आवारा कुत्तों पर सख़्ती ज़रूरी, सरकार को अब गंभीर कदम उठाने होंगे – विजय गोयल

देशभर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों से आम जनता परेशान है। खासकर बड़े शहरों में यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इसीमुद्दे को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता विजय गोयल ने सरकार से सख्त और ठोस कार्रवाई की मांग की है। विजय गोयल ने कहा कि आए दिन सड़कों परआवारा कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की खबरें सामने आ रही हैं। बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों पर ऐसे हमलों से लोगों में डर का माहौल है। पार्कों, गलियों और कॉलोनियों में लोग बेखौफ घूम नहीं पा रहे। स्कूल जाने वाले बच्चे और सुबह-सुबह टहलने वाले बुज़ुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहेहैं।गोयल ने सरकार से मांग की है कि वह इस विषय को हल्के में न लेकर इसे एक गंभीर जनसुरक्षा का मामला माने और तुरंत कार्यवाही करे। उन्होंने कहाकि सरकार को जल्द से जल्द एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू करना चाहिए, ताकि अगर किसी क्षेत्र में आवारा कुत्तों से दिक्कत हो रही हो तो वहांके लोग तुरंत शिकायत कर सकें और प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे। विजय गोयल ने सुझाव दिया कि केवल कुत्तों की नसबंदी कराना ही काफी नहीं है।नगर निगमों और स्थानीय निकायों को नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण करना चाहिए। जिन जगहों पर कुत्तों की संख्या ज्यादा है, वहां विशेष टीमेंभेजी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल सफाई या नगर प्रशासन से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा स्वास्थ्य और सुरक्षा का संकट बनताजा रहा है। कुत्तों के हमले से घायल हुए कई लोगों को इलाज में बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है और कई बार जान का भी खतरा हो जाता है।सामाजिक जिम्मेदारी भी ज़रूरीगोयल ने यह भी कहा कि कुछ लोग इन कुत्तों को खाना देकर मानवता निभा रहे हैं, लेकिन उनकी देखरेख और नियंत्रण भी जरूरी है। आवारा जानवरोंकी देखभाल करना समाज की जिम्मेदारी है, लेकिन यह किसी और की जान को जोखिम में डालकर नहीं होना चाहिए। विजय गोयल की यह मांगआम जनता की भावनाओं से जुड़ी है। सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में अविलंब ठोस कदम उठाए। आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए एकस्पष्ट नीति बने, हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाए और नगर निगमों को सख्ती से निर्देश दिए जाएं कि वे इस समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। जबतक सख्त और गंभीर कदम नहीं उठाए जाते, तब तक सड़कों पर सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।
रविशंकर प्रसाद ने कहा-कांग्रेस की हिंदू आतंकवाद थ्योरी पूरी तरह धराशायी, मालेगांव ब्लास्ट मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

देश की राजनीति में एक लंबे समय से कांग्रेस पार्टी द्वारा गढ़ी गई ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी आज पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। मालेगांव ब्लास्टकेस में अदालत का जो फैसला आया है, उसने कांग्रेस के उस पूरे षड्यंत्र पर से पर्दा हटा दिया है, जिसके तहत निर्दोष लोगों को सालों तक परेशानकिया गया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हिंदू आतंकवाद का झूठा नैरेटिव बनाकर देश की सेना, साधु-संतों औरबहुसंख्यक समाज को बदनाम करने का काम किया। यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका मकसद सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति था। कोर्ट ने कहा – किसी के खिलाफ नहीं मिला सबूतमालेगांव धमाके में आरोपित सभी लोगों को बरी कर दिया गया क्योंकि अदालत में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका। वर्षों कीजांच-पड़ताल और सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह केस सबूतों के अभाव में टिक नहीं सका। सेना के जांबाज़ कर्नल पुरोहित पर लगाया गया झूठा आरोपकर्नल श्रीकांत पुरोहित, जो कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ते रहे हैं, उन पर मालेगांव ब्लास्ट में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया। इसआरोप के चलते उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा और उनका मान-सम्मान छीना गया। एक ऐसा वीर सैनिक, जिसने हमेशा देश के लिए कामकिया, उसे साजिश के तहत आतंकवादी बताया गया। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को प्रताड़ित किया गयासाध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर भी गंभीर आरोप लगाए गए कि बम में जिस मोटरसाइकिल का उपयोग हुआ, वह उनकी थी। उन्हें हिरासत में लेकर बुरी तरहप्रताड़ित किया गया। उन्होंने खुद कहा कि उन्हें इतना शारीरिक और मानसिक दर्द दिया गया कि अब वे ठीक से चल-फिर भी नहीं सकतीं। अदालत नेउनके खिलाफ भी कोई ठोस सबूत न मिलने पर राहत दी। रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर तीखा हमलाश्री रविशंकर प्रसाद ने कहा “हिंदू आतंकवाद को देश के ऊपर जबरन थोपने का कांग्रेस पार्टी का षड्यंत्र आज न्यायालय के फैसले से धराशायी होगया है। कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए देश के साधु-संतों और सेना के अफसरों की छवि को नुकसान पहुँचाया। यह एक शर्मनाक औरराष्ट्रविरोधी साजिश थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। राजनीति नहीं, सच्चाई की जीत हुईइस केस ने यह साफ कर दिया है कि झूठ चाहे जितनी भी कोशिश करे, वह सत्य को हमेशा के लिए दबा नहीं सकता। कांग्रेस ने अपने राजनीतिकस्वार्थ के लिए जिस ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी को जन्म दिया, वह अब पूरी तरह से गलत साबित हो चुकी है।मालेगांव ब्लास्ट मामले में आया कोर्ट का फैसला केवल कानूनी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसने वर्षों से चल रहे झूठे नैरेटिव को खत्मकिया। यह फैसला बताता है कि देश में न्यायपालिका स्वतंत्र है और सच की हमेशा जीत होती है।
डी-सिल्टिंग घोटाले पर आम आदमी पार्टी का बड़ा हमला — बीजेपी अफसरों की जांच की माँग

