ईडी की छापेमारी पर डीएमके का भाजपा पर हमला, कनिमोझी बोलीं केंद्रीय एजेंसियों को बनाया चुनावी हथियार

तमिलनाडु के मंत्री आई पेरियासामी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी पर डीएमके नेता कनिमोझी ने भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा किभाजपा ने आयकर और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियों को विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए हथियार बना लिया है. मंत्री आईपेरियासामी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी से डीएमके डरने वाली नहीं है. ईडी ने मनी लॉड्रिंग मामले में तमिलनाडु के मंत्री और वरिष्ठडीएमके नेता आई पेरियासामी और उनके विधायक पुत्र आईपी सेंथिलकुमार से जुड़े परिसरों की तलाशी ली. कनिमोझी ने आरोप लगाया कि एकओर भाजपा चुनाव जीतने के लिए हताश प्रयास में एसआईआर (बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण) का उपयोग करके लोकतंत्र के खिलाफ हमले करनेके लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है. चुनावी उपकरण के रुप में कर रही है इस्तेमालइसके साथ ही, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई जैसी एजेंसियां, जिनका इस्तेमाल वे नियमित रूप से विपक्ष के खिलाफ हथियार के रूप मेंकरते हैं. उनका इस्तेमाल डीएमके के वरिष्ठ मंत्रियों के खिलाफ भी किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों को हथियार बनाकर विपक्ष केखिलाफ औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसी ही एक छापेमारी आज हो रही है डीएमके इसका सामना करेगी। मंत्री ने कई चुनौतियों कासामना किया है और डीएमके के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं. किसी भी तरह की धमकी हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को डरा नहीं पाएगी. तमिलनाडुमें डीएमके नेता एवं मंत्री आई पेरियासामी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी पर पार्टी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. डीएमके केसंगठन सचिव आरएस भारती ने कहा कि यह वोट चोरी शब्द से ध्यान हटाने का प्रयास है.पार्टी न तो ईडी से और न ही मोदी से डरेगी. भारती ने आरोप लगाया कि भाजपा सशक्त और स्वायत्त निकायों को अपने चुनावी उपकरण के रूप मेंइस्तेमाल कर रही है. भाजपा हुई बेनकाबचुनाव आयोग का इस्तेमाल करके चुनावी धोखाधड़ी में लिप्त होने के मामले में भाजपा बेनकाब हो गई है. देश इससे स्तब्ध है अवैध वोट चोरी सेध्यान हटाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय पेरियासामी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी कर रहा है. इससे पहले अप्रैल में मद्रास हाईकोर्ट ने डिंडीगुल जिले कीएक विशेष अदालत को 2.1 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में डीएमके नेता और तमिलनाडु के मंत्री आई पेरियासामी और उनकेपरिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया था. जस्टिस पी वेलमुरुगन ने सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर यह निर्देश दिया था. याचिका में पेरियासामी और उनके परिवार के सदस्यों को मामले से मुक्त करनेके विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी. इस मामले में ईडी की छापेमारी हो रही है.ईडी ने शनिवार को मनी लॉड्रिंग मामले में तमिलनाडु के मंत्री और वरिष्ठ डीएमके नेता आई पेरियासामी और उनके विधायक पुत्र आईपी सेंथिलकुमारसे जुड़े परिसरों की तलाशी ली. इसे लेकर डीएमके नेता कनिमोझी ने भाजपा को घेरा.
