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बीजिंग से चीन का कड़ा संदेश ताइवान की आज़ादी बर्दाश्त नहीं, युद्धोत्तर व्यवस्था की रक्षा की बात

चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने गुरुवार को बीजिंग में आयोजित शियांगशान सुरक्षा मंच का उद्घाटन करते हुए ताइवान को लेकर एक बार फिर कड़ेबयान दिए. उन्होंने साफ कहा कि ताइवान का “पुनर्स्थापन” चीन का हिस्सा है और इसे लेकर किसी भी स्वतंत्रता की कोशिश को चीन कभी बर्दाश्तनहीं करेगा इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है. अंतरराष्ट्रीय सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में डोंग जुन ने कहा कि ताइवान पर चीन का दावा युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का हिस्सा है. उन्होंनेचेतावनी दी कि यदि ताइवान स्वतंत्रता की ओर बढ़ा या बाहरी ताकतों ने हस्तक्षेप किया तो चीन सख्ती से जवाब देगा.बीजिंग ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है. 1949 से यह द्वीप स्वतंत्र रूप से संचालित है और वहां 2.3 करोड़ लोग रहते हैं चीन ताइवानपर सैन्य दबाव बनाए रखने के लिए लगभग रोजाना युद्धपोत और विमान भेजता है. युद्धोत्तर व्यवस्था की रक्षा करनी होगीचीन ने अभी तक ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने के लिए बल प्रयोग से इनकार नहीं किया है. ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते और उनकीडेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी बीजिंग दावों को खारिज करते हैं उनका कहना है कि ताइवान एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और उसका भविष्य वहां कीजनता तय करेगी. डोंग जुन ने अपने भाषण में अमेरिका का नाम तो नहीं लिया, लेकिन ‘बाहरी सैन्य हस्तक्षेप, प्रभाव क्षेत्र की खोज और देशों पर दबावडालने’ को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताया उन्होंने कहा कि यह रवैया दुनिया को अराजकता और संघर्ष की ओर धकेल सकता है .इस सुरक्षामंच से पहले, चीन ने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ पर भव्य सैन्य परेड की थी इसमें चीनी सेना ने हाइपरसोनिक मिसाइलों औरआधुनिक टैंकों समेत अपनी उन्नत हथियार प्रणाली का प्रदर्शन किया चीन ने कहा कि उसकी सेना विश्व शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए काम करनेको तैयार है. डोंग ने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करता है उन्होंने कहा कि चीन किसी नई व्यवस्था को लागूकरने की कोशिश नहीं कर रहा बल्कि मौजूदा ढांचे को मजबूत करना चाहता है उन्होंने कहा कि हमें युद्धोत्तर व्यवस्था की रक्षा करनी होगी.

भारत-पाक तनाव के बीच UAE क्रिकेट टीम ने दिखाया खेल भावना का उदाहरण, वसीम बोले हम हैं एक परिवार

एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी का असर जहां दोनों टीमों और उनके क्रिकेट बोर्डों पर साफ दिख रहा है, वहीं संयुक्तअरब अमीरात (यूएई) टीम ने खेल भावना का शानदार उदाहरण पेश किया है। टीम के कप्तान मोहम्मद वसीम ने साफ किया कि उनकी टीम मेंखिलाड़ी चाहे भारतीय मूल के हों या पाकिस्तानी, सभी खुद को सिर्फ यूएई का प्रतिनिधि मानते हैं.यूएई क्रिकेट टीम की खासियत यह है कि इसमें भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों की बराबर संख्या है भारतीय मूल के खिलाड़ियों मेंसिमरनजीत सिंह, राहुल चोपड़ा, हर्षित कौशिक, ध्रुव पराशर और अलीशान शराफू शामिल हैं वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान के मुल्तान में जन्मे कप्तानमोहम्मद वसीम, हैदर अली, जुनैद सिद्दीकी, मुहम्मद रोहिद और आसिफ खान टीम का हिस्सा हैं हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत केखिलाड़ियों ने पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते विवाद गहरा गया, लेकिन वसीम ने अपनी टीम के माहौल कोसकारात्मक बताया. यूएई के खिलाफ अपने अगले मैच के लिए देर से स्टेडियम पहुंचातनाव का टीम के रिश्तों पर असर पड़ने के सवाल पर वसीम ने साफ इनकार किया उन्होंने कहा, ‘नहीं, हम उस तनाव के बारे में बात नहीं कर रहे हैंक्योंकि हम साथ में काफी क्रिकेट खेलते हैं। हम यहां एक परिवार की तरह हैं यहां कोई भारतीय या पाकिस्तानी नहीं है हम यूएई टीम के लिए खेलतेहैं हम एक परिवार की तरह खेलते हैं और एक परिवार की तरह रहते हैं. वसीम के इस बयान ने साफ कर दिया कि यूएई टीम ने बाहरी विवादों कोअपने ड्रेसिंग रूम में जगह नहीं दी है. मौजूदा टूर्नामेंट में तनाव तब और बढ़ गया जब रविवार को टॉस के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव नेपाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया. मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने हाथ मिलाने से इनकार किया, जिससेपाकिस्तान तिलमिला गया इस घटना के बाद पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से हटने की धमकी भी दे डाली थी और यूएई के खिलाफ अपने अगले मैच के लिएदेर से स्टेडियम पहुंचा. भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों की बराबर संख्यापाकिस्तान के देर से आने के बावजूद यूएई टीम ने वॉकओवर की अपील नहीं की इस पर वसीम ने कहा, ‘सबसे पहले तो यह हमारी जिम्मेदारी याहमारा काम नहीं है। हम अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे हम यहां खेलने आए थे और हमने वही किया।’ यह बयान दिखाता है कि यूएई टीमविवाद से दूरी बनाकर खेल पर ध्यान दे रही है. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने भी इस मुद्दे पर बोर्ड को जिम्मेदार बताया उन्होंने कहा, ‘देखिए, मैं दबाव महसूस नहीं कर रहा था क्योंकि ये चीजें मेरे नियंत्रण में नहीं थीं। यह बोर्ड (पीसीबी) का सिरदर्द है और वे इसे अच्छी तरह से संभालसकते हैं। मुझे मैच खेलना था और उस पर ध्यान केंद्रित करना था। बाकी सारी चीजें प्रबंधन से जुड़ी हैं और उन्होंने इसे बहुत अच्छी तरह से संभाला. यूएई क्रिकेट टीम की खासियत यह है कि इसमें भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों की बराबर संख्या है.

UN में भारत का कड़ा संदेश, लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठनों को अफगान जमीन से दूर रखे अंतरराष्ट्रीय समुदाय

