AISATS Sacks Four Senior Officials Over Viral Party Video Amid National Mourning After AI171 Crash,Video of Party Sparks Outrage After Deadly Air India Crash

Air India SATS (AISATS) has terminated four senior officials after a video of a private party held in Gurugram went viral on social media, triggering public outrage. The controversy erupted shortly after the tragic crash of Air India flight AI171 on June 12, 2025, which claimed the lives of 259 people. The nation was still […]
कोलकाता गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा संबित पात्रा का आरोप – टीएमसी से जुड़े छात्र संगठन के सदस्य शामिल, गार्ड्स रहे मूकदर्शक

कोलकाता में एक लॉ छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद डॉ. संबित पात्रा ने एक बड़ा दावा करते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गभीर आरोप लगाएहैं। संबित पात्रा ने कहा कि यह घटना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि राज्य की शासन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। उन्होंने दावाकिया कि कॉलेज यूनियन से जुड़े सात युवक, जो टीएमसी से संबंधित थे, इस घटना के दौरान एक साथ मौजूद थे। उन्हीं में से तीन युवकों पर गैंगरेपका आरोप है। उन्होंने कहा कि पीड़िता से एक आरोपी ने प्रेम संबंध स्थापित करने का प्रयास किया और उसे शादी का प्रस्ताव दिया। लेकिन युवती नेयह कहकर इनकार कर दिया कि वह पहले से एक रिश्ते में है और किसी और से शादी नहीं कर सकती। इसके बाद आरोपियों ने मिलकर इस भयावहवारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि घटना कॉलेज के गार्ड रूम के अंदर हुई, जहां उस समय सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। संबितपात्रा ने बताया कि आरोपियों ने गार्ड्स को इशारे में बाहर जाने के लिए कहा और वे सब कुछ जानकर भी कमरे से बाहर चले गए। उन्होंने किसी भीतरह से पीड़िता की मदद करने या आरोपियों को रोकने की कोशिश नहीं की। डॉ. संबित पात्रा ने इस घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय करारदेते हुए ममता सरकार पर सवाल उठाए कि आखिर राज्य में छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि अगर सत्ताधारी दल से जुड़ेछात्र नेता ही इस तरह की घटनाओं में शामिल होंगे, और कॉलेज प्रशासन तथा सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहेंगे, तो राज्य की बेटियों की सुरक्षा कीगारंटी कौन देगा? उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए और सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ हीगार्ड्स और कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। यह घटना न केवल एक छात्रा के साथ घिनौना अपराध है, बल्कि यह ममतासरकार की विफल कानून-व्यवस्था और नैतिक जिम्मेदारी का भी खुलासा करती है। भाजपा की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वे इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएंगे, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और भविष्य मेंऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भूपेश बघेल, हरिश चौधरी, जीतू पटवारी और अनिल जयहिंद ने पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर भाजपा सरकार को घेरा, कहा – सुप्रीम कोर्ट केआदेश के बावजूद अधिकारों से वंचित किया जा रहा है

