Delhi BJP President Targets Saurabh Bharadwaj Over Missing Desilting Audit, Demands Accountability for 40 Waterlogging Deaths

Saurabh Bharadwaj, who himself was a minister in the Kejriwal government, should explain why his government failed to conduct a desilting audit and make its report public by 30 June 2024, despite the Delhi High Court’s order on 8 April 2024. Saurabh Bharadwaj should also clarify why no action was taken against the responsible leaders […]
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने की मांग पीएम मोदी संसद में ट्रम्प के बयानों की करें कड़ी निंदा, भारत की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई यह मांगपूरी तरह जायज है कि वह संसद में खड़े होकर डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया दावों की साफ़ और सशक्त निंदा करें, ताकि भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र औरराजनीतिक आत्मविश्वास की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट तस्वीर पेश हो सके. यह भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता परविदेशी नेताओं द्वारा की गई कोई भी टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि हमारे राष्ट्रीय सम्मान के खिलाफ़ सीधा हमला है. ऐसे में प्रधानमंत्री कीचुप्पी आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है. क्या प्रधानमंत्री मोदी भारत की संप्रभुता पर सवाल उठाने वाले बयानों पर मौन रहेंगे?–क्या ‘मां भारती’ की गरिमा केवल चुनावी भाषणों तकसीमित है?यह राष्ट्रहित और संवैधानिक गरिमा का प्रश्न है. ऐसे समय में समूचे राजनीतिक नेतृत्व को एकजुट होकर यह संदेश देना चाहिए कि भारत किसी भीबाहरी प्रभाव या दखल को बर्दाश्त नहीं करेगा. लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह जी की प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे इस विषय पर तत्काल संसद मेंबयान दें और ट्रम्प के बयानों की कड़ी भर्त्सना करें. यह मांग वर्तमान में कांग्रेस नेतृत्व और कई विपक्षी दलों द्वारा भी बलपूर्वक दोहराई जा रही है. राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह ट्रम्प के दावों को साफ़ नकारने में नाकाम रही, और प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि यदि ट्रम्प केदावे झूठे हैं. सवैधानिक जवाबदेही का बताया प्रश्नतो वह उन्हें सार्वजनिक रूप से झूठा (liar) कहें लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने इसे भारत की राष्ट्रीय गरिमा, लोकतांत्रिक सिद्धांत, और संवैधानिकजवाबदेही का प्रश्न बताया है, और यह मांग की है कि सरकार मौन न रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने Operation Sindoor के संदर्भ में स्पष्ट किया कि यहभारत की स्वतंत्र निर्णय प्रक्रिया के अंतर्गत शुरू और अंत किया गया संचालन था. उन्होंने विशेष रूप से कहा कि “कोई बाहरी नेता, शासन या दबावनहीं था जो भारत को रुकने के लिए कहे”, और ट्रम्प के दावों का खंडन किया गया है. उन्होंने संसद में उल्लेख किया कि लगभग 1,000 पाकिस्तानीमिसाइल/ड्रोन (May 9 को) भारत द्वारा इंटरसेप्ट किए गए और भारत ने किसी भी विदेशी दबाव के बिना अपनी कार्रवाई जारी रखी.
बारिश में डूबी दिल्ली, भाजपा की नाकामी उजागर – अंकुश नारंग ने महापौर को लिखा पत्र

दिल्ली में हो रही मामूली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। जगह-जगह हो रहे जलभराव से जनता परेशान है, सड़कों पर पानीभर गया है और गलियां तालाब बन गई हैं। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने इस स्थिति परकड़ा संज्ञान लेते हुए भाजपा के महापौर राजा इकबाल सिंह को एक पत्र लिखा है। अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की बारिश में भाजपा के चारों इंजन – केंद्र सरकार, राज्यपाल, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस – सभी डूब गएहैं। उन्होंने इस पूरे हालात के लिए नगर निगम और भाजपा सरकार की लापरवाही और अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया। जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल – जनता बेहालपत्र में अंकुश नारंग ने लिखा कि दिल्ली में हुई कुछ घंटे की बारिश के बाद सदर बाजार, आईटीओ, करोलबाग, पटपड़गंज, मुंडका, शालीमार बाग, मोतीबाग जैसे इलाकों में पानी भर गया। उन्होंने कहा कि सड़कों ने नदियों का रूप ले लिया है और गलियां छोटे-छोटे तालाब बन चुकी हैं। इस कारणलोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं गाड़ियां बंद हो रही हैं, तो कहीं लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह सब नगर निगम की तैयारियों की कमी और ड्रेनेज व्यवस्था की बदहाली का परिणाम है। हर साल मानसून में ऐसी हालत होती है, लेकिन भाजपा सरकार हर बार सिर्फ दिखावे की सफाई कर जनता को भ्रमित करती है। इस बार भी गाद सफाई का दावा किया गया, लेकिन हकीकतमें नाले जाम ही रहे। तत्काल राहत और दीर्घकालिक समाधान की मांगअंकुश नारंग ने महापौर से मांग की है कि जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य चलाए जाएं, ड्रेनेज सिस्टम की समुचित सफाई और मरम्मतकी जाए, और जिन लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, उन्हें आवश्यक सहायता और मुआवजा दिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि दीर्घकालिकसमाधान के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए जो नगर के जल निकासी ढांचे में सुधार के लिए ठोस योजना बनाए। विरोध प्रदर्शन कर पार्षदों ने जताई नाराजगीइस गंभीर स्थिति को लेकर आज आम आदमी पार्टी के सभी पार्षदों ने सिविक सेंटर स्थित भाजपा महापौर कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शनकिया। पार्षदों ने हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा पर निशाना साधा और दिल्ली को जलमुक्त करने की ठोस योजना की मांग की। यह समय जनसेवाका है, राजनीति का नहीं नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने अपने पत्र में लिखा, यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है। जनता पीड़ा में है और उसे राहत कीआवश्यकता है। महापौर से मेरा आग्रह है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस समस्या का समाधान करें। जनता की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जासकती।
भ्रष्टाचार की दलदल में धंसी दिल्ली की डी-सिल्टिंग व्यवस्था – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार की डी-सिल्टिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदिकरोड़ों रुपये गाद सफाई (डी-सिल्टिंग) पर खर्च किए गए, तो बारिश की थोड़ी-सी बूँदों में ही राजधानी क्यों डूब गई? पार्टी मुख्यालय में आयोजितप्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2024 में दिल्ली में लगभग 288 मिमी वर्षा हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 100 मिमी से भी कमबारिश हुई है, फिर भी दिल्ली जलमग्न हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित दिल्ली सरकार ने मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे कि जलभराव से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है, लेकिन थोड़ी-सी बारिश ने ही इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी। उन्होंने बताया कि आईटीओ, जखीरा, राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पास का क्षेत्र, अम्बेडकर स्टेडियम, प्रवेश वर्मा के घर के पास की मार्किट और कपिल मिश्रा के घर के सामनेवाली सड़क समेत कई मुख्य स्थान जल भराव से प्रभावित हुए। यहाँ तक कि कनॉट प्लेस जैसे क्षेत्र, जिसे दिल्ली का दिल कहा जाता है, वहां भीदुकानों के भीतर तक पानी भर गया। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्लीवासियों ने पहली बार कनॉट प्लेस को इस हालत में देखा है। गाद सफाई में भारी भ्रष्टाचार की आशंकासौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार के अनुसार करोड़ों रुपये गाद सफाई के कार्य पर खर्च किए गए हैं, लेकिन फिर भी जल भराव की समस्याक्यों बनी हुई है? इसके दो ही कारण हो सकते हैं,या तो सरकार के दावे पूरी तरह से झूठे हैं या फिर गाद सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटालाहुआ है। उन्होंने दिल्ली सरकार से यह मांग की कि गाद सफाई के कार्यों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहाकि यदि सरकार ने ईमानदारी से काम किया है, तो रिपोर्ट छिपाने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उच्च न्यायालय की टिप्पणी और सरकार की जवाबदेहीसौरभ भारद्वाज ने उच्च न्यायालय के उस आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि गाद सफाई केवल कागजों पर होती है और इसमें भारीभ्रष्टाचार होता है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दिल्ली सरकार के सभी विभागों द्वारा किए गए गाद सफाई कार्यों की किसी स्वतंत्र संस्था सेतीसरे पक्ष द्वारा जांच कराई जाए।उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा कि क्या उनके नेतृत्व में डी-सिल्टिंग की स्वतंत्र जांच कराईगई? यदि हाँ, तो वह रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? मिंटो ब्रिज और कनॉट प्लेस का हालसौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने मिंटो ब्रिज को जैसे एक स्वतंत्र राज्य बना दिया है, जहां मुख्यमंत्री की भूमिका रेखा गुप्ता निभा रहीहैं और सार्वजनिक निर्माण मंत्री का कार्य प्रवेश वर्मा कर रहे हैं। सरकार मिंटो ब्रिज को बचाने में ही लगी रही और इसी कारण दिल्ली के अन्य क्षेत्रडूबते चले गए। आम आदमी पार्टी का यह सीधा आरोप है कि दिल्ली में गाद सफाई के नाम पर भारी भ्रष्टाचार हुआ है और अब सरकार इससे बचने की कोशिश कररही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है तो वह डी-सिल्टिंग की पूरी रिपोर्ट तुरंत जनता के सामने लाए।उन्होंने अंत में कहा कि दिल्ली की जनता को हर वर्ष इसी जल भराव की परेशानी से जूझना पड़ता है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल खोखले दावेकिए जाते हैं। अब समय आ गया है कि जवाबदेही तय हो और जनता को सच्चाई बताई जाए।