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सीपी राधाकृष्णन ने ली देश के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ, दक्षिण भारत से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर प्रेरणादायक

सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में 67 वर्षीय राधाकृष्णनको शपथ दिलाई राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराकरउपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीत था. 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद 9 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव हुआथा. आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपाइससे पहले उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था गुरुवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारीबयान में यह जानकारी दी गई थी. राष्ट्रपति मुर्मू ने राधाकृष्णन के इस्तीफे के बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभारसौंपा है. देवव्रत अब दोनों राज्यों के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालेंगे.संसद के हालिया मानसून सत्र के दौरान जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उनकाकार्यकाल दो साल बचा हुआ था उनके इस्तीफे के कारण मध्यावधि चुनाव कराया गया. देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए सीपी राधाकृष्णन की उपराष्ट्रपति पद की तक यात्रा असाधारण रही है इस सफर की शुरुआत छात्र आंदोलन से हुईऔर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव के बाद इसका विस्तार राष्ट्रीय फलक तक हुआ. संघ से सक्रिय राजनीति में आए सीपी राधाकृष्णन ने भाजपा मेंसंगठन में लंबे समय तक काम किया। 2004 से 2007 तक वह तमिलनाडु प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे. इस दौरान 2007 में उन्होंने 93 दिनों में19,000 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा की इसका मकसद देश की नदियों को जोड़ना, आतंकवाद का उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करना, अस्पृश्यता निवारण और मादक पदार्थों के खतरों से निपटना था. भाजपा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई2020 से 2022 तक वह केरल भाजपा के प्रभारी भी रहे। उन्हें संगठन और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है. विनम्र औरसुलभ नेता की छवि रखने वाले राधाकृष्णन को उनके समर्थक तमिलनाडु का मोदी कहकर पुकारते हैं.ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार (गाउंडर) से आने वाले राधाकृष्णन की शादी सुमति से हुई है और उनके एक बेटा व एक बेटी हैं। उपराष्ट्रपति पद केलिए एनडीए के प्रत्याशी चुने जाने से पहले तक वह महाराष्ट्र के राज्यपाल थे वह पिछले साल जुलाई में महाराष्ट्र के राज्यपाल बने थे इससे पहले, फरवरी 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. झारखंड के राज्यपाल रहते उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभाला राधाकृष्णन ने दक्षिण भारत में भाजपा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

मणिपुर दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, ₹8500 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास और लोकार्पण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर दौरे पर जाएंगे। वे यहां 8500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. मणिपुर केमुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री सबसे पहले मिजोरम से चुराचांदपुर पहुंचेंगे और फिर इंफाल जाएंगे. वहीं पीएम मोदी के दौरेसे पहले गुरुवार शाम को कुकी बहुल चुराचंदपुर जिले में दो स्थानों पर उपद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई. मणिपुर के मुख्य सचिव ने कहाकि मणिपुर के समावेशी, सतत और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री चुराचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक कीलागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. जबकि 1200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटनकरेंगे उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की 13 सितंबर की मणिपुर यात्रा राज्य में शांति, सामान्य स्थिति और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी. पीएम मोदी चुराचांदपुर और इम्फाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार को संभावितमणिपुर दौरे से पहले इंफाल और चुराचांदपुर में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं प्रधानमंत्री के मणिपुर दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिकघोषणा नहीं की गई है लेकिन उनके मिजोरम यात्रा के बाद मणिपुर पहुंचने की संभावना है.राज्य में प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर तैयारियां काफी तेजी से चल रही हैं इंफाल में करीब 237 एकड़ में फैले कांगला किले और चुराचांदपुर के पीसग्राउंड के आसपास बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं वहां पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए एक भव्य मंच कानिर्माण भी किया जा रहा है इसी क्रम में राज्य में कई बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं मई 2023 में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीयहिंसा भड़कने के बाद मोदी की यह पहली मणिपुर यात्रा होगी. राज्य में महीनों जारी रही हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे गए और हजारों बेघर होगए. राज्य कर्मचारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा दल कांगला किले का चौबीसों घंटे निरीक्षण कर रहे हैं और राज्य आपदा प्रबंधन बल की नौकाओं को किलेके चारों ओर की खाइयों में गश्त के लिए लगाया गया है. 1891 में रियासत के विलय से पहले कांगला किला तत्कालीन मणिपुरी शासकों की सत्ताका प्राचीन केंद्र हुआ करता था तीन तरफ खाइयों और पूर्वी तरफ इंफाल नदी से घिरा यह किला एक बड़े पोलो मैदान, जंगल, मंदिरों के खंडहर औरराज्य पुरातात्विक कार्यालयों से घिरा है. एक केंद्रीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया, किसी अवांछित सामग्री का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों औरउन्नत उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है सुरक्षाकर्मी बारी-बारी से किले के बाहरी इलाके और परिसर में पैदल गश्त कर रहे हैं ताकि किसी भीअवांछित वस्तु या व्यक्ति की जांच की जा सके किले में पर्यटकों के आने-जाने को प्रतिबंधित कर दिया गया है एक अन्य अधिकारी ने कहा किअधिकतम अलर्ट जारी कर दिया गया है और उच्च पदस्थ अधिकारियों की निगरानी में निरंतर अभ्यास चल रहा है। स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिएसुरक्षा अधिकारियों की दैनिक बैठकें भी चल रही हैं.

रायबरेली में दिशा बैठक के दौरान राहुल गांधी और मंत्री दिनेश प्रताप सिंह में तीखी नोकझोंक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की रायबरेली में दिशा (जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति) कीबैठक में कहासुनी हो गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मंत्री ने बाहर आकर बताया कि वो (राहुल गांधी) अलग-अलग मुद्दोंको लेकर चर्चा करना चाहते थे इस पर मैंने कहा कि दिशा के जो नियम हैं चर्चा उसके तहत ही होगी. दिनेश के अनुसार, राहुल कह रहे थे कि वो दिशाके अध्यक्ष हैं जिस पर मैंने जवाब दिया कि अगर मुद्दे पर बात करेंगे और परिधि में रहेंगे तो ही अध्यक्ष हैं दिशा के जो 43 कार्यक्रम हैं बैठक में उन्हीं परचर्चा होगी। उसके बाहर चर्चा नहीं होगी. पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चोर बतायामंत्री ने अपने बयान में राहुल गांधी व किशोरीलाल शर्मा के नाम के साथ जी लगाया और कहा कि हम सब मिलकर जिले के विकास के लिए काम कररहे हैं. इसमें जिले के अधिकारियों की बेहतर भूमिका है दिशा की बैठक में जिन कार्यों की प्रगति धीमी पाई गई, उनमें तेजी लाने की बात कही गईदरअसल, बुधवार को राज्यमंत्री ने राहुल गांधी का न सिर्फ काफिला रोक दिया था, बल्कि उनकी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चोर बतायाथा. दिशा की बैठक के दौरान राहुल गांधी की कुर्सी छोटी और राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह की कुर्सी बड़ी होने का मामला चर्चा का विषय बना रहा।इस सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी लंबाई से राहुल से बड़ी है, लेकिन वह हमसे बड़े नेता हैं राहुल अपनी पार्टी के मालिक हैं और हम अपनीपार्टी के छोटे कार्यकर्ता। ईश्वर की कृपा है कि जब राहुल उनके बगल में होते हैं तो मैं उनसे कुछ बड़ा दिखता हूं. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलदिशा की बैठक चल रही थी सभापति राहुल गांधी के सामने चाय रखी गई। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने डीएम से मुखातिब होकर कहा-क्या दिशाकी गाइडलाइन में केवल अध्यक्ष को ही चाय पीने का अधिकार है। इस पर चुस्की लेते हुए राहुल ने कहा कि इन्हें दो-तीन चाय पिलाइए. जब चायआई तब राहुल गांधी ने हंसते हुए कहा-इनके सामने दो चाय रखिए राहुल गांधी ने दिनेश सिंह को बिस्किट भी ऑफर किया तभी एक विधायक बोलपड़े कि क्या केवल मंत्री को ही दो-दो चाय मिलेगी, विधायकों को नहीं इस पर सभी ने ठहाके लगाए। रायबरेली में दिशा की बैठक के दौरान यूपीसरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बीच कहासुनी हो गई. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

शशि थरूर ने कहा अमेरिका के टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था प्रभावित, नौकरियां जा रही हैं, ट्रंप अस्थिर और असामान्य राष्ट्रपति

अमेरिका की ओर से लगाए गए शुल्कों का भारत पर असर पड़ा है और लोगों की नौकरियां जा रही हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार कोयह बात कही थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि वे स्वभाव से अस्थिर हैं और कूटनीतिक व्यवहार के पारंपरिकमानकों का सम्मान नहीं कर रहे हैं अमेरिका ने भारत से आयातित रूसी तेल पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है इसमें रूसी तेल खरीदने के लिए लगायागया 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है. अमेरिका की ओर से लगाए गए शुल्कों का भारत पर असर पड़ा है और लोगों की नौकरियां जा रही हैं कांग्रेसके वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को यह बात कही थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि वे स्वभाव से अस्थिर हैंऔर कूटनीतिक व्यवहार के पारंपरिक मानकों का सम्मान नहीं कर रहे हैं। अमेरिका ने भारत से आयातित रूसी तेल पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।इसमें रूसी तेल खरीदने के लिए लगाया गया 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है. सरकार के प्रमुख से कभी नहीं सुनीथरूर ने भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष उद्योग संगठन क्रेडाई द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में भारत-अमेरिका संबंधों और टैरिफ लगाने से संबंधितएक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, “श्री ट्रम्प बहुत ही चंचल व्यक्ति हैं और अमेरिकी प्रणाली राष्ट्रपति को बहुत अधिक छूट देती है. ट्रंप के बारे में अपनीराय जारी रखते हुए थरूर ने कहा, “हालांकि उनसे पहले 44 या 45 राष्ट्रपति हुए हैं, लेकिन किसी ने भी व्हाइट हाउस से इस तरह का व्यवहार नहींदेखा. कांग्रेस नेता ने ट्रम्प को हर पैमाने पर एक “असामान्य राष्ट्रपति” बताया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति निश्चित रूप से राजनयिक व्यवहार केपारंपरिक मानकों का सम्मान नहीं करते हैं. थरूर ने कहा, “मेरा मतलब है, क्या आपने कभी किसी विश्व नेता को खुलेआम यह कहते सुना है कि वह नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार है? ऐसापहले कभी नहीं हुआ क्या आपने किसी विश्व नेता को यह कहते सुना है कि, ‘ओह, दुनिया के सभी देश आकर मेरी पीठ चाटना चाहते हैं. उन्होंने कहा, “क्या आपने किसी ऐसे विश्व नेता के बारे में सुना है जिसने मूलतः यह कहा हो कि भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाएं मृतप्राय हैं मुझे इसकी परवाह नहींकि वे दोनों एक साथ बर्बाद हो जाएं. उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी सरकार के प्रमुख से कभी नहीं सुनी गई. 25 प्रतिशत टैरिफ में कमीकांग्रेस नेता ने कहा, “इसलिए ट्रंप असामान्य हैं और मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि उनके व्यवहार से हमारे प्रदर्शन का आकलन न करें. टैरिफ के प्रभावपर थरूर ने कहा कि सच्चाई यह है कि टैरिफ का भारत पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव पड़ा है उन्होंने कहा, “पहले से ही लोग नौकरियां खो रहे हैं सूरतमें रत्न एवं आभूषण व्यवसाय में 1.35 लाख लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है. उन्होंने कहा कि समुद्री खाद्य और विनिर्माण क्षेत्र में भीनौकरियां जाने की संभावना है. उन्होंने कहा कि टैरिफ से भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है, “मैं नहीं चाहता कि किसी को यह भ्रम हो कि हमइसे ऐसे ही खत्म कर देंगे. थरूर ने कहा कि शुरुआती 25 प्रतिशत टैरिफ के कारण कई उत्पादों का निर्यात अव्यवहारिक हो गया है और 25 प्रतिशतके अतिरिक्त जुर्माने के कारण कम टैरिफ वाले भारतीय प्रतिस्पर्धियों के साथ अमेरिकी बाजार में प्रवेश करना लगभग असंभव हो गया है.कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत के पास कमर कसने और आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है उन्होंने कहा, “हमें अमेरिकी बाजार में प्रवेश करनाबहुत कठिन लग रहा है. और मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हम वास्तव में बातचीत कर रहे हैं, यह अच्छी तरह जानते हुए कि हमें अमेरिका तकपहुंच की आवश्यकता है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रारंभिक 25 प्रतिशत टैरिफ में कमी की संभावनाएं हैं.

भाजपा विधायक की धमकी पर सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंगोलपुरी से भाजपा विधायकराजकुमार चौहान ने खुलेआम धमकी दी है कि अगर स्थानीय लोग संजय गांधी ट्रॉमा सेंटर के उद्घाटन में शामिल नहीं होंगे तो उनकी मार्केट को तोड़दिया जाएगा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। लोकतंत्र में जनता को जबरदस्ती किसी कार्यक्रम में लाने के लिए डराना औरधमकाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भाजपा विधायक धमकी देते दिख रहे हैं। केजरीवाल सरकार का बनाया अस्पताल, भाजपा केवल श्रेय लेना चाहती हैसौरभ भारद्वाज ने कहा कि मंगोलपुरी का संजय गांधी ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह से अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा बनवाया गया है। उन्होंने याद दिलाया किसाल 2023 में उन्होंने खुद इस अस्पताल का निरीक्षण किया था और उस समय का वीडियो भी सार्वजनिक है। लेकिन अब भाजपा इस अस्पताल काश्रेय प्रधानमंत्री और अपनी सरकार को देना चाहती है उन्होंने कहा कि भाजपा ने तय किया है कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर इस अस्पताल का उद्घाटनकिया जाएगा और इसे तोहफ़े के रूप में जनता को प्रस्तुत किया जाएगा। जबकि सच्चाई यह है कि इस अस्पताल का निर्माण केजरीवाल सरकार केदौरान ही पूरा हो गया था। भर्ती रोककर अस्पताल को अधूरा रखा गयापूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जानबूझकर इस अस्पताल को चालू नहीं किया गया। डॉक्टरों, नर्सों और अन्य मेडिकल स्टाफ की नियुक्तिउपराज्यपाल विनय सक्सेना ने रोक दी। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना डॉक्टर और नर्स के अस्पताल कैसे चलेगा? उन्होंने कहा कि यह सब केवलदिखावा है और प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर राजनीति करने की कोशिश है। भीड़ जुटाने के लिए भाजपा की गुंडागर्दीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा को डर है कि उद्घाटन में भीड़ नहीं जुटेगी। इसी कारण भाजपा नेता जनता को धमकाकर बुला रहे हैं। उन्होंने कहा किपहले भी भाजपा ने एमसीडी सफाई कर्मचारियों को बसों में भरकर प्रधानमंत्री की रैली में ले जाया था। उस समय भी कर्मचारियों को धमकी दी गई थीकि उनकी हाजिरी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि मंगोलपुरी की घटना में तो बच्चों तक को बुलाने की धमकी दी गई है। विधायक ने कहा कि अगर हरबच्चा नहीं आया तो मार्केट को खत्म कर दिया जाएगा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और खतरनाक है। बच्चों को राजनीतिककार्यक्रमों में शामिल करने की कोशिश की जा रही है, जिस पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। दिल्ली की जनता भाजपा से नाराज़सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता अब भाजपा से बेहद नाराज़ है। यही कारण है कि भाजपा के कार्यक्रमों में लोग नहीं आ रहे। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री की पिछली रैली भी खाली रही थी। वहां केवल ज़बरदस्ती बुलाए गए सफाई कर्मचारी थे। उन्होंने कहा कि अगर भीड़ होती तो भाजपाहवाई वीडियो और ड्रोन शॉट सोशल मीडिया पर ज़रूर दिखाती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा नेताओं की हताशा साफ नज़र आ रही हैप्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के पास अब दिखाने के लिए कुछ नहीं बचा। इसलिए वे अरविंद केजरीवाल सरकार के कामों का श्रेय लेने में जुटे हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर भी भाजपा को अपने काम गिनाने की बजाय केजरीवाल सरकार के बनाए अस्पताल का उद्घाटन करना पड़रहा है। सौरभ भारद्वाज ने कहा, यह पूरा मामला भाजपा की हताशा और जनता के गुस्से को दिखाता है। दिल्ली की जनता सब देख रही है और अबभाजपा की यह राजनीति सफल नहीं होगी।

भाजपा रिटायर्ड आतंकवादियों की फौज है, राष्ट्रवाद सिर्फ दिखावा – संजय सिंह

आम आदमी पार्टी का बड़ा आरोपआम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर मेंरिटायर्ड आतंकवादियों को अपनी पार्टी में शामिल करके बड़े-बड़े पदों पर बैठा रही है। संजय सिंह का कहना है कि भाजपा का राष्ट्रवाद सिर्फ दिखावाहै। असलियत यह है कि भाजपा सत्ता पाने और अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसी से भी समझौता कर सकती है, चाहे वह आतंकवादी ही क्यों नहो। मेहराज मलिक का मामलासंजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक को भाजपा सरकार ने अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया है। मेहराज मलिकजम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी के अकेले विधायक हैं। उन पर 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं, लेकिन ये एफआईआर किसी अपराध के लिए नहींबल्कि जनता के मुद्दे उठाने के कारण दर्ज की गईं। उन्होंने अस्पताल की मांग की, बेरोजगारी का मुद्दा उठाया, छात्रों और आम जनता की परेशानियोंको सामने रखा, इसी वजह से उन्हें जेल में डाल दिया गया।पीएसए का दुरुपयोगभाजपा सरकार ने इन एफआईआर का आधार बनाकर मेहराज मलिक पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) लगाया है। संजय सिंह ने कहा कि यह कानूनआमतौर पर बड़े आतंकवादियों और अपराधियों पर लगाया जाता है, लेकिन भाजपा ने इसे एक निर्वाचित विधायक पर लगाया है। यह लोकतंत्र औरसंविधान का सीधा-सीधा अपमान है। उन्होंने कहा कि एफआईआर 2014, 2016, 2021, 2023 और 2024 की हैं, लेकिन पुलिस ने इतने सालोंतक कोई कार्रवाई नहीं की। अब अचानक इन्हीं पुराने मामलों को उठाकर मेहराज मलिक को अपराधी साबित करने की कोशिश की जा रही है। हाउस अरेस्ट की घटनासंजय सिंह ने बताया कि वे श्रीनगर में भाजपा से जुड़े इन रिटायर्ड आतंकवादियों की सूची जारी करने वाले थे। लेकिन जैसे ही भाजपा को इसकीजानकारी मिली, उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। न तो उन्हें बाहर जाने दिया गया और न ही किसी से मिलने दिया गया। यहां तक कि जब पूर्वमुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला उनसे मिलने आए तो उन्हें भी अंदर नहीं आने दिया गया। संजय सिंह ने कहा कि यह घटना बताती है कि भाजपा असलियतको छुपाने के लिए कितनी बेताब है। भाजपा का आतंकवादियों से संबंधसंजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई नाम गिनाए। उन्होंने कहा कि अब्दुल रहमान, फैयाज अहमद नजर, अब्दुल मजीद मीर, बसरत मजीद मीर, गुलाममोहिद्दीन सूफी जैसे लोग, जिन्होंने कभी पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था या आतंकवादी संगठनों से जुड़े रहे थे, आज भाजपा में अहम पदों पर बैठे हैं।उन्होंने उदाहरण दिया कि लश्कर आतंकवादी तालिब हुसैन शाह की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ फोटो है और वह भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चाका आईटी सेल प्रमुख है। मेहराज मलिक पर लगे आरोपसंजय सिंह ने कहा कि भाजपा प्रशासन ने मेहराज मलिक पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद हास्यास्पद हैं। जैसे यह कहना कि मेहराज मलिक फेसबुकलाइव करते हैं और उनकी भाषा ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ भाषा खराब होने पर किसी पर पीएसए लगाया जा सकता है? उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने उनके पुराने बयानों और वीडियो को तोड़-मरोड़कर मुद्दा बनाया है। भाजपा का दोहरा चेहरासंजय सिंह ने कहा कि भाजपा का असली चेहरा सामने आ रहा है। एक तरफ भाजपा खुद आतंकवादियों को पदाधिकारी बनाती है और दूसरी तरफनिर्दोष लोगों पर आतंकवादियों के लिए बनाए गए कानून लगाती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा के लिए अब बस दाउद इब्राहिम कोशामिल करना बाकी रह गया है। आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धतासंजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से मेहराज मलिक के हक की लड़ाई लड़ेगी। यह लड़ाई सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क, संसद और सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी। अरविंद केजरीवाल ने भी स्पष्ट कहा है कि मेहराज मलिक के साथहुआ यह अन्याय हर मंच पर उठाया जाएगा। जनता से अपीलसंजय सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता भाजपा का असली चेहरा पहचाने। भाजपा सिर्फ राष्ट्रवाद का नारा देती है, लेकिन उसका कामइसके बिल्कुल उलट है। भाजपा अपने विरोधियों को जेल में डालती है और आतंकवादियों को गले लगाती है। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक कोइस सच्चाई को समझना चाहिए और लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़ा होना चाहिए।

एनएसयूआई ने जारी किया डीयूएसयू और महिला घोषणा पत्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजनदिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) चुनाव 2025 को लेकर एनएसयूआई ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंसमें एनएसयूआई ने दो अहम दस्तावेज़ जारी किए,एक मुख्य घोषणा पत्र और दूसरा विशेष तौर पर महिला छात्रों के लिए महिला घोषणा पत्र। यह प्रेसकॉन्फ्रेंस छात्रों की समस्याओं और उनके भविष्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों पर केंद्रित रही। इस मौके पर कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े कई बड़ेनेता उपस्थित थे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष देवेंद्र यादव, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक, डीयूएसयू अध्यक्ष रोनक खत्रीऔर अन्य वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे। सभी नेताओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक माहौलके लिए संघर्ष करती रहेगी। एनएसयूआई अध्यक्ष का विश्वासएनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि एनएसयूआई इस बार डीयूएसयूचुनाव में 4-0 से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन बहुजन-नायक श्री राहुल गांधी के मार्गदर्शन पर चल रहा है और संविधान की रक्षा करनाएनएसयूआई का सबसे बड़ा संकल्प है। वरुण चौधरी ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक जीत का नहीं बल्कि छात्रों के असली मुद्दों की लड़ाईहै। उन्होंने बताया कि एनएसयूआई हॉस्टल की कमी, कॉलेजों में ढांचा सुधार, छात्रवृत्तियों का समय पर वितरण, फैकल्टी की नियुक्तियाँ और महिलासुरक्षा जैसे विषयों पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय का हर छात्र सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल पाने का हकदार है औरएनएसयूआई इसी दिशा में काम करेगी। मोहब्बत की दुकान फिर से खोलने का संकल्पवरुण चौधरी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में एनएसयूआई एक बार फिर मोहब्बत की दुकान खोलेगी। इस प्रतीकात्मक वाक्य का अर्थ है किविश्वविद्यालय परिसर में प्रेम, भाईचारा, आपसी सम्मान और विविधता को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति और डर केमाहौल को खत्म कर एक ऐसा विश्वविद्यालय बनाया जाएगा जहाँ हर छात्र अपनी पहचान के साथ गर्व महसूस कर सके। एनएसयूआई का पैनलइस मौके पर एनएसयूआई ने अपने उम्मीदवारों का पैनल भी घोषित किया। अध्यक्ष पद के लिए जोस्लिन नंदिता चौधरी, उपाध्यक्ष पद के लिए राहुलझांसला, सचिव पद के लिए कबीर और संयुक्त सचिव पद के लिए लवकुश बधाना को उतारा गया है। पैनल का नंबर 5225 रखा गया है। नेताओं नेदावा किया कि यह पैनल छात्रों के मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाएगा और हर वर्ग के हितों का ध्यान रखेगा। डीयूएसयू घोषणा पत्रएनएसयूआई ने हम बदलेंगे थीम के तहत घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणा पत्र में छात्रों के लिए कई बड़े वादे शामिल हैं। इसमें साफ कहा गयाहै कि फीस वृद्धि वापस ली जाएगी और शिक्षा को सस्ती तथा सुलभ बनाया जाएगा। एनएसयूआई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विरोध करने काभी ऐलान किया है क्योंकि यह शिक्षा को निजीकरण और महँगा बनाने की ओर ले जाती है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि कैंपस को सुरक्षित औरसमावेशी बनाया जाएगा, ताकि हर छात्र बिना किसी डर या भेदभाव के पढ़ाई कर सके। स्मार्ट क्लासरूम, साफ-सुथरे शौचालय, मुफ्त वाई-फाई औरबेहतर हॉस्टल की सुविधाएँ दी जाएँगी। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने का भी वादा किया गया है। छात्रवृत्तियों कोसमय पर देना और किफायती परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराना भी घोषणा पत्र का हिस्सा है। महिला घोषणा पत्रएनएसयूआई ने इस बार महिला छात्रों के लिए अलग घोषणा पत्र पेश किया, जिसे काफी सराहा गया। इसमें महिला छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य औरसशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। महिला छात्रों को सेमेस्टर में 12 दिन की छुट्टी देने की घोषणा की गई है, ताकि वे स्वास्थ्य और मासिकधर्म संबंधी समस्याओं से जूझते समय आराम कर सकें। इसके अलावा उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामलों में शून्य सहिष्णुता नीति अपनाने की बात कहीगई है। महिला छात्रों को 24×7 आपातकालीन सहायता और कानूनी मदद उपलब्ध कराने की योजना भी शामिल की गई है। कॉलेजों में महिलासुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी लगाने और महिला-विशेष शौचालय बनाने की भी घोषणा की गई है। महिला छात्रों केलिए सैनिटरी नैपकिन मशीनें, चेंजिंग रूम और मेडिकल सेंटर की सुविधा देने का भी संकल्प लिया गया है। साथ ही आंतरिक शिकायत समिति कोऔर मजबूत बनाने तथा लिंग संवेदनशीलता पर कार्यशालाएँ आयोजित करने का वादा भी किया गया। बदलाव की पुकारएनएसयूआई का यह घोषणा पत्र स्पष्ट संदेश देता है कि संगठन छात्रों के असली मुद्दों को राजनीति के केंद्र में लाना चाहता है। यह घोषणा पत्र सिर्फवादों की सूची नहीं है बल्कि एक बदलाव की पुकार है। इसमें छात्रों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और अवसरों की बराबरी को सबसे आगे रखा गया है। छात्रों से आह्वानप्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में नेताओं ने सभी छात्रों से अपील की कि वे एकजुट होकर एनएसयूआई का साथ दें। उनका कहना था कि दिल्ली विश्वविद्यालयको बदलने और छात्रों के लिए बेहतर वातावरण बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। एनएसयूआई ने भरोसा दिलाया कि संगठन हमेशा छात्रों की आवाज़बनेगा और उनके हक के लिए लड़ाई लड़ेगा।