वादों से नहीं, समाधान से सेवा, बुजुर्ग को घर न देने पर घिरे सुरेश गोपी का स्पष्टीकरण “राजनीतिक मकसद से बनाया गया मुद्दा”

अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति का आवेदन स्वीकार न करने के चलते सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का शिकार हो रहे केंद्रीय मंत्री सुरेशगोपी ने सोमवार को अपना बचाव किया और स्पष्टीकरण जारी किया. उन्होंने कहा कि वे ऐसे वादे नहीं करते, जिन्हें पूरा ही न किया जा सके केंद्रीयमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके खिलाफ राजनीतिक एजेंडा चलाकर फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. दरअसल 12 सितंबर को केरलके त्रिशूर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, वेलायुधन नाम के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने घर दिलाने में सहायता के लिए सुरेश गोपी से संपर्क कियाहालांकि, केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक रूप से बुजुर्ग का आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलहोने के बाद केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी की खूब आलोचना हुई. लोगों की मदद करने पर केंद्रित रहीअब अपने फेसबुक पेज पर सुरेश गोपी ने एक पोस्ट लिखकर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए इसघटना का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. गोपी ने कहा कि ‘एक जनप्रतिनिधि होने के नाते, वह हमेशा इस बारे में स्पष्ट रहते हैं कि वह क्या करसकते हैं और क्या नहीं उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे वादे नहीं करता जो पूरे न हो सकें। लोगों को झूठी उम्मीदें देना मेरा काम नहीं है आवास निर्माण राज्य काविषय है इस पर राज्य सरकार को विचार करना है’ गोपी ने कहा कि उनकी कोशिश हमेशा व्यवस्था के भीतर रहकर लोगों की मदद करने पर केंद्रित रहीहै. केंद्रीय मंत्री बोले मुझे यह देखकर खुशी हुईकेंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि ‘मुझे यह देखकर खुशी हुई कि इस घटना के बाद, एक और पार्टी, परिवार को एक घर देने के लिए आगे आई भले हीइसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद रहा हो, लेकिन मायने यह रखता है कि परिवार को आखिरकार एक घर मिल गया।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा ‘अगर मेरेकारण किसी को घर मिला है तो मैं इसे एक सकारात्मक परिणाम मानता हूं। वास्तव में जो मायने रखता है वह है वास्तविक समाधान. केंद्रीय मंत्री ने येभी कहा कि ‘मुझे यह देखकर खुशी हुई कि इस घटना के बाद, एक और पार्टी, परिवार को एक घर देने के लिए आगे आई भले ही इसके पीछे कोईराजनीतिक मकसद रहा हो, लेकिन मायने यह रखता है कि परिवार को आखिरकार एक घर मिल गया.’
सेवा पखवाड़े में पीएम मोदी को समर्पित तोहफा: दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए तीन नए केंद्रों का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़े में दिल्ली सरकार दिव्यांगों और बुजुर्गों को भी खास तोहफा देगी. कॉलेज जाने वाली दृष्टिबाधित छात्राओं को अटल दृष्टि छात्रावास, बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को अटल आशा गृह और बुजुर्गों को सावित्रीबाईफुले वरिष्ठ नागरिक गृह मिलेंगे कुल 64.66 करोड़ रुपये की लागत से बने ये केंद्र विशेष वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मान से जीने के अवसरदेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह त्यागराज स्टेडियम से इनका शुभारंभ उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री ने रविवार को बताया कि उनकी सरकार असहाय वर्ग केलोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए काम कर रही है. किसी भी वर्ग को सुविधाएं देने से सरकारी पीछे नहीं हटेगी. 96 बुजुर्गों के लिए रहने का इंतजामतिमारपुर में डीयू के पास 13.42 करोड़ रुपये की लागत से दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए चार मंजिला छात्रावास बनाया गया है करीब 3703.43 वर्गमीटर में बने इस भवन में 96 छात्राओं के रहने की जगह है. इसे छात्राओं की सुविधा के लिहाज से डिजाइन किया गया है, उसी के अनुरूप सहायकसुविधाएं लगाई गई हैं. पश्चिम विहार में 10.64 करोड़ रुपये से 2257 वर्गमीटर में चार मंजिला सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह बनाया गया हैइसमें 96 बुजुर्गों के लिए रहने का इंतजाम है। इस केंद्र में चिकित्सा, पौष्टिक भोजन और मनोरंजन की सुविधाएं भी मिलेंगी. आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन के लिए सुविधाएं प्रदान करेंगेमुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष वर्ग के लोगों के लिए ये केंद्र अटल बिहारी वाजपेयी और सावित्रीबाई फुले की स्मृति में बनाए गए हैं ये पहल कमजोरवर्गों को सुविधाएं देगी प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होकर गांधी जयंती व लाल बहादुर शास्त्री जयंती तक चलने वाले सेवा पखवाड़े में75 योजनाएं शुरू होंगी. नरेला में 40.60 करोड़ रुपये की लागत से 12,500 वर्गमीटर में चार मंजिला अटल आशा गृह बनाया गया है इसमें बौद्धिकरूप से दिव्यांग 220 लोग रहेंगे, इन्हें भोजन, स्वास्थ्य जांच, शिक्षा, खेल और मनोरंजन की सुविधाएं भी यहीं पर मिलेंगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वेंजन्मदिन पर दिल्ली सरकार सेवा पखवाड़े में 64.66 करोड़ की लागत से दृष्टिबाधित छात्राओं, बौद्धिक रूप से दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए अटलदृष्टि छात्रावास, अटल आशा गृह और सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह का उद्घाटन करेगी ये केंद्र आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन के लिएसुविधाएं प्रदान करेंगे.
दिल्ली में बीएमडब्ल्यू ने ली अफसर की जान, पत्नी और चालक घायल CCTV फुटेज से खुलासा

राष्ट्रीय राजधानी के कैंट थाना क्षेत्र के धौलाकुआं इलाके में बीएमडब्ल्यू कार और बाइक की टक्कर में वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौतहो गई है उनकी पत्नी और कार चला रही महिला और उसका कारोबारी पति घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है पुलिस ने आरोपी महिला कारचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कार व बाइक जब्त कर ली है. दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस के उपायुक्त अमित गोयल ने बताया किपुलिस को रविवार दोपहर एक बजे हादसे की सूचना मिली दिल्ली कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां एक बीएमडब्ल्यू कार सड़क परतिरछी खड़ी थी और एक बाइक मेट्रो पिलर संख्या 67 के पास सड़क के डिवाइडर के पास क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी थी. बाइक एक बस से टकरा गईमौके पर पहुंची पुलिस को प्रत्यदर्शियों ने बताया कि बीएमडब्ल्यू कार एक महिला चला रही थी, जिसने बाइक को टक्कर मार दी बाइक पर वित्तमंत्रालय में उप सचिव नवजोत सिंह अपनी पत्नी संदीप कौर के साथ जा रहे थे। हादसे के बाद दोनों घायल हो गए.गुरुग्राम निवासी आरोपी महिला गगनप्रीत कौर और उसके पति परीक्षित कैब से घायल नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को आसपास के अस्पताल केबजाय 22 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित न्यू लाइफ अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने नवजोत सिंह को मृत घोषित कर दिया अस्पताल ने ही पुलिसको बताया कि चोट लगने के कारण नवजोत सिंह की मौत हो गई उनकी पत्नी के साथ ही आरोपी महिला और उसके पति घायल हुए हैं जिनकाअस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस ने घटना स्थल के सीटीटीवी कैमरों की जांच की इससे पता चला कि कार सेंट्रल वर्ज से टकराने के बादअनियंत्रित हो गई और बाइक को टक्कर मार दी टक्कर लगने पर बाइक एक बस से टकरा गई/ पुलिस को दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक मौके परमिली, जिसे जब्त कर लिया गया. ड़े के चमड़े की काठी, सीट, कवर, बेल्ट आदि बनाने का व्यवसायपुलिस ने क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जेमें ले लिया पुलिस ने बताया कि नवजोत सिंह हरिनगर में रहते थे। आरोपी महिला भी घायल है, इसलिए पुलिस पूछताछ के लिए उसके ठीक होने काइंतजार कर रही है दिल्ली पुलिस ने कहा कि धारा 281/125B/105/238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है जांच के दौरान एफएसएलटीम और अपराध टीम ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया है। दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों बीएमडब्ल्यू और मोटरसाइकिल की भी जांच हो रही है पुलिसने आगे बताया कि आरोपी महिला और उसका पति अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं वे घोड़े के चमड़े की काठी, सीट, कवर, बेल्ट आदि बनाने काव्यवसाय करते हैं आगे की जांच जारी है.
