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मानसून सत्र बना विजय उत्सव, पीएम मोदी ने बताया भारत का अंतरिक्ष से ऑपरेशन सिंदूर तक का पराक्रम

संसद के मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी ने कहा कि यह मानसून सत्र देश के लिए बेहद गौरवपूर्ण है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत केकदम रखने और ऑपरेशन सिंदूर में उसके पराक्रम का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि इस दशक में शांति और प्रगति देखी गई, लाल गलियारा अबहरित विकास क्षेत्र में बदल रहा है. 2014 से पहले मुद्रास्फीति दर दहाई अंक में हुआ करती थी. अब यह लगभग दो प्रतिशत है मुद्रास्फीति कम है औरविकास दर ऊंची है. प्रधानमंत्री मोदी ने बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल के सांसदों और उनकी पार्टियों के विदेश दौरे की सराहना की और कहा कि उन्होंनेसकारात्मक माहौल बनाया. एकता का संदेश देने अपीलप्रधानमंत्री मोदी ने सशस्त्र बलों के पराक्रम का बखान करते हुए सांसदों और विभिन्न राजनीतिक दलों से एकता का संदेश देने की अपील की. पीएममोदी के संबोधन की बड़ी बातें.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा’मानसून नवाचार और नव सृजन का प्रतीक है. अब तक मिली खबरों के अनुसार देश में यहमौसम बहुत अच्छा चल रहा है. कृषि के लिए लाभकारी मौसम की खबरें आ रही हैं. बारिश किसानों की अर्थव्यवस्था, देश की अर्थव्यवस्था, ग्रामीणअर्थव्यवस्था और हर परिवार की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम है. पिछले 10 वर्ष के मुकाबले इस बार का पानी भंडार तीन गुना बढ़ा है. उन्होंनेकहा ‘संसद का यह मानसून सत्र विजय उत्सव जैसा है. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत का झंडा फहराया जाना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव काक्षण है. सभी सांसद और देशवासी एक स्वर में इस उपलब्धि का गुणगान करेंगे। यह हमारे भविष्य के अभियानों के लिए प्रेरणादायी होगा।’प्रधानमंत्रीमोदी ने कहा’यह मानसून सत्र विजय उत्सव है पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का पराक्रम देखा है. दुनिया का बढ़ा आकर्षणऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना द्वारा निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त किया गया. ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के आकाओं के घरोंको 22 मिनट के भीतर जमींदोज कर दिया गया. दुनिया मेड इन इंडिया सैन्य शक्ति के इस नए रूप की ओर बहुत आकर्षित हुई है. इन दिनों जब भी मैंदुनिया के लोगों से मिला हूं. भारत की ओर से बनाए जा रहे मेड इन इंडिया हथियारों के प्रति दुनिया का आकर्षण बढ़ रहा है. ‘उन्होंने कहा, ‘आर्थिकक्षेत्र में जब आप सभी ने 2014 में हमें जिम्मेदारी दी थी. तब देश ‘नाजुक पांच’ के दौर से गुजर रहा था. 2014 से पहले हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में10वें नंबर पर थे. आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा, ‘आज हमारेसुरक्षा बल एक नए आत्मविश्वास और नक्सलवाद को समाप्त करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं. आज कई जिले नक्सलवाद से मुक्त हैं हमें गर्वहै कि भारतीय संविधान नक्सलवाद के विरुद्ध विजयी हो रहा है’लाल गलियारे’ ‘हरित विकास क्षेत्रों’ में बदल रहे हैं.

राज ठाकरे के बयान पर गुजरात में उबाल, कांग्रेस-आप-पाटीदार नेताओं ने की एफआईआर और राज्य में प्रतिबंध की मांग

गुजरात में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और पाटीदार नेताओं ने रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की कड़ी आलोचनाकी. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के बारे में गलत और अपमानजनक टिप्पणी की है. उन्होंने ठाकरे के गुजरात प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की. दरअसल मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवारको ठाणे जिले में एक रैली को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि जब गुजरात में बिहार से आए लोगों को मारा-पीटा गया. तब किसीने कुछ नहीं कहा लेकिन महाराष्ट्र में एक छोटी सी घटना राष्ट्रीय मुद्दा बन गई. उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल और मोरारजीदेसाई का रवैया मराठी लोगों के लिए ठीक नहीं था.बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से, मनसे कार्यकर्ता महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों से मराठी सीखने की मांग कर रहे हैं. मराठी में जवाब न देने पर उन्होंनेकुछ दुकानदारों पर हमला भी किया है. आखंड भारत का किया निर्माणराज ठाकरे के इस बयान को लेकर कांग्रेस-आप और पाटीदार नेता नाराज हैं। गुजरात कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि सरदारपटेल जैसे महान नेता के खिलाफ बयान देना सूरज के सामने धूल झोंकने जैसा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आप (ठाकरे) गुजरात की धरती परराजनीति करेंगे, तो आपको जवाब जरूर मिलेगा.वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि गुजरात के लोग राज ठाकरे की टिप्पणी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहाकि जब आपकी राजनीति काम नहीं कर रही है, तो आप ने केवल गुजराती लोगों का, बल्कि पूरे देश के नेता सरदार पटेल का भी अपमान कर रहे हैं. उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश भाजपा अध्यश्र सीआर पाटिल से राज ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अपील की.आप प्रदेश अध्यक्ष गढ़वी ने यह भी कहा कि सरदार पटेल ने 565 रियासतों को एकजुट करके अखंड भारत का निर्माण किया. आने को लेकर रोक लगाने की मांगउन्होंने कहा कि जब सरदार पटेल का निधन हुआ, तब उनके खाते में सिर्फ 261 रुपये थे. फिर भी महाराष्ट्र के कुछ नेता ऐसे महान व्यक्तित्व के लिएअपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करके अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। पाटीदार नेता मनोज पनारा ने मोरबी शहर मेंपुलिस को एक अर्जी देकर राज ठाकरे पर देशद्रोह का केस चलाने और गुजरात में उनके आने पर रोक लगाने की मांग की. एक अन्य पाटीदार नेता, अल्पेश कथीरिया ने कहा कि राज ठाकरे को ऐसे राष्ट्रीय नेताओं का अपमान करने का कोई हक नहीं है. इसके अलावा, सरदार पटेल समूह के अध्यक्षलालजी पटेल और मनोज पनारा के नेतृत्व वाले पाटीदार युवा संघ ने भी राज ठाकरे के बयानों की निंदा की. पनारा ने कहा कि ठाकरे की सोच बहुतछोटी है और इसलिए उन्हें गुजरात में नहीं आने देना चाहिए. वहीं, लालजी पटेल ने आरोप लगाया कि ठाकरे हमेशा से गुजराती विरोधी रहे हैं.

गाज़ा में मदद मांग रही भीड़ पर इस्राइली गोलीबारी का आरोप, WFP और UN ने की कड़ी निंदा 80 की मौत

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने इस्राइल पर आरोप लगाया है कि उसने सोमवार को टैंक, स्नाइपर और अन्य हथियारों का उपयोग करके मदद मांगनेवाले सहायता मांगने वाले फलस्तीनियों की भीड़ पर गोलीबारी की. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे पिछले 21 महीनों के संघर्ष में सहायता मांगनेवालों के लिए सबसे खौफनाक दिनों में से एक बताया है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने रविवार को एक बयान में उत्तरी गाजा में हिंसा कीनिंदा की. फलस्तीनी लोग भोजन लाने वाले ट्रकों के काफिले तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस घटना में80 लोग मारे गए. वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि उसने ‘तत्काल खतरे को हटाने’ के लिए चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं. सेना ने फलस्तीन कीओर से बताए गए मौत के आंकड़ों पर सवाल उठाए. डब्ल्यूएफपी आमतौर पर इस्राइल के साथ अच्छे संबंध रखती है. भीड़ पर की गोलीबारीहालांकि उसने आरोप लगाया कि इस्राइल ने भीड़ पर गोलीबारी की. यह आरोप चश्मदीदों और अन्य लोगों के उन बयानों पर आधारित है, जिसमेंउन्होंने कहा कि इस्राइल ने गोलीबारी की. भोजन और मदद पाने के दौरान हुई इस गोलीबारी से गाजा के लोगों की स्थित और भी जटिल हो गई. क्योंकि वे खाने और दूसरी सहायता के लिए बेचैन हैं. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. इस्राइल और हमास अभीभी युद्धविराम की बातचीत कर रहे हैं. लेकिन कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला है और यह साफ नहीं है कि कोई समझौता युद्ध को हमेशा के लिए रोकपाएगा या नहीं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस युद्ध प्रभावित क्षेत्र में मारे गए फलस्तीनियों का आंकड़ा 58,800 से ज्यादा हो गया है. यह मंत्रालय हमास के लड़ाकों और आम नागरिकों में फर्क नहीं करता है. मंत्रालय का कहना है कि मारे गए लोगों में आधे से ज्यादा महिलाएं औरबच्चे हैं. हमास सरकार का हिस्सायह मंत्रालय हमास सरकार का हिस्सा है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इसे हताहतों के आंकड़ों का सबसे भरोसेमंद स्रोत मानते हैं. इस बीच, इस्राइल ने गाजा के उस इलाके के लोगों को भी जगह खाली करने का आदेश दिया है. जो अब तक युद्ध में ज्यादा प्रभावित नहीं था इससेसंकेत मिल रहे हैं कि यह इलाका युद्ध का नया मैदान बन सकता है और फलस्तीनियों को गाजा के छोटे-छोटे हिस्सों में सिमटना पड़ सकता है. डब्ल्यूएफपी ने खाद्य वितरण केंद्रों पर हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है।गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय, चश्मदीदों और संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी नेबताया कि रविवार को उत्तरी गाजा में इस्राइली सैनिकों ने उस भीड़ पर गोली चलाई, जो 25 ट्रकों के काफिले से खाना लेने की कोशिश कर रही थी. ये ट्रक सबसे ज्यादा युद्ध प्रभावित इलाके में पहुंचे थे.

ढाका में वायुसेना का F-7 प्रशिक्षण विमान माइलस्टोन कॉलेज से टकराया, 19 की मौत 160 से अधिक घायल

बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान सोमवार को कॉलेज परिसर में हादसे का शिकार हो गया. विमान कॉलेज की बिल्डिंग से जाटकराया स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 160 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. हादसे केवक्त माइलस्टोन कॉलेज में बच्चे मौजूद थे प्लेन क्रैश होने के बाद स्कूल-कॉलेज में अफरातफरी मच गई. मौके पर अग्निशमन और बचाव दलों नेपहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है. नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट के अधिकारी प्रोफेसर मोहम्मद सईदुर रहमान ने बताया कि वायुसेना का विमानमाइलस्टोन कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. जिसमें विमान के पायलट सहित कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई हजरत शाहजलालअंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी घटना की पुष्टि की है. सूचना मिलने पर बांग्लादेशी सेना के सदस्य, अग्निशमन सेवा और नागरिकसुरक्षा की आठ गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं. विमान टकराया स्कूल की इमारत सेबचाव अभियान शुरू किया. बांग्लादेश सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि वायुसेना का प्रशिक्षण विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र केदियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में गिर गया. अग्निशमन अधिकारी लीमा खान ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौतहो गई और चार अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण विमान ने दोपहर लगभग 1:06 बजे उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के तुरंतबाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के बाद विमान में आग लग गई. आग बुझाने के लिए अग्निशमन दल की आठ दमकल मौके पर पहुंच गईं. माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के प्रवक्ता ने कहा कि विमान स्कूल के गेट के पास गिरा. स्कूल परिसर में जहां विमान हादसा हुआ, वहां कक्षा चल रहीथी. घायलों को एक-एक करके बाहर निकाला जा रहा है। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी सादमान रुहसिन ने बताया कि विमानस्कूल की इमारत से टकराया. अभिभावकों को पहुंचाया सुरक्षित स्थानों परसेना और अग्निशमन सेवा के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और छात्रों तथा अभिभावकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. सेना के जवान घायल छात्रों कोबाहों में बाहर लाते देखे गए. स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि जब विमान कॉलेज परिसर से टकराया, तब वह दस मंजिला कॉलेज भवन के पासखड़े थे. दोपहर एक बजे के कुछ ही देर बाद विमान बगल की तीन मंजिला स्कूल इमारत के सामने वाले हिस्से से टकरा गया. जिससे कई छात्र उसमेंफंस गए. कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी छात्रों को बचाने के लिए दौड़े. उन्होंने कहा कि मैंने एक घायल छात्र को बाहर निकाला और एक महिलाशिक्षक को जली हालत में देखा. बांग्लादेश वायुसेना का विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र के दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेजपरिसर में गिर गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है. जबकि करीब 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं घायलों मेंकई बच्चे बताए जा रहे हैं.

जज यशवंत वर्मा को हटाने की प्रक्रिया तेज, आवास से जली नकदी मिलने पर लोकसभा-राज्यसभा में नोटिस