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद पर बड़ा हमला बोला है भारत ने साफ कहा किअंतरराष्ट्रीय समुदाय यह सुनिश्चित करे कि ये संगठन और उनके मददगार अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए अब और नकर सकें यह संदेश भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद की अफगानिस्तान पर बैठक में दिया.हरीश ने कहा कि भारत लगातार अफगानिस्तान की स्थिति पर नजर रख रहा है अफगानिस्तान और भारत के बीच गहरा सभ्यतागत रिश्ता है और इसीकारण शांति और स्थिरता भारत के लिए बेहद अहम है उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकियों के लिए किसी भी तरह की जगह छोड़ना दुनिया औरखासकर इस क्षेत्र के लिए खतरनाक है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर इस बात पर जोर दिया है कि आतंकवाद का मुकाबला करने मेंसभी देशों की साझा जिम्मेदारी है हरीश ने कहा कि यूएनएससी द्वारा घोषित आतंकी संगठन, चाहे वह आईएसआईएस हो, अल-कायदा हो या फिरपाकिस्तान समर्थित लश्कर और जैश, इन पर सख्त कार्रवाई जरूरी है. नकारात्मक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएहरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहमति का पक्षधर है भारत ने दोहा और अन्य क्षेत्रीय बैठकों में भी सक्रियभागीदारी की है ताकि शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया जा सके उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो बार अफगान कार्यवाहकविदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी से बात कर चुके हैं भारत ने अफगानिस्तान की ओर से 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा का भीस्वागत किया. भारत का कहना है कि केवल दंडात्मक कदमों से समस्या हल नहीं होगी. हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान के लिए नई और व्यावहारिकनीति की जरूरत है सिर्फ प्रतिबंध या पुराने तरीकों से आगे नहीं बढ़ा जा सकता उन्होंने कहा कि जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहे वाली नीति से कोईफायदा नहीं होगा जरूरत है कि सकारात्मक रवैये को प्रोत्साहित किया जाए और नकारात्मक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाए. समृद्ध देश बनाने के लिए काम करता रहेगा अफगानिस्तानहरीश ने अफगानिस्तान में आए भूकंप का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सबसे पहले राहत पहुंचाने वाले देशों में शामिल था भारत ने 1,000 परिवारोंके लिए टेंट और 15 टन खाद्य सामग्री भेजी इसके अलावा 21 टन राहत सामग्री जिसमें दवाएं, हाइजीन किट, कंबल और जनरेटर शामिल थे, भी भेजेगए आने वाले दिनों में और मदद भेजी जाएगी. अगस्त 2021 में तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद भारत लगातार मदद भेज रहा है अब तक भारतने 50,000 टन गेहूं, 330 टन से ज्यादा दवाएं और टीके, 40,000 लीटर कीटनाशक और कई अन्य आवश्यक सामग्री भेजी हैं इसके अलावा भारत नेयूएनओडीसी के सहयोग से महिलाओं पर केंद्रित नशामुक्ति कार्यक्रमों के लिए भी मदद दी है. भारत का कहना है कि अफगानिस्तान की विकासजरूरतें पूरा करना उसकी प्राथमिकता है। भारत ने वहां 500 से ज्यादा विकास परियोजनाएं पूरी की हैं भारत का मानना है कि शांति और स्थिरता तभीसंभव है जब वहां के लोग गरीबी, बीमारी और भुखमरी से बाहर निकलें. भारत ने दोहराया कि अफगानिस्तान की मदद के लिए उसकी प्रतिबद्धता गैर-समझौतावादी है भारत सभी संबंधित पक्षों के साथ जुड़कर अफगानिस्तान को एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध देश बनाने के लिए काम करता रहेगा.

वोट चोरी लोकतंत्र की है हत्या, चुनाव आयोग बना सत्ता का सहयोगी “लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का बड़ा हमला”

लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने राहुल गांधी के हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वोट चोरी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर बड़ाहमला बोला है उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली धांधली नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक आत्मा पर किया गया सीधा हमला है, जो अब जनता कीआंखों के सामने खुलकर सामने आ रहा है. सुनील सिंह ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा किए गए खुलासों ने यह साबित कर दिया है कि भारत में लोकतंत्रको सत्ता के लालच में व्यवस्थित और योजनाबद्ध ढंग से अपहृत किया जा रहा है उनका कहना था कि वोटरों के नाम काटना, फर्जी मोबाइल नंबरों काइस्तेमाल कर उन्हें वोटर लिस्ट से हटाना और खास इलाकों में एकतरफा नाम गायब होना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित औरसंगठित अपराध है।उन्होंने चुनाव आयोग की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संस्था लोकतंत्र की प्रहरी है, लोकतंत्र की हत्या है इसमें शामिललेकिन आज वह सत्ता के दबाव में गूंगी, बहरी और अंधी बन गई है सुनील सिंह का कहना था कि अगर चुनाव आयोग में अब भी थोड़ी बहुतसंवैधानिक रीढ़ बची है, तो उसे बिना देर किए इस कथित वोट चोरी घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करानी चाहिए. लोकदल अध्यक्ष नेयह भी चेताया कि यदि समय रहते इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो देश की जनता का चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र पर से विश्वास पूरी तरहउठ जाएगा. उन्होंने कहा, “यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं है, यह लोकