीं अश्विन अंतरराष्ट्रीयक्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. इसके अलावा मोहम्मद शमी को भी इस दौरे के लिए टीम में नहीं चुना गया है. इंग्लैंड के उपकप्तान ओली पोप कामानना है कि शुभमन गिल की अगुआई वाली युवा भारतीय टीम में काफी गहराई और प्रतिभा है. चमक की खिलेगी कमीलेकिन 20 जून से लीड्स में शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैच की सीरीज के दौरान टीम इंडिया को विराट कोहली की चमक की कमी खलेगी.कोहलीऔर रोहित जैसे दिग्गजों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारत ने इस हाई-प्रोफाइल सीरीज के लिए युवा टीम का चयन किया है. पोप ने‘टॉकस्पोर्ट’ क्रिकेट से कहा, ‘यह एक युवा टीम है. लेकिन इन भारतीय खिलाड़ियों में बहुत गहराई और प्रतिभा है. इसलिए उनके पास बहुत से युवाखिलाड़ी हैं बहुत से अच्छे खिलाड़ी हैं उनके नए कप्तान शुभमन गिल एक शानदार खिलाड़ी हैं. उन्हें स्लिप में खड़े होकर चहकने वाले विराट कोहलीकी चमक की कमी खलेगी. उन्होंने कहा लेकिन उनके पास कुछ अच्छी प्रतिभाएं हैं इसलिए वे आत्मविश्वास से भरे होंगे. लेकिन हमारे खिलाड़ी इसकेलिए तैयार हैं भारत ने 2007 के बाद से इंग्लैंड में कोई टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है. 2011, 2014 और 2018 में उसे हार का सामना करना पड़ा हैजबकि 2021-22 की सीरीज ड्रॉ रही. पोप ने आगामी सीरीज को इस साल के अंत में होने वाली एशेज की इंग्लैंड की तैयारी के लिए महत्वपूर्णबताया.

फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारी महमूद खलील की रिहाई का आदेश, ट्रंप प्रशासन को संघीय अदालत से झटका

संघीय अदालत से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को झटका लगा है. एक संघीय जज ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह फलस्तीन समर्थकप्रदर्शनकारी और कोलंबिया के पूर्व छात्र महमूद खलील को रिहा करे. हालांकि जज ने सरकार को अपील दायर करने के लिए शुक्रवार (स्थानीयसमयानुसार) तक का समय दिया है. गौरतलब है कि महमूद खलील फलस्तीन के समर्थन में हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुए थे. जिसके बाद ट्रंप प्रशासनने उन्हें हिरासत में ले लिया था. इस मामले में न्यू जर्सी में अमेरिकी जिला जज माइकल फायरबियार्ज ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को फैसलासुनाया. इस दौरान जज ने सरकार को उसे रिहा करने का निर्देश दिया. हालांकि खलील को अभी कम से कम शुक्रवार तक जेल में रहना होगा ताकिसरकार के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का समय मिल सके. खलील के वकील रामजी कासेम ने कहा कि अदालत का फैसला महमूद केअधिकारों को मान्यता देता है. लेकिन जब तक वह अपने परिवार के पास घर नहीं लौट जाते तब तक हमें राहत नहीं मिलेगी. अब्दुल्ला ने जताई उम्मीदवहीं खलील की पत्नी और अमेरिकी नागरिग डॉ. नूर अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई है कि खलील जल्द रिहा हो जाएं ताकि वे अपने बेटे दीन के साथन्यूयॉर्क में अपना पहला फादर्स-डे मना सकें. उनका बेटा तब पैदा हुआ जब खलील लुइसियाना के जेना में संघीय हिरासत केंद्र में बंद थे. दूसरी तरफहोमलैंड सुरक्षा विभाग ने जज के फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी शुरू कर दी है. एजेंसी की प्रवक्ता ट्रिसिया मैकलॉघलिन ने कहा कि आजका फैसला अनुच्छेद II के तहत राष्ट्रपति की सांविधानिक रूप से निहित शक्तियों को कमजोर करता है. उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि उच्च न्यायालयइस मामले में हमें दोषमुक्त करेगा. 8 मार्च को खलील को संघीय आव्रजन एजेंटों ने उनके विश्वविद्यालय के अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था. यहगिरफ्तारी उन छात्रों पर कार्रवाई की शुरुआत थी जो गाजा युद्ध के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. गिरफ्तारी के बाद खलील को लुइसियाना की जेल मेंभेज दिया गया. इसके बाद खलील के वकीलों ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंनेमहमूद की हिरासत को अदालत में चुनौती दी.

ट्रंप प्रशासन की योजना, फेमा को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर राज्यों पर डाली जाएगी आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी

International News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तूफानों और आपदाओं से निपटने वाली 46 साल पुरानी संघीय एजेंसी फेडरल इमरजेंसीमैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना बना रहे हैं. कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे खासतौर पर जलवायुसे जुड़ी आपदाओं से निपटने में राज्यों पर अधिक बोझ पड़ने की संभावना है. राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ओवल ऑफिस में प्रशासन के अधिकारियोंके साथ गर्मियों में जंगल में लगने वाली आग की तैयारियों के संबंध में बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम फेमा से छुटकारा पाना चाहते हैं औरइसकी जिम्मेदारी राज्यों को देनी चाहिए.ट्रंप ने आगे कहा कि वे आपदा के समय सीधा पैसा देना चाहते हैं और FEMA जैसी एजेंसियां बीच में न हों क्रिस्टी नोएम ने बार- बार दिया संकेतहालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि पैसा राष्ट्रपति कार्यालय या फिर होमलैंड सिक्योरिटी विभाग, किसके जरिये दिया जाएगा. ट्रंप और होमलैंडसिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने बार-बार संकेत दिया है कि वे 46 साल पुरानी संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी को पूरी तरह से खत्म नहीं तोपूरी तरह से बदलना चाहते हैं हालांकि एजेंसी में सुधार के लिए दोनों दलों ने समर्थन दिया है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे पूरी तरह से खत्मकरने से महत्वपूर्ण सेवाओं और फंडिंग में कमी आएगी. ओबामा और बाइडन प्रशासन के दौरान फेमा के चीफ ऑफ स्टाफ रहे माइकल कोएन ने कहाकि अगर संघीय सरकार पीछे हट जाती है. राज्यों के लिए आगे की योजना बनाना बहुत मुश्किल हो जाएगा. वहीं शोधकर्ता सारा मैकटार्नाघन नेबताया कि अगर FEMA कम मदद करता है. तो राज्यों को बहुत ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा। कई राज्यों के पास इतनी पूंजी ही नहीं है. विशेष रूप सेदक्षिण के तूफान-प्रभावित राज्य और कुछ मिडवेस्ट इलाके ज्यादा जोखिम में हैं. फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) बड़ी आपदाओं में राज्योंकी मदद करता है. इनमें घरों को दोबारा बनाने के लिए आर्थिक सहायता देना, स्कूल, पुल और अन्य सार्वजनिक ढांचों की मरम्मत के लिए पैसा देनाऔर अन्य संघीय एजेंसियों से तालमेल बनाना शामिल है हालांकि जमीन पर काम राज्य और स्थानीय प्रशासन ही करते हैं.

इंदौर हत्याकांड में नया मोड़-आरोपी राज कुशवाहा को फंसाने का दावा, चाचा और दादी बोले निर्दोष है हमारा बेटा

Indore Murder Case: इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल राज कुशवाहा के चाचा के बयान से नया मोड़आ गया है. चाचा भूपेंद्र ने बताया कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है राज की नौकरी से ही परिवार का भरण पोषण होता है. सोनम के पिताकी फैक्टरी में राज नौकरी करता है इन हालातों में सोनम और राज के बीच प्रेम प्रसंग कैसे हो सकता है? राज को सोनम किसी हालत में पसंद नहीं करसकती उसका इस्तेमाल किया जा सकता है इसी वजह से उसे फंसाया गया है. वहीं राज की दादी रामलली का कहना है कि उसका पौत्र निर्दोष है. वहऐसा नहीं कर सकता है उसे फंसाया गया है स्थानीय पुलिस भी गांव में राज के बारे में पूछताछ करने पहुंची थी. गाजीपुर का रहने वाला है राज कुशवाहा दरअसल इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल राज कुशवाहा का परिवार मूलरूप से फतेहपुर जिले के गाजीपुरथाने के रामपुर गांव का रहने वाला है. परिवार की माली हालत ठीक नहीं है सोनम के कथित प्रेमी राज की दादी ने पौत्र को फंसाए जाने की बात कहीहै. रामपुर गांव में राज के बाबा सूरजभान किराने की दुकान चलाते हैं। उनके दिवंगत बड़े पुत्र रामनजर सिंह उर्फ बबुआ का पुत्र राज है. दो बेटे नारेंद्रउर्फ बउवा, मुन्ना उर्फ भूपेंद्र गांव में रहते हैं. राज के पिता की ब्रेन ट्यूमर की वजह से पांच साल पहले मौत हो गई थी राज का पिता करीब 25 सालपहले इंदौर गया था. वहां फल की आढ़त में नौकरी करता था राज का बचपन गांव में बीता. करीब 10 साल पहले राज उसकी मां रुपतिया व तीनबहनें इंदौर में रहने लगी थीं. कुछ समय बाद बड़ी बहन काजल गांव में आकर पढ़ाई करने लगी. राज के ननिहाल बांदा के राजापुर में शादी समारोहथा. उसमें शामिल होने के लिए राज की मां और बहनें 20 दिन पहले गांव आईं थीं। करीब 10 दिन राजापुर व इतने ही दिन गांव में रुकने के बादइंदौर चली गई थीं घटनाक्रम की शुरुआत 23 मई से हुई.

अयोध्या में शराब की दुकानों पर भड़के अजय राय-राम के नाम पर व्यापार और झूठ की सरकार

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय ने आज दिल्ली मे प्रेस को संबोधित करते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहाकि सरकार “राम के नाम पर दुकानें चलाने” में जुटी है और अयोध्या को मंदिर नगरी से शराब नगरी में बदला जा रहा है। अजय राय ने मीडिया कोसंबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या की पवित्र भूमि पर, जहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, वहां अब मंदिरों के पास शराब की दुकानें खोली जा रहीहैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा 1 मई 2025 को 13 किलोमीटर के धार्मिक क्षेत्र में शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने काप्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन सरकार ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। राम नगरी को मय नगरी बना दिया गया अजय राय ने कहा, “यह सरकार राम के नाम पर दिखावा करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि अयोध्या में मंदिरों के करीब शराब की दुकानों का जालबिछा दिया गया है। वहां सरयू घाट, राम की पौड़ी, हनुमानगढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के पास भी शराब बिक रही है।” उन्होंने दावा कियाकि अयोध्या की गलियों और गांवों तक शराब की दुकानें खोल दी गई हैं, और मंदिरों की आड़ में यह कारोबार हो रहा है। सरकार आंकड़े छुपा रही है प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अजय राय ने दो वीडियो दिखाए और दावा किया कि सरकार संवेदनशील मामलों में सच्चाई छिपा रही है। उन्होंने 29 जनवरीकी घटना का हवाला देते हुए कहा कि 82 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई, लेकिन सरकार ने केवल 37 मौतों को स्वीकारा उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार ने 19 शवों को उनके परिवारों तक पहुंचाए बिना ही लावारिस घोषित कर बनारस में जला दिया। ये सभी लोग बीजेपी औरआरएसएस के नेता के भाई की मौत के बाद भड़की हिंसा में मारे गए थे। गाजीपुर और कुंभ दोनों जगह मौतें, लेकिन सरकार चुप”- अजय राय ने गाजीपुर की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह एक मासूम बच्चा भीड़ में मारागया और उसकी रिपोर्ट दबा दी गई। इसी के साथ उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान हुई मौतों के सही आंकड़े भीसरकार ने छुपाए। उन्होंने कहा, “हज़ारों की भीड़ थी, प्रशासन तैयार नहीं था। कुंभ में कई दर्जन मौतें हुईं, लेकिन आज तक कोई आधिकारिक रिपोर्टसामने नहीं आई। यह सरकार संवेदनशील मौतों को छिपाकर अपनी छवि चमकाने में लगी है।” जनता से झूठ बोल रही सरकारअजय राय ने स्पष्ट कहा, यह सरकार केवल राम का नाम लेकर भावनाओं से खेल रही है, न आंकड़े सही हैं, न नीयत। जनता से झूठ बोला जा रहा है, और अयोध्या की पवित्रता को दागदार किया जा रहा है।” उन्होंने अंत में दोहराया कि नगर निगम की समिति ने 1 मई को प्रस्ताव पारित किया था कि13 किमी के क्षेत्र में शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगे, लेकिन सरकार ने यह आदेश लागू नहीं किया। श्री अजय राय की यह प्रेस वार्ता उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार पर एक बड़ा राजनीतिक हमला मानी जा रही है, जिसमें धार्मिक स्थलों की गरिमा, प्रशासनिक लापरवाही, कुंभ और हिंसाकी मौतों पर चुप्पी, और जनसंवेदनशील मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।