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य सरकार परकड़ा प्रहार किया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल, श्री हरिश चौधरी, श्री जीतू पटवारी और अनिल जयहिंद ने एक स्वर में कहा कि भाजपा सरकारजानबूझकर पिछड़े वर्ग के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर रही है।भूपेश बघेल ने कहा कि यह केवल आरक्षण का मामला नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की आत्मा से जुड़ा विषय है। उन्होंनेकहा कि जब देश की सबसे बड़ी अदालत ने 27 प्रतिशत आरक्षण को वैध ठहरा दिया है, तब राज्य सरकार की चुप्पी दर्शाती है कि वह पिछड़ा वर्गको उनका अधिकार नहीं देना चाहती। हरिश चौधरी, जो मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी भी हैं, ने जानकारी दी कि वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पिछड़े वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, जिसे वर्ष 2003 में बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया। लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे कभी लागू नहींकिया। वर्ष 2019 में जब कांग्रेस की सरकार बनी और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने अध्यादेश लाकर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया। यहप्रस्ताव विधान सभा से पारित भी हुआ, लेकिन सरकार बदलने के बाद भाजपा ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। जीतू पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर ओबीसी वर्ग के छात्रों को धोखे में रखा है। वर्षों से नियुक्तियाँ नहीं हो पा रहीहैं, प्रतियोगी परीक्षाएँ अधर में लटकी हैं, और सरकार यह कहकर लोगों को भ्रमित करती रही कि अदालत ने रोक लगाई है। जबकि 28 जनवरी2025 को उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया था कि 27 प्रतिशत आरक्षण पूरी तरह वैध है और इसे लागू किया जाना चाहिए। अनिल जयहिंद ने भाजपा की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा न तो सामाजिक न्याय में विश्वास रखती है, न ही समानता में। उनकीनीति हमेशा पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को पीछे रखने की रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार को अब यह बताना चाहिए कि सुप्रीम कोर्टकी दो-दो टिप्पणियों के बावजूद वह आरक्षण को लागू क्यों नहीं कर रही है। कांग्रेस नेताओं की प्रमुख माँगें- ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए।नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे छात्रों को अविलंब नियुक्तियाँ दी जाएं।सभी योग्य अभ्यर्थियों को पिछली सेवा अवधि का पूरा वेतन दिया जाए।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री मोहन यादव प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें।कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार की ओर से लगातार टालमटोल यह साबित करती है कि वह ओबीसी समाज के प्रति न तोसंवेदनशील है और न ही न्यायप्रिय। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है, और पार्टी हर मंच पर पिछड़े वर्ग के हक कीआवाज बुलंद करती रहेगी। जब संविधान सबको बराबरी का अधिकार देता है, तो फिर ओबीसी समाज को उनका अधिकार देने में देरी क्यों? इस प्रश्न के साथ कांग्रेस ने भाजपाको चेताया है कि यदि अब भी आरक्षण लागू नहीं किया गया, तो जन आंदोलन किया जाएगा।
8 महीने के मासूम युवांश के जीवन की लड़ाई संजय सिंह की देशवासियों से भावुक अपील

आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक बेहद मार्मिक अपील करते हुए देशवासियों से एक 8 महीने के मासूम बच्चे “युवांश” की जान बचानेके लिए मदद की गुहार लगाई है। संजय सिंह ने बताया कि युवांश हरियाणा का निवासी है और उसके पिता हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं।दुर्भाग्यवश, युवांश को स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी टाइप नामक एक गंभीर और जानलेवा बीमारी हो गई है, जिसका इलाज एक बेहद महंगे इंजेक्शन सेही संभव है, जिसकी कीमत लगभग 14 करोड़ रुपयेहैसंजय सिंह ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया था और अब एक बार फिर जनता से भावनात्मकअपील करते हुए कहा है कि—क्या 140 करोड़ की आबादी वाला भारत इतना असहाय है कि हम मिलकर एक मासूम की जान न बचा सकें उन्होंनेबताया कि हरियाणा पुलिस के डीजीपी और पुलिस बल ने सराहनीय कदम उठाते हुए अपनी एक दिन की तनख्वाह युवांश की मदद के लिए देने कानिर्णय लिया है। संजय सिंह ने स्वयं भी ₹51,000 की सहायता राशि अपनी सैलरी से देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अन्य राज्यों की सरकारों, सामाजिक संस्थाओं और मीडिया से भी अपील की कि वे इस गंभीर मामले को गंभीरता से लेंऔर इस मासूम की जान बचाने में योगदान दें। उन्होंने कहा— हर एक नागरिक को अपनी सामर्थ्य अनुसार आगे आना होगा। यह सिर्फ एक बच्चे कीनहीं, मानवता की परीक्षा है। डॉक्टर्स के मुताबिक, युवांश के पास समय बेहद कम है और अगर जल्द ही इलाज नहीं हुआ, तो उसकी जिंदगी सिर्फढाई साल तक ही सीमित रह जाएगी। अंत में संजय सिंह ने एक दान कोड भी साझा किया, जिससे कोई भी व्यक्ति इस नेक कार्य में अपना सहयोग देसकता है।
आपातकाल की यादों से युवाओं को जोड़ा, लोकतंत्र की रक्षा का दिया संदेश “भोपाल युवा संसद में बोले CM मोहन यादव”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा संसद के जनप्रतिनिधियों से संवाद किया. शुक्रवार को भोपाल में आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद विष्णुदत्त शर्मा, युवा मोर्चा के नेता रोहित चहल और वैभव पंवार ने हिस्सा लिया. इस अवसर परआपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों की समीक्षा के साथ युवा वर्ग को जागरूक करने पर बल दिया गया. इस दौरान उन्होंने सवाल पूछते हुएकहा कि आपातकाल पर युवा संसद बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी? अगर आज आपातकाल होता तो आपके हाथ में अखबार नहीं आता, इलेक्ट्रॉनिकमीडिया में खबर नहीं आती. आपातकाल के दौरान क्यों पड़ी युवा सांसद की जरुरतअभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीन ली जाती. वहीं निशाना साधते हुए कहा कि जो मां ने किया वही बेटे ने किया और आज वही राहुल गांधी भी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने मंच पर सवालिया लहजे में पूछा कि आपातकाल पर युवा संसद बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि यदि आज भी ऐसा समय आता तो […]
भाजपा को मिलने वाला है नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, जुलाई की शुरुआत में राज्यों में संगठनात्मक बदलाव तेज़

