दिल्ली में झामुमो का चुनावी चमत्कार शिबू सोरेन ने MCD में रचाया इतिहास, तीन बार जीते पार्षद

झारखंड की क्षेत्रीय पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का न तो दिल्ली में कोई संगठित ढांचा है और न ही बड़ा जनाधार. इसके बावजूद पार्टीप्रमुख शिबू सोरेन एमसीडी चुनाव में इतिहास रच चुके हैं. झामुमो ने लगातार वर्ष 1997, 2002 और 2007 के चुनाव में विष्णु गार्डन विधानसभाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ख्याला और गुरु हरिकिशन नगर वार्ड से पार्षदों को विजयी बनाकर सभी को चौंका दिया था.शिबू सोरेन ने वर्ष 1997 और 2002 में दिग्गज नेता दयानंद चंदेला और उनकी पत्नी धनवंती चंदेला को टिकट दिया था। पति-पत्नी ने झामुमो केटिकट पर चुनाव लड़ते हुए जीत दर्ज की थी. दिल्ली के स्थानीय सामाजिक समीकरणों और मजबूत ग्रामीण जनसमर्थन के दम पर सोरेन ने साबितकिया कि राष्ट्रीय पार्टियों के बिना भी क्षेत्रीय संगठन, यदि स्थानीय मुद्दों और जनभावनाओं से जुड़ा हो. तो वह चुनावी सफलता प्राप्त कर सकता है. उधर, वर्ष 2007 के एमसीडी चुनाव में चंदेला परिवार की अगली पीढ़ी ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया. भाजपा सरकार के खिलाफ खोला था मोर्चाइस चुनाव में दयानंद चंदेला के बेटे मेघराज चंदेला और पुत्रवधू मीनाक्षी चंदेला ने झामुमो के ही टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसकेबाद चंदेला परिवार कांग्रेस में चला गया और सोरेन ने भी दिल्ली में अन्य किसी नेता पर दांव नहीं लगाया. दिलचस्प बात यह रही कि दिल्ली कीराजनीति में शिबू सोरेन की पार्टी की यह सफलता सिर्फ चुनावों तक सीमित नहीं रही. वर्ष 1998 में जब भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री साहिब सिंहवर्मा को हटाया तो इसके विरोध में दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में बड़े स्तर पर आंदोलन खड़ा हुआ था. उस समय झामुमो भी इस जन आंदोलन मेंखुलकर शामिल हुआ था. वर्ष 1998 में विधानसभा चुनाव से पहले साहिब सिंह वर्मा के पैतृक गांव मुंडका के पास घेवरा मोड़ स्थित वर्तमान में उनकीसमाधि स्थल पर सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत का आयोजन हुआ था. जिसमें झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन स्वयं पहुंचे थे. उन्होंने ग्रामीणों केआंदोलन को समर्थन देते हुए दिल्ली की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था. अपनी पकड़ की स्थापितइस मौके पर उन्होंने दिल्ली के ग्रामीण समाज को आश्वासन दिया था कि उनकी पार्टी हमेशा उनके हक और अधिकार की लड़ाई में साथ खड़ी रहेगी. इस तरह, एक क्षेत्रीय पार्टी होते हुए भी झामुमो ने दिल्ली के शहरी-ग्रामीण सीमा पर बसे इलाकों में अपनी पकड़ स्थापित की थी. शिबू सोरेनएमसीडी चुनाव में इतिहास रच चुके हैं. झामुमो ने लगातार वर्ष 1997, 2002 और 2007 के चुनाव में विष्णु गार्डन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले ख्याला और गुरु हरिकिशन नगर वार्ड से पार्षदों को विजयी बनाकर सभी को चौंका दिया था.
इंग्लैंड में गूंजी सिराज की गेंदबाज़ी, 23 विकेट लेकर लौटे स्वदेश एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी रही बराबरी पर

इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सफल सीरीज के बाद भारतीय खिलाड़ी अब स्वदेश पहुंच रहे हैं. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज बुधवार को लंदन सेमुंबई पहुंचे जहां से उन्होंने हैदराबाद की उड़ान भरी. सिराज का प्रदर्शन इंग्लैंड दौरे पर शानदार रहा और उन्होंने कुल 23 विकेट झटके. वह इस सीरीजमें सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे जिसकी मदद से भारत यह सीरीज बराबर करने में सफल रहा था.भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 की बराबरी पर छूटी. भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की अगुआई में गई थी. रोहितशर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के बिना भी टीम ने इस दौरे पर दमदार प्रदर्शन किया. सिराज ने विशेष रूप से चमक बिखेरी. उन्होंनेइंग्लैंड दौरे पर सभी पांच टेस्ट मैच खेले और कुल 185.3 ओवर तक गेंदबाजी की. जमकर की थी प्रशंसाउन्होंने इस दौरान 23 विकेट चटकाए जिसमें से नौ विकेट पांचवें टेस्ट मैच में लिए यह सिराज का किसी टेस्ट द्विपक्षीय सीरीज में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. सिराज ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे जहां कुछ प्रशंसकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. स्वदेश पहुंचने पर फैंसने सिराज से सेल्फी और ऑटोग्राफ देने की मांग की, लेकिन सिराज आगे बढ़े क्योंकि उन्हें हैदराबाद के लिए उड़ान भरनी थी. सिराज फिर अपने गृहनगर हैदराबाद एयरपोर्ट पर नजर आए. वहां भी वह फैंस से घिरे दिखे. इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ी समूहों में स्वदेश के लिए रवाना हुए हैं. सिराज से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर मंगलवार को स्वदेश पहुंचे और दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से बात भी की थी. गंभीरने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई थी और कप्तान गिल तथा सिराज की जमकर प्रशंसा की थी. शानदार किया प्रदर्शनगंभीर ने कहा था, मैं खुश हूं और मुझे लगता है कि खिलाड़ी इसके हकदार थे मोहम्मद सिराज ने शानदार प्रदर्शन किया. हालांकि, सिर्फ सिराज हीनहीं, बल्कि पूरी टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। मेरे लिए कोई एक नाम लेना कठिन है, लेकिन चाहे शुभमन हो या सिराज या कोई और, मेरे ख्याल सेपिछले दो महीनों में सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज बुधवार को लंदन से मुंबई पहुंचे जहां से उन्होंने हैदराबाद की उड़ान भरीभारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 की बराबरी पर छूटी.
कर्तव्य भवन आधुनिक भारत की नई प्रशासकीय बनेंगी पहचान, मंत्रालयों को मिलेगा स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल परिसर जानें क्या होगा शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया . विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक साथ लाकरकर्तव्य भवन में शिफ्ट किया जाएगा जिससे दक्षता, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा. इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकासमंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय/विभाग और प्रधान वैज्ञानिकसलाहकार (पीएसए) के कार्यालय होंगे. सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए ऐसे कुल 10 भवनों का निर्माण होना है. इनमें से कर्तव्य भवन-3 बनकर तैयार हो गया है, इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. साथ ही वह शाम छह बजे कर्तव्य पथ पर एकसार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे. परियोजना पूरी होने के बाद किराये के तौर पर खर्च होने वाले 1500 करोड़ रुपये की बचत होगी. लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस अत्याधुनिक कार्यालय परिसर में दो बेसमेंट और सात मंजिलें (भूतल+6 मंजिल) हैं. वर्तमान में, कईप्रमुख मंत्रालय 1950 और 1970 के दशक के बीच निर्मित शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतों से कामकरते हैं जो 1950-70 के दशक में बनाई गई थीं. भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांडसेंटर, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं. यह पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा देता है. जिसमेंअपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं. इमारत को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमेंकांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं. कर्तव्य भवन को 30 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत के लिए तैयार किया गया है. ऊर्जा की बचत करने वालीएलईडी लाइटें, जरूरत न होने पर लाइटें बंद करने वाले सेंसर, बिजली बचाने वाली स्मार्ट लिफ्ट्स और बिजली के उपयोग को प्रबंधित करने की एकउन्नत प्रणाली लगाई गई है. नई लाइन बनाने का प्रस्तावशहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 के सभागार में पत्रकारों से चर्चा में बताया कि अगले महीने तक कर्तव्यभवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार जाएंगे. दोनों का काम लगभग अंतिम चरण में है। प्रस्तावित अन्य सात भवन भी अप्रैल 2027 तकबनकर तैयार हो जाएंगे. इस परियोजना पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे. मंत्रालयों के लिए बनाए जा रहे इन भवनों में तकनीक, सुरक्षा वपर्यावरण अनुकूलता का पूरा ख्याल रखा गया है. पूरे भवन की निगरानी के लिए एक कमांड सीसीटीवी सेंटर भी बनाया गया है,जहां से परिसर व अंदरके गलियारों पर पैनी नजर रखी जाएगी. खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए नवनिर्मित इन नए भवनों को पहले कामन सेंट्रलसेक्रेटेरिएट (सीसीएस) नाम दिया गया था. इन कर्तव्य भवनों को मेट्रो लाइन से जोड़ने के लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से एक नई लाइन बनाने का प्रस्तावकिया गया है. भवन आदि है शामिलमंत्री खट्टर ने एक सवाल के जवाब में बताया कि मंत्रालयों के नए और अत्याधुनिक भवनों को बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि जो मौजूदा भवनहैं वह 1950 से 1970 के बीच बनाए गए थे. ये सभी पुराने हो गए है. इनका सालाना रखरखाव काफी महंगा हो गया था गौरतलब है कि मौजूदासमय में केंद्र सरकार के पास करीब 55 मंत्रालय और 93 विभाग मौजूद है. ये अभी नार्थ और साउथ ब्लाक के साथ कृषि भवन, शास्त्री भवन, उद्योगव निर्माण भवन आदि शामिल है.