दिल्ली के मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने डी-सिल्टिंग के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टीऔर उनके पसंदीदा अफसरों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिल्ली उच्च न्यायालय और सरकार दोनों ने डी-सिल्टिंग केकार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने का स्पष्ट आदेश दिया था, फिर भी यह ऑडिट नहीं कराया गया।सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि बीजेपी के चहेते अधिकारी और पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार ने जानबूझकर ऑडिट नहीं कराया क्योंकि इस काममें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ था। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चाहिए कि वह तत्काल इस पूरे मामले की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा(एसीबी) से निष्पक्ष जांच कराएं और नरेश कुमार से यह पूछें कि आदेश के बावजूद ऑडिट क्यों नहीं कराया गया। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि उन्होंनेबीते वर्ष ही मुख्य सचिव को पत्र लिखकर डी-सिल्टिंग के कार्यों और उसकी गुणवत्ता पर संदेह जताया था। इसके बावजूद सरकार ने चुप्पी साधे रखीऔर अब जबकि जलभराव की स्थिति गंभीर है, तब भी ऑडिट की कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने यहसवाल बीजेपी सरकार से पूछा तो दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उल्टे उनसे ही सवाल किया कि पिछली बार ऑडिट क्यों नहीं हुआ। इसपर भारद्वाज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की और सरकार से दोबारा माँग की कि वह जांच कराएं कि ऑडिट को किसने और क्यों रोका।सौरभ भारद्वाज ने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें सरकारी धन कादुरुपयोग हुआ है और जनता को गंदे नालों व जलभराव की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।इसके साथ ही सौरभ भारद्वाज ने एक अन्य मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतकी अर्थव्यवस्था को “मरी हुई अर्थव्यवस्था” कहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि अब प्रधानमंत्री और उनके समर्थक क्या कहेंगे? क्या अब भी यहकहा जाएगा कि ना कोई आया है, ना कोई घुसा है? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब सरकार को जवाब देना होगा। देश की साख और दिल्ली की व्यवस्था दोनों ही सवालों के घेरे में हैं। समय आ गया हैकि सरकार और अफसरशाही जनता के प्रति जवाबदेह बने।सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डी-सिल्टिंग के नाम पर जनता के साथ विश्वासघात हुआ है और इसकी जाँच किसी भी कीमत पर होनीचाहिए। यदि सरकार ने कुछ नहीं छुपाया है, तो वह ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करे और दोषियों को सजा दिलाए।
BJP Exposes AAP’s Decade of Desilting Corruption, Demands Full Accountability

Dellhi Latest News: The way the BJP government has effectively controlled the problem of waterlogging and ensured swift drainage, and as the public is now demanding answers for Arvind Kejriwal’s failure last year, it has left Saurabh Bharadwaj rattled.Saurabh Bharadwaj should tell the people of Delhi why, since 2015, his government has engaged in so […]