दिल्ली में खेल क्रांति की शुरुआत,बच्चों और खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा तोहफ़ा- आशीष सूद

मुख्यमंत्री से मिले बच्चों और युवा खिलाड़ीदिल्ली विधानसभा में एक बहुत ही खास कार्यक्रम हुआ। दिल्ली के अलग-अलग सरकारी स्कूलों, खेल अकादमियों और ओलंपिक संघ से जुड़े कईबच्चे और युवा खिलाड़ी मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता से मिलने आए। बच्चों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा और उनकी नई घोषणाओं का बहुतस्वागत किया। इन बच्चों की आँखों में सपने थे और दिल में उम्मीद थी। उन्होंने महसूस किया कि अब दिल्ली सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने का पूरामौका दे रही है। दिल्ली में बनेगा ‘खेल और युवा मामलों‘ का अलग विभागमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ी और नई घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार अब खेल और युवा मामलों के लिए एक अलग विभाग बनाएगी।इसका मतलब यह है कि अब खिलाड़ियों और युवाओं की ज़रूरतों पर खास ध्यान दिया जाएगा। जो भी खिलाड़ी या छात्र खेल में आगे बढ़ना चाहताहै, उसे अब समय पर मदद, सुविधा और मार्गदर्शन मिलेगा। देश की सबसे बड़ी इनामी राशि दिल्ली देगीमुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार अब ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को देश की सबसे बड़ी इनामी राशि देगी। अब तक इतनी बड़ीइनामी राशि किसी राज्य ने नहीं दी है।स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने पर 7 करोड़ रुपयेरजत पदक (Silver Medal) जीतने पर 5 करोड़ रुपयेकांस्य पदक (Bronze Medal) जीतने पर 3 करोड़ रुपये इतना ही नहीं, इन विजेता खिलाड़ियों को दिल्ली सरकार सरकारी नौकरी भी देगी, जिससेउनका भविष्य सुरक्षित हो सके। हर क्षेत्र में खुलेंगे खेल प्रशिक्षण केंद्र (कोचिंग सेंटर)मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे दिल्ली में हर इलाके में खेल कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे। इन सेंटरों में खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण, अच्छे कोच, और ज़रूरीखेल उपकरण दिए जाएंगे। इससे अब कोई भी बच्चा सिर्फ इसलिए पीछे नहीं रहेगा क्योंकि उसके पास पैसे नहीं हैं या सुविधा नहीं है। पुराने स्टेडियम होंगे नए और आधुनिकदिल्ली में कई स्टेडियम बहुत पुराने और खराब हालत में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी स्टेडियमों को अब पुनर्निर्मित (फिर से बनाया) कियाजाएगा। हर स्टेडियम में आधुनिक खेल उपकरण लगाए जाएंगे और साफ़-सुथरे माहौल में खिलाड़ी अपना अभ्यास कर सकेंगे। बच्चों से मुख्यमंत्री का संवाद मेहनत करो, नाम रोशन करोमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बच्चों से बड़ी ही प्यार भरी बात कही। उन्होंने कहा अब सरकार ने इनाम तय कर दिए हैं, लेकिन असली इनाम तब मिलेगा जबआप मेहनत करके देश और दिल्ली का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से वादा लिया कि वे खूब पढ़ाई करेंगे, खूब मेहनत करेंगे, और ओलंपिकजैसे बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतेंगे। आशीष सूद का संदेशआशीष सूद भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी की ये नई घोषणाएं एक खेल क्रांति की शुरुआत हैं। अब दिल्ली का हर बच्चाचाहे किसी भी परिवार से हो, उसे बराबरी का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ प्रतिभा (टैलेंट) चाहिए, बाकी सब जिम्मेदारी सरकारउठाएगी। अब हर बच्चे को मिलेगा आगे बढ़ने का पूरा मौका मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की यह पहल एक नई सोच की शुरुआत है। अब दिल्ली के बच्चेऔर युवा खिलाड़ी सिर्फ सपना नहीं देखेंगे, बल्कि उन्हें पूरा करने का रास्ता भी मिलेगा। सरकार का यह कदम यह दिखाता है कि अगर इरादा मजबूतहो, तो हर बच्चा चमक सकता है।
संबित पात्रा का राहुल गांधी पर तीखा हमला – देश, सेना और संस्थाओं का अपमान स्वीकार नहीं

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया प्रेस वार्ता पर गंभीर आपत्ति जताते हुएकई तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान सिर्फ राजनैतिक नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, शहीदों के सम्मान और लोकतांत्रिकसंस्थाओं पर सीधा हमला हैं। राहुल गांधी ने पुलवामा और ऑपरेशन सिंदूर को ‘बहाना‘ कहापात्रा ने सबसे पहले राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलवामा और ऑपरेशन सिंदूर एक बहाना था। इस परप्रतिक्रिया देते हुए डॉ. पात्रा ने कहा क्या हमारे शहीद जवानों की कुर्बानी को राहुल गांधी सिर्फ बहाना मानते हैं? क्या ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें हमारेजांबाज़ सैनिकों ने आतंकवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता हासिल की, वह भी एक बहाना था? उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि देश के प्रति संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने पूछा कि क्या यह बयान पाकिस्तान को खुश करने के लिए दिया गया है? क्या राहुल गांधी पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हैं?भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को निर्दोष साबित करने जैसा है। उन्होंने कहा हम सभी जानते हैं किपुलवामा हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ था। लेकिन राहुल गांधी ने अपने बयान से उस सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिशकी है। पात्रा ने यह भी याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गांधी से एक बार सवाल किया था — क्या आप सच्चे भारतीय हैं? और आज उनकेबयान ने उसी सवाल को फिर से जगा दिया है।राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को दी धमकी?संबित पात्रा ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर दिए गए बयान पर भी गहरी आपत्ति जताई। राहुल गांधी ने कहा था अगर मेरी प्रेस वार्ता पर जवाबनहीं आया, तो घातक परिणाम होंगे। इस पर डॉ. पात्रा ने कहा यह भाषा एक जिम्मेदार नेता की नहीं हो सकती। यह सीधा-सीधा धमकी है, जोसंवैधानिक संस्थाओं को डराने का प्रयास है। उन्होंने पूछा राहुल गांधी यह स्पष्ट करें कि उनके अनुसार ‘घातक परिणाम’ का क्या मतलब है? क्या अबकोई भी नेता चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संस्था को खुलेआम धमकाएगा? जहाँ जीत मिलती है, वहाँ चुप क्यों रहते हैं?पात्रा ने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ उन्हीं राज्यों में चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवालउठाती है, जहाँ उन्हें हार मिलती है। उन्होंने कहा जिन राज्यों में कांग्रेस जीतती है, वहाँ कभी प्रेस कॉन्फ़्रेंस नहीं होती, ना ही ईवीएम या वोटर लिस्ट परसवाल उठते हैं। लेकिन हार मिलते ही सारी संस्थाएँ गलत नजर आने लगती हैं। उन्होंने इसे मीठा-मीठा गप-गप, और कड़वा-कड़वा थू-थू कीमानसिकता बताया और कहा कि जनता इस ‘चुनिंदा विरोध’ को अच्छी तरह समझती है। वोटर लिस्ट पर दोहरी नीति का आरोपराहुल गांधी ने अपने बयान में वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए, जिस पर डॉ. पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा अगर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की बात करतेहैं, तो बिहार में तेजस्वी यादव के दो वोटर कार्डों पर क्यों नहीं बोलते? क्या वे सच्चाई से जनता को दूर रखना चाहते हैं? उन्होंने आगे कहा राहुल गांधीको चाहिए था कि वे आज की प्रेस वार्ता में तेजस्वी यादव के दोनों वोटर कार्ड दिखाते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इससे साफ है कि कांग्रेस सिर्फचुनिंदा मुद्दों को उठाकर जनता को गुमराह करना चाहती है।देश की जनता सब देख रही हैसंबित पात्रा ने अंत में कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी अब देश के लिए खतरे बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा हमने वर्षों विपक्ष में रहते हुए भी कभीसंवैधानिक संस्थाओं का अपमान नहीं किया, लेकिन राहुल गांधी बार-बार वही कर रहे हैं उन्होंने अपील की कि जनता इन बातों को गंभीरता से ले औरयह समझे कि देश की सुरक्षा, लोकतंत्र और संस्थाओं की गरिमा को चोट पहुँचाना कितना खतरनाक हो सकता है।
राहुल गांधी का आरोप – चुनाव में वोट चोरी हुई है

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बड़ा आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट चोरी की है। उनका कहना है किइस चुनाव में कम से कम 25 लोकसभा सीटों पर गड़बड़ी हुई, जिससे भाजपा को जीत मिली और नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बने। 25 सीटें, 33 हज़ार से कम वोटों का अंतरराहुल गांधी ने बताया कि भाजपा ने जिन 25 सीटों पर जीत दर्ज की, वहां पर उनका जीत का अंतर 33,000 वोटों से भी कम था। यह वही सीटें थींजो सरकार बनाने के लिए ज़रूरी थीं। राहुल गांधी बोले, प्रधानमंत्री बनने के लिए उन्हें 25 सीटों की जरूरत थी, और उन्होंने वहीं से चुनाव जीता जहांगड़बड़ी हुई। चुनाव आयोग पर गंभीर आरोपराहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और सच्चाई छुपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमने कई बार डिजिटल वोटर लिस्ट मांगी, लेकिननहीं दी गई।, हमने सीसीटीवी फुटेज मांगी, लेकिन वो भी नहीं दी गई। आयोग ने जो जानकारी दी, वो बहुत कठिन भाषा और कागजों में दी, ताकिकोई जांच न कर सके। राहुल गांधी बोले कि अगर चुनाव आयोग ईमानदार है तो उसे सब कुछ सार्वजनिक करना चाहिए। बेंगलुरु सेंट्रल सीट – वोट चोरी का उदाहरणकांग्रेस ने कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट की जांच की। यहां चुनाव में भाजपा को 6,58,915 वोट मिले और कांग्रेस को 6,26,208 वोट।भाजपा ने यह सीट 32,707 वोटों से जीती।लेकिन जब उन्होंने महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र (जो इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है) की जांच की, तो वोट चोरी के बड़े सबूत मिले। 1 लाख से ज़्यादा फर्जी वोट पाए गएमहादेवापुरा विधानसभा में कांग्रेस को 1,15,586 और भाजपा को 2,29,632 वोट मिले। यानी सिर्फ इस एक विधानसभा सीट पर भाजपा को1,14,046 वोटों की बढ़त मिली। यहीं से पूरे लोकसभा का नतीजा पलट गया। जांच में पाया गया कि 1,00,250 वोट फर्जी थे, जो इस प्रकार थेगड़बड़ी का प्रकार संख्या,डुप्लीकेट वोटर 11,965,फर्जी/गलत पते 40,009,एक पते पर कई वोटर 10,452,गलत फोटो वाले वोटर 4,132,फॉर्म-6 का गलत इस्तेमाल 33,692 क्यों नहीं दी जाती इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट?राहुल गांधी ने बताया कि अगर चुनाव आयोग हमें डिजिटल (सॉफ्ट) वोटर लिस्ट दे देता, तो सिर्फ 30 सेकंड में पूरी जांच हो जाती। लेकिन उन्होंने 7 फीट लंबे कागजों में लिस्ट दी, जिन्हें पढ़ना और मिलान करना 6 महीने का काम बन गया। इस काम में 30-40 लोगों की टीम ने नाम, पते और फोटोको मिलाकर देखा और गड़बड़ी पकड़ी। महाराष्ट्र, हरियाणा में भी गड़बड़ी का शकराहुल गांधी ने बताया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में भी चुनाव नतीजे और वोटिंग पैटर्न में अजीब बातों को देखा गया। 