यूपी में खाद की किल्लत, नेपाल में तस्करी से मुनाफा – किसानों के साथ धोखा, सरकार की मिलीभगत? लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

यूपी में यूरिया की किल्लत तो वहीं नेपाल में 10 गुनी कीमत पर बिक रही खाद यह किसानों के साथ खुली धोखाधड़ी है और प्रदेश की अर्थव्यवस्थापर सीधा हमला है. यूपी में खाद की किल्लत के बीच तस्कर नेपाल भेज कर मुनाफा कमा रहे हैं तो मुनाफे पर लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरीसुनील सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रदेश में किसान आज भी अपनी फसल बचाने के लिए खाद (यूरिया) के लिए तरस रहे हैं. उन्हेंसरकारी दफ्तरों और खाद विक्रेताओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि अफसर खुलेआम झूठ बोल रहे हैं कि पर्याप्त यूरिया उपलब्ध है।असलियतयह है कि प्रदेश का यूरिया धड़ल्ले से नेपाल की सीमा पार तस्करी हो रहा है और वहां 10 गुनी कीमत पर बेचा जा रहा है. यह धंधा इतनी बड़ी पैमानेपर बिना सरकार और अधिकारियों की मिलीभगत के संभव ही नहीं है सरकार की सीधी भागीदारीसवाल है आखिर किसकी सरपरस्ती में यह काला कारोबार चल रहा है?लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि सरकार की चुप्पी और आंख मूंद लेनाइस कांड में उनकी सीधी भागीदारी को साबित करता है. यह किसानों के साथ खुली धोखाधड़ी है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है. बहराइच क्षेत्र में गुप्त मार्गों से प्रतिदिन 200 से अधिक बोरी तस्करी हो रही है, जिससे किसान असमंजस में हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तस्करीरोकने के लिए सात नेपाल-पार सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी बढ़ाने, 5 किमी के भीतर न्यू रजिस्टर्ड खाद विक्रेताओं पर प्रतिबंध लगाने, औरडिजिटल ट्रैकिंग जैसे कदम उठाए हैं. साथ ही, कृषि विभाग, पुलिस, सीमा सुरक्षा बल और राज्य जांच ब्यूरो के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश जारीकिए गए हैं। लोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह की यह प्रतिक्रिया कि यह किसानों के साथ धोखाधड़ी है और इस गठजोड़ में सरकार की सीधीभागीदारी हो सकती है.
उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भरा नामांकन, विपक्ष से जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी कल करेंगे दाखिला

उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. इस दौरान उनके साथ पीएम मोदी, रक्षा मंत्रीराजनाथ, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी केसाथ-साथ भाजपा और एनडीए के तमाम नेता भी मौजूद रहे. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने रिटर्निंग ऑफिसर को नामांकन पत्रों के 4 सेट सौंपेहैं. नामांकन पत्रों के इन चार सेटों में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जदयू नेता राजीव रंजन सिंह मुख्य प्रस्तावक हैं. तमिलनाडु में जन्मे सीपी राधाकृष्णन गाउंडर- कोंगु वेल्लालर यानी ओबीसी समुदाय से आते हैं वे तमिलनाडु से उपराष्ट्रपति बनने वाले वे तीसरे नेताहोंगे। वे 1998 में पहली बार सांसद चुने गए और 2023 में बने झारखंड के राज्यपाल बने। 67 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र केराज्यपाल हैं.धनखड़ ने दिया था इस्तीफाझारखंड की जिम्मेदारी संभालते हुए राधाकृष्णन ने तेलंगाना का राज्यपाल और पुडुचेरी का उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था. सीपीराधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की पढ़ाई की है।वहीं इससे पहले सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, धर्मेंद्र प्रधान, राम मोहन नायडू किंजरापु. एलमुरुगन और भाजपा नेता विनोद तावड़े की मौजूदगी में संसद परिसर में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले महात्मा गांधी कोपुष्पांजलि अर्पित की.बता दें कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद सीपी राधाकृष्णन के नाम की घोषणा उपराष्ट्रपति पद के लिए की थी. जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद से ये पद खाली हुआ है। 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिनस्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था. नामांकन करेंगें दाखिलविपक्ष की तरफ से उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी कल अपना नामांकन दाखिल करेंगे. बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकनकी आखिरी तारीख भी कल यानी 21 अगस्त ही है. वहीं इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्वन्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा, ‘मैं इससे खुश हूं मैं अपने नामांकन से खुश हूं. अगर यह अप्रिय होता, तो मैं यह यात्रा क्यों करता औरआगे क्यों बढ़ता? मैं इससे खुश हूं. उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होना है और उसी दिन मतगणना भी होगी. नामांकन दाखिल करने कीअंतिम तिथि 21 अगस्त है, जबकि उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सांसद, राज्यसभा में मनोनीत 12 सांसद और लोकसभा के 543 सांसद वोट डाल सकते हैं. इस तरह के कुल 788 लोग वोट डाल सकते हैं.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला, आरोपी हिरासत में गुजरात से है संबंध

