रायबरेली में गरजे राहुल गांधी, बोले जनता से उनका हक जा रहा है छीना “महाराष्ट्र और हरियाणा में हुई चुनावी चोरी”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली की हरचंदपुर विधानसभा सीट पर बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पहले हमें लगता था किचुनाव परिणाम में दाल में कुछ काला है पर महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव परिणाम देखने के बाद हमें वोट चोरी के ब्लैक एंड वाइटसबूत मिले. उन्होंने कहा कि चुनाव चोरी किए जा रहे हैं जनता से उनका हक छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता बब्बर शेर हैं। हमसब संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.इसके पहले, राहुल गांधी बुधवार सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे जहां पर उनका स्वागत किया गया. राहुल निकल गए रायबरेली सेइस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय , कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना राहुल गांधी को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे।यहां से राहुल गांधी रायबरेली के लिए निकल गए. जिले की सीमा पर पड़ने वाले चुरुवा मंदिर पर नहीं रुका उनका काफिला हरचंदपुर की तरफ बढ़गया राहुल गांधी 10:40 पर बछरावां कस्बे के मुख्य चौराहे पर पहुंचे तो सैकड़ो की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत करते हुए बिहार मेंवोटर अधिकार यात्रा के दौरान दिए गए उनके नारे वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा लगाया. भाजपा कार्यकर्ताओं की हुई धक्कामुक्कीएक मिनट से कम कस्बे के मुख्य चौराहे पर रुक कर राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया. इसके बाद वह रायबरेली मुख्यालय कीओर रवाना हो गए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनका स्वागतकिया. वहीं, प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हरचंदपुर में प्राथमिक विद्यालय के निकट पोस्टरबैनर के साथ राहुल गांधी वापस जाओ के नारे लगाए. इससे राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है भाजपा कार्यकर्ताओं और उद्यान मंत्री ने हाईवे पर खड़ेहोकर राहुल गांधी वापस जाओ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया. उद्यान मंत्री ने पहली बार खुले तौर पर सांसद का विरोध किया है ऐसे में 11 सितंबरको होने वाली दिशा की बैठक में गहमागहमी होने की संभावना बढ़ गई है. पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो इस दौरान उनसे भी भाजपाकार्यकर्ताओं की धक्कामुक्की हुई.
ट्रंप ने बताया भारत-पाक संघर्षविराम का सूत्रधार, कांग्रेस ने मोदी से मांगा जवाब ‘जानें क्या है पूरा मामला”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारतीय समानों पर 50 % टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए है. ऐसे मेंजब चर्चा का बाजार गर्म हुआ तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दूसरे को गर्मजोशी भरे संदेश भी दिए. इसके बादअब इस मामले में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है कांग्रेस ने तंज कसते हुए सवाल उठाया है कि क्या भारत और अमेरिका वाकईइतने पक्के दोस्त हैं कि ट्रंप ने 35 से ज्यादा बार खुद को भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का सूत्रधार बताया है? बता दें कि मामले में बढ़तेविवाद के बीच ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएं जारी हैं औरउन्हें विश्वास है कि दोनों देश जल्द ही एक सफल समझौते पर पहुंचेंगे. भारत और अमेरिका है निचुरल पार्टनरउन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपने अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी से बात करने को लेकर उत्साहित हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने बुधवारको एक्स पर लिखा कि भारत और अमेरिका अच्छे दोस्त हैं और नेचुरल पार्टनर हैं हमें विश्वास है कि चल रही व्यापारिक बातचीत दोनों देशों की असीमसंभावनाओं के द्वार खोलेगी. ऐसे में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि भारत औरअमेरिका ‘नेचुरल पार्टनर’ हैं. संघर्षविराम का बताया सूत्रधारसवाल ये है कि क्या इतने ‘नेचुरल’ कि ट्रंप ने 35 बार ये दावा किया कि उन्होंने 10 मई की शाम को भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया औरइसमें ट्रेड को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया? अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद रिश्तों में आई तल्खी के बीचपीएम मोदी और ट्रंप के बीच गर्मजोशी भरे संदेशों का आदान-प्रदान हुआ. इस पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या भारत-अमेरिकाइतने पक्के दोस्त हैं कि ट्रंप ने 35 बार खुद को भारत-पाक संघर्षविराम का सूत्रधार बताया है?
मिल्कीपुर की पीड़िता की गुहार, DM-SSP और विधायक से फूट-फूट कर मांगा न्याय “प्रशासन बना मौन दर्शक”

कर्नाटक के मांड्या में भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सियासी रार मच गई है. मामले को लेकर कर्नाटक सरकारऔर भाजपा के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हो रही है भाजपा ने हिंसा के लिए कर्नाटक सरकार को जिम्मेदार ठहराया है वहीं कर्नाटक सरकार ने भाजपा परविभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है.भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि एक शांतिपूर्ण गणेश विसर्जन जुलूस पर कुछ उपद्रवियों ने हमला किया और पथराव किया. राज्यसरकार और पुलिस विभाग पूरी तरह से विफल रहे हैं हिंसा भड़काने वाले राष्ट्र-विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने हिंदूकार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. लोगों को भड़काने के आलावा नहीं और कोई कामउन्होंने आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान महिलाओं को निशाना बनाया गया, लेकिन एक भी महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थी. इससे साफजाहिर होता है कि पुलिस विभाग पूरी तरह से तैयार नहीं था इसमें खुफिया तंत्र की भी विफलता थी. प्रदेश अध्यक्ष ने तनाव बढ़ाने के लिए कांग्रेस नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने दावा किया कि जिला प्रभारी मंत्री और एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेसविधायक के बयान से कर्नाटक में और अधिक अशांति पैदा हो गई है. हम स्थिति का आकलन करने और पार्टी की अगली कार्रवाई पर निर्णय लेने केलिए बुधवार को मद्दुर का दौरा करेंगे. कांग्रेस गंदी राजनीति और फूट डालो और राज करो में विश्वास रखती है. उनकी अल्पसंख्यक तुष्टिकरण कीराजनीति के कारण पूरे कर्नाटक में काफी अशांति है.कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव की घटना को लेकर भाजपा पर राजनीति करने और लोगों कोबांटने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राजनीति करने, लोगों को बांटने और आग भड़काने के अलावा कोई काम नहीं है. नहीं देना चाहते कोई प्रतिक्रियाउनके पास करने के लिए और कुछ नहीं है उन्हें दिल्ली जाकर राज्य के लिए केंद्र से धन प्राप्त करने दीजिए उन्हें राज्य नरेगा निधि, कर हिस्सेदारी प्राप्तकरने दीजिए. उन्हें मेकेदातु और महादयी (नदी) परियोजनाओं के लिए अनुमति प्राप्त करने दीजिए। उन्हें पहले यह काम करने दीजिए. डिप्टी सीएमशिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, गृह मंत्री जी परमेश्वर और जिला प्रभारी मंत्री एन चेलुवरायस्वामी हिंसा को लेकर प्रतिक्रिया दी है मैं शहरमें नहीं था और मुझे घटना की पूरी जानकारी नहीं है मैंने मीडिया रिपोर्ट देखी हैं। जानकारी मिलने पर ही मैं कुछ कहूंगा बिना उचित जानकारी के मैंकोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.कर्नाटक के मांड्या में भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक झड़पों के बाद मांड्या जिले के मद्दुर कस्बे में तनाव फैल गया. दूसरेसमुदाय के उपद्रवियों की ओर से कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इससे इलाके में व्यापक अशांति फैल गई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह झड़प तब शुरू हुई, जब लोग राम रहीम नगर में गणेश विसर्जन जुलूस में हिस्सा ले रहे थे दोनों समुदायों के युवकों केबीच झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा. मांड्या के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालादंडी ने कहा कि दो प्राथमिकी दर्ज कीगई हैं। एक प्राथमिकी अपने आप दर्ज की गई है और दूसरी एक घायल व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज की गई है 21 लोगों को हिरासत में लिया गयाहै और आगे और गिरफ्तारियां होंगी.
