दिल्ली में रेलवे लाइनों पर चला बड़ा सफाई अभियान – 200 टन कूड़ा हटाया गया

दिल्ली नगर निगम ने राजधानी को साफ-सुथरा बनाने के लिए एक खास सफाई अभियान चलाया। यह अभियान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिल्ली कोकूड़े से आज़ादी मिशन का हिस्सा है। यह मिशन 1 अगस्त 2025 से शुरू हुआ है और इसका लक्ष्य है कि दिल्ली को पूरी तरह कचरा-मुक्त और साफबनाया जाए। पाँच बड़े इलाकों में सफाई8 अगस्त को इस मिशन के तहत निगम ने दिल्ली के पाँच क्षेत्रों – मध्य, करोल बाग, सिविल लाइंस, नरेला और केशवपुरम – में रेलवे लाइनों के पाससफाई की। इस दौरान करीब 200 टन कूड़ा हटाया गया। यह कचरा कई महीनों से जमा था, जिससे न सिर्फ गंदगी फैल रही थी बल्कि बीमारी फैलनेका खतरा भी बढ़ गया था। रेलवे और निगम की साझेदारीयह सफाई अभियान दिल्ली नगर निगम और भारतीय रेलवे ने मिलकर चलाया। रेलवे ट्रैक पर सफाई करना आसान काम नहीं होता, क्योंकि यहां ट्रेनेंभी चलती हैं और सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ता है। फिर भी टीम ने मिलकर बड़े पैमाने पर कचरा हटाया। नरेला के स्वतंत्र नगर, केशवपुरम के जे.जे. कॉलोनी चौकी नंबर 4, अशोक विहार का लाल बाग, आजादपुर, मीत नगर और सबोली जैसे इलाकों में रेलवे ट्रैक के पास जमा कचरे को पूरी तरहसाफ किया गया। लोगों को जागरूक किया गयानिगम की टीम ने सिर्फ सफाई ही नहीं की, बल्कि रेलवे लाइनों के पास रहने वाले लोगों को समझाया भी। लोगों को बताया गया कि ट्रैक पर कचराडालना खतरनाक है। इससे गंदगी बढ़ती है, बदबू आती है और कई बार हादसे भी हो सकते हैं।लोगों से अपील की गई कि वे कचरा निगम की गाड़ियों (ऑटो टिपर) या नज़दीकी ढलाव घरों में डालें। साथ ही यह भी कहा गया कि सफाई बनाएरखना सिर्फ निगम की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। नेताओं और जनता की भागीदारीइस अभियान में दिल्ली नगर निगम के जनप्रतिनिधि, स्थानीय मोहल्ला समितियां, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। सभीने मिलकर सफाई की और दिल्ली को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया। जनप्रतिनिधियों ने खुद सफाई में हिस्सा लेकर लोगों को प्रेरित किया। इसदौरान कई जगह बच्चों और महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। सफाई से होंगे कई फायदेइस सफाई अभियान से न केवल इलाके सुंदर और साफ दिखेंगे, बल्कि मच्छर, मक्खी और बदबू की समस्या भी कम होगी। रेलवे ट्रैक के पास गंदगीहटने से यात्रियों को भी साफ-सुथरा माहौल मिलेगा और बीमारियों का खतरा घटेगा। साफ और सुंदर दिल्ली की दिशा में कदमदिल्ली को कूड़े से आज़ादी अभियान का मकसद है कि राजधानी हमेशा साफ और सुंदर रहे। निगम का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भीचलते रहेंगे, ताकि गंदगी दोबारा जमा न हो और लोगों की आदतों में भी बदलाव आए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि यह मिशन सिर्फ सफाईका नहीं, बल्कि लोगों की सोच बदलने का अभियान है। अगर सभी लोग मिलकर अपना कचरा सही जगह डालें और सफाई का ध्यान रखें, तो दिल्लीको हमेशा के लिए कचरा-मुक्त बनाया जा सकता है।
भाजपा मृतक शिक्षकों और कर्मचारियों के नाम पर कर रही है दिखावा – अंकुश नारंग

आम आदमी पार्टी के एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा और मेयर राजा इकबाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा किभाजपा के मेयर 11 अगस्त को ढोल-नगाड़ों के साथ एक कार्यक्रम करने जा रहे हैं, जिसमें मृतक शिक्षकों के परिवारों को शिक्षक कल्याण कोष सेपैसा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, पहले से नौकरी कर रहे करुणा आधारित कर्मचारियों को भी दोबारा नियुक्ति पत्र देकर प्रचार किया जाएगा।भाजपा को सरकार चलाना नहीं आताअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को न तो सरकार चलाना आता है और न नया काम करना। वे सिर्फ दूसरे के किए गए कामों को अपने नाम से दिखातेहैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा सच में कुछ करके दिखाना चाहती है, तो ‘आप’ सरकार में 12 हजार कर्मचारियों को स्थायी करने केलिए पास प्रस्ताव को तुरंत लागू करे। जलभराव और सफाई में भी लापरवाहीअंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार है, फिर भी इस बार दिल्ली में जगह-जगह जलभराव हुआ। इसका कारण यहहै कि भाजपा ने नालों, नालियों और जालियों की सफाई के बजाय सिर्फ फोटो खिंचवाने और दिखावा करने में समय बिताया। उन्होंने कहा कि यहीरवैया अब एमसीडी के कार्यक्रमों में भी दिखाई दे रहा है। पुराने मामलों पर दिखावाउन्होंने बताया कि 11 अगस्त को होने वाला कार्यक्रम दरअसल 2016, 2018 और 2020 के पुराने मामलों से जुड़ा है। उस समय एमसीडी में भाजपाकी ही सरकार थी। तब दक्षिण एमसीडी में हर शिक्षक की तनख्वाह से 1,000 रुपये सालाना काटे जाते थे और मृत्यु होने पर परिवार को 7 लाखरुपये मिलते थे। वहीं, पूर्वी और उत्तरी एमसीडी में 500 रुपये काटे जाते थे और मृत्यु पर 5 लाख रुपये मिलते थे, क्योंकि वहां तनख्वाह देने में भीदिक्कत होती थी। 2022 में ‘आप’ सरकार के आने के बाद पूरे एमसीडी में यह नियम एक जैसा कर दिया गया। अब सभी शिक्षकों से 1,000 रुपयेकाटे जाते हैं और मृत्यु पर परिवार को 7 लाख रुपये मिलते हैं। 2016 से 2024 तक जिन परिवारों को यह राशि देनी है, अब भाजपा उसी राशि कोदेने का कार्यक्रम कर रही है और इसे भी दिखावे का मंच बना रही है। करुणा आधारित कर्मचारियों को भी बना रहे प्रचार का साधनअंकुश नारंग ने कहा कि इस कार्यक्रम में 29-30 करुणा आधारित (कम्पैशनेट ग्राउंड) कर्मचारियों को भी बुलाया गया है। ये वे लोग हैं जिनके परिवारमें किसी की मृत्यु के बाद ‘आप’ सरकार में पहले ही नौकरी मिल चुकी है। फिर भी इन्हें दोबारा बुलाकर नियुक्ति पत्र देना सिर्फ ड्रामेबाजी है, ताकिमीडिया कवरेज मिल सके। जनता की उम्मीदों पर खरी उतरे भाजपाअंकुश नारंग ने कहा कि अगर भाजपा सच में एमसीडी में काम करना चाहती है, तो सभी कर्मचारियों को स्थायी करे और नई भर्तियां खोले। उन्होंने कहाकि मृत्यु और दुख जैसे मामलों में प्रचार करना बेहद शर्मनाक है। भाजपा और मेयर को ऐसे कार्यक्रम करने की बजाय असली काम करना चाहिए, ताकि दिल्ली की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके।
भूपेंद्र यादव का आरोप – राहुल गांधी के झूठ और बयान देश के लिए खतरनाक

कांग्रेस के झूठ पर भूपेंद्र यादव का प्रहारकेंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर कांग्रेस ने जो झूठ फैलानेकी कोशिश की, वह पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। देश की जनता ने चुनाव में कांग्रेस के इन झूठों को नकारा है और आने वाले वर्षों में भी नकारतीरहेगी। राहुल गांधी का फेक नैरेटिव हुआ ध्वस्तभूपेंद्र यादव ने कहा कि राहुल गांधी ने ‘इलेक्टोरल फ्रॉड’ यानी चुनावी गड़बड़ी का एक झूठा माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके अपने हीआंकड़े इस झूठ को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का झूठ अगर सिर्फ मजाक होता, तो बात अलग थी, लेकिन यह भारतीय लोकतंत्र केलिए खतरनाक है, क्योंकि यह देश की चुनावी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा तोड़ने की कोशिश है। चुनाव आयोग के कर्मचारियों को धमकीभूपेंद्र यादव ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा राहुल गांधी ने कहा कि जब वे सत्ता में आएंगे, तो चुनाव आयोग के बड़ेऔर छोटे अधिकारियों को इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विपक्ष के नेता द्वाराऐसी धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करना उनके पद के अनुरूप है? उन्होंने कहा कि यह बात साफ दिखाती है कि राहुल गांधी देश की संवैधानिकसंस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोपभूपेंद्र यादव ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं – चाहे वह चुनाव आयोग हो, सुप्रीम कोर्ट हो या सेना – पर सवाल उठातेरहते हैं। यह तरीका भारत को कमजोर करने की साज़िश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा रखनाचाहिए, न कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए झूठ और डर का माहौल बनाना चाहिए। सेना और सुप्रीम कोर्ट पर भी निशाना साधने का आरोपभूपेंद्र यादव ने कहा कि अगर कोई हमारी सेना के साहस और शौर्य पर हमला करता है, तो वह राहुल गांधी हैं। वे सेना के बलिदान पर सवाल उठाने सेपीछे नहीं हटते। इसके अलावा, वे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों की भी आलोचना करने से कभी नहीं चूकते, जो देश की न्याय व्यवस्था के लिए सहीनहीं है।जनता का भरोसा लोकतंत्र की ताकतभूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के भरोसे और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती पर टिका है। अगर कोई बार-बार इन संस्थाओं कोबदनाम करने की कोशिश करेगा, तो यह सीधे तौर पर देश की जड़ों को कमजोर करने जैसा होगा। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दलों कोलोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए, न कि झूठ और अफवाह फैलाकर लोगों का भरोसा तोड़ना चाहिए।