रामलला के दर्शन को पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री, अयोध्या यात्रा ने भारत-मॉरीशस संबंधों को दिया सांस्कृतिक आयाम

राम जन्मभूमि में विराजमान रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र राम गुलाम का दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा भर नहींथा, बल्कि इस यात्रा ने कई नए अध्याय भी जोड़े हैं इस यात्रा से भारत-मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा इसके साथ हीपर्यटन और धार्मिक यात्राओं का नया द्वार खुलने की भी उम्मीद है पीएम पत्नी वीना रामगुलाम समेत 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ निर्धारितसमय से एक घंटा विलंब से पहुंचे. एयरपोर्ट पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीशपतित्रिपाठी समेत सभी वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने पीएम का अभिनंदन किया. इसके बाद सड़क मार्ग से पीएम मुख्यमंत्री योगी के साथसीधे राम मंदिर परिसर पहुंचे राम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका अभिनंदन किया गया. महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव समेत अन्य मौजूद रहेउन्होंने रामलला की आरती उतारी, चरणामृत लिया और भावविभोर होकर करीब पांच मिनट तक रामलला की दिव्य छवि को निहारते रहे। दोनों हाथउठाकर जय श्रीराम का जयघोष किया तो पूरा मंदिर परिसर समवेत स्वर में जयकारों से गूंज उठा राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने रामलला कीमूर्ति भेंट कर पीएम का अभिनंदन किया प्रधानमंत्री ने राम दरबार में भी हाजिरी लगाई श्रद्धालुओं का भी अभिवादन किया मॉरीशस के प्रधानमंत्री दोपहरकरीब दो बजे महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट से देहरादून के लिए रवाना हो गए प्रधानमंत्री के आगमन पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे एयरपोर्ट से लेकर मंदिरतक चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सुरक्षा बल तैनात थे। सीसीटीवी से पूरे मार्ग की निगरानी की जाती रही मंदिर परिसर में पुलिस बल और एटीएस की टीमोंने कमान संभाल रखी थी इस दौरान एडीजी जोन सुजीत पांडेय, आईजी प्रवीण कुमार, मंडलायुक्त राजेश कुमार , डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अभय सिंह, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव समेत अन्यमौजूद रहे. मान्यता दिलाने में सहभागी बनेगीराम मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चंद्र रामगुलाम और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए टाटा कंपनी की ओर से मंदिर निर्माण से जुड़ी एक विशेषलघु फिल्म प्रदर्शित की गई। करीब दो मिनट की इस प्रस्तुति में मंदिर की भव्यता, शिल्पकला और निर्माण की अद्भुत झलक दिखाई गई फिल्म कीजानकारी और विवरण सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने विस्तार से प्रस्तुत किया. मॉरीशस के पीएम की पत्नी भारत की संस्कृति में मगन दिखीं वह भारतीयपरिधान साड़ी में राम मंदिर पहुंची थीं आरती-पूजा के दौरान उन्होंने सिर पर पल्लू रखा। पीएम ने भी भारतीय वेशभूषा का अनुसरण करते हुए कुर्ता, पायजमा व सदरी पहन रखी थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को राम मंदिर का मॉडल, राम रज, प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, प्रधानमंत्री की पत्नी वीना रामगुलाम को साड़ी भेंटकर विशेष सम्मान दिया. राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र ने कहा कि भारत और मॉरीशस के रिश्तोंकी नींव सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव पर टिकी है इस यात्रा ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत की आध्यात्मिक विरासत, विशेषकर रामकथा औरअयोध्या की धरोहर, आज भी विश्व समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है. मॉरीशस के प्रधानमंत्री की यात्रा भारत की सांस्कृतिक ताकत को और अधिकअंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने में सहभागी बनेगी.
फिलीपींस में बाढ़ परियोजना घोटाले पर भड़का जन आक्रोश, राष्ट्रपति मार्कोस ने किया शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देश में बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में फैले बड़े भ्रष्टाचार को लेकर जनता के गुस्से का समर्थन कियाहै उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपने विरोध को खुलकर व्यक्त करें, लेकिन प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होने चाहिए राष्ट्रपति मार्कोस ने वादा किया किइस घोटाले की जांच एक स्वतंत्र आयोग करेगा और इसमें उनके राजनीतिक सहयोगियों को भी नहीं बख्शा जाएगा टेलीविजन पर प्रसारित संसदीयसुनवाइयों में कई सांसदों, सरकारी इंजीनियरों और निर्माण कंपनियों पर भारी कमीशन खाने के आरोप लगे हैं. राष्ट्रपति ने इस घोटाले का जिक्र पहलीबार जुलाई में अपने वार्षिक संबोधन में किया था हाल के दिनों में नेपाल और इंडोनेशिया में हुए हिंसक प्रदर्शनों के विपरीत, फिलीपींस में अब तकविरोध प्रदर्शन छोटे और शांतिपूर्ण रहे हैं अधिकतर गुस्सा सोशल मीडिया पर दिख रहा है, जहां कैथोलिक चर्च के नेता, कारोबारी और रिटायर्ड जनरलखुलकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं. 1,60,000 सैनिकों के साथ पूरी तरह गैर-राजनीतिक और संविधान के प्रति वफादा21 सितंबर को राजधानी मनीला में एक बड़े लोकतंत्र समर्थक स्मारक स्थल पर प्रदर्शन होने वाला है, जिसमें बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है इसकोदेखते हुए पुलिस और सेना को अलर्ट पर रखा गया है राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा, ‘अगर मैं राष्ट्रपति न होता, तो शायद सड़कों पर उनके साथ होता मैं भीगुस्से में हूं उन्हें बताओ कि उन्होंने तुमसे कैसे चोरी की, कैसे तुम्हें चोट पहुंचाई, जोर से चिल्लाओ, प्रदर्शन करो, लेकिन सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके सेकरो. हालांकि सरकार ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग जनता के गुस्से का इस्तेमाल देश को अस्थिर करने के लिए कर सकते हैं रक्षा मंत्री गिलबर्टोटियोडोरो और सेना प्रमुख जनरल रोमियो ब्राउनर ने साफ किया कि सेना 1,60,000 सैनिकों के साथ पूरी तरह गैर-राजनीतिक और संविधान के प्रतिवफादार है. राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने सभी से शांति की अपीलइस घोटाले में सामने आया है कि कई परियोजनाएं अधूरी या सिर्फ कागजों पर ही मौजूद हैं पिछले तीन वर्षों में बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं पर लगभग54,500 करोड़ पेसो (करीब 9.6 अरब डॉलर) खर्च किए गए हैं जांच में खुलासा हुआ कि इस धन से कुछ नेताओं और अधिकारियों ने आलीशानमकान, महंगी यूरोपीय कारें और कैसिनो में जुए की आदत जैसी ऐशो-आराम की जिंदगी जी राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा कि वह खुद इन परियोजनाओंकी समीक्षा कर रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगीपहले फ्रांस और फिर नेपाल में सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश बड़े पैमाने पर देखने को मिला है बीच राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने सभीसे शांति की अपील की है.
पाकिस्तान से क्रिकेट खेलकर भारत का मजाक बना रही है भाजपा सरकार – सौरभ भारद्वाज

पूरा विश्व भारत पर हंस रहा हैआम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए हालिया क्रिकेट मैच पर केंद्र सरकार को जमकरघेरा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बार-बार आतंकवादी देश बताने वाली भाजपा सरकार अब उसी के साथ क्रिकेट खेल रही है। यही कारण है किपूरा विश्व अब भारत पर हंस रहा है और पूछ रहा है कि क्या भारत आतंकवादी देश के साथ भी खेलकूद करेगा? 52 सांसद विदेश भेजे, फिर भी पाकिस्तान से मैचभारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने कुछ समय पहले ही 52 सांसदों को 32 देशों में यह संदेश देने के लिए भेजा था कि पाकिस्तान को अलग-थलग किया जाए और दुनिया उसे आतंकवादी देश माने। लेकिन आज वही सरकार पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलकर खुद अपनी ही बातों का खंडनकर रही है। उन्होंने कहा कि यह भारत की विदेश नीति की बड़ी नाकामी है और पूरी दुनिया भारत की गंभीरता पर सवाल उठा रही है। टिकटें खरीदीं लेकिन मैच देखने नहीं गए लोगउन्होंने यह भी बताया कि जिस दुबई स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान का मैच हुआ, उसकी सभी टिकटें बिक गई थीं। लेकिन भारतीय दर्शकों ने टिकटहोने के बावजूद मैच देखने नहीं गए। यह विरोध का एक शांत लेकिन मजबूत तरीका था। भारतीय जनता ने यह साबित किया कि वह पाकिस्तान केसाथ खेल का समर्थन नहीं करती। भारद्वाज ने कहा कि टिकट खरीदकर भी मैच देखने न जाने वाले भारतीय वाकई बधाई के पात्र हैं। दिल्लीवासियों का अनोखा विरोधभारद्वाज ने बताया कि दिल्ली में इस बार एक नया इतिहास बना। भारत ने पाकिस्तान को हराया, लेकिन इसके बावजूद कहीं कोई पटाखे नहीं फोड़ेगए, न बड़े स्तर पर कोई जश्न मनाया गया। दिल्लीवासियों ने चुप रहकर ही सरकार को बड़ा संदेश दिया कि अगर सरकार देश के सम्मान से समझौताकरेगी तो जनता जश्न नहीं मनाएगी। सूर्य कुमार यादव पर भाजपा का ढोल पीटनाउन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा इस बात पर शोर मचा रही है कि भारतीय कप्तान सूर्य कुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहींमिलाया। अगर यही इतना बड़ा काम है तो सरकार उन्हें भारत रत्न ही दे दे। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा हाथ मिलाना नहीं है, बल्कि यह है कि सरकारने पाकिस्तान से क्रिकेट खेलकर भारत की गरिमा गिराई है। विदेश नीति पर सवालभारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने सांसदों को विदेश भेजकर पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करवाने की कोशिश की थी, लेकिन कोई भीदेश भारत की बात मानने को तैयार नहीं हुआ। अब जब भारत ने खुद पाकिस्तान से मैच खेल लिया तो पूरी दुनिया हंस रही है कि भारत की विदेशनीति सिर्फ दिखावा है। शहीदों की आड़ में राजनीतिभारद्वाज ने कहा कि भाजपा और बीसीसीआई कह रहे हैं कि यह जीत शहीदों को समर्पित है। लेकिन अगर यह सच है तो मैच से कमाए गए करोड़ोंरुपये शहीदों के परिवारों को दिए जाएं। केवल भाषण देना और शहीदों की भावनाओं पर राजनीति करना बहुत गलत है। भाजपा का दोहरा रवैयाउन्होंने कहा कि पहले जब कांग्रेस की सरकार होती थी और पाकिस्तान से युद्ध जैसी स्थिति बनती थी तो भाजपा मांग करती थी कि पाकिस्तान सेक्रिकेट नहीं खेलना चाहिए। 15-15 साल तक भारत ने पाकिस्तान से कोई मैच नहीं खेला। लेकिन अब जब भाजपा की सरकार है तो वही पाकिस्तानसे खेल रही है। इससे साफ है कि भाजपा दोहरे मापदंड अपनाती है और उसे देश के स्वाभिमान से कोई मतलब नहीं है। किसानों और व्यापारियों को नुकसानभारद्वाज ने यह भी बताया कि पाकिस्तान से व्यापार बंद करने का नुकसान मुख्य रूप से भारत के किसानों और व्यापारियों को हुआ। 2024-25 मेंभारत ने पाकिस्तान को 9,853 करोड़ रुपये का निर्यात किया, जबकि पाकिस्तान से केवल 53 करोड़ रुपये का आयात हुआ। यानी भारत का निर्यातपाकिस्तान के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद था। लेकिन भाजपा सरकार के फैसलों से भारत का ही नुकसान हुआ है। शर्मनाक स्थितिअंत में भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने पाकिस्तान से क्रिकेट खेलकर पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। जनता दुखी है और महसूस कर रही है किसरकार ने शहीदों की कुर्बानियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल ढोंग करती है और असल में उसे देश और देशवासियों कीभावनाओं की परवाह नहीं है।
पवन खेड़ा का बड़ा आरोप – 1 रुपये में 1,050 एकड़ ज़मीन और 10 लाख पेड़ अडानी को, बिहार की जनता से हो रही डबल लूट

कांग्रेस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि बिहार के भागलपुरजिले के पीरपैंती इलाके में अडानी समूह को मात्र 1 रुपये प्रतिवर्ष की दर से 1,050 एकड़ ज़मीन और 10 लाख पेड़ 33 साल के लिए सौंप दिए गएहैं। यह सौदा इतना सस्ता है कि इसे जनता के साथ सीधा-सीधा धोखा कहा जा सकता है। कांग्रेस ने भाजपा और नीतीश सरकार पर हमला करते हुएकहा कि यह सौदा असल में अडानी को फायदा पहुँचाने और बिहार की जनता से लूट करने का तरीका है। मोदी–अडानी की दोस्ती पर कांग्रेस का सवालपवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ़ अपने उद्योगपति दोस्त अडानी को फायदा पहुँचाने के लिए जनता के संसाधन बेच रहे हैं। खेड़ा नेआरोप लगाया कि किसानों से यह ज़मीन जबरदस्ती और धमकाकर ली गई है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की ज़मीन ली गई, उन्हें बोलने तक कामौका नहीं दिया गया। खेड़ा ने बताया कि आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने बिहार पहुंचे, तो कई किसानों को घरों मेंही नजरबंद कर दिया गया ताकि वे बाहर आकर विरोध न कर सकें। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया और कहा कि जनता को आवाजउठाने का अधिकार तक नहीं दिया जा रहा है। ज़मीन, पेड़ और कोयला सब अडानी को दे दिया गयापवन खेड़ा ने कहा कि यह मामला केवल ज़मीन तक सीमित नहीं है। इसके साथ-साथ किसानों के खेतों में लगे लाखों आम, लीची और सागवान जैसेपेड़ भी काट दिए गए हैं। उन्होंने इसे आम के आम, गुठलियों के दाम वाली कहानी बताया। उन्होंने आगे कहा कि यह 21,400 करोड़ रुपये काप्रोजेक्ट है, जिसमें 2,400 मेगावाट का पावर प्लांट लगाया जाना है। पहले सरकार ने बजट में घोषणा की थी कि यह पावर प्लांट सरकार खुदलगाएगी। लेकिन बाद में अचानक निर्णय बदलकर यह पूरा प्रोजेक्ट अडानी को सौंप दिया गया। बिहार को ही बेची जाएगी महंगी बिजलीकांग्रेस नेता ने बताया कि बिहार की ज़मीन, पेड़ और कोयले से बनने वाली बिजली बिहार की जनता को ही 6.075 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेचीजाएगी। जबकि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यही बिजली 3 से 5 रुपये की दर से मिलती है। यानी संसाधन बिहार से जाएंगे, लेकिनफायदा अडानी को होगा और नुकसान बिहार की जनता को। खेड़ा ने कहा कि यह डबल लूट है। एक तरफ ज़मीन और पेड़ छीन लिए जा रहे हैं, दूसरीतरफ जनता को उसी से बनी बिजली महंगी कीमत पर दी जा रही है।चुनाव आते ही अडानी को दिए जाते हैं बड़े प्रोजेक्टपवन खेड़ा ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है। जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं और भाजपा को हार का डर लगता है, अडानी को बड़े-बड़ेप्रोजेक्ट्स सौंप दिए जाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी ऐसे ही प्रोजेक्ट्स दिए जाने का जिक्र किया। उन्होंने नीतीश सरकार के125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे पर भी सवाल खड़े किए। खेड़ा ने कहा कि यह मुफ्त बिजली दरअसल टैक्स देने वाली जनता के पैसों से दीजाएगी। अडानी को तो 6.075 रुपये प्रति यूनिट ही मिलेंगे। यानी सरकार जनता की जेब से पैसा निकालकर अडानी को दे रही है और दिखावा कररही है कि बिजली मुफ्त है। कांग्रेस की चेतावनी जनता का हक छीना तो विरोध होगापवन खेड़ा ने इस पूरे सौदे को घोर कलयुग करार देते हुए कहा कि कांग्रेस इसका पूरी ताक़त से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में कांग्रेसकी सरकार बनी, तो इस तरह के समझौते बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और ऐसे सभी सौदे रद्द कर दिए जाएंगे। खेड़ा ने जनता से भी सवाल पूछाकि आखिर यह कैसा न्याय है कि बिहार की ज़मीन और पेड़ काटकर बिजली बनाई जाए और वही बिजली बिहार के लोगों को सबसे महंगी दर परबेची जाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि बिहार की जनता अपनी आवाज बुलंद करे और इस लूट का जवाब मांगे।इस पूरे मामले ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा और नीतीश सरकार जनता को धोखा देकर अडानी कोफायदा पहुँचा रही है। सवाल यह है कि क्या बिहार की जनता इस लूट के खिलाफ़ खड़ी होगी और सरकार से जवाब मांगेगी?