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CDS जनरल अनिल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को बताया तीनों सेनाओं की एकजुटता का प्रतीक, ‘संयुक्त प्राइमर’ और ई-साइकिल सेवा की भी शुरुआत

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम), सिकंदराबाद में एक संबोधन के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर बात की. इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन सामंजस्य का प्रमाणबताया. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन सामंजस्यका प्रमाण बताया. वे 21वें उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम (एचडीएमसी) के प्रतिभागियों और कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम), सिकंदराबाद केवरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे. सीडीएस ने सशस्त्र बलों में संयुक्तता और एकीकरण पर रणनीतिक दृष्टिकोण पर बात की. उन्होंनेएकीकृत अभियानों के भविष्य के रोडमैप को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं का भी जिक्र किया. रोडमैप पर भी की बातजनरल अनिल चौहान ने प्रौद्योगिकी-संचालित आधुनिक युद्ध में खतरनाक बदलावों से निपटने के लिए व्यापक क्षमता विकास, आत्मनिर्भरता और सेनामें किए जा रहे जरूरी बदलावों की गहन समझ के महत्व पर जोर दिया. सीडीएस ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना और उच्च रक्षा प्रबंधन’ पर व्याख्यान दिया. उन्होंने भारत के रक्षा संगठन के विकास और वर्तमान संरचना की रूपरेखा पेश की. उन्होंने सैन्य मामलों के विभाग की उपलब्धियों, निर्णय लेने के लिएमहत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक पुनर्गठन सहित सुधारों के कार्यान्वयन और संयुक्त क्षमता बढ़ाने के लिए थिएटरकमांड के रोडमैप पर भी बात की. शुरु की एक शानदार पहलसंयुक्त रसद और एकीकरण को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों के तहत जनरल अनिल चौहान ने सीडीएम की ओर से तैयार एक व्यापक मार्गदर्शिका’एकीकृत रसद के लिए संयुक्त प्राइमर’ जारी किया. उन्होंने कहा कि रसद सैन्य अभियानों की रीढ़ है. सशस्त्र बलों में रसद प्रक्रियाओं का एकीकरणरणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए अहम है. इस दस्तावेज का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच रसद समन्वय को बढ़ाना, दक्षता में सुधार लानाऔर सशस्त्र बलों में अधिक संगठनात्मक प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है. सीडीएस ने स्मार्ट बाइक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सुविधा का भी उद्घाटनकिया, जो सीडीएम के कर्मियों के लिए रोज आने-जाने के लिए पर्यावरण-अनुकूल ई-साइकिलों तक सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करेगी. यह कार्बनउत्सर्जन को कम करने की एक शानदार पहल भी है.

येलो लाइन मेट्रो उद्घाटन पर सियासी संग्राम प्रियांक खरगे ने कहा “भाजपा कर रही क्रेडिट चोरी”, पीएम मोदी ने किया बंगलूरु मेट्रो और वंदेभारत का लोकार्पण

कर्नाटक में पीएम मोदी के बंगलूरू मेट्रो येलो लाइन प्रोजेक्ट के लोकार्पण करने को लेकर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने भाजपा पर हमलाबोला है. प्रियांक खरगे ने कहा कि भाजपा ने प्रोजेक्ट के श्रेय को हड़प लिया है. मेट्रो परियोजना मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के तहतशुरू की गई थी और इसमें राज्य सरकार का योगदान पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार से ज्यादा है. एक्स पर पोस्ट में प्रियांक खरगे ने कहाकि मैं येलो लाइन मेट्रो के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कर्नाटक में स्वागत करता हूं. जहां भाजपा येलो लाइन के दूसरे चरण का श्रेयहड़पकर वोट चोरी से क्रेडिट चोरी पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही है. वहीं सच्चाई सामने आनी चाहिए. मेट्रो परियोजना डॉ. मनमोहन सिंहके नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के तहत शुरू की गई थी. हिस्सेदारी की है भारी कमीपहले चरण में यूपीए सरकार ने लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन किया, जो राज्य सरकार के योगदान से कहीं ज्यादा था. उन्होंने कहा कि भाजपा केसत्ता में आने के बाद परियोजना के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कम होती गई और बाद में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी में भारी कमी आई. इस बीच कर्नाटकसरकार ने ₹12,000 करोड़ से अधिक का योगदान देते हुए भूमि अधिग्रहण लागत और अतिरिक्त खर्चों को कवर करते हुए ज्यादातर खर्च उठाया है. जबकि केंद्र सरकार ने मात्र 8,000 करोड़ रुपये दिए हैं. वह अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है. समर्थन की कमी के कारण बीएमआरसीएल कोपरियोजना की शेष लागतों को पूरा करने के लिए ऋण लेना पड़ा. मंत्री खरगे ने अर्थव्यवस्था में राज्य के योगदान और केंद्र द्वारा राज्य को आवंटित धनके बीच असमानता पर भी बात की. खरगे ने कहा कि केंद्र को कर्नाटक का योगदान साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है, लेकिन राज्य को मिलने वालालाभ कम होता जा रहा है. मेट्रो येलो लाइन परियोजना इसका उदाहरण है. पीएम मोदी पहुंचे बंगलूरुपीएम मोदी बंगलूरू पहुंच गए हैं वे यहां बंगलूरु मेट्रो चरण-2 परियोजना की आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा तक येलो लाइन का उद्घाटन करेंगे. इस लाइन की लंबाई 19 किलोमीटर से ज़्यादा है और इसमें 16 स्टेशन हैं, जिसकी लागत लगभग 7,160 करोड़ रुपये है. इस येलो लाइन के खुलनेसे बंगलुरु में मेट्रो का परिचालन नेटवर्क 96 किलोमीटर से ज़्यादा हो जाएगा. जो इस क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को सेवा प्रदान करेगा. इसके अलावापीएम मोदी बंगलुरु के केएसआर रेलवे स्टेशन पर तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे. शहरी संपर्क परियोजनाओं का उद्घाटन औरशिलान्यास करेंगे। वह एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री 15,610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बंगलूरु मेट्रोचरण-3 परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे. इस परियोजना की कुल लंबाई 44 किलोमीटर से ज़्यादा होगी और इसमें 31 एलिवेटेड स्टेशन होंगे.

राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप, सरकार ने बताया लोकतंत्र पर हमला एसआईआर को लेकर संसद में घमासान

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर ‘वोट की चोरी’ करने का गंभीर आरोप लगाया है. राहुल गांधी नेप्रेसवार्ता में आंकड़े पेश करते हुए दावा किया था कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर वोट की चोरी की है। इसके बाद से ही देश में सियासीपारा अपने चरम पर है. हालांकि, संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजजू ने इसको लेकर राहुल गांधी को कठघरे में खड़ा कर दिया है. किरण रिजजू ने राहुलगांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चुनाव आयोग को गलत तरीके से कठघरे में खड़ा करके लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं. रिजजू ने कहा कि राहुल गांधी एक एनजीओ का आंकड़ा दे रहे हैं. राहुल गांधी उच्चतम न्यायालय को नहीं मानते, वह चुनाव आयोग को नहीं मानते. झूठे आरोप लगाते हैं और लोकतंत्र को कमजोर करते हैं. राहुल गांधी के इस तरह के बयानों से देश की छवि खराब होती है. दूसरी तरफ कर्नाटक केमुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी से अपने सबूत को शपथ पत्र के साथ देने के लिए कहा. इस बीच कांग्रेस के सांसद तरूण गगोई ने इस मुद्दे परसरकार को कठघरे में खड़ा किया. कामकाज पर हुए चर्चाउन्होंने कहा कि संसद में कई बार चुनाव आयोग के कामकाज पर चर्चा हुई है. गोगोई का कहना है कि सरकार देश को गुमराह कर रही है और सदन मेंबिहार में मतदाता सूची में गहन समीक्षा पर चर्चा से भाग रही है. संसद के मानसून सत्र में विपक्ष एसआईआर (मतदाता सूची की गहन पुनरीक्षण) परचर्चा की मांग कर रहा है. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग एसआईआर के मामले में अपनी भूमिका निष्पक्षता के साथ नहीं निभा रहा है. राहुलगांधी ने ‘इंदिरा भवन’ में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए दावा किया था कि महाराष्ट्र, हरियाणा विधानसभा चुनाव में वोटों की चोरी गई. इस तरह से 40 लाख संदिग्ध वोट पड़े. राष्ट्रीय जनता दल ने भी चुनाव आयोग द्वारा बिहार में मतदाता सूची की गहन समीक्षा को राजनीति से प्रेरित कदम बताया है. समाजवादी पार्टी समेत तमाम इस मुद्दे पर सरकार से चर्चा की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी कहते हैं कि वह चुनाव आयोग की वोटो की चोरी कापर्दाफाश करेंगे. तरूण गगोई कहते हैं कि इस विषय पर सरकार को चर्चा के लिए बाध्य करेंगे. यह चर्चा संसद के दोनों में होनी चाहिए और सरकार केकानून मंत्री या अन्य को इस पर चर्चा का जवाब देना चाहिए. सदन को नहीं दे रहे है चलनाविपक्ष अपनी इस मांग को लेकर सदन को नहीं चलने दे रहा है समझा रहा है कि कल भी विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करेगा. इससे पहलेसंसदीय कार्यमंत्री किरण रिजजू ने बुधवार को बिहार में मतदाता सूची की गहन समीक्षा (एसआईआर) पर चर्चा कराने से साफ इनकार कर दिया था. रिजजू का कहना है कि एसआईआर का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. इस कारण संसद में इस विषय पर अभी चर्चा नहीं हो सकती. चुनावआयोग स्वायत्त संवैधानिक निकाय है और संसदीय नियमों के उसके कामकाज पर संसद पर चर्चा नहीं की जा सकती. राज्यसभा के उपसभापतिहरिवंश ने भी सदन को बताया कि चुनाव आयोग स्वायत्त संवैधानिक निकाय है और उसके कामकाज पर संसद में चर्चा नहीं की जा सकती, लेकिनविपक्ष इससे सहमत नहीं है. विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा है वह एसआईआर के मुद्दे पर लगातार चर्चा कराने की मांग कर रहा है.

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा – विभाजन सिर्फ इतिहास नहीं, पीढ़ियों का दर्द है