5:30 बजे के बाद भारी वोटिंगका दावा, जबकि पोलिंग एजेंट्स ने कहा कि कोई भीड़ नहीं थी। एक करोड़ नए वोटर अचानक जुड़ गए, जो पहले नहीं थे। लोकसभा में जीत मिली, लेकिन विधानसभा में हार, यह भी संदेह पैदा करता है। अब हमारे पास पूरे सबूत हैंराहुल गांधी बोले पहले हमारे पास सिर्फ शक था, लेकिन अब हमारे पास पूरा डेटा है, पूरे सबूत हैं। अब चुनाव आयोग को बहाने नहीं बनाने चाहिए।उन्होंने साफ कहा कि अगर चुनाव आयोग और उसके अफसरों ने लोकतंत्र के साथ धोखा किया है, तो जब सत्ता बदलेगी तब सबको जवाब देना होगा, चाहे वो कितने बड़े पद पर क्यों न हों। ये सिर्फ मेरी नहीं, देश की लड़ाई हैराहुल गांधी ने जनता से कहा कि यह मुद्दा सिर्फ कांग्रेस या विपक्ष का नहीं है, बल्कि हर नागरिक के भविष्य और लोकतंत्र की रक्षा का है। उन्होंने कहाआज वोट की चोरी हो रही है, कल आपकी आज़ादी और अधिकार छीने जा सकते हैं।हम सबको मिलकर लोकतंत्र को बचाना है। आगे क्या होगा?राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता अब इस मुद्दे को लेकर बेंगलुरु में एक मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जागरूकता फैलाई जाएगी, ताकि लोग जानें कि कैसे उनका वोट चुराया जा रहा है।
विधायकों की आवाज को अनसुना कर रही है सरकार? – संजीव झा का आरोप

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने एक गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार के नए आदेश के कारण जिलाधिकारी (डीएम) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जैसे अधिकारी अब विधायकों के फोन नहीं उठारहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश बने अफसरों के लिए बहानासंजीव झा ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार अब विधायक या मंत्री अगर किसीडीएम या एसडीएम को बैठक में बुलाना चाहें, तो पहले उन्हें मुख्य सचिव से अनुमति लेनी होगी। इस आदेश का हवाला देते हुए कई अफसर अबजनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठा रहे हैं। संजीव झा ने कहा, मैं खुद कई बार डीएम को कॉल कर चुका हूं, लेकिन उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया। अबउन्हें सीएम के आदेश का बहाना मिल गया है। सदन की अवमानना है यह आदेशसंजीव झा ने इस आदेश को न केवल विधायकों का अपमान बताया, बल्कि इसे विधानसभा की गरिमा के खिलाफ भी कहा। उन्होंने इसे सदन कीअवमानना करार दिया और विधानसभा अध्यक्ष से अपील की कि वे सरकार को यह आदेश तुरंत वापस लेने का निर्देश दें। उन्होंने कहा, यह आदेशसिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि हर विधायक और मंत्री के अधिकारों का हनन करता है। अगर कार्यपालिका (ब्यूरोक्रेसी) ऐसे ही चुने हुए जनप्रतिनिधियों कोनजरअंदाज करती रही, तो लोकतंत्र की पूरी व्यवस्था ही कमजोर हो जाएगी। ब्यूरोक्रेसी जनता के प्रतिनिधियों को रोकने का रास्ता खोज रही हैसंजीव झा ने अफसरशाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेसी हमेशा ऐसे मौके की तलाश में रहती है, जिससे वह जनप्रतिनिधियों के कामों कोटाल सके या रोक सके। उन्होंने कहा, जनता ने हमें चुनकर सदन में भेजा है। अगर हम अफसरों से बात तक नहीं कर सकते, तो फिर जनता की सेवाकैसे करेंगे? विधानसभा अध्यक्ष से संजीव झा की अपीलविधायक संजीव झा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ही इस स्थिति में हस्तक्षेप कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अध्यक्ष उनके द्वारा दिए गएविशेषाधिकार हनन के नोटिस को स्वीकार करेंगे और सीएम के आदेश को रद्द करवाएंगे। उन्होंने कहा, यह सिर्फ मेरी लड़ाई नहीं, पूरे सदन औरलोकतंत्र की लड़ाई है। हर विधायक की बात सुनी जानी चाहिए, चाहे वह सत्ता पक्ष में हो या विपक्ष में। लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च हैअपने भाषण के अंत में संजीव झा ने कहा कि जनता ही लोकतंत्र की असली मालिक है और उसी जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करनासीधे संविधान का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि, क्या अफसरशाही चुने हुए नेताओं से ऊपर है? अगर सीएम का यह आदेश जारी रहा, तोअफसर आगे भी विधायकों की बातों को नजरअंदाज करते रहेंगे। संजीव झा ने दिल्ली सरकार के इस आदेश को लोकतंत्र और विधायकों की भूमिकाके खिलाफ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ही अफसर नजरअंदाज करेंगे, तो जनता की समस्याएं कौन सुनेगा? उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि वह इस आदेश को तुरंत वापस लेने के निर्देश दें ताकि विधायकों और अफसरों के बीच संवाद बना रहे औरजनसेवा की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन का त्योहार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सेवा सदन में छोटे बच्चों के साथ त्योहार मनाया। यह नज़ारा बहुत हीप्यारा और दिल को छू लेने वाला था।बच्चों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वादइस खास मौके पर दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और दिल्ली नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों के छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री सेवा सदन पहुंचे। बच्चों नेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को राखी बांधी और उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों को सुंदर उपहार दिए और उनके साथ मिलकर त्योहारकी खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री का पहला रक्षाबंधन बच्चों के साथरेखा गुप्ता ने कहा कि यह उनका बतौर मुख्यमंत्री पहला रक्षाबंधन है और इसे बच्चों के साथ मनाकर वे बहुत ही खुश हैं। उन्होंने कहा रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और विश्वास का त्योहार है। यह हमें अपने समाज, परिवार और मूल्यों की रक्षा करने की प्रेरणा देता है।दिल्ली को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने का संकल्पमुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के मौके पर कहा कि अब हम सबको मिलकर दिल्ली को एक साफ़, सुरक्षित और हरा-भरा शहर बनाना है। उन्होंने कहा कि यहसिर्फ सरकार की नहीं, हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है कि वह दिल्ली को सुंदर बनाए। हर बहन को सम्मान, हर भाई को जिम्मेदारीमुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सपना है कि एक ऐसा समाज बने जहाँ हर बहन को पूरी इज्जत और सुरक्षा मिले और हर भाई को अपने कर्तव्यों का बोधहो। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का मतलब केवल राखी बांधना नहीं है, बल्कि एक-दूसरे की रक्षा का वादा करना है। दिल्लीवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएंमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी दिल्लीवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी। उन्होंने कहा मैं सभी बहनों की खुशियों और आत्मबल की कामना करती हूंऔर भाइयों को मेहनत से आगे बढ़ने व देश को मजबूत बनाने की शुभकामनाएं देती हूं। प्यारा और प्रेरणादायक माहौलमुख्यमंत्री सेवा सदन में बच्चों की मुस्कान, राखियों की मिठास और प्रेमभरे संवादों से माहौल बहुत ही भावनात्मक और प्रेरणादायक हो गया था। बच्चोंने गीत भी गाए और त्योहार को रंग-बिरंगे अंदाज़ में मनाया। त्योहारों से जुड़ता है समाजमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह दिखा दिया कि त्योहार केवल औपचारिकता नहीं होते, बल्कि ये समाज और भावनाओं को जोड़ने का माध्यम होते हैं।उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर न सिर्फ रक्षाबंधन मनाया, बल्कि सभी को यह संदेश भी दिया कि दिल्ली को साफ, सुरक्षित और सुंदर बनाने के लिएहम सबको मिलकर काम करना होगा।