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए करीब एक साल से जारी इंतजार 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले खत्म हो सकता है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टी की योजना जुलाई के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक सहित करीब एक दर्जन राज्योंमें नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराने की है. इस कड़ी में, राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ के लक्ष्मण ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, किरेन रिजिजूऔर सांसद रविशंकर प्रसाद को क्रमश: उत्तराखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है. गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष केचुनाव के लिए 37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से कम से कम 19 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव अनिवार्य है. शामिल है राज्य परिषद नेतापार्टी अब तक 14 राज्यों में ही ऐसा कर पाई है दूसरी बड़ी समस्या राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए बनने वाला निर्वाचक मंडल है. इस मंडल कासदस्य राष्ट्रीय और राज्य परिषद में शामिल नेता ही होते हैं इन परिषदों में यूपी, गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्यों की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है. ऐसे में प्रदेश संगठन के चुनाव के बाद इन परिषदों का कोटा भरे बिना निर्वाचक मंडल नहीं बनाया जा सकता. लोकसभा चुनाव में लगेझटके के कारण उत्तर प्रदेश केंद्रीय नेतृत्व की बड़ी सिरदर्दी है इस सूबे में बड़े बदलाव के लिए नए सिरे से मंथन शुरू हुआ है सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीयनेतृत्व को चुनाव में छिटके ओबीसी वोट बैंक को वापस लाने के साथ बसपा के कमजोर होने के कारण उसके वोट बैंक का सपा-कांग्रेस के प्रतिआकर्षित होने की काट भी ढूंढनी है. सूबे में नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ व्यापक रोडमैप तैयार होगा.नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इस पर अभी अंतिमफैसला नहीं हो पाया है. दलित या दक्षिण को देना चाहते है महत्वहालांकि पार्टी नेतृत्व सियासी कारणों से दलित या दक्षिण को महत्व देना चाहता है. चूंकि विपक्ष भाजपा और मोदी सरकार के संदर्भ में आरक्षण औरसंविधान को खत्म करने की धारणा बनाने की लगातार कोशिश कर रहा है इसके अलावा भविष्य की राजनीति के लिए विस्तार को अहमियत देने केलिए भाजपा की निगाहें दक्षिण भारत के राज्यों पर हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि नया अध्यक्ष या तो दलित बिरादरी का होगा या फिर दक्षिणभारत से जुड़ा होगा.राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद पार्टी का जोर संगठन को नया रूप देने पर है. इस क्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम में 60 से70 फीसदी चेहरे बदले जाएंगे. पार्टी की योजना इन बदलावों के जरिये युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों को संगठन में प्रतिनिधित्व देने कीहै. पार्टी सूत्रों का कहना है कि बड़े बदलाव से पार्टी की सर्वाधिक ताकतवर इकाई संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति भी अछूती नहीं रहेगी.
मध्यप्रदेश भाजपा को मिलेगा नया अध्यक्ष, धर्मेंद्र प्रधान बने पर्यवेक्षक संगठन में बदलाव की आहट तेज

भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक समीकरण एक बार फिर बदलने की ओर हैं राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा हाल ही में तीन राज्यों के लिए प्रदेश अध्यक्ष चयनके लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद मध्य प्रदेश भाजपा में भी नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी ने वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्रीधर्मेन्द्र प्रधान को मध्य प्रदेश का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. उनके भोपाल दौरे की संभावना अगले सप्ताह जताई जा रही है हालांकि अभी तककोई औपचारिक कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में हो रही देरी के चलते कई राज्यों में भी अध्यक्ष पद पर निर्णयअटका हुआ था. अब जब शीर्ष स्तर पर सहमति बन चुकी है तो मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी जल्द ही नए अध्यक्षों की घोषणा होने की उम्मीदकी जा रही है. भाजपा नेतृत्व लगाता है दावब्राह्मण वर्ग से यदि भाजपा नेतृत्व फिर से दांव लगाता है तो प्रमुख नामों में डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, राजेंद्र शुक्ल, आलोक शर्मा, रामेश्वरशर्मा, अर्चना चिटनीस और आशीष दुबे (जबलपुर सांसद) जैसे दावेदार चर्चा में हैं. ठाकुर वर्ग से पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, विधायक बृजेंद्र सिंह, कांतदेव सिंह और सांसद गणेश सिंह का नाम सामने आ रहा है वैश्य वर्ग से हेमंत खंडेलवाल (बैतूल विधायक) सबसे प्रमुख नाम हैं, वहीं सुधीर गुप्ता(मंदसौर सांसद) भी दौड़ में हैं.एससी वर्ग से भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, जतारा विधायक हरीशंकर खटीक औरदेवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी प्रमुख नाम माने जा रहे हैं. एसटी वर्ग में राज्यसभा सदस्य डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्तेऔर खरगोन सांसद गजेंद्र पटेल का नाम चर्चा में है. भाजपा नेतृत्व इस बार सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय समीकरण और आगामी चुनावों की रणनीति केतहत नए अध्यक्ष का चयन करना चाहता है संगठन चुनाव की प्रक्रिया जनवरी में ही पूर्ण हो चुकी है लेकिन निर्णय में देरी ने नेताओं की बेचैनी बढ़ा दीहै धर्मेंद्र प्रधान की सक्रियता के साथ अब फैसला जल्द होने की उम्मीद है.
उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष पद की रेस तेज, 1 जुलाई को मिल सकता है नया चेहरा” अध्यक्ष पद पर सस्पेंस बरकरार”

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष पद पर चयन की घोषणा कर दी है एक जुलाई को प्रदेश भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलसकता है. चुनाव की प्रक्रिया 29 जून से शुरू होने की संभावना है पार्टी राष्ट्रीय परिषद के लिए आठ सदस्यों का भी चुनाव करेगी. उत्तराखंड में प्रदेशअध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को चुनाव अधिकारी बनाया है. भाजपा के प्रदेश चुनाव अधिकारीखजानदास के मुताबिक, 29 जून को प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद के सदस्य पद के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है. ऐसा हुआ तोउसी दिन चुनाव में प्रतिभाग करने वाले मतदाताओं के नामों की सूची भी प्रदेश पार्टी कार्यालय में चस्पा हो जाएगी. फिर 30 जून को नामांकन कीप्रक्रिया होगी और एक जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है. इसका विधिवत रूप से कार्यक्रम जल्द जारी होगा. जिलाध्यक्षों की चयन प्रक्रिया हुई संपन्नउन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में बूथ, मंडल और जिलाध्यक्षों का चयन प्रक्रिया संपन्न हो गई है.भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इसेलेकर अभी रहस्य बना हुआ है. हालांकि पार्टी के भीतर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चाएं भी तैर रही हैं. इसकेपीछे की वजह अब तक हुए चुनाव में पार्टी की कामयाबी पार्टी के सभी बड़े नेताओं में उनकी स्वीकार्यता और मुख्यमंत्री धामी से उनका समन्वय बताईजा रही है.चूंकि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अब तक चौंकाने वाले फैसले ही लेता रहा है इसलिए पार्टी के भीतर जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाबसे कुछ और नाम भी चर्चाओं में हैं माना जा रहा है कि संगठन की कमान गढ़वाल क्षेत्र के ब्राह्मण चेहरे के हाथों में सौंपी जा सकती है. इस हिसाब सेप्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जो नाम संगठन में गूंज रहे हैं उनमें प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, दर्जाधारी ज्योति प्रसाद गैरोला, वरिष्ठ विधायक विनोदचमोली, विधायक बृजभूषण गैरोला के नामों की चर्चा है. पार्टी में यदि महिला को कमान सौंपने का प्रयोग हुआ तो महिला चेहरे के तौर पर केदारनाथकी विधायक आशा नौटियालव महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज के नाम प्रमुख हैं.
पीएम मोदी ने किया आचार्य विद्यानंद शताब्दी समारोह का उद्घाटन, जारी किए डाक टिकट और सिक्के

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को आचार्य विद्यानंद जी महाराज के शताब्दी समारोह में शामिल हुए. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को ‘धर्म चक्रवर्ती’ कीउपाधि से सम्मानित किया गया. पीएम मोदी ने आचार्य विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती के अवसर पर उनके शताब्दी समारोह के दौरान डाकटिकट और सिक्के जारी किए. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि 28 जून 1987 को आचार्य विद्यानंद मुनिराजको ‘आचार्य’ की उपाधि मिली थी. यह सिर्फ सम्मान नहीं था बल्कि जैन संस्कृति को विचारों, संयम और करुणा से जोड़ने वाली ‘पवित्र धारा’ भी थी. आज जब हम उनकी 100वीं जयंती मना रहे हैं तो यह हमें उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है.भगवान महावीर अहिंसा भारती ट्रस्ट के सहयोग सेआयोजित यह कार्यक्रम एक साल तक चलने वाले राष्ट्रीय श्रद्धांजलि समारोह की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है. 100 वीं जयंता का किया सम्मानइसका उद्देश्य आचार्य विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती का सम्मान करना है. साल भर चलने वाले इस समारोह में देशभर में सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षिक और आध्यात्मिक पहल की जाएंगी. समारोह का उद्देश्य आचार्य विद्यानंद जी महाराज के जीवन और परम्परा का जश्न मनाने केसाथ-साथ उनके संदेश का प्रसार करना है. आचार्य विद्यानंद जी महाराज ने जैन दर्शन और नैतिकता विषय पर 50 से अधिक पुस्तकों की रचना की है. उन्होंने विशेष रूप से प्राकृत जैन दर्शन और शास्त्रीय भाषाओं में शिक्षा के लिए काम किया और देश भर में प्राचीन जैन मंदिरों के जीर्णोद्धार औरपुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन धर्म के महान आध्यात्मिक गुरु व समाज सुधारक आचार्य विद्यानंद जी महाराज केशताब्दी समारोह का उद्घाटन किया. विज्ञान भवन में होने वाले इस आयोजन के मौके पर पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित भी किया.प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने जैन धर्म के महान आध्यात्मिक गुरु व समाज सुधारक आचार्य विद्यानंद जी महाराज के शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया. विज्ञान भवन मेंहोने वाले इस आयोजन के मौके पर पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित भी किया.
दिल्ली में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, भक्तिमय वातावरण में गूंजे जयकारे “रेखा गुप्ता ने निभाई छेरा पहाड़ा की रस्म”

Dellhi News: राजधानी में कई स्थानों पर शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया पुरी की तरह ही हौज खास, त्यागराज नगर, रोहिणी स्थित जगन्नाथ मंदिरों और द्वारका के इस्कॉन मंदिर सहित अन्य स्थलों पर यात्रा निकाली गई. इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भागलिया इस दौरान भगवान जगन्नाथ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. हौज खास स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नेपारंपरिक ‘छेरा पहाड़ा’ की रस्म निभाई। उन्होंने रथ के मार्ग पर झाड़ू लगाकर भगवान को नगर भ्रमण के लिए आमंत्रित किया और रथ की रस्सीखींचकर यात्रा का शुभारंभ किया. उनके साथ सांसद बांसुरी स्वराज व विधायक सतीश उपाध्याय भी मौजूद थे. वहीं रोहिणी के सेक्टर-24 स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में श्री जगन्नाथ रोहिणी सेवा संघ ने 20वीं रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया. पूजन और भंडारे का किया गया आयोजनसुबह से ही भजन-कीर्तन, हवन, पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया. रथ यात्रा की परंपरागत छेरा पहाड़ा रस्म डिप्टी मेयर जय भगवान यादव नेमंत्रोच्चारण के बीच निभाई. इस यात्रा में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, सांसद योगेंद्र चंडोलिया और मंत्री रविंद्र इंद्राज भी उपस्थित रहे. द्वारकास्थित इस्कॉन मंदिर की रथ यात्रा को राजधानी की सबसे बड़ी रथ यात्राओं में से एक माना जाता है यात्रा में भक्तों को रथ की रस्सी खींचने का सौभाग्यप्राप्त हुआ इस्कॉन द्वारका ने भगवान को 11,000 किलो आमों का भोग अर्पित किया. जिनमें 108 प्रकार के आम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इनआमों को बाद में प्रसाद स्वरूप भक्तों में वितरित किया गया. रथ यात्रा के दौरान जगह-जगह भंडारों, चाय-पानी व शीतल पेयजल की व्यवस्थास्थानीय लोगों और व्यापारियों ने की. भगवान को 11,000 किलो आमों का भोग अर्पित किया गया जिनमें 108 प्रकार के आम विशेष आकर्षण रहे. ये आम प्रसाद स्वरूप भक्तों में वितरित किए गए. आयोजन में भजन-कीर्तन, हवन, पूजन, और भंडारे के अलावा चाय-पानी व शीतल पेयजल कीव्यवस्था स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा की गई.