कांस्टीट्यूशन क्लब में हुआ भावुक कर देने वाला कार्यक्रम14 अगस्त को पूरे देश में मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस से पहले, दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक भावुक कर देने वालाकार्यक्रम हुआ इस कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, भाजपा विधायक राजकुमार भाटिया, भाजपा विधायक शिखा राय, राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दयानंद जी, प्रोफेसर सुनील बाबुराव कुलकर्णी, विजय इसरानी, जितिन राजपूत सहित सिंधी समाज केकई सम्मानित लोग मौजूद थे। यह आयोजन प्रगतिशील सिंधी समाज समिति द्वारा किया गया था, जिसमें विभाजन का दर्द झेल चुके बुजुर्गों कोसम्मानित किया गया। कई बुजुर्ग ऐसे थे, जिन्होंने अपने जीवन के सुनहरे साल अपने घर और जमीन छोड़कर शरणार्थी के रूप में बिताए। वीरेंद्र सचदेवा का संबोधन – विभाजन मानव इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाअपने संबोधन में वीरेंद्र सचदेवा ने कहा साल 1947 का विभाजन भारत के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी थी। लाखों निर्दोष लोगों ने अपनी जानगंवाई, करोड़ों लोगों को अपने घर-बार, खेत-खलिहान, दुकान, स्कूल, मंदिर और मस्जिद छोड़ने पड़े। उन्होंने कहा कि विभाजन कोई अचानक हुईघटना नहीं थी, बल्कि यह उस समय की गंदी राजनीति और सुनियोजित साजिश का नतीजा था। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के नेताओं ने अपने स्वार्थके लिए देश को दो टुकड़ों में बांट दिया। प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय की सराहनावीरेंद्र सचदेवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने उन लाखों परिवारों की वेदना को याद रखने के लिए हर सालविभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा उस समय की कांग्रेस सरकार ने इस दर्दनाक घटना को भुला देने की कोशिशकी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे याद रखने और इससे सीख लेने का संकल्प दिलाया है। अखंड भारत का सपनावीरेंद्र सचदेवा ने कहा आज भी कुछ लोग जेहादी मानसिकता के साथ देश में रहते हैं, लेकिन अगर हम सब एकजुट रहें, तो अखंड भारत का सपनाजरूर पूरा होगा। यह सपना या तो हम देखेंगे या हमारी आने वाली पीढ़ियां देखेंगी, लेकिन यह सच जरूर होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वेअपने दिलों में एकता और देशभक्ति की भावना को हमेशा जीवित रखें। कार्यक्रम में मौन और श्रद्धांजलिकार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन में मारे गए निर्दोष लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभी ने संकल्पलिया कि वे समाज में भाईचारा, एकता और आपसी विश्वास को बढ़ावा देंगे, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। राजकुमार भाटिया – राजनीति ने तोड़ा लाखों परिवारों का दिलभाजपा विधायक राजकुमार भाटिया ने कहा देश की आजादी के बाद जब नक्शे पर लकीरें खींची जा रही थीं, तब नेताओं ने अपने राजनीतिक स्वार्थ केलिए मौन साध लिया था। जिन्ना और नेहरू की गंदी राजनीति के कारण लाखों परिवार एक-दूसरे से अलग हो गए। अपने ही देश में लोग शरणार्थीबनने पर मजबूर हो गए। आज भी उस दर्द को सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। शिखा राय – सिंधी समाज का संघर्ष और सफलताभाजपा विधायक शिखा राय ने कहा,यह दिन किसी उत्सव का नहीं, बल्कि उन दर्दनाक घटनाओं को याद करने का दिन है, जब एक ही परिवार केलोग सरहद के दोनों ओर बंट गए थे। उन्होंने सिंधी समाज की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने विभाजन की पीड़ा सहकर भी हार नहीं मानी, अपनेबच्चों को पढ़ाया-लिखाया और आज देश के हर बड़े पद पर सम्मान के साथ खड़े हैं। सिंधी समाज के योगदान का सम्मानकार्यक्रम में मौजूद कई बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने बताया कि कैसे वे सिर्फ कपड़ों में लिपटे हुए अपने गांव-शहर से भागे थे, कैसेपरिवार बिछड़ गए और कैसे भूख-प्यास से लड़ते हुए उन्होंने नए सिरे से जीवन शुरू किया।प्रगतिशील सिंधी समाज समिति ने सभी को सम्मानित करते हुए उनके संघर्ष और योगदान को याद किया। इस आयोजन का संदेशयह कार्यक्रम केवल अतीत की घटनाओं को याद करने के लिए नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को यह बताना था कि हमें इतिहासकी गलतियों से सबक लेना चाहिए। इस दिन का मकसद यह है कि हम अपने दिलों में भाईचारा, एकता और अखंड भारत का सपना हमेशा ज़िंदा रखें, ताकि आने वाले समय में देश और मजबूत हो सके।

राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा आरोप

दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुलगांधी, जिन्हें वह भारतीय राजनीति का हमेशा जवान नेता बताते हैं, लगातार बेबुनियाद और अनर्गल बयान देते हैं, जिससे विपक्ष के नेता के पद कीगरिमा कम हो रही है। सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार देश की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं। अब वे सत्ता खोने की हताशा में चुनावआयोग पर झूठे, बिना वजह और निराधार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी का यह व्यवहार देश में भ्रम फैलाने और संस्थाओंकी छवि खराब करने वाला है। बेंगलुरु सेंट्रल सीट का उदाहरण देते हुए त्रिवेदी ने सवाल किया कि अगर यह आंकड़े चुनाव आयोग के नहीं हैं, तो राहुल गांधी को यह जानकारी कहांसे मिली कि वहां एक लाख फर्जी मतदाता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सिर्फ उन विधानसभा क्षेत्रों का ज़िक्र कर रहे हैं, जहां बीजेपीआगे थी, जबकि चामराजपेट और शिवाजीनगर जैसे क्षेत्रों में, जहां कांग्रेस को 60 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, वहां की बात उन्होंने बिल्कुल नहीं की। त्रिवेदी ने आगे कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी का यह रवैया केवल राजनीतिक लाभ लेने और जनता को गुमराह करने के लिए है, न कि सच्चाई सामने लाने के लिए।