लोकतंत्र की सुरक्षा में सवाल,चुनाव आयोग और बिहार मतदाता सूची प्रकरण- अभिषेक मनु सिंघवी

बिहार में अचानक शुरू हुई प्रक्रियाबिहार में जून के अंत में मतदाता सूची सुधार की प्रक्रिया अचानक शुरू की गई। चुनाव तक सिर्फ चार महीने बचे थे। 2003 में ऐसी प्रक्रिया चुनाव सेएक-दो साल पहले की जाती थी। तब महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में इसे स्थगित कर दिया गया था। सवाल उठता है कि अब ऐसा क्यों नहीं कियागया और आयोग ने इसका जवाब नहीं दिया। आधार कार्ड को क्यों रखा बाहरचुनाव आयोग ने दस्तावेजों की लंबी सूची बनाई, लेकिन इसमें आधार कार्ड शामिल नहीं था। आजकल हर सरकारी काम में आधार जरूरी है। ऐसे मेंमतदाता सूची सुधार में आधार को बाहर रखना समझ से बाहर है। लाखों मतदाता सूची से हटाए गएबिहार में लगभग 65 लाख मतदाता सूची से हटाए गए। इसके पीछे चुनाव आयोग ने कोई कारण नहीं बताया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भीकुछ अधिकारियों ने जब आधार कार्ड स्वीकार किया, तो उन्हें कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया। पवन खेड़ा का मामला2 सितंबर को दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिस ने पवन खेड़ा और उनकी पत्नी को नोटिस भेजा। इसमें उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक कर दीगई और भाषा दोषी ठहराने जैसी थी 2017 में पवन खेड़ा ने अपने नाम को नए पते पर स्थानांतरित कराया था। चुनाव आयोग ने उस समय उनका नामनई सूची में डाल दिया था। अब आठ साल बाद यह आरोप लगाया गया कि उनका नाम दो जगह दर्ज है। आयोग की निष्पक्षता पर सवालपवन खेड़ा लगातार सवाल पूछते रहे कि इतने बड़े पैमाने पर मतदाता क्यों सूची से हटाए गए और आधार कार्ड क्यों शामिल नहीं किया गया। ऐसालगता है कि आयोग ने पुराने मामले को उठाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। संवैधानिक संस्था का ऐसा रवैया लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। मतदाता का विश्वास ही लोकतंत्र की नींवलोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब मतदाता का विश्वास मजबूत हो। मतदाता सूची में जल्दबाजी और त्रुटि इसे कमजोर कर देती है। चुनाव आयोग काकाम लोगों को जोड़ना है, हटाना नहीं। यदि आयोग समय पर जांच करता, तो आठ साल बाद नोटिस भेजने जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।
अंकुश नारंग बोले – पंजाब ने देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियाँ दीं, अब हमारी बारी है सेवा करने की

पंजाब में आई भयंकर बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी कठिन बना दी है। लोग अपने घर, सामान और रोज़मर्रा की ज़रूरतें खो बैठे हैं। कई जगहों परपानी भर गया है और लोग सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ऐसे समय में आम आदमी पार्टी के दिल्ली के पार्षद भी मदद के लिए आगेआए हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में सभी आप पार्षदों ने मिलकर राहत सामग्री इकट्ठा की है। यह सामग्री खास तौर पर पंजाबकी ज़रूरतों को ध्यान में रखकर जुटाई गई है। इसमें मच्छरदानी, मच्छर भगाने की क्रीम, फॉगिंग मशीन और बच्चों-बड़ों के लिए चप्पलें शामिल हैं।यह सारा सामान ट्रक के ज़रिए पंजाब भेजा जा रहा है ताकि बाढ़ से जूझ रहे परिवारों को तुरंत राहत मिले। पंजाब की सेवा करना हमारा कर्तव्यप्रेस वार्ता में अंकुश नारंग ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए सबसे ज्यादा बलिदान दिए हैं। चाहे सरहद की रक्षा हो या देश को संकट सेनिकालना, पंजाबियों ने हमेशा आगे बढ़कर योगदान दिया है उन्होंने कहा आज जब पंजाब पर मुसीबत आई है, तो यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनकीसेवा करें। पंजाब ने हमें बहुत कुछ दिया है और अब समय है कि हम उनके साथ खड़े हों। आप पार्षदों की एकजुटताइस राहत सामग्री को इकट्ठा करने में सभी आप पार्षदों ने सहयोग किया। इस मौके पर रोहिणी से पार्षद ममता गुप्ता के पति दीपक गुप्ता, सदर बाजारसे पार्षद और सिटी एसपी जोन की उपाध्यक्ष पूजा, और सदर बाजार विधानसभा की अध्यक्ष पूजा मान सिंह भी मौजूद रहीं। अंकुश नारंग ने कहा किसभी आप पार्षद एक परिवार की तरह मिलकर पंजाब के लोगों की मदद करना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह सेवा केवल पंजाब की नहीं, बल्किपूरे देश की सेवा है। पंजाब आत्मनिर्भर है, लेकिन आज मदद की जरूरत हैअंकुश नारंग ने कहा कि पंजाब देश का सबसे आत्मनिर्भर राज्य है। वहां के लोग मेहनती और स्वाभिमानी हैं। लेकिन इस बार की बाढ़ ने वहां कीस्थिति को बहुत खराब कर दिया है। खेत, घर और बाज़ार सब डूब गए हैं। लोग बुनियादी चीज़ों के लिए परेशान हो रहे हैं।उन्होंने कहा हम वही चीजेंभेज रहे हैं जो पंजाब से मांगी गई थीं। मच्छरदानी, मच्छर भगाने की क्रीम, फॉगिंग मशीन और चप्पलें वहां की ज़रूरत हैं। हमारी कोशिश है कि येसामान बाढ़ पीड़ितों तक जल्दी पहुँच जाए और उन्हें थोड़ी राहत मिले। भाजपा और मेयर पर लापरवाही का आरोपअंकुश नारंग ने एक बड़ा आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही प्रस्ताव रखा था कि सभी निगम पार्षदों का एक महीने का भत्ता औरएमसीडी कर्मचारियों की एक दिन की तनख्वाह पंजाब के राहत कोष में दी जाए। लेकिन उनके अनुसार, मेयर और भाजपा ने इस पर कोई रुचि नहींदिखाई। नारंग ने कहा देश का प्रधानमंत्री भाजपा का है, पंजाब भी देश का हिस्सा है, फिर भी भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। पंजाब ने देशके लिए शहादत दी है, इसलिए भाजपा को आगे बढ़कर मदद करनी चाहिए। केजरीवाल और भगवंत मान की सक्रियताअंकुश नारंग ने यह भी बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पहले ही राहत कार्यों में जुटेहुए हैं। दोनों नेताओं ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है और पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि कोई भी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि इसी भावना से दिल्ली के आप पार्षदों ने भी योगदान देने का निर्णय लिया है। वाहेगुरु से प्रार्थनाअंत में अंकुश नारंग ने भावुक होते हुए कहा मैं वाहेगुरु से प्रार्थना करता हूँ कि पंजाब के लोग जल्दी इस आपदा से बाहर निकलें। हमारी पूरी पार्टी औरपार्षद सेवा के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। भविष्य में जहां भी जरूरत होगी, हम पंजाब और पंजाबियों की मदद करेंगे। इस तरह, राहत सामग्री भेजकरऔर जनता से सहयोग की अपील कर अंकुश नारंग ने यह संदेश दिया कि पंजाब अकेला नहीं है। पूरी आम आदमी पार्टी और उसके पार्षद पंजाब केसाथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
बिहार में लाखों नाम काटे गए, लोग सरकारी योजनाओं से भी वंचित-राजेश राम

बिहार में मतदाता सूची से 65 लाख से ज्यादा नाम गायबबिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से 65 लाख 64 हज़ार लोगों के नाम हटा दिए।उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर नाम काटे जाना सिर्फ एक गलती नहीं हो सकती। यह साफ़ दिखाता है कि जानबूझकर जनता का मताधिकारछीना गया। वोट का अधिकार छीना तो योजनाओं से भी वंचित हुए लोगराजेश राम ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने का असर सिर्फ वोट डालने तक सीमित नहीं रहा। जिनका नाम सूची से गायब हुआ, वे अब सरकारीयोजनाओं के लाभ से भी वंचित हो गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राशन कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति, और कई अन्य योजनाओं के लिए मतदातासूची में नाम होना ज़रूरी है। जब नाम ही सूची से हटा दिया गया, तो गरीब और जरूरतमंद लोग इन सुविधाओं से वंचित हो गए।राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ और जनता का समर्थनराजेश राम ने कहा कि राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को बिहार की जनता ने बहुत बड़ा समर्थन दिया। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी नेजनता को दिखाया कि कैसे उनके वोट चुराए जा रहे हैं। हजारों लोग यह देखकर हैरान रह गए कि उनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं। यही कारणथा कि इस यात्रा के दौरान हर वर्ग – किसान, मजदूर, छात्र और महिलाएं – बड़ी संख्या में जुड़े और इस मुद्दे को गंभीरता से समझा। वोट चोरी का असली मतलब क्या हैराजेश राम ने कहा कि वोट चोरी का मतलब सिर्फ वोट का गायब होना नहीं है। उन्होंने बताया कि इसका असली मतलब है अधिकार कीचोरी,आरक्षण की चोरी, रोजगार की चोरी, शिक्षा की चोरी, लोकतंत्र की चोरी और सबसे ज़्यादा, युवाओं के भविष्य की चोरी उन्होंने कहा कि अगरवोट ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो जनता अपने अधिकारों के लिए लड़ भी नहीं पाएगी। यही कारण है कि वोट चोरी सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अपराध है। कांग्रेस की पुरानी मांग और सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसलाराजेश राम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से मांग कर रही थी कि आधार कार्ड को पहचान का वैध दस्तावेज माना जाए क्योंकि बिहार जैसे राज्यों मेंगरीब और मेहनतकश वर्ग के पास अक्सर सिर्फ आधार कार्ड ही होता है। बाकी कागज़ात जुटाना उनके लिए मुश्किल है। अब सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेसकी इस मांग को सही ठहराते हुए आदेश दिया है कि आधार कार्ड को भी मतदाता सूची से नाम जोड़ने के लिए मान्यता दी जाए। उन्होंने कहा कि यहफैसला जनता के हक़ में है और इसे राहुल गांधी की लगातार लड़ाई और जनता के संघर्ष की जीत माना जाना चाहिए। जनता के अधिकारों की वापसीराजेश राम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश जनता को फिर से उनका हक़ दिलाएगा। जिन लोगों का नाम सूची से गायब हो गया था, उन्हें अबदोबारा अपना नाम जुड़वाने का अधिकार मिलेगा।उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ एक कानूनी आदेश नहीं बल्कि जनता के अधिकारों की वापसी है। इससे गरीब, दलित, किसान और आम लोग फिरसे लोकतंत्र की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला जनता की बड़ी जीत, भाजपा-चुनाव आयोग की मिलीभगत से हुई वोट चोरी-कृष्णा अल्लावरु

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और जनता की जीतबिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का स्वागत किया है। इस आदेश में कहा गया है कि अब एसआईआर प्रक्रिया(स्पेशल समरी रिविजन) में आधार कार्ड को पहचान के दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाएगी अल्लावरु ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कियह सिर्फ एक कागज़ी बदलाव नहीं है, बल्कि जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा की दिशा में एक बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि अब लाखोंऐसे लोग जिन्हें पहचान के अभाव में मतदाता सूची से बाहर किया गया था, उन्हें न्याय मिलेगा। भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोपअल्लावरु ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर वोट चोरी की सोची-समझी साजिश रची।उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए सबसे पहले चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रियामें बदलाव किया। उन्होंने कहा कि पहले चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस भी होते थे, लेकिन अब गृहमंत्री को शामिल कर दिया गया, जिससे पूरा तंत्र सरकार के नियंत्रण में आ गया। इसके बाद चुनाव आयोग को किसी भी तरह की जांच और कार्रवाई से बचाने का रास्ता बनाया गया। मतदाता सूची से लाखों नाम गायबकांग्रेस नेता ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची से लाखों नाम जानबूझकर हटाए गए। यह सिर्फ प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं बल्कि सुनियोजित योजनाथी। उन्होंने कहा कि वोट डालने का अधिकार हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से यहअधिकार छीन लिया गया। मतदान के दिन धांधली और संदिग्ध बढ़तकृष्णा अल्लावरु ने कहा कि मतदान वाले दिन भी संदिग्ध घटनाएं होती हैं। शाम पाँच बजे के बाद अचानक वोटिंग प्रतिशत तेज़ी से बढ़ जाता है, जबकि दिनभर यह बेहद कम रहता है। उन्होंने वाराणसी लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कई राउंड तकआगे थे। अचानक लाइव अपडेट बंद कर दिया गया और कुछ घंटों बाद नतीजे बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजेता घोषित कर दिया गया।अल्लावरु ने इसे सीधा-सीधा मैच फिक्सिंग बताया। उनका कहना था कि जैसे क्रिकेट में अंपायर पहले से खरीदे जाते हैं, उसी तरह यहाँ भी चुनावआयोग अंपायर की भूमिका में फिक्स कर दिया गया। वोट चोरी से बनी सरकार जनता की समस्याओं से बेखबरअल्लावरु ने आगे कहा कि वोट चोरी करके सत्ता में आई सरकार जनता की असल समस्याओं से पूरी तरह बेखबर रहती है। उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी, महंगाई और अपराध जैसे मुद्दे लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना था कि जब सत्ता का आधार हीधांधली और फरेब हो तो ऐसी सरकार जनता की परेशानियों को कभी गंभीरता से नहीं ले सकती। हर समस्या की जड़ है वोट चोरीकृष्णा अल्लावरु ने जोर देकर कहा कि देश की हर समस्या चाहे वह युवाओं की बेरोज़गारी हो, किसानों की बदहाली हो, महंगाई हो या कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति सबका मूल कारण वोट चोरी है। उन्होंने कहा कि जनता को अब इस सच्चाई को समझना होगा कि अगर उनका वोटसुरक्षित नहीं है, तो उनका भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता। जनता से अपीलअंत में अल्लावरु ने जनता से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अब इस साजिश को पहचानना होगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आना होगा।सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने यह साबित कर दिया है कि जनता की आवाज़ और संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता।