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कर्नाटक कांग्रेस में उठने लगे बगावत के सुर, सिद्धारमैया-शिवकुमार की दिल्ली यात्रा ने बढ़ाई सियासी हलचल

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की प्रस्तावित दिल्ली यात्रा और पार्टी के शीर्ष नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे औरराहुल गांधी से मुलाकात की खबरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. हालांकि दोनों नेताओं ने कहा है कि उनकी दिल्ली यात्रा आधिकारिककाम के सिलसिले में है, लेकिन इस समय पर पार्टी हाईकमान से मुलाकात को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. इसकी अहम वजह यहहै कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा और पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है.कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला इन दिनोंबंगलूरू में डेरा डाले हुए हैं और विधायकों एवं मंत्रियों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं. सुरजेवाला ने हालांकि नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा को खारिज करदिया है. लेकिन यह भी कहा कि ऐसा कोई फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र का कहना है कि कांग्रेसपार्टी नवंबर या दिसंबर तक नेतृत्व परिवर्तन की जमीन तैयार कर रही है. नाराजगी कर चुके है जाहिरहाल के दिनों में कांग्रेस के कई विधायक खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. कागवाड़ के विधायक राजू कागे ने अपने क्षेत्र में विकास न होनेकी शिकायत करते हुए इस्तीफे की धमकी दी. वहीं अलंद विधायक बीआर पाटिल ने गरीबों के लिए चलाई जा रही आवास योजना में भ्रष्टाचार केआरोप लगाए. बेलूर के विधायक गोपाल कृष्ण ने आवास मंत्री बी जमीर अहमद खान से इस्तीफे की मांग की. सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना नेसितंबर में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने की भविष्यवाणी की.मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि वे अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूराकरेंगे. इस पर उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के करीबी विधायक हुसैन ने कहा कि वे चाहते हैं कि उनके नेता शिवकुमार मुख्यमंत्री बनें. इसके जवाब मेंशिवकुमार ने न केवल खुद को पार्टी के फैसले के प्रति समर्पित बताया, बल्कि अपने ही समर्थक विधायक हुसैन को कारण बताओ नोटिस जारी करदिया. वहीं शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश ने साफ किया है कि फिलहाल मुख्यमंत्री पद खाली नहीं है. शिवकुमार के बीच तीखा मुकाबला2023 के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तीखा मुकाबला हुआ था. तब पार्टी ने समझौते केतहत सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया था. खबरें थीं कि राज्य में बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाने का फॉर्मूला तय हुआथा, जिसमें नवंबर 2025 में शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. हालांकि पार्टी ने इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। क्या कर्नाटककांग्रेस सरकार में सब ठीक है? ये सवाल फिर सामने आया है क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार दिल्ली दौरे परआ रहे हैं.सिद्धारमैया और शिवकुमार की दिल्ली यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पार्टी में अंदरूनी असंतोष और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेजहैं.दोनों नेता उनका कहना है कि यात्रा राज्य के परियोजना‑गत कार्यों (जैसे जल प्रबंधन, वित्त सहायता) से संबंधित है और इसमें कोई राजनीतिकएजेंडा नहीं है.सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार आज (9 जुलाई) रात दिल्ली जा रहे हैं जहां उनकी मुलाकात राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सेहोगी.बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष BY विजयेंद्र आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस नवंबर–दिसंबर तक नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी कर रही है और राज्य की आर्थिकस्थिति संकट में है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान का किया शुभारंभ,37 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे एक साथ

UP Latest News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का सामना पूरी दुनिया को करना पड़ रहा है. अमेरिका जैसे देश भीइससे सुरक्षित नहीं है यह अनियोजित विकास का परिणाम है. ऐसे में हमें विकास के साथ पर्यावरण की रक्षा करनी ही होगी. पौधरोपण अभियानअपनी मां के नाम कृतज्ञता ज्ञापित करने का मौका देता है इसलिए इस अभियान को ”एक पेड़ मां के नाम” नाम दिया गया है. आज के दिन पौधरोपणकर इनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए काम करें. सीएम योगी बुधवार को सरयू किनारे रामपुर हलवारा में ”एक पेड़ मां के नाम” वृक्षारोपण महाअभियान के तहत सिटी फॉरेस्ट और किष्किंधा वन की सौगात देते हुए पौधरोपण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा किविकास के साथ पर्यावरण की रक्षा करने के लिए कई तरह की तकनीक विकसित हो चुकी है. 204 पौधे किए रोपितइससे पर्यावरण की रक्षा करते हुए विकास भी सुनिश्चित किया जा सकता है इन दोनों में संतुलन बनाना होगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों मेंउत्तर प्रदेश में 204 करोड़ पौधे रोपित किए गए हैं इनमें से 75 फ़ीसदी से ज्यादा पेड़ जीवित हैं पांच लाख एकड़ क्षेत्र में प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ा है. अबहम हीट वेव से ग्रीन वेव की ओर बढ़ रहे हैं इससे पहले सीएम योगी ने त्रिवेणी वाटिका में नीम, पीपल और बरगद के पौधे रोपित किए. पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पहले संकट मोचनहनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की. इसके बाद सीएम योगी ने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, आरतीकी और सीएम ने दर्शन-पूजन के उपरांत निकलते समय आमजन का अभिवादन भी स्वीकार किया. वहीं मंदिर परिसर की परिक्रमा कर राम मंदिरनिर्माण की प्रगति का जायजा लिया और राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये. मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की. उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की. यहां से निकल कर मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के दर्शन किए. राम दरबार में किए दर्शनउन्होंने श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की इसके साथ ही उन्होंने राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये. इस अवसर पर उन्होंने मंदिरनिर्माण की प्रगति की जानकारी भी ली राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगतकराया।इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों नेउनका भव्य स्वागत किया. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी का जुलाई महीने में पहले अयोध्या दौरा है. इससे पहले वह 5 जून को राम दरबार के उद्घाटन केअवसर पर यहां आए थे.सूबेदारसीएम ने रामपुर हलवारा के सन्‍यू किनारे विकसित किष्किंधा सिटी फॉरेस्ट में नीम, पीपल, बरगद जैसे पौधे रोपे औरस्थानीय जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस अभियान में 204 करोड़ लगाए गए पौधों में 75% से अधिक जीवित हैं और यह दिखाता हैकि कैसे हीट वेव से ग्रीन वेव की ओर प्रदेश बढ़ रहा है.इस अभियान में राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री और सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में पौधा लगाएंगे. प्रत्येक जिले के वरिष्ठ अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में तैनात हैं.