सौरभ भारद्वाज का बीजेपी और दिल्ली सरकार पर हमला – जलभराव, डिसिल्टिंग घोटाले और लापरवाही के आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता कर राजधानी दिल्ली में बारिश के बाद की स्थिति, जलभराव, मौतोंऔर डिसिल्टिंग घोटाले को लेकर बीजेपी और दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में थोड़ा अंधेरा दिख रहाहोगा, जो पिछले 10–11 साल में शायद ही हुआ हो, क्योंकि लुटियंस दिल्ली में आम आदमी पार्टी के दफ्तर में आज बिजली नहीं है। बारिश से दिल्ली में तबाहीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। कल रक्षाबंधन के दिन बहनोंको कई-कई घंटे तक सड़कों पर फंसे रहना पड़ा। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे, 3 महिलाएंऔर 1 पुरुष शामिल थे। उन्होंने सबसे दर्दनाक हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि एक ढाई साल का बच्चा अपने घर से बाहर निकला औरसीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दिया कि वह सीवर में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। भारद्वाज ने कहा कि यह घटना सरकार की लापरवाहीका नतीजा है। डिसिल्टिंग पर करोड़ों खर्च, लेकिन काम अधूराभारद्वाज ने कहा कि बीजेपी जिस डिसिल्टिंग का प्रचार कर रही है, उस पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। पिछलेसाल उन्होंने एलजी (LG) और तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार को बार-बार पत्र लिखकर डिसिल्टिंग कार्य का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की मांगकी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह शिकायत उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला।पिछले महीने उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी पत्र लिखा, मगर वहां से भी जवाब नहीं आया। RTI में चौंकाने वाला जवाबभारद्वाज ने बताया कि जब उन्होंने RTI डाली कि उनके द्वारा डिसिल्टिंग ऑडिट के निर्देश पर क्या कार्रवाई हुई, तो मुख्य सचिव के दफ्तर से जवाबआया कि उनके पास इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। यहां तक कि यह भी कहा गया कि ऐसा कोई पत्र पुराने मुख्य सचिव नरेश कुमार को मिलाही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दिखाता है कि सरकार भ्रष्टाचार और सबूतों को मिटाने की कोशिश कर रही है। सरकारी रिकॉर्ड से पत्र गायबकरना गंभीर अपराध है और यह बताता है कि इस पूरे मामले में कुछ बड़ा गड़बड़ चल रहा है। बीजेपी नेताओं पर व्यंग्यसौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा के जलभराव निरीक्षण पर तंज कसा। उन्होंने कहा प्रवेश वर्मा को एक घड़ी दे दो, ताकि उन्हें पता चले किवे किस टाइम जोन में जी रहे हैं। जलभराव कल हुआ, बच्चे कल मरे और ये आज जाकर देखने निकले हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर आज पानी नहींमिलेगा, निरीक्षण तब होना चाहिए जब बारिश हो रही हो। बारिश के समय छतरी लेकर जाना चाहिए, न कि पानी सूखने के बाद। उन्होंने कहा किपिछली बार भी यही हुआ था, बारिश के बाद रेखा गुप्ता निरीक्षण करने गईं, जो जनता के साथ मजाक है। जनता के पैसे और जान से खिलवाड़सौरभ भारद्वाज ने कहा कि डिसिल्टिंग ऑडिट न कराना और उसके दस्तावेज गायब करना जनता के पैसों और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने रेखागुप्ता सरकार से पूछा कि आखिर दिल्ली में ऐसा कौन सा घोटाला चल रहा है, जिसके कारण इस मामले की सच्चाई छुपाई जा रही है।