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है दिल्ली में मौजूद उनके आवास से जली हुई नकदी के बंडल मिलने के बादविपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को उनके खिलाफ नोटिस सौंपे हैं. यशवंत वर्मा को इस विवाद केबाद दिल्ली हाई कोर्ट से वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया है. लोकसभा में 145 सांसदों ने एक साथ मिलकर न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने केलिए नोटिस दिया है. इसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी, भाजपा के रविशंकर प्रसाद और अनुराग ठाकुर, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और के सुरेश, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, डीएमके के टीआर बालू, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर जैसे कई दिग्गजनेताओं के नाम शामिल हैं. 63 सांसदों ने उठाई मांगराज्यसभा में भी 63 सांसदों ने यही मांग उठाते हुए नोटिस दिया है. कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि आम आदमी पार्टी और विपक्षीइंडिया गठबंधन के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद भले ही सोमवार को मौजूद नहीं थे. लेकिनवे भी इस मुद्दे पर साथ हैं और जल्द ही अपने हस्ताक्षर जमा करेंगे. न्यायाधीश को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहतप्रक्रिया तय की गई है. लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं. अगर लोकसभा अध्यक्षऔर राज्यसभा सभापति दोनों नोटिस को स्वीकार करते हैं. तो एक जांच समिति बनाई जाती है. इस समिति में एक वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट जज, एक हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश और एक प्रख्यात कानून विशेषज्ञ शामिल होते हैं. यह समिति तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट संसद को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर संसद में चर्चा होगी और फिर मतदान के बाद निर्णय लिया जाएगा. नोट हुए बरामदहाल ही में दिल्ली में मौजूद उनके आवास से जले हुए नोट बरामद हुए थे. न्यायमूर्ति वर्मा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है. लेकिन जांचसमिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस कमरे में नकदी मिली उस पर जज यशवंत वर्मा और उनके परिवार का सीधा या अप्रत्यक्ष नियंत्रणथा. इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है. वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि इससे पहले भी 13 दिसंबर 2024 को न्यायमूर्ति शेखरयादव को हटाने के लिए राज्यसभा में ऐसा ही नोटिस दिया गया था. संसद के दोनों सदनों में जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के लिए सांसदों ने नोटिसदिया है. जिसमें लोकसभा के 145 सांसद और राज्यसभा के 63 सांसद शामिल हैं. बता दें कि घर से अधजले नोटों की बरामदगी के बाद जस्टिसयशवंत वर्मा को हटाने की सिफारिश की गई है.

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद आतिशी का बड़ा हमला – ईडी अब भाजपा का राजनीतिक हथियार बन गई है

दिल्ली सरकार की मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी अब एकनिष्पक्ष जांच एजेंसी नहीं रह गई है, बल्कि वह भाजपा की सरकार का राजनीतिक हथियार बन गई है। यह बयान आतिशी ने तब दिया जब सुप्रीमकोर्ट ने भी ईडी की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ईडी का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।कोर्ट की यह बात पूरे देश के लिए बहुत गंभीर संकेत है। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि ईडी का काम अब सच्चाई पता लगाना नहीं रह गया, बल्कि वह उन नेताओं पर निशाना साध रही है जोसरकार की नीतियों से सहमत नहीं हैं।कोर्ट ने यह भी कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियाँ अगर राजनीतिक दबाव में काम करेंगी, तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। क्या कहा आतिशी ने?आतिशी ने कहा कि दिल्ली की शराब नीति के बहाने आम आदमी पार्टी के नेताओं को फँसाया गया।उन्होंने कहा हमारे नेताओं को गिरफ्तार किया गया, लेकिन आज तक ईडी एक भी सबूत नहीं दिखा सकी। करोड़ों रुपये की बात की गई, लेकिन एकभी पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया, जो बच्चों की शिक्षा के लिए दिन-रात काम कर रहे थे, उन्हें झूठे आरोपों में महीनों तक जेल मेंरखा गया। अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा, तो वहां सच्चाई सामने आ गई। अदालत ने नेताओं को जमानत दी, क्योंकि ईडी कुछ साबित नहींकर पाई। सिर्फ विपक्ष को ही क्यों निशाना?आतिशी ने सवाल उठाया कि अगर ईडी सच में एक निष्पक्ष एजेंसी है, तो वह केवल विपक्षी नेताओं पर ही क्यों कार्रवाई करती है? उन्होंने कहा किबिहार, झारखंड, बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में ईडी और सीबीआई लगातार छापे मार रही हैं, लेकिन भाजपा के नेताओं के खिलाफ कभी कोईछापा नहीं पड़ता। क्या भाजपा के सारे नेता बिल्कुल साफ़ हैं? यह सवाल हर नागरिक को सोचना चाहिए। जनता को सतर्क होने की ज़रूरतआतिशी ने जनता से अपील की कि अब समय आ गया है कि हम सब सच के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा “अगर आज हम चुप रहे, तो कल कोई भीसरकार हमारे अधिकारों को छीन सकती है। यह लड़ाई आम आदमी पार्टी की नहीं, यह लड़ाई देश के लोकतंत्र की है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियोंको ईमानदारी से और बिना किसी दबाव के काम करना चाहिए। अगर वे किसी पार्टी का साथ देंगी, तो लोग उन पर भरोसा करना बंद कर देंगे।सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और आतिशी के सवालों ने देश में एक बहुत बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है। ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियाँ अगरकिसी पार्टी के कहने पर काम करेंगी, तो न्याय नहीं मिल पाएगा। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यही है कि हर संस्था स्वतंत्र होकर काम करे, बिनाकिसी डर और दबाव के। आज समय है कि देश की जनता जागरूक हो, और यह समझे कि जब सत्ता में बैठे लोग एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो इससे पूरे देश कोनुकसान होता है। हमें मिलकर सच्चाई का साथ देना होगा, ताकि देश का लोकतंत्र और संविधान मजबूत बना रहे।