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बाढ़ राहत कैंपों की बदहाली पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल का हमला, BJP सरकार को ठहराया जिम्मेदार

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली के शास्त्री पार्क में दिल्ली सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिएलगाए गए राहत कैंपों का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे लोगों से बात कर समस्याएं जानी. लोगों ने उन्हें बतायाकि राहत कैंपों में पर्याप्त सुविधाओं का इंजताम नहीं है अरविंद केजरीवाल ने इस बदइंतजामी के लिए भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया और कहाकि दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं तमाम इलाकों में पानी भर गया है. लोग अपने घरों को छोड़कर रिलीफ कैंप में रहने को मजबूर हैं। इन कैंपोंमें भी तमाम परेशानियां हैं, खाने और पानी तक का ठीक इंतजाम नहीं है लोग बारिश के नीचे रात गुजराने को मजबूर हैं. अरविंद केजरीवाल ने आगेकहा कि दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव हो गया है, क्योंकि बीजेपी सरकार ने डिसिल्टिंग नहीं कराई थी. इसलिए दिल्लीवालों को तमामदिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है उत्तर भारत के तमाम हिस्सों में भारी बारिश की वजह से तबाही हो रही है केंद्र सरकार ने जैसे भूकंप प्रभावितअफगानिस्तान के लिए राहत सामग्री भेजी, वैसे ही सरकार को इन राज्यों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। इस दौरान “आप” दिल्ली प्रदेश संयोजकसौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार, विशेष रवि, सोमदत्त और पार्षद सारिका चौधरी समेत “आप” के अन्य नेता मौजूद रहे. कई इलाकों में भर गया पानीशास्त्री पार्क के राहत कैंपों में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात के उपरांत अरविंद केजरीवाल कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में बाढ़ जैसेहालात बने हुए हैं और कई इलाकों में पानी भर गया है. दिल्ली में खासकर यमुना के तट पर रह रहे गरीब लोगों को अपने घर खाली करके सरकार केबनाए गए राहत शिविरों में आने को मजबूर होना पड़ा है. शास्त्री पार्क स्थित राहत शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से मैने मुलाकात की उसकीसमस्याएं जानी इन कैंपों में लोगों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं. उन्हें समय पर खाना नहीं मिल रहा, मच्छरों की बहुत ज्यादा समस्याहै मच्छरों को कम करने कोई इंतजाम नहीं किया गया है. लोगों को पीने के पानी की कमी है लोगों ने बताया कि गुरुवार को ही ये टेंट लगाए गए हैंइससे पहले तक वे लोग खुले आसमान में बारिश में भी रहने को मजबूर थे. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम समझ सकते हैं, यह कुदरत का कहर है. लेकिन ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह गरीबों और दूसरे नागरिकों के लिए सारे जरूरी इंतजाम करे. हमारा दिल्ली की भाजपा सरकार सेनिवेदन है कि जिन राहत शिविरों में गरीब लोग रहने को मजबूर हैं, वहां सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. ठीक से नहीं किया कामअरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस वक्त दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया है. इसका एक बड़ा कारण यह है कि डिसिल्टिंग का काम ठीक सेनहीं किया गया. कई इलाकों में सीवर का पानी वापस आ रहा है, जिससे लोग बहुत परेशान हैं कई इलाकों में पीने का पानी भी नहीं आ रहा है. हमसरकार से यही गुजारिश करते हैं कि जनता को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दी जाएं, ताकि उन्हें किसी तरह की तकलीफ न हो। पीने का पानी और अन्यजरूरी चीजों का पूरा इंतजाम किया जाए. सीवर की समस्या का भी समाधान किया जाए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस समय जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड सहित पूरा उत्तर भारत बाढ़ की चपेट में है हम केंद्र सरकार से भी निवेदन करते हैं कि जनता को राहतपहुंचाने के लिए जितना बन सके, उतना काम करे. केंद्र सरकार ने हाल ही में अफगानिस्तान में भूकंप के लिए राहत सामग्री भेजी थी, जो बहुत अच्छीबात है पूरी दुनिया में कहीं भी आपदा आए, तो इंसानियत के नाते हमें मदद भेजनी चाहिए. उसी तरह अपने उत्तर भारत के बाढ़ प्रभावित राज्यों में भीकेंद्र सरकार को राहत पहुंचानी चाहिए ये हमारे अपने लोग हैं, भारत के ही लोग हैं इनकी राहत के लिए भी इंतजाम किए जाएं.

Virendra Sachdeva Leads BJP’s Charge, Demands Rahul Gandhi’s Apology

For the past three days, BJP workers in Delhi have been continuously protesting at the district level against Congress over the use of derogatory language for Prime Minister Shri Narendra Modi and his late mother. On the third day of protests held on the call of Delhi BJP President Shri Virendra Sachdeva, BJP workers staged […]

कांग्रेस की मांग निजी शिक्षण संस्थानों में SC-ST-OBC आरक्षण लागू करे मोदी सरकार

कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को मोदी सरकार से मांग की कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में अनुच्छेद 15(5) को लागू करने के लिए कानून लायाजाए. इस अनुच्छेद के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (एससी, एसटी, ओबीसी) के लिए निजी शिक्षा संस्थानों मेंआरक्षण का प्रावधान है कांग्रेस ने दावा किया कि इन वर्गों के छात्र निजी विश्वविद्यालयों में बेहद कम संख्या में मौजूद हैं. कांग्रेस नेताओं ने कहा किदेश में निजी शिक्षा संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन आर्थिक तंगी और आरक्षण लागू न होने की वजह से SC, ST और OBC वर्ग केबच्चे इन संस्थानों में पढ़ाई का अवसर नहीं पा रहे हैं कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग प्रमुख राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यूपीए सरकार ने आरक्षणका कानून बनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी 2008, 2011 और 2014 में वैध ठहराया. शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों मेंकांग्रेस ने संसदीय समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें पाया गया कि निजी शिक्षा संस्थानों में केवल 0.89% SC, 0.53% ST और11.16% OBC छात्र हैं। आदिवासी कांग्रेस प्रमुख विक्रांत भूरिया ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने सामाजिक समानता के लिए वोट काअधिकार और आरक्षण दोनों को जरूरी बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों में सौंप रही है.कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए कानून पर मोदी सरकार ने 11 साल से कोई कदम नहीं उठाया है ओबीसी विभाग प्रमुखअनिल जयहिंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को ओबीसी बताते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में ओबीसी समुदाय को सबसे ज्यादा नुकसानहुआ उन्होंने कहा कि 2017 से अब तक मोदी सरकार ‘क्रीमी लेयर’ की समीक्षा तक नहीं कर पाई. सत्र में यह कानून लेकर आएकांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र ‘न्याय पत्र’ में निजी शिक्षा संस्थानों में अनुच्छेद 15(5) लागूकरने का वादा किया था उन्होंने कहा कि अब संसद की स्थायी समिति ने भी सर्वसम्मति से इस कानून को लागू करने की सिफारिश की है कांग्रेस नेमांग की कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में यह कानून लेकर आए. कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनावके घोषणापत्र ‘न्याय पत्र’ में निजी शिक्षा संस्थानों में अनुच्छेद 15(5) लागू करने का वादा किया था. उन्होंने कहा कि अब संसद की स्थायी समिति नेभी सर्वसम्मति से इस कानून को लागू करने की सिफारिश की है कांग्रेस ने मांग की कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में यह कानून लेकरआए.

ट्रंप का बड़ा बयान, ‘लगता है भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया’ जानें क्या कुछ बोले ट्रंप

अमेरिका की तरफ भारत पर लगाए गए टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिल रहा है इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपलगातार भारत पर निशाना साधते नजर आ रहे थे लेकिन चीन में हाल ही में संपन्न हुए एससीओ सम्मेलन के बाद अब ट्रंप के तेवर नरम पड़ते दिख रहेहैं ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा कि, लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नेशुक्रवार को सोशल मीडिया ट्रुथ पर पोस्ट में एक तस्वीर भी शेयर की है इस तस्वीर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औरचीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नजर आ रहे हैं इस पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि, लगता है कि हमने भारत और रूस को गहरे, अंधकारमय चीन के केहाथों खो दिया है ईश्वर करे कि उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो. मेरी नहीं कोई टिप्पणीट्रंप की यह टिप्पणी पर उस समय आई है जब पिछले दिनों चीन के तिआनजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन मेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नजदीकियों ने विश्व का ध्यान खींचा था भारत-अमेरिकासंबंधों में खटास तब और गहरी हो गई जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया और साथ ही रूस से कच्चातेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगा दिया.वहीं अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस पोस्ट को लेकर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्तारणधीर जायसवाल ने कहा, ‘इस समय इस पोस्ट पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है. संबंध सुधारने की दी नसीहतवहीं इससे पहले तमाम पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत के साथ संबंध सुधारने की नसीहत दी थी इस कड़ी में पूर्व अमेरिकीएनएसए जॉन बोल्टन ने कहा कि ‘ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका-भारत संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया है, जिससे पीएम मोदी रूस और चीन के करीबचले गए हैं. बीजिंग ने खुद को अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के विकल्प के रूप में पेश किया है. पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवनऔर पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट एम. कैंपबेल ने एक लेख में लिखा कि अमेरिका और भारत के संबंध को दोनों ही दलों (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) कासमर्थन मिला है इन संबंधों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की मनमानी को भी रोका है उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साझेदारों को भारत को यहसमझाने की कोशिश करनी चाहिए कि ट्रंप का व्यवहार अक्सर किसी समझौते की शुरुआत का संकेत होता है.

अजित पवार की IPS अधिकारी को वीडियो कॉल पर फटकार, विपक्ष ने उठाए सवाल, बोले ‘नहीं बचा नैतिक अधिकार’

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने उस घटना को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया परवायरल हो रहा है, जिसमें वे वीडियो कॉल में पर एक महिला आईपीएस अधिकारी को फटकार लगाते दिख रहे हैं इस वीडियो के सामने आने के बादवे विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैंउन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा ‘सोलापुर में पुलिस अधिकारियों के साथ मेरी बातचीत से संबंधित कुछ वीडियो की ओर मेरा ध्यान आकर्षित हुआ है. मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मेरा इरादा कानून प्रवर्तन में हस्तक्षेप करने का नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि जमीनी स्तर पर स्थितिशांत रहे और आगे न बिगड़े. नहीं कोई नैतिक अधिकारमैं अपने पुलिस बल और उसके अधिकारियों, जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं जो विशिष्टता और साहस के साथ सेवा करती हैं, का बहुतसम्मान करता हूं और मैं कानून के शासन को सबसे ऊपर रखता हूं मैं पारदर्शी शासन के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हूं किरेत खनन समेत हर अवैध गतिविधि से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाए. शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने इस मामले में महाराष्ट्र केउपमुख्यमंत्री अजित पवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें सरकार में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. चेहरा है पहचानतीसंजय राउत का यह बयान उस वीडियो के सामने आने के बाद आया है, जिसमें अजित पवार एक महिला आईपीएस अधिकारी को वीडियो कॉल परफटकार लगाते दिखाई दे रहे हैं यह मामला सोलापुर जिले में अवैध बालू की खुदाई से जुड़ा है इस वायरल वीडियों में दिख रहा है कि अजित पवारमहिला आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा को फोन पर फटकार लगाते हैं। यह फोन कॉल एनसीपी के एक कार्यकर्ता के फोन से किया गया था IPS अधिकारी शुरुआत में पवार की आवाज नहीं पहचानतीं, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री वीडियो कॉल करते हैं और उनसे कार्रवाई रोकने के लिए कहते हैं वेउन्हें सख्त लहजे में सवाल करते हैं कि क्या वे उनका चेहरा पहचानती हैं.

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी आरकॉम और अनिल अंबानी के लोन अकाउंट को घोषित किया फ्रॉड

भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ इंडिया के बाद अब बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी दिवालिया रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के ऋण खाते कोफ्रॉड के रूप में वर्गीकृत कर दिया है एक नियामक फाइलिंग के अनुसार उनपर इस कार्रवाई के लिए एक दशक से पहले दिए गए ऋणों के कथितदुरुपयोग का हवाला दिया गया है.आरकॉम ने कहा कि उसे बैंक ऑफ बड़ौदा से 2 सितंबर को एक पत्र मिला है जिसमें कंपनी और उसके प्रवर्तक अनिल अंबानी के ऋण खाते कोधोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत करने के निर्णय की जानकारी दी गई है. समाधान योजना अस्तित्व में नहींबैंक ऑफ बड़ौदा ने कंपनी को 1,600 करोड़ रुपये और 862.50 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा स्वीकृत की थी आरकॉम की ओर से नियामकीयफाइलिंग में जारी बैंकों के पत्र के अनुसार, कुल 2,462.50 करोड़ रुपये में से 28 अगस्त तक 1,656.07 करोड़ रुपये बकाया थे पत्र में कहा गया है, “इस खाते को 5 जून 2017 से गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. आरकॉम नियंत्रण और अपनी देनदारियों कोचुकाने के लिए कॉर्पोरेट दिवाला समाधान कार्यवाही से गुजर रही है हालांकि, बैंक ऑफ बड़ौदा ने पत्र में कहा है कि वर्तमान में एनसीएलटी की ओर सेअनुमोदित कोई सक्रिय समाधान योजना अस्तित्व में नहीं है. उपलब्ध उपायों पर आगे बढ़ेंगेबैंक ने बताया है कि धोखाधड़ी की घोषणा फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के निष्कर्षों व टिप्पणियों पर आधारित है उनके अनुसार ऐसा करना प्राकृतिकन्याय के सिद्धांतों तहत है अंबानी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्रवाई 12 साल से भी अधिक पुराने मामलों में की गईहै. प्रवक्ता ने बताया कि अनिल अंबानी 2006 में आरकॉम की स्थापना से लेकर 2019 में बोर्ड से इस्तीफा देने तक (यानी छह साल पहले तक) बोर्डमें एक गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे बयान में कहा गया है कि अंबानी ने सभी आरोपों और अभियोगों से स्पष्ट रूप से इनकार किया हैउन्होंने कहा है कि वे कानूनी सलाह के अनुसार उपलब्ध उपायों पर आगे बढ़ेंगे.

कांग्रेस की पोस्ट से बिहार का अपमान? बीड़ी से तुलना कर मचाया सियासी बवाल “जानें क्या है पूरा मामला”

कांग्रेस की केरल इकाई की एक पोस्ट ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है, जिसमें बिहार और बीड़ी के बीच तुलना की गई थी. यह पोस्ट सोशलमीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया. इसमें केंद्र सरकार की ओर से बीड़ी पर जीएसटी दरों में कटौती को बिहार सेजोड़ा गया था. पोस्ट में लिखा था, बीड़ी और बिहार दोनों ‘बी’ से शुरू होते हैं। अब इसे पाप नहीं माना जा सकता. इसके साथ ही सिगरेट, बीड़ी औरतंबाकू पर संशोधित जीएसटी दरों की जानकारी साझा की गई थी. देश के सामने बार–बार उजागरभाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस हटाई गई पोस्ट को अपने एक्स हैंडल से साझा किया और कांग्रेस पर हद पार करने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा, कांग्रेस फिर से सीमा पार कर गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां की गाली देने के बाद अब बिहार की तुलना बीड़ी से कर दी है! क्यातेजस्वी यादव इसे स्वीकार करते हैं? रेवंत रेड्डी से लेकर द्रमुक और कांग्रेस तक- उनकी बिहार के प्रति घृणा साफ नजर आ रही है.वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने इसे पूरे बिहार का अपमान बताया. उन्होंने लिखा, सबसे पहले हमारे सम्मानितप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूज्य मां का अपमान, अब पूरे बिहार का अपमान..यही कांग्रेस का असली चरित्र है, जो देश के सामने बार-बार उजागर हो रहाहै. लोकतंत्र का भी उड़ाया मजाकजनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता संजय कुमार झा ने इसे कांग्रेस की ‘एक और शर्मनाक हरकत’ कहा उन्होंने हिंदी में लिखा, ‘बी का मतलब सिर्फबीड़ी नहीं, बुद्धि भी है, जो आपमें नहीं है बी का मतलब बजट भी है, जिसपर आपको जलन होती है जब बिहार को विशेष सहायता मिली झा ने कहाकि बिहार का मजाक उड़ाकर कांग्रेस ने न केवल बिहार के लोगों का अपमान किया है, बल्कि देश के गौरवशाली इतिहास और लोकतंत्र का भी मजाकउड़ाया है.

मंत्री प्रताप सरनाईक ने खरीदी टेस्ला की पहली गाड़ी, पोते को दी ग्रीन मोबिलिटी की सौगात

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने शुक्रवार को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित टेस्ला के नए शोरूम से पहली गाड़ी कीडिलीवरी ली. सरनाईक ने कहा कि यह कदम उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को लेकर जागरूकता फैलाने के मकसद से उठाया है. मंत्री ने बताया किउन्होंने टेस्ला का मॉडल Y उसी दिन बुक किया था जब जुलाई में कंपनी ने भारत में अपना पहला शोरूम लॉन्च किया. सरनाईक का कहना है कि वेयह गाड़ी अपने पोते को उपहार के रूप में देंगे, ताकि शुरुआती उम्र से ही बच्चों में ग्रीन मोबिलिटी की सोच पैदा हो.मोबिलिटी विजन से भी जुड़ा हुआउन्होंने कहा, “मैंने यह टेस्ला गाड़ी इसलिए ली है ताकि नागरिकों में, खासकर युवा पीढ़ी में, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रति जागरूकता बढ़े. बच्चे इनगाड़ियों को देखें और समझें कि टिकाऊ परिवहन कितना जरूरी है. शिवसेना नेता सरनाईक ने बताया कि महाराष्ट्र ने अगले दशक में बड़े पैमाने परइलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने का लक्ष्य तय किया है. यह कदम प्रधानमंत्री की क्लीन मोबिलिटी विजन से भी जुड़ा हुआ है. स्टेशन भी तेजी से लगाए जा रहेइसके लिए राज्य सरकार ने कई प्रोत्साहन योजनाएं भी घोषित की हैं, जैसे अटल सेतु और समृद्धि एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स से छूट. सरनाईक ने कहा, “भले ही आज इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत थोड़ी ज्यादा हो, लेकिन सबसे अहम है सही उदाहरण पेश करना और ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ाना. मंत्रीने यह भी बताया कि महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (MSRTC) ने अब तक करीब 5,000 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी हैं इसके साथ ही पूरे राज्य मेंचार्जिंग स्टेशन भी तेजी से लगाए जा रहे हैं.

नवाब मलिक को क्लीन चिट पर उठे सवाल, यास्मीन वानखेड़े पहुंचीं कोर्ट

पूर्व एनसीबी जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की बहन यास्मीन वानखेड़े ने एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक को पुलिस द्वारा दी गई क्लीन चिटको चुनौती दी है. उन्होंने बुधवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक विरोध याचिका दाखिल की है इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी मानहानिशिकायत की जांच निष्पक्ष ढंग से नहीं की. साथ ही अपनी विरोध याचिका में उन्होंने दावा किया कि पुलिस की क्लीन चिट आरोपी व्यक्ति केआचरण को उचित ठहराने का प्रयास है, जो कानून के प्रावधानों के विपरीत है. यास्मीन वानखेड़े ने दावा किया कि ऐसा लगता है कि पुलिस की जांचमहाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक द्वारा प्रभावित ही नहीं की गई बल्कि काफी हद तक उनके द्वारा निर्देशित की गई है. पुलिस ने मलिक को क्लीन चिट2021 में दायर अपनी शिकायत में, यास्मीन वानखेड़े ने दावा किया था कि नवाब मलिक ने उनके और परिवार के खिलाफ झूठे, अपमानजनक वसनसनीखेज आरोप ट्वीट्स और टीवी इंटरव्यू में लगाए जिसके बाद बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 202 केतहत उनके आरोपों की जांच का आदेश दिया था और पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया. जिसके बाद अदालत को सौंपी गई अपनी रिपोर्टमें पुलिस ने मलिक को क्लीन चिट दे दी. परिवार से कोई निजी वैमनस्यअपनी रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया नवाब मलिक के खिलाफ संज्ञेय या असंज्ञेय अपराध का कोई सबूत नहीं है पुलिस ने अपनी रिपोर्ट मेंमलिक को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्होंने बयान पार्टी प्रवक्ता के नाते दिए थे और उनका वानखेड़े परिवार से कोई निजी वैमनस्य नहीं है. मलिक नेपुलिस को बताया कि यास्मीन वानखेड़े के प्रति उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. पुलिस के इस दावे पर यास्मीन ने आपत्ति जताई कि रिपोर्टआरोपी के आचरण को सही ठहराने की कोशिश करती है उन्होंने कहा कि प्रवक्ता होने का अधिकार निजी तस्वीरों के दुरुपयोग और उन्हें सार्वजनिककरने की अनुमति नहीं देता इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी.

बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत-पाक ने सीखे अलग-अलग सबक, बोले CDS जनरल अनिल चौहान

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारतऔर पाकिस्तान ने अलग-अलग सबक सीखे. भारत ने जहां लंबी दूरी तक मार करने वाले प्रिसिजन हथियार और हमले के बाद नुकसान का आकलनकरने की क्षमता पर ध्यान दिया, वहीं पाकिस्तान ने संभवतः अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने पर फोकस किया. स्ट्राइक क्षमता थी मौजूदजनरल चौहान ने याद दिलाया कि 2016 में उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने जमीनी रास्ते से पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के कैंप तबाह किए. 2019 पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा में एयरस्ट्राइक की थी हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के पासपहले से ही और बेहतर प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता मौजूद थी. योजना बनाना हो या लक्ष्य चुननाउन्होंने कहा कि जब राजनीतिक नेतृत्व से चर्चा हुई तो यह साफ हो गया कि सिर्फ ड्रोन और लोटरिंग म्यूनिशन (घूमते हुए लक्ष्य तलाशने वाले हथियार) से लक्ष्य हासिल नहीं होगा बहावलपुर और मुरिदके में आतंकी ठिकाने तबाह करने के लिए एयर पावर का इस्तेमाल जरूरी था. सीडीएस चौहान नेबताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने सेना को साफ निर्देश दिए थे कि आतंकी ठिकाने नष्ट करने हैं और तभी जवाबी कार्रवाई करनी है जबपाकिस्तान हमला करे. इस ऑपरेशन में सेना को पूरी आजादी मिली थी, चाहे वो योजना बनाना हो या लक्ष्य चुनना.