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नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से विदाई की तैयारी, गृह व विदेश मंत्रालय समेत कई विभाग ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ भवन-3 में होंगे शिफ्ट

Dellhi News: लाल पत्थरों वाले केंद्र सरकार के ‘पावर सेंटर’ यानी ‘नॉर्थ ब्लॉक’ और ‘साउथ ब्लॉक’ के खाली होने का समय करीब आ गया है. ‘नॉर्थ ब्लॉक’ से केंद्रीय गृह, विदेश एवं डीओपीटी मंत्रालय विदाई लेंगे। अब इनके सहित कई दूसरे मंत्रालयों/विभागों को भी अपना नया पता मिलगया है आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचवाईए) के एस्टेट निदेशालय ने कर्तव्य पथ पर बने ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ के भवन-3 में गृहमंत्रालय और डीओपीटी सहित कई विभागों को फ्लोर व रूम अलॉट कर दिए गए हैं इसी माह ये मंत्रालय नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगे. 6 फ्लोर पर होगें गृह मंत्रालय के कार्यालयआवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचवाईए) के एस्टेट निदेशालय द्वारा 11 जून को जारी कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय, जिसका वर्तमान पता नॉर्थ ब्लॉक है, अब यह मंत्रालय ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ के तीन फ्लोर पर शिफ्ट होगा. फ्लोर 4 पर रूम संख्या 34000 सेलेकर 34119 तक गृह मंत्रालय को दिए गए हैं. फ्लोर 5 पर रूम संख्या 35000 से 35109 तक के रूम भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को अलॉट किए गएहैं. फ्लोर 6 पर भी रूम संख्या 36000 से लेकर 36119 में भी, गृह मंत्रालय के कार्यालय रहेंगे. तीसरे फ्लोर पर किया जाएगा शिफ्टअभी तक विज्ञान भवन एनेक्सी में स्थित प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय, को भी ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ के तीसरे फ्लोर पर शिफ्ट कियाजाएगा. इस कार्यालय को रूम संख्या 33000डी, 33000ई, 33000एफ, 33003 से 33019, 33020 (पार्ट वर्क हॉल), 33022, 33026 से33029 अलॉट किए गए हैं. विदेश मंत्रालय, जो अभी तक साउथ ब्लॉक और शास्त्री भवन में स्थित है, अब इसे भी ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ में जगहदी गई है। इस मंत्रालय को रूम संख्या 33000ए, 33000बी, 33000सी, 33000जी, 33000एच, 33000जे, 33000के, 33000एल, 33000एम, 33001 से 33002, 33020 (पार्ट वर्क हॉल), 33021, 33023 से 33025, 33030 से 33119 तक अलॉट किए गए हैं. एमओएचवाईए के एस्टेट निदेशालय के अनुसार, उक्त मंत्रालयों/विभागों को पार्किंग स्पेस अलॉट करने के लिए एक अलग आदेश जारी कियाजाएगा. नई अलॉट प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए नई बिल्डिंग में सुविधा डेस्क स्थापित किया गया है. यह सुविधा डेस्क ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ 3 के पहले फ्लोर पर रूम संख्या 31000ए में सीपीडब्लूडी द्वारा स्थापित किया गया है.

मैथ्यू हेडन का बड़ा दावा कमिंस-स्टार्क-हेजलवुड की तिकड़ी मैक्ग्रा-ली-गिलेस्पी से बेहतर, बताया ऑस्ट्रेलिया की सबसे बेहतरीन पेस अटैक

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने दावा करते हुए कहा है कि पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क की गेंदबाजी तिकड़ी ग्लेन मैक्ग्रा, ब्रेट ली और जेसन गिलेस्पी की तिकड़ी से बेहतर है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के दूसरे दिन कमिंसकी अगुआई में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रामण ने अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे टीम बढ़त हासिल करने में सफल रही थी. कमिंस ने बेहतरीनप्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 28 रन देकर छह विकेट लिए। वहीं, स्टार्क ने दो और हेजलवुड ने एक विकेट लिया था. इन तीनों की शानदारगेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 138 रन पर ऑलआउट हो गई थी और ऑस्ट्रेलिया की टीम 74 रनों की बढ़त लेने में सफल रही थी. ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में आठ विकेट पर 144 रन बना लिए हैं और उसकी कुल बढ़त 218 रन हो गई है. दिनका खेल समाप्त होने तक मिचेल स्टार्क 16 और नाथन लियोन एक रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे. हेडन ने की सभी चीजें सभीहेडन ने कहा कि कमिंस ने सभी चीजें सही की है और ये तिकड़ी मैक्ग्रा-ली और गिलेस्पी की तुलना में अलग संयोजन से गेंदबाजी करती है। हेडन कामानना है कि दबाव के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने शानदार वापसी की। उन्होंने कहा, कमिंस हर काम सही तरीके से करते हैं। वे ऑफ स्टंप को चुनौती देतेहैं, ढलान का इस्तेमाल करते हैं और स्टंप के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाते हैं, जिससे बल्लेबाज लगातार खेलते हैं। चोट के कारण साढ़े पांच सालतक गेंदबाजी नहीं करने के बावजूद अब उनके पास 300 से ज्यादा टेस्ट विकेट हैं। यह असाधारण है। हो सकता है अटैकहेडन ने कहा, हेजलवुड, कमिंस और स्टार्क की तिकड़ी ऑस्ट्रेलिया की अब तक की सबसे बेहतरीन पेस अटैक हो सकती है, मैकग्राथ, गिलेस्पी और लीसे भी बेहतर क्योंकि उन्होंने एक साथ ज्यादा गेंदबाजी की है। इसमें नाथन लियोन को जोड़ दें, तो यह एक ‘शानदार चौकड़ी’ बन जाती है। दबाव केबावजूद ऑस्ट्रेलिया ने बढ़त बनाने में अच्छा प्रदर्शन किया। दक्षिण अफ्रीका ने वापसी की, जिससे यह मुकाबला उतार-चढ़ाव वाला रहा। यह अबतक का शानदार टेस्ट मैच रहा है और तीसरे दिन और भी ज्यादा रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है.

अहमदाबाद विमान हादसा में लंदन जा रही खुशबू की आखिरी उड़ान, विदाई के कुछ घंटे बाद बुझ गया परिवार का चिराग

गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. हादसे में कई परिवार खत्म हो गए तो घरों के चिराग बुझ. जिनसुनहरे सपनों को बुनकर लोग विमान में सवार हुए थे वे चंद मिनट बाद जलकर खास हो गए. ऐसे ही सुनहरे भविष्य के सपने थे राजस्थान के बालोतराजिले की रहने वाले खुशबू के वह शादी के बाद पहली बार अपने डॉक्टर पति के पास लंदन जा रही थी. परिवार के लोगों ने उसे खुशी के आंसुओं केसाथ विदा किया था. लेकिन कुछ देर बार खुशबू दुनिया से हमेशा के लिए विदा हो गई. बालोतरा जिले अराबा गांव में रहने वोल मदनसिंहराजपुरोहित की बेटी खुशबू कंवर की 18 जनवरी 2025 को खुशबू की शादी विपुल सिंह राजपुरोहित निवासी खाराबेरा लूणी जोधपुर के साथ हुईथी। खुशबू के पति विपुल लंदन में डॉक्टर हैं. शादी के कुछ दिन बाद विपुल लंदन वापस लौट गए थे. लेकिन खुशबू वीजा के कारण नहीं जा पाई थीइसके बाद वह अपनी ससुराल में रही और फिर अपने मायके आ गई. लंदन जाने की थी तैयारीहाल ही में वीजा मिलने के बाद उसने पति के पास लंदन जाने की तैयारी की थी. बुधवार को पिता मदनसिंह राजपुरोहित और उसका चचेरा भाईखुशबू को गांव से लेकर अहमदाबाद के लिए निकले थे. गुरुवार को उन्होंने बेटी को अहमदाबाद एयरपोर्ट छोड़ा. इस दौरान एयरपोर्ट के बाहर पिता नेबेटी के साथ फोटो भी खिंचाई थी. लेकिन तब यह किसी को नहीं पता था कि यह उसकी आखिरी तस्वीर बनकर रह जाएगी. बेटी को विदा करने केबाद परिवार को विमान हादसे की जानकारी लगी तो सभी बिलख पड़े.इधर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में खुशबू लंदन के लिए रवाना होने से पहले अपने परिवार से भावुक विदाई लेती हुई दिखाई दे रही हैं. घर से किया गया था पारंपरिक राति-रिवाजों के साथ विदादरअस जब वह शादी के बाद पहली बार अपने पति से मिलने जा रही थीं. घर की महिलाओं ने उन्हें पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विदा किया. खुशबू अपने पिता और भाई के साथ कार में बैठकर अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए रवाना हुईं. वीडियो में वह परिवार के सदस्यों से गले मिलते हुएभावुक नजर आ रही हैं इसी तरह दूसरे वीडियो में खुशबू एयरपोर्ट में जाती हुई नजर आ रही है. खुशबू के पिता मदनसिंह ने अपने व्हाट्सएप स्टेट्स परखुशबू के साथ ली गई आखिरी तस्वीर लगाई थी. जिस पर उन्होंने अपनी बेटी को आशीर्वाद देते खुशबू बेटा Going To Landan लिखा है.

बिहार में विकास की रफ्तार तेज, एनडीए पूरी एकजुटता से लड़ेगा चुनाव बोले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी

Bihar Election: डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और आने वाले समय में इसमें और भी तेजीआएगी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एनडीए गठबंधन पूरी एकजुटता के साथ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगा. चिराग पासवान को लेकर उठेसवालों पर उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे, गठबंधन में कोई भ्रम नहीं है. बैठक को कर रहे थे संबोधितडिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मुजफ्फरपुर के चैंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में आयोजित ‘सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 साल’ की बैठक कोसंबोधित कर रहे थे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी निषाद, पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूदरहे.सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. कोरोना महामारी के दौरानभारत ने 60 से अधिक देशों को दवाएं और चिकित्सा सहायता पहुंचाकर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को चरितार्थ किया. उन्होंने बताया कि केंद्रसरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है. चाहे वह आर्थिक विकास हो, अधोसंरचना, उद्योग, कृषि या अन्य क्षेत्र भारत आज आत्मनिर्भर हो चुका है और अबरक्षा क्षेत्र में इतनी तरक्की कर चुका है कि सर्जिकल स्ट्राइक करने में भी सक्षम है. अखंड भारत का सपना हो रहा साकारडिप्टी सीएम ने कहा कि बीजेपी के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ‘अखंड भारत’ का सपना अब साकार होता दिख रहा है. अनुच्छेद 370 कोसमाप्त कर प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक कार्य किया है. आज देश अंधकार से उजाले की ओर बढ़ रहा है और भ्रष्टाचार की जगह सुशासन स्थापित होरहा है। उन्होंने बताया कि पहले बिहार का बजट मात्र 6 हजार करोड़ रुपए था. लेकिन आज यह बढ़कर तीन लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह बिहारकी आर्थिक प्रगति का प्रमाण है. डिप्टी सीएम ने बताया कि बिहार की सड़कों की स्थिति पहले बेहद खराब थी. लेकिन आज राज्य में एक्सप्रेसवे औरहाईवे का जाल बिछ रहा है। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़ी छलांग लगाई है. उन्होंने दावा किया कि अभी बिहार से प्रतिवर्ष47 लाख लोग हवाई यात्रा करते हैं और जल्द ही यह आंकड़ा एक करोड़ को पार कर जाएगा। मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में हवाई अड्डों का निर्माणकिया जा रहा है. यह बिहार के सुनहरे भविष्य की ओर इशारा करता है.

अशोक गहलोत- सचिन पायलट की नजदीकियों ने बढ़ाई सियासी हलचल, राजस्थान कांग्रेस में फिर दिखी ‘एकता’ की कोशिश जानें क्या है पूरा मामला

राजस्थान में सत्ता भारतीय जनता पार्टी की है लेकिन सियासत की गर्मी कांग्रेस में बनी हुई है. पिछले चंद दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो यूं लगरहा है कि कांग्रेस में अब पैचअप की राजनीति तेज हो गई है. कांग्रेस के दो कद्दावर नेता पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिनपायलट के बीच एक बार फिर नजदीकियां देखने को मिल रही हैं. यह वाकई पुनर्मिलन है या कुछ और यह तो वक्त बताएगा. हालांकि, दोनों नेताओंको राजस्थान के पार्टी संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली हुई है. लेकिन दोनों अवसर आने पर शक्ति प्रदर्शन से नहीं चूकते हैं. सचिन पायलट औरअशोक गहलोत के बीच की तल्खी को समझने के लिए कुछ साल पहले जाना होगा. वर्ष 2018 में जब राजस्थान विधानसभा चुनाव हुए. तब सचिनपायलट प्रदेश अध्यक्ष थे उनके नेतृत्व में पार्टी ने चुनाव जीता था. लेकिन ऐन मौके पर अशोक गहलोत मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जा बैठे। सचिन कोभले उप मुख्यमंत्री बनाया गया था. लेकिन सूत्र बताते हैं कि उन्हें कामकाज की स्वतंत्रता नहीं थी. विधायकों को रखना पड़ा था बाड़ेबंदी मेंदोनों नेताओं के बीच इस कदर दूरियां थीं कि जून-जुलाई 2020 को जब कोविड देश में चरम पर था. सचिन पायलट साइलेंट बगावत करके कुछमंत्रियों और विधायकों के साथ गुरुग्राम में डेरा डालकर बैठ गए थे। जयपुर में अशोक गहलोत को कांग्रेस विधायकों को बाड़ेबंदी में रखना पड़ा था. इसी दौरान 20 जुलाई 2020 को अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को नकारा-निकम्मा तक कह डाला था. खैर कुछ दिनों बाद सचिन पायलट लौटआए थे. लेकिन उनका उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष का पद चला गया था जो मंत्री उनके साथ गए थे. उनको दोबारा कुर्सी मिल गई थी दो सालबाद एकाएक राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाने की सुगबुगाहट तेज हुई. पर्यवेक्षक दिए थे भेजकांग्रेस के केंद्रीय संगठन ने राजस्थान में विधायकों का मत जानने के लिए पर्यवेक्षक तक भेज दिए, जिनमें मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गेऔर अजय माकन शामिल थे. 25 सितंबर 2022 की शाम को पर्यवेक्षकों को विधायकों से मिलना था. लेकिन राजनीति के जादूगर अशोक गहलोतके खेमे ने झंडा उठा लिया। बड़ी संख्या में विधायकों ने बगावत कर दी और सचिन पायलट एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी से दूर चले गए। वर्ष2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई. लेकिन इस बार उसकी स्थिति उतनी खराब नहीं हुई, जितनी वर्ष 2013 के चुनाव में हुईथी. कांग्रेस को सम्मानजनक सीटें मिलीं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में 10 साल बाद उसने वापसी की और 8 सीटें जीतीं.