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक युवक ने हमला कर दिया. ये घटना तब हुई जब वे सीएम आवास में जनसुनवाई कर रही थीं जनसुनवाई केदौरान आरोपी ने सीएम को कुछ कागज दिए. इसके बाद वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा. आरोप है कि इसी दौरान उसने मुख्यमंत्री पर हमला करदिया. इसके साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया शुरुआती जानकारी में सामने आया था कि हमलावर ने सीएम को थप्पड़ मारा था, हालांकिदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस तरह के दावों का खंडन किया है. उन्होंने साफ किया कि सुनवाई के दौरान उस व्यक्ति ने उन पर हमलाकिया. फिलहाल दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान राजेश भाई खिमजी भाई सकारिया के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि दिल्ली सीएम पर हमला करने वाला आरोपी राजेश भाई खिमजी भाई सकारिया गुजरात के राजकोट का रहनेवाला है. गुजरात पुलिस से किया संपर्कगुजरात के राजकोट शहर में कोठारिया रोड स्थित गोकुल पार्क में अपनी पत्नी, बेटे और माता-पिता के साथ रहता है. आरोपी की मां भानुबेन ने बतायाकि वह किसी राजनैतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है. वह जानवरों को प्रेम करता है. दिल्ली में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश सेवह परेशान था और इसी आदेश को लेकर एक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए वह दिल्ली गया था. भानुबेन ने कहा कि आज की घटना के बारे मेंउन्हें जानकारी नहीं है. फिलहाल आरोपी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. साथ ही कहा है कि आरोपी के इरादों का पता लगाने के लिएउससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी. इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने आरोपी द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि के लिए गुजरात पुलिस से भी संपर्क कियाहै. घटना के बारे में दी जानकारीदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घटना के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने थप्पड़ मारने की खबरों को खारिज करते हुए बताया कि हमलावरने सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री का हाथ खींचने की कोशिश की, जिसके कारण हाथापाई हुई और उनका सिर किसी कोने से टकराया होगा. उन्होंने कहाकि सीएम गुप्ता की हालत स्थिर है, लेकिन वह सदमे में हैं. वहीं, दिल्ली पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी की पुष्टि के लिए राजकोट पुलिस आरोपीराजेश खिमजी के घर पहुंची. जहां उन्होंने आरोपी के परिजनों से पूछताछ की. इस दौरान आरोपी राजेश खिमजी के पड़ोसी सुरेशभाई ने भी राजेश केबारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मैं उसे पिछले 5-6 वर्षों से जानता हूँ वह एक सरल और उदार व्यक्ति है जिसे जानवरों से बहुत प्यार है.
कोल्डप्ले के किस कैम से उठा अफेयर का तूफान, फिर भी क्रिस मार्टिन बोले ‘किस कैम रहेगा जारी’

ब्रिटिश सिंगर क्रिस मार्टिन का कोल्डप्ले कॉन्सर्ट पिछले दिनों कंट्रोवर्सी में घिर गया था. यह कंट्रोवर्सी उनके शो में लगे किस कैम को लेकर हुई. इसकैमरा में एक नामी कंपनी के सीईओ का अफेयर पकड़ा गया था. इस कंट्रोवर्सी के बावजूद वह आगे भी अपने कॉन्सर्ट में किस कैम यानी ऑडियंस परफोकस करने वाले कैमरे को मौजूद रखेंगे. पेज सिक्स नाम के न्यूज पोर्टल के अनुसार क्रिस मार्टिन ने कोल्डप्ले के हालिया कॉन्सर्ट में फिर से सीईओअफेयर कंट्रोवर्सी का जिक्र किया है. वह ‘म्यूजिक ऑफ द स्फियर्स’ नाम से एक वर्ल्ड टूर कर रहे हैं। हाल ही में इंग्लैंड में परफॉर्म किया. कॉन्सर्ट केदौरान क्रिस ने कहा, ‘हम लंबे समय से बिग स्क्रीन (किस कैम) का इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में ही यह एक….?’ इतना कहकर वह चुप हो जाते हैंबस किस कैम वाले पुराने विवादों को लेकर दर्शकों को हिंट देते हैं. क्रिस्टिन कैबोट पर है गईमार्टिन फिर आगे कहते हैं, ‘जब जिंदगी आपको लेमन दे, तो लेमनेड (नींबू पानी) बना लेना चाहिए. इसलिए हम किस कैम को जारी रखेंगे. दरअसल, हम आपमें से कई लोगों से इसके जरिए ही मिल पाते हैं.16 जुलाई को गिलेट स्टेडियम (मैसाचुसेट्स) में कोल्डप्ले का कॉन्सर्ट चल रहा था. क्रिस मार्टिन स्टेज पर गा रहे थे और बड़ा कैमरा यानी किस कैमलोगों पर फोकस कर रहा था. तब किस कैम की नजर एंडी बायरन और क्रिस्टिन कैबोट पर गई. मीम्स थे बनेबायरन ने कैबोट को बाहों पर भर रखा था कैमरा देखकर दोनों सकपका गए. महिला ने हाथ से चेहरा ढका और बायरन भी झुककर कैमरे से बचने लगे. उनकी झिझक देखकर क्रिस मार्टिन ने स्टेज से मजाक में कहा, ‘या तो ये दोनों अफेयर में हैं, या फिर बहुत शर्मीले हैं।’ आगे चलकर यह वीडियोसोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। एस्ट्रोनॉमर नाम की कंपनी में दोनों काम करते थे एंडी सीईओ थे और क्रिस्टिन एचआर थीं, दोनों को इसअफेयर की वजह से कंपनी से निकाल दिया गया. इस अफेयर पर कई मीम्स भी सोशल मीडिया पर बने थे.
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला, BJP ने जताई राजनीतिक साजिश की आशंका

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का शालीन और मिलनसार व्यवहार उनका दुश्मन बन गया. मुख्यमंत्री के इसी स्वभाव का अनुचित लाभ उठाते हुएगुजरात के राजेश भाई नाम के एक व्यक्ति ने बुधवार सुबह उन पर हमला कर दिया. यह हमला उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री जनसुनवाई के दौरानलोगों से मुलाकात कर रही थीं और उनकी परेशानियों का समाधान कर रही थीं इस हमले के बाद से ही मुख्यमंत्री के व्यवहार को लेकर पूरी दिल्ली मेंचर्चा हो रही है मुख्यमंत्री इस हमले के बाद पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं. भाजपा ने जब दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीता था. तब रेखा गुप्ता कोसरकार बनाने का अवसर मिला था इसके पहले एक सामान्य पार्षद रहीं रेखा गुप्ता हमेशा से अपने मृदु व्यवहार के कारण अपने क्षेत्र में लोगों के बीचलोकप्रिय रही थीं. राजनीतिक साजिश की आशंकामुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका यह स्वभाव नहीं बदला है वे बहुत सामान्य तरीके से लोगों से मेल-मुलाकात करती हैं. उनसे मिलने के लिए दिल्ली केकिसी भी व्यक्ति को किसी औपचारिकता का पालन नहीं करना पड़ता है कोई भी उनके आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर सकता है सीएम केइसी मिलनसार व्यवहार का गलत लाभ उठाते हुए राजकोट के व्यक्ति राजेश भाई ने उन पर हमला कर दिया.इसके पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल पर भी कई बार हमले की कोशिशें हुई थीं. इन हमलों को भी आम आदमी पार्टी नेराजनीतिक विद्वेष के कारण कराया गया हमला करार दिया था. आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमलों के बाद भाजपा ने भी राजनीतिक साजिश कीआशंका जताई है. जीता था विधानसभा का चुनावहालांकि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मारलेना और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है. दिल्लीपुलिस अभी आरोपी से पूछताछ कर रही है, जब तक दिल्ली पुलिस का इस पर आधिकारिक बयान नहीं आ जाता है, इस पर कुछ भी कहना मुश्किलहै. भाजपा ने जब दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीता था, तब रेखा गुप्ता को सरकार बनाने का अवसर मिला था. इसके पहले एक सामान्य पार्षद रहींरेखा गुप्ता हमेशा से अपने मृदु व्यवहार के कारण अपने क्षेत्र में लोगों के बीच लोकप्रिय रही थीं मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका यह स्वभाव नहींबदला है, वे बहुत सामान्य तरीके से लोगों से मेल-मुलाकात करती हैं.