कांग्रेस ने मांगा जीएसटी 2.0 पर डिबेट, पीएम की दरों में कटौती की घोषणा के बाद रखी बड़ी मांग जानें क्या है पूरा मामला

कांग्रेस ने शनिवार को जीएसटी 2.0 पर व्यापक बहस के लिए जल्द ही एक आधिकारिक डिस्कशन पेपर जारी करने की मांग की. मुख्य विपक्षी दलसे सरकार से कहा है कि जीएसटी की मूल भावना गुड्स एंड सिंपल टैक्स होनी चाहिए न कि ग्रोथ स्प्रेसिंग टैक्स जो यह फिलहाल बना हुआ है. मुख्यविपक्षी पार्टी का यह बयान जीएसटी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से किए गए एक एलान के बाद आया है. 15 अगस्त के मौके पर पीएममोदी ने घोषणा की है कि इस साल दिवाली तक जीएसटी की दरें कम कर दी जाएंगी. इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं की कीमतें भी कम होजाएंगी. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार मुकदमेबाजी और कर चोरी से ग्रस्त आठ साल पुरानी व्यवस्था में सुधार करना चाहती है. विवाद हुआ समाप्तकांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कम से कम डेढ़ साल से उनकी पार्टी मौलिक बदलावों के साथ जीएसटी 2.0 की मांगकर रही है. 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के घोषणापत्र में जीएसटी 2.0 के जिक्र के बारे में बताते हुए कांग्रेस नेता रमेश ने शुक्रवार कोकहा कि ऐसा लगता है. प्रधानमंत्री को आखिरकार यह बात समझ आ गई है कि जब तक यह परिवर्तन नहीं होगा और निजी उपभोग और निजी निवेशमें वृद्धि नहीं होगी. आर्थिक विकास में तेजी नहीं आएगी. उन्होंने एक बयान में कहा, “पिछले सात वर्षों में, दरों की बढ़ती संख्या और अनेक छूटों केकारण जीएसटी की भावना दूषित हुई है ऐसा प्रतीत होता है कि इस ढांचे ने कर चोरी को भी बढ़ावा दिया है. दरों की संख्या में भारी कमी होनीचाहिए. कांग्रेस नेता ने कहा कि दर संरचना का सरलीकरण आवश्यक है लेकिन यह इस तरह से किया जाना चाहिए कि राज्यों के लिए राजस्वअनिश्चितता कम से कम हो और वर्गीकरण विवाद भी समाप्त हो जो बहुत आम हो गए हैं. किया जाना चाहिए समाधानउन्होंने कहा, “जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहा है. दर संरचना में इस बदलाव के कारण उत्पन्न किसी भी राजस्वअनिश्चितता को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव जरूरी हैं. रमेश ने कहा कि अर्थव्यवस्था में प्रमुख रूप से रोजगार पैदा करने वाले एमएसएमईकी व्यापक चिंताओं का सार्थक ढंग से समाधान होइसके अलावा, कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्यों को बिजली, शराब, पेट्रोलियम और रियल एस्टेट कोभी जीएसटी के तहत कवर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.ना चाहिए उन्होंने कहा कि जीएसटी में बड़े प्रक्रियागत बदलावों के अलावा, अंतरराज्यीय आपूर्ति पर लागू होने वाली सीमा को बढ़ाना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि कपड़ा, पर्यटन, निर्यात, हस्तशिल्प और कृषि इनपुट जुड़ी चुनौतियां सामने आईं हैं इनका समाधान किया जाना चाहिए.
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- ‘चोरी-चोरी चुपके-चुपके अब और नहीं’, लापता वोट पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर एक बार फिर चुनाव आयोग को घेरा है. राहुल गांधी ने लापता वोट लिखकर एक बॉलीवुड फिल्म कावीडियो साझा किया. उन्होंने लिखा कि चोरी चोरी, चुपके चुपके अब और नहीं, जनता जाग गई है. कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी करते हुए एक्स परलिखा कि आपके वोट की चोरी, अधिकारों की चोरी है. आइये हम सब मिलकर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने अधिकारों को बचाएं. राहुल गांधी की ओर से जारी किए गए वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस थाने में यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि उसका वोट चुरा लिया गया है. लापता है वोटवह अधिकारियों से कहता है कि लाखों वोट चुराए जा रहे हैं इससे पुलिसकर्मी यह सोच में पड़ जाते हैं कि क्या उनका वोट भी चुराया गया है एकमिनट लंबे वीडियो का शीर्षक ‘लापता वोट’ है. इसे हाल ही में आई एक फिल्म के शीर्षक से लिया गया है. कांग्रेस ने बुधवार को भी एक वीडियोजारी किया। इसमें दिखाया गया कि कैसे फर्ज़ी वोट डाले जा रहे हैं. वीडियो में एक परिवार को मतदान केंद्र में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है. जिसमेंदो व्यक्ति उन्हें बता रहे हैं कि उनके वोट पहले ही डाले जा चुके हैं और अंत में दोनों व्यक्ति फर्जी वोट डालते हैं, तथा मेज पर बैठे एक अधिकारी कोअंगूठा दिखाते हैं. जिसकी मेज पर चुनाव चोरी आयोग की डिस्प्ले प्लेट लगी है. रोडमैप की घोषणाकांग्रेस ने दावा किया है कि वोट चोरी उसके लिए करो या मरो का मुद्दा है और उसने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने आरोपों को लोगों तक लेजाने के लिए एक रोडमैप की घोषणा की है. कांग्रेस ने लोगों के लिए एक वेब पोर्टल भी शुरू किया है, जिसमें वे पंजीकरण करा सकते हैं और वोटचोरी के खिलाफ चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर सकते हैं. साथ ही डिजिटल मतदाता सूची की मांग के प्रति समर्थन व्यक्त कर सकते हैं. कांग्रेस और राहुल गांधी वोट चोरी का दावा करते हुए लगातार चुनाव आयोग को घेर रहे हैं. अब राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी करते हुए एक बारफिर आयोग को घेरा है.
अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे मनमानी फीस, दिल्ली सरकार ने लागू किया नया शुल्क नियंत्रण कानून, अभिभावकों को मिली वीटो पावर

दिल्ली सरकार ने शहर के सभी 1,700 निजी स्कूलों को एक नए शुल्क नियंत्रण कानून के तहत शामिल किया है. इस कानून के अनुसार, अबअभिभावकों की भागीदारी होगी और उन्हें शुल्क बढ़ाने पर रोक लगाने का अधिकार (वीटो पावर) भी मिलेगा. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार कोजनकपुरी में आयोजित “अभिभावकों के टाउन हॉल” में बताया कि विधानसभा के मानसून सत्र में पारित दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण औरविनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 का उद्देश्य मनमानी फीस बढ़ोतरी को रोकना और फीस तय करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है. इससंवाद में लगभग 200 अभिभावकों ने भाग लिया, जहां मंत्री ने कानून के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताया, जिसमें अनुपालन न करने पर दंड काप्रावधान भी शामिल था. 10 लाख का लगाया जाएगा जुर्मानाएक आधिकारिक बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि बिना सरकारी मंजूरी के फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तकका जुर्माना लगाया जाएगा. और अगर अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया जाता है तो दोगुना जुर्माना भी लगाया जाएगा. इसमें कहा गया है कि यहअधिनियम शिक्षा निदेशक को उल्लंघनों के विरुद्ध एक समान कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के समान शक्तियां भी प्रदानकरता है. फीस विनियमन के दायरे में है आतेइसमें कहा गया है कि अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और सरकारी प्रतिनिधियों वाली समितियां स्कूल की फीस तय करने में शामिल होंगी. सूदने कहा कि नया कानून 1973 के नियमों की एक खामी को दूर करता है. जिसके तहत केवल 300 स्कूल ही फीस विनियमन के दायरे में आते थे. उन्होंने कहा, “अब, दिल्ली के सभी निजी स्कूल फीस विनियमन के दायरे में आएंगे. मंत्री ने निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण के लिए पारदर्शी व्यवस्थास्थापित करने में विफल रहने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की.
सीमा विवाद पर भारत-चीन फिर आमने-सामने, 18 अगस्त को वांग यी आएंगे भारत, डोभाल संग होगी 24वें दौर की होगी वार्ता

भारत सरकार ने सीमा विवाद के मुद्दे पर चर्चा के लिए चीनी विदेश मंत्री के भारत दौरे की पुष्टि कर दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिकबयान में कहा कि ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्रीवांग यी 18-19 अगस्त 2025 को भारत दौरे पर आएंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर भी वांग यी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. वांग यी के भारतदौरे पर भारत-चीन सीमा के सवाल पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की बैठक होगी. इस बैठक में चीन की तरफ से विशेषप्रतिनिधि वांग यी और भारत की तरफ से एनएसए अजीत डोभाल शामिल होंगे. ट्रंप प्रशासन ने की आलोचनाचीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर वांग यी के भारत दौरे की जानकारी दी. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘सीपीसी केंद्रीय समिति केराजनीतिक ब्यूरो के सदस्य, विदेश मंत्री और चीन-भारत सीमा विवाद पर चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी 18 से 20 अगस्त तक भारत का दौराकरेंगे. भारतीय पक्ष के निमंत्रण पर सीमा विवाद पर चीन और भारत के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की बैठक होगी. वांग यी का यह दौराऐसे समय में हो रहा है, जब रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. भारत ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले कीआलोचना की और भारी-भरकम टैरिफ को अन्यायपूर्ण बताया. अमेरिका के टैरिफ के एलान के तुरंत बाद भारतीय एनएसए अजीत डोभाल ने रूस कादौरा किया. इसके बाद डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी को सीमा विवाद पर बातचीत के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे वांग यी नेस्वीकार कर लिया. 2019 में किया था भारत का दौराइसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए चीन दौरे पर जाएंगे. चीन 31 अगस्तसे 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. प्रधानमंत्री मोदी पिछली बार जून 2018 में चीन दौरे पर गए थे इसकेबाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अक्टूबर 2019 में भारत का दौरा किया था. हालांकि, पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध के कारण दोनों देशों केबीच संबंधों तल्खी आ गई थी. हालांकि कई दौर की बातचीत के बाद सीमा पर तनाव कम हुआ. सीमा पर तनाव कम होने के बाद अक्टूबर, 2024 मेंरूस के कजान शहर में प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच बैठक हुई. इस बैठक में दोनों देशों के बीच के विभिन्न मुद्दों पर सहमति केलिए बातचीत को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक बैठक में भाग लेनेके लिए चीन दौरे पर जाएंगे. चीन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.
डूसू चुनाव 2025 में नई चुनौती एसैप मैदान में, एबीवीपी- एनएसयूआई को सीधी टक्कर “एसैप ने ठोकी ताल”

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2025 का शंखनाद हो गया है. इस साल चुनाव 18 सितंबर को होंगे. इन चुनावों में अभी तक भाजपाछात्र संगठन एबीवीपी और कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई के बीच टक्कर होती रही है. अब डीयू के चुनाव में आम आदमी पार्टी के छात्र संगठनएसैप की एंट्री हो गई है.आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एसैप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एबीवीपी और एनएसयूआई ने कैंपस को वर्षों तक एक निजी ठेकेकी तरह चलाया. जहां पर सेटिंग करके बारी-बारी से डूसू छात्रसंघ पर कब्जा जमाए बैठे रहे अब यह चक्र टूटेगा. क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टीका छात्र संगठन एसैप डूसू छात्र संघ चुनाव लड़ेगा, और सिर्फ लड़ेगा ही नहीं, बल्कि एबीवीपी और एनएसयूआई की गुंडागर्दी वाली राजनीति कोसीधी चुनौती देगा. बेहतर चाहता है बनानासैप का कहना है कि छात्र राजनीति कोई भाजपा और कांग्रेस नेताओं की जागीर नहीं हो सकती. नेतृत्व उस छात्र के हाथ में होना चाहिए, जो पढ़ाई मेंअच्छा है, मेहनती है. ईमानदार है और अपने कॉलेज व विश्वविद्यालय को बेहतर बनाना चाहता है. आप के छात्र संगठन का कहना है कि एसैप ने टिकटप्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक बना दिया है. हर छात्र को मौका मिलेगा, चाहे वो किसी भी भाषा, धर्म, जाति या आर्थिक पृष्ठभूमि सेआता हो. जो भी छात्र डूसू या कॉलेज यूनियन का चुनाव लड़ना चाहता है, उसे सिर्फ तीन आसान स्टेप पूरे करने होंगे, पहला- एक पंजीकरण फॉर्मभरना होगा. छात्र संगठन चुनावी मैदान मेंजिसकी आखिरी तारीख 25 अगस्त है. दूसरा- एक मिनट का वीडियो या ऑडियो जिसमें वह अपने मुद्दों को साफ़-साफ़ रखे, और तीसरा- 200-500 शब्दों में अपना एजेंडा बताए. कॉलेज यूनियन के लिए कम से कम 5 अलग-अलग सेक्शन से 10 छात्रों का समर्थन जुटाना होगा और डूसू के लिए 5 कॉलेजों से 50 छात्रों का, जिनके नाम, स्टूडेंट ID और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं. उम्मीदवार के पास पूरी कक्षा उपस्थिति होनी चाहिए कोई बैकलॉगनहीं, और न ही कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड हो. आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एसैप दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव2025 के चुनावों में हिस्सा लेने जा रहा है। पहली बार पार्टी का छात्र संगठन चुनावी मैदान में है.