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सितंबर के बाद कर्नाटक में बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना मंत्री के बयान से अटकलें तेज़, सीएम सिद्धारमैया ने किया खारिज

कर्नाटक के एक मंत्री ने कहा है कि सितंबर के बाद राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव हो सकते हैं. मंत्री के इस बयान के बाद चर्चाओं का दौर शुरू होगया है. जब इस बारे में सीएम सिद्धारमैया से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बयान पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. गौरतलब है किकर्नाटक में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल सीएम बनने के फार्मूले पर सहमति बनने कीखबरें सामने आईं थी. यही वजह है कि मंत्री के ताजा बयान ने फिर से इस बदलाव को हवा दे दी है. राष्ट्रीय राजनीति का है सवालकर्नाटक सरकार में मंत्री केएन राजन्ना ने कहा कि ‘जहां तक कर्नाटक और राष्ट्रीय राजनीति का सवाल है सितंबर के बाद इनमें बड़े बदलाव देखने कोमिलेंगे हम कर्नाटक के लोग सिर्फ सीएम, राष्ट्रपति और कैबिनेट में बदलाव के बारे में ही सोचते हैं लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर ये भी ध्यान रखना चाहिए किजो 75 साल के हो गए हैं. वे सार्वजनिक पद पर नहीं हो सकते यह भाजपा और संघ की नीति है। इस नीति के तहत देश को नया प्रधानमंत्री भी मिलसकता है. राजन्ना ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस पार्टी में भी बदलाव की मांग थी, कई लोग मंत्री बनना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ‘कर्नाटक कांग्रेस पार्टीऔर सरकार में भी बदलाव की मांग उठ रही है कई लोग मंत्री बनना चाहते हैं कई लोगों के अपने एजेंडे हैं और जिसके जो भी एजेंडे हैं वो सितंबर केबाद आकार ले सकते हैं. टिप्पणी को कर दिया गया खारिजकर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने केएन राजन्ना की टिप्पणी को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि इन बयानों को नजरअंदाज कियाजाए. कर्नाटक विधानसौधा में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि पार्टी के भीतर कोई आंतरिक विवाद नहीं हैं. केएन राजन्ना ने जो कहा हैकि ‘वह शायद राज्य की राजनीति को लेकर कहा हो लेकिन उन्होंने ये नहीं कहा कि ऐसा कुछ होने वाला है. इसलिए बेहतर होगा कि उनकी टिप्पणीको नजरअंदाज किया जाए. केएन राजन्ना ने कहा कि ‘कर्नाटक कांग्रेस पार्टी और सरकार में भी बदलाव की मांग उठ रही है कई लोग मंत्री बनना चाहतेहैं कई लोगों के अपने एजेंडे हैं और जिसके जो भी एजेंडे हैं वो सितंबर के बाद आकार ले सकते हैं.

महाराष्ट्र में तीन भाषा नीति पर बवाल वर्षा गायकवाड़ ने महायुति के आरोपों को बताया झूठ, कहा हिंदी थोपना बर्दाश्त नहीं

महाराष्ट्र में तीन भाषा नीति को लेकर हंगामा जारी है अब कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महायुति सरकार के उन आरोपों को खारिज कर दिया है. जिनमें महायुति सरकार ने दावा किया है कि पूर्व की महाविकास अघाड़ी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन भाषा नीति को स्वीकार किया था. वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि महाराष्ट्र पर जबरन हिंदी थोपने को बर्दाश्त नहीं करेंगे. महाराष्ट्र की पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और कांग्रेस सांसद वर्षागायकवाड़ ने कहा कि ‘हम हिंदी भाषा के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हम महाराष्ट्र में इसे जबरन थोपने को स्वीकार नहीं करेंगे. महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टियांसरकार पर कक्षा एक से ही बच्चों पर हिंदी थोपने का आरोप लगा रही हैं. हाल ही जारी किया आदेशदरअसल सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया. जिसमें कहा गया कि राज्य के स्कूलों में अंग्रेजी और मराठी के साथ ही हिंदी भी तीसरी भाषाहोगी जो पहली कक्षा से पांचवीं तक पढ़ाई जाएगी. शिवसेना यूबीटी ने अपने कार्यकर्ताओं से सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध करने को कहा है. महाराष्ट्र में कल से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है जिसमें भाषा के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं. हिंदी के बढ़ते विरोध के बीच महाराष्ट्र सरकार केमंत्री उदय सामंत ने शुक्रवार को कहा कि पहली कक्षा से हिंदी की पढ़ाई अनिवार्य करने की मंजूरी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ीसरकार ने मंजूर की थी। इस पर पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने सफाई देते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी और उनके सहयोगी झूठ फैला रहे हैं. महाविकास अघाड़ी सरकार ने दी थी मंजूरीझूठ फैलाने की भी सीमा होती है भाजपा व्यवस्थागत तरीके से मराठी भाषा को अपनी ही जमीन पर कमजोर करने में जुटी है. गायकवाड़ ने ये भी दावाकिया गया कि ‘पूर्व की शिंदे सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को स्वीकार किया और इसके जरिए पीएम-श्री योजना के तहत केंद्र से फंड लिया. लेकिनअब राज्य में इसके असर दिखने लगे हैं.हिंदी के बढ़ते विरोध के बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत ने शुक्रवार को कहा कि पहली कक्षा से हिंदीकी पढ़ाई अनिवार्य करने की मंजूरी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार ने मंजूर की थी.

नेपाल की पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी की सक्रिय राजनीति में वापसी, सीपीएन-यूएमएल की दोबारा ली सदस्यता

नेपाल की पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने करीब एक दशक बाद सक्रिय राजनीति में वापसी कर ली है. उन्होंनेनेपाल की सत्ताधारी पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी- एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) की सदस्यता दोबारा ली है. उन्होंने यहघोषणा काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की जो उनके दिवंगत पति और सीपीएन-यूएमएल के पूर्व महासचिव मदन भंडारी की 74वींजयंती पर मदन भंडारी फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया था.विद्या भंडारी ने कहा मैंने पार्टी की राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सीपीएन-यूएमएल की सदस्यता फिर से ली है. भंडारी ने आगे कहाअब मैं एक बार फिर इस परिवार की सदस्य के रूप में सीपीएन-यूएमएल से जुड़ गई हूं और मुझे इस पर गर्व है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री केपी शर्माओली भी मौजूद थे जो सीपीएन-यूएमएल के मौजूदा अध्यक्ष भी हैं. तमाम तरह की लगाई जा रही थी अटकलेंपूर्व राष्ट्रपति की सक्रिय राजनीति में वापसी ऐसे समय में हुई है जब उनके पार्टी में संभावित भविष्य को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रहीथीं. पिछले कुछ महीनों में विद्या भंडारी देशभर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलती रहीं. जिससे यह अटकलें और तेज हो गई थीं कि उन्हें पार्टीमें कोई बड़ी भूमिका निभाने को मिल सकती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भंडारी की वापसी सीपीएन-यूएमएल में ओली के एकाधिकारके लिए चुनौती बन सकती है. काठमांडू पोस्ट ने पार्टी सूत्रों के हवाले से लिखा कि भंडारी सीपीएन-यूएमएल के अगले महाधिवेशन में ओली कोचुनौती दे सकती हैं. ओली 2014 से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं और वह तीसरे कार्यकाल की तैयारी में हैं. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ओली ने पार्टी कीएकता की बात दोहराई और बिना किसी का नाम लिए चेताया यूएमएल को तोड़ने का सपना मत देखो. ओली ने पार्टी सदस्यों से 2027-28 में होनेवाले अगले आम चुनावों पर फोकस करने को कहा विद्या भंडारी की राजनीतिक वापसी की अटकलें इसलिए भी तेज हो गईं थीं क्योंकि उन्होंने हाल हीमें 24 मई से 10 दिन की चीन यात्रा की थी. अधिकारियों से की मुलाकातजहां उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. नेपाल में इस यात्रा को उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा गया. भंडारी की राजनीति में दोबारा प्रवेश ने नेपाल की राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है. वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक ध्रुवहरि अधिकारी ने कहा कि किसी पूर्व राष्ट्रपति का दलगत राजनीति में लौटना आम बात नहीं है भले ही कानूनी रूप से कोई रोक न हो. उन्होंने कहा कियह नैतिक सवाल जरूर खड़ा कर सकता है भले ही यह निजी फैसला हो. विद्या देवी भंडारी 2015 से 2023 तक नेपाल की दो बार राष्ट्रपति रहीं. 2015 में राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता छोड़ दी थी. क्योंकि यह पद मुख्य रूप से प्रतीकात्मक और गैर-राजनीतिक होता है. राष्ट्रपतिबनने से पहले वह सीपीएन-यूएमएल की वरिष्ठ नेता थीं और पार्टी की उपाध्यक्ष रह चुकी थीं वह 2009 में नेपाल की रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं जबमाधव कुमार नेपाल प्रधानमंत्री थे.

मायावती का योगी सरकार पर हमला राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के 3,500 दलित छात्रों की छात्रवृत्ति अधर में “समाधान की मांग”

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अलीगढ़ स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के छात्रवृत्ति के मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा उन्होंनेसोशल मीडिया साइड ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कई जिलों के दर्जनों कालेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं. इनमें हजारों एससी-एसटी वर्गके छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. इनके छात्रवृत्ति का सरकारी स्तर पर सही से व समय पर निपटारा नहीं हो सका इस कारण छात्र-छात्राओं के भविष्य के अधरमें लटकने के खतरे से लोगों में बेचैनी व आक्रोश व्याप्त है. उन्होंने आगे लिखा कि ‘विश्वविद्यालय व जिला प्रशासन द्वारा भी इस सम्बंध में बार-बारपत्राचार किया गया इसके बावजूद लखनऊ स्थित समाज कल्याण विभाग स्तर पर असंवेदनशीलता व लापरवाही बरती गई. इसका परिणाम है किलगभग 3,500 दलित छात्र-छात्राओं के शिक्षण जीवन पर भारी खतरा मंडरा रहा है. छात्रों का लटका है भविष्यचूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों से ही अलीगढ़ का यह विश्वविद्यालय स्थापित हुआ है इसके सुचारु संचालन में भी सही रुचिलेकर खासकर हजारों दलित छात्र-छात्राओं की इस गंभीर समस्या का समाधान वह तत्काल जरूर निकालेंगे ऐसी उम्मीद है. मायावती ने राजा महेंद्रप्रताप सिंह विश्वविद्यालय के छात्रवृत्ति का मामला उठाया. एक्स पर लिखा कि इससे एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटकाहै. उन्होंने सीएम योगी से इसके जल्द समाधान की मांग की. “राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में पढ़ने वाले हजारों एससी-एसटीछात्रों की छात्रवृत्ति का समय पर निपटारा नहीं हुआ है. इससे उनका भविष्य अधर में लटका है सीएम योगी जी इस गंभीर मामले का तत्काल समाधानकरें.उन्होंने कहा कि चूंकि यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से स्थापित हुआ है, इसलिए उन्हें चाहिए कि इस गंभीर समस्या परतत्काल संज्ञान लें और हजारों दलित छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करें.

सीएम योगी ने वन महोत्सव 2025 की समीक्षा की एक दिन में आबादी से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य, ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम परमहाअभियान

UP Latest News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जुलाई में आयोजित होने जा रहे वन महोत्सव को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. सीएम ने निर्देश दिए कि इस अभियान को प्रदेशव्यापी जनांदोलन का रूप दिया जाए. वृक्षारोपण महाभियान-2025 का लोगो जारी करते हुएमुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हम एक दिन में प्रदेश की कुल जनसंख्या से भी अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. एक पेड़ मां के नाम थीमपर आधारित यह वृक्षारोपण महाअभियान प्रदेश को हीटवेव से ग्रीनवेव की ओर ले जा रहा है.योगी ने कहा कि 2017 से 2024 के बीच प्रदेश में204.92 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं और भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार 2017 से 2023 के बीच उत्तर प्रदेश केहरित आवरण में ऐतिहासिक रूप से तीन लाख एकड़ की वृद्धि दर्ज की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव की अवधि में जन्म लेने वाले प्रत्येकनवजात शिशु को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट प्रदान किया जाए. शिशु के अभिभावकों को एक पौधा भी भेंट किया जाए. विघायलयों में कराया जाए बड़े स्तर पर पौधारोपणउन्होंने कहा कि इस बार वन महोत्सव में कुल 35 करोड़ पौधे रोपे जाने हैं जो प्रदेश की कुल आबादी से भी अधिक होगी पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ केसंदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाए. सीएम ने कहा कि प्रत्येक रोपे गए पौधे की जियो टैगिंग कराई जाए और उनकी फेंसिंग की समुचित व्यवस्थाहो. इस बार वन विभाग 12 करोड़ 60 लाख पौधे और अन्य विभाग 22 करोड़ 40 लाख पौधे लगाएंगे. समन्वय के लिए सभी विभागों में नोडलअधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है पौधों की आपूर्ति के लिए 1901 वन विभागीय पौधशालाओं, 146 उद्यान विभाग की पौधशालाओं, 55 रेशमविभाग की पौधशालाओं और 484 निजी पौधशालाओं में कुल 52 करोड़ 43 लाख पौधों की नर्सरी तैयार की गई है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए किप्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत लाभान्वित सभी विद्यालयों में बड़े स्तर पर पौधरोपण कराया जाए. सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों मेंसहजन सहित छायादार पौधों का रोपण आवश्यक रूप से किया जाए. सभी औद्योगिक इकाइयों और परिसरों में सघन पौधरोपण कराया जाए. जनसहभागिता को बनाया जाए सउलसभी निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में नीम, पाकड़, पीपल जैसे पौधों का रोपण प्राथमिकता से किया जाए.सीएम ने कहा कि सभी एक्सप्रेसवे के किनारेबड़े स्तर पर पौधरोपण कराया जाए. जिससे सर्विस लेन और मुख्य मार्गों के बीच आकर्षक हरित पट्टी तैयार हो सके. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधिके सभी लाभार्थियों से कम से कम एक पौधा अवश्य लगवाने के लिए समन्वय की आवश्यकता जताई. सीएम ने कहा कि इस अभियान कोजनसहभागिता से सफल बनाया जाए. नुक्कड़ नाटकों, चित्रकला, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, प्रभात फेरियों, फोटोग्राफी प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रमआयोजित किए जाएं.मुख्यमंत्री ने नदियों के पुनर्जीवन को भी केंद्र में रखने के निर्देश दिए. कहा कि नदियों के दोनों तटों पर पौधरोपण कराया जाए नदियों का चैनलाइजेशनभी किया जाए. सभी तालाबों के किनारों पर भी पौधरोपण सुनिश्चित हो और इन जलस्रोतों के संरक्षण व पुनर्जीवन का कार्य भी किया जाए.

दिल्ली में झुग्गियों के खिलाफ बुलडोज़र कार्रवाई पर AAP का प्रदर्शन, केजरीवाल बोले “मोदी की गारंटी झूठी झुग्गी तोड़कर बना दिया मैदान”

Dellhi Latest News: दिल्ली में झुग्गियों के तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी आज जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है. इस आयोजनमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, आतिशी समेत तमाम बड़े नेता शामिल हुए हैं। इस दौरान केजरीवालभाजपा पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा ‘मोदी जी ने लोगों को ‘जहां झुग्गी-वहां मकान’ की गारंटी दी थी लेकिन उनका मतलब ‘जहां झुग्गी-वहां मैदान’ था और अब इन्होंने झुग्गियां तोड़कर मैदान बना दिया है. मोदी जी की गारंटी झूठी है अब आप लोग ध्यान रखना कि कभी भी मोदी जी की झूठीगारंटियों पर भरोसा नहीं करना है.अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसी जंतर मंतर से आम आदमी पार्टी ने अपना आंदोलन शुरू किया था. आज फिर सेझुग्गियों को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी ने अपना आंदोलन शुरू किया है. रेखा गुप्ता की सरकार नहीं चलेंगी पांच सालदिल्ली की झुग्गियों में 40 लाख लोग रहते हैं. यदि भाजपा ने दिल्ली की झुग्गियों को तोड़ना बंद नहीं किया तो रेखा गुप्ता की सरकार पांच साल नहींचल पाएगी. भाजपा की सरकार ने पांच महीने में दिल्ली की व्यवस्था को बेकार कर दिया है.केजरीवाल ने कहा कि फरवरी में जब आम आदमी पार्टीकी सरकार गई थी. उस समय दिल्ली में 24 घंटे बिजली आया करती थी लेकिन अब लंबे-लंबे पावर कट लग रहे है. भाजपा मुफ्त बिजली की स्कीमको बंद कर देगी। दिल्ली के निजी स्कूलों ने मनमाना फीस बढ़ाना शुरू कर दिया है जबकि आपकी सरकार में निजी स्कूल फीस नहीं बढ़ा पा रहे थे. दिल्ली में पानी को लेकर हाहाकार है हफ्तों तक पानी नहीं आ रहा भाजपा सरकार लगातार मोहल्ला क्लिनिको को बंद कर रही है.केजरीवाल ने आगेकहा कि भाजपा के पांच साल के बाद दिल्ली 50 साल पीछे चली जाएगी. दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा की सरकार एक जैसा ही काम करती है।दोनों दिल्ली में मिलकर चुनाव लड़ते हैं. जब कांग्रेस की सरकार थी तब भी काफी झुग्गियों को तोड़ा जाता था. कांग्रेस है अमीरों की पार्टीभाजपा और कांग्रेस अमीरों की पार्टी है और वह केवल अमीरों के लिए ही काम करती है. जबकि आम आदमी पार्टी गरीबों की पार्टी है और अपने 10 साल के कार्यकाल में आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली के स्कूल ठीक किए, मोहल्ला क्लीनिक बनाएं, बिजली सस्ती की. दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, “यदि दिल्ली में 40-50 लाख लोगों को भगाने का प्रयास होगा तो हमारे द्वारा आंदोलन की शुरूआत की गई है. यदिभाजपा की सरकार नहीं मानी तो दिल्ली के 40 लाख लोग सड़कों पर उतरेंगे और जिस दिन 40-50 लाख लोग दिल्ली की सड़कों पर उतर गए, उसदिन रेखा गुप्ता की सरकार तमाम बहुमत के बावजूद गिर जाएगी.उन्होंने आगे कहा, “पिछले 5 महीने से दिल्ली के अंदर बुल्डोजर चल रहे हैं गरीबों केसिर से छत छीनी जा रही है, उनके रोजगार छीने जा रहे हैं. कांग्रेस कहां है? कांग्रेस चुप क्यों है? राहुल गांधी अब तक इन गरीबों के लिए क्यों नहींआए? इसका मतलब साफ है कि दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा की मदद की.

रवि शास्त्री का शुभमन गिल को समर्थन तीन साल तक कप्तान बनाए रखें, सीरीज हार से फर्क नहीं पड़ता

भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल का समर्थन किया है. शास्त्री ने टीम प्रबंधन से अपील की हैकि अगर भारत इंग्लैंड में सीरीज गंवा देता है तो भी वे शुभमन गिल को कप्तान बनाए रखें। रोहित शर्मा के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद गिल को यहजिम्मेदारी सौंपी गई थी. कप्तान के तौर पर पहले मैच में गिल को हार का सामना करना पड़ा था गिल ने कप्तानी के डेब्यू पर शतक लगाया था औरपांचवें भारतीय थे जिन्होंने कप्तान के तौर पर अपने पहले मैच में शतक जड़ा था. हालांकि उनके लिए कप्तानी का डेब्यू यादगार नहीं रहा क्योंकिइंग्लैंड ने पहले टेस्ट मैच में भारत को पांच विकेट से हराया. भारत की हार के बावजूद शास्त्री ने गिल की सराहना की है और टीम प्रबंधन से अपील कीहै कि वे गिल को तीन साल तक कप्तान बनाए रखें. शास्त्री ने कहा गिल बहुत परिपक्व हो गया है. जिस तरह से वह मीडिया को संभालता है. अनुकूल परिस्थियों में ढलने की जरुरतजिस तरह से वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करता है टॉस में वह बहुत परिपक्व हो गया है उसे तीन साल तक कप्तान रहने दो. सीरीज में जो कुछ भी होता हैउससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उसके साथ तीन साल तक रहो और मुझे लगता है कि वह टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करेगा.इसके अलावा शास्त्री ने यहभी कहा कि गिल में खेल के महान खिलाड़ियों में से एक बनने के सभी गुण मौजूद हैं और उसे समय के साथ परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की जरूरतहै. शास्त्री ने कहा अगर गिल आगे नहीं बढ़ पाते हैं तो मैं निराश हो जाऊंगा. अगर वह अनुभव के साथ सीख सकते हैं और परिस्थितियों के अनुकूल होसकते हैं तो मुझे लगता है कि वह एक ऐसा नाम है जिसे मैं देख सकता हूं. गिल की रणनीति पर उठे थे सवाल पहले मैच में हार के बाद कई क्रिकेटविशेषज्ञों ने गिल की रणनीति पर सवाल खड़े किए थे. भारतीय टीम की नजरें अब सीरीज में वापसी करने पर टिकी होंगी भारत और इंग्लैड के बीचदूसरा टेस्ट मैच दो जुलाई से बर्मिंघम में खेला जाएगा. भारत के लिए एजबेस्टन में खेलना आसान नहीं होगा क्योंकि टीम ने इस मैदान पर कोई टेस्टमैच नहीं जीता है.

बलिया में बेलगाम अपराध, संविधान का राज खत्म बोले सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल “जानें क्या है पूरा मामला”

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने श्याम लाल पाल ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के बने संविधान का राज समाप्त हो चुका है. प्रदेशमें कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। दो वर्ष से 16 वर्ष की बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं. पुलिस उन्हीं के परिजनों को जेल में डालरही है। बलिया में कई आपराधिक गैंग सक्रिय हैं. जब तक गैंग नहीं समाप्त होगा अपराध होते रहेंगे. प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल शनिवार की शाम बैरिया में सपा विधायक जयप्रकाश चंचल के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.टोला शिवन राय गांव निवासी किशोर गोलू यादव की हत्या पर गहरी संवेदना व्यक्त की. सरकार से मांग की कि गोलू यादव के परिजनों को एक करोड़ की अर्थिक सहायता दी जाए. समाजवादी पार्टी भी अपनी तरफ से परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे शासन काल का जिक्र करते कहाकि बलिया में 12 से अधिक हत्याएं हो चुकी है. आरोपी के घर क्यों नहीं चला बुलडोजरआखिर अब तक बलिया में किसी आरोपी के घर पर बुलडोजर क्यों नहीं चला. प्रदेश में जंगलराज तो है ही सबसे अधिक बलिया में अपराधी बेलगामहो चुके हैं. फरसा गैंग, कुल्हाड़ी गैंग, तलवार गैंग न जाने कितने गैंग बलिया में सक्रिय हैं हत्या, लूट जैसे संज्ञेय अपराधों को अंजाम दे रहे हैं उन्होंने इसपर सख्त कार्रवाई की मांग की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शिवन टोला में हुई हत्या में शामिल हत्यारोपियों के साथ खड़ी है। बिजली, शिक्षा, चिकित्सा, सड़क के बदहाली की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार इन सभी मामलों में फेल है। जनता त्राहिमाम कर रही है कोई सुनने वाला नहीं हैविधायक जयप्रकाश अंचल, संग्राम सिंह यादव, मोहम्मद रिजवी, पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे.वहीं सपा का शिष्टमंडलप्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के नेतृत्व में मृतक किशोर के घर टोला शिवन राय गांव निवासी गोलू यादव के घर पहुंच कर संवेदना व्यक्त की. समाजवादी पार्टी कीतरफ से परिवार को आर्थिक सहायता सहित सभी प्रकार का सहयोग देने का भरोसा दिया.प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्षअखिलेश यादव के आदेश पर हम लोग यहां पहुंचे हैं. कठोर कार्रवाई की मांगपूरी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, तारकेश्वर मिश्र, दशरथ यादव आदि रहे. आरोपियों केखिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की.बैरिया थाना क्षेत्र के शिवन टोला निवासी 14 वर्षीय गोलू यादव पुत्र हरेंद्र यादव की हत्या को कारणों कोलेकर गांव में अब भी उहापोह की स्थिति है. आखिर गोलू की हत्या क्यों हुई? यह यक्ष प्रश्न बनकर बना हुआ है दोनों गावों के लोग भी गोलू को एकअच्छे विचार और व्यवहार का लड़का बता रहे हैं.क्षेत्राधिकारी बैरिया मो. फहीम ने बताया कि अभी तक हत्या का कारण आपसी रंजिश पचा चल रहाहै. प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है अन्य की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं दूसरे दिन भी शिवन टोलाचट्टी पर भारी पुलिस बल व पीएसी चक्रमण करती रही.

लालू का सामाजिक न्याय सिर्फ परिवार को सत्ता दिलाने का जरिया, बोले सम्राट चौधरी “जानें क्या है पूरा मामला”

सम्राट चौधरी ने एक साक्षात्कार में कहा कि लालू यादव का ‘सामाजिक न्याय’ का मॉडल असल में परिवारवाद को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा पहलेखुद मुख्यमंत्री बने फिर पत्नी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया अब बेटे-बेटी को आगे लाने की कोशिश में लगे हैं. यही है लालू जी का सामाजिकन्याय लेकिन बिहार के विकास के लिए उनके पास कोई स्पष्ट योजना या मॉडल नहीं रहा.डिप्टी सीएम ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को बिहार कोआगे ले जाने का एक बड़ा मौका मिला था. लेकिन उन्होंने उस अवसर को गंवा दिया. राबड़ी देवी 8 वर्षों तक सिर्फ एक रबर स्टांप की तरह मुख्यमंत्रीबनी रहीं उस दौरान भी विकास की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई उन्होंने कहा सम्राट चौधरी सहित एनडीए नेताओं का दावा है कि लालू यादव केशासनकाल में बिहार की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप रही. वर्ष 2001 से 2005 के बीच राज्य की औसत जीडीपी वृद्धि दर मात्र 2.9% रही. उन्होंनेचारा घोटाले का जिक्र करते हुए राजद सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार, कुशासन और प्रशासनिक अराजकता के आरोप लगाए. मजबूती के साथ बढ़ाया आगेसम्राट चौधरी ने दावा किया कि यदि लालू यादव ने 1995 में उन्हें और उनके 22 पारिवारिक सदस्यों को जेल नहीं भेजा होता. तो वे राजनीति में नहींआते मेरे ऊपर झूठे हत्या के मुकदमे लगाए गए. मैंने तो मच्छर भी नहीं मारा था तीन साल तक केस लड़ा और तब जाकर राजनीति में आया उन्होंने कहाचौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार को विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया है बिहार कीराजनीति में नीतीश कुमार का प्रभाव स्थायी है जब मैं उनके खिलाफ था तो विरोध किया, आज जब साथ हूं तो पूरी ताकत से समर्थन कर रहा हूं. उन्होंने कहा भाजपा और एनडीए के अन्य नेताओं ने राजद के शासनकाल को ‘जंगलराज’ की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि उस दौर में कानून-व्यवस्थाचरमरा गई थी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल थीं, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था. साथ ही, अपहरण, जातीयहिंसा और संगठित अपराध चरम पर थे, जिससे लाखों लोगों को पलायन करना पड़ा. वहीं राजद और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों का कहना है किआज भी बिहार में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं. विपक्ष का दावा है कि जनता इस बार बदलाव के मूड में हैऔर आगामी विधानसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन को समर्थन मिलेगा.

ओबरा में गरजी सपा की पीडीए पंचायत, मछुआ समाज के अधिकारों की उठी बुलंद आवाज़

समाजवादी पार्टी की ओर से शनिवार को ओबरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत चोपन के मैरिज हॉल में पीडीए पंचायत हुई. इसमें मल्लाह, निषाद, बिंद, माझी, केवट, कश्यप समेत मछुआरा समाज के लोगों की भीड़ उमड़ी.पंचायत में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए वक्ताओं ने कहाकि मौजूदा सरकार में मछुआ समाज समेत तमाम वंचित वर्गों के अधिकारों को छीना जा रहा है. मुख्य अतिथि पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री शंखलाल माझीने कहा कि सपा सरकार में मछुआ समाज को नदी, तालाब, पोखर, बालू-मोरंग के पट्टे, मछुआ आवास व आरक्षण जैसी योजनाओं से जोड़ा गया था. भाजपा सरकार ने इन अधिकारों को छीनकर समाज को हाशिए पर धकेल दिया.कहा कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों और निजीकरणकी आड़ में सरकारी संसाधनों की लूट से आमजन त्रस्त है. मछुआ समाज को अब एकजुट होकर विधानसभा चुनाव में सपा को मजबूत करना होगा. आदिवासी समाज का शोषण चरण परजिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में आदिवासी समाज का शोषण चरम पर है. महंगाई बेरोजगारी और भ्रष्टाचार ने आमजन कोबुरी तरह प्रभावित किया है. इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सभी वर्ग सपा के साथ आएं. इस दौरान सांसद छोटेलाल सिंह खरवार, पूर्वविधायक अविनाश कुशवाहा, रमेश चंद्र दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव, विजय यादव, जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी, अनुसूचित जनजातिप्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रवि कुमार गोंड, भोलानाथ निषाद, राधा सिंह, सुनील गोंड, विजय शंकर जायसवाल, परमेश्वर यादव, अशोक पटेल, बाबूलाल यादव, रामप्यारे सिंह पटेल, रमेश यादव, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, लालव्रत यादव, वीरेंद्र वर्मा, सुनील पवार, मीणा, जमुना, इंद्रदेव सिंहआदि मौजूद रहे. यूपी के सोनभद्र जिले में पीडीए पंचायत का आयोजन हुआ. इसमें मल्लाह समाज के लोगों का जुटान हुआ. समाजवादी पार्टी केनेताओं महंगाई और बेरोजगारी की चर्चा करते हुए भाजपा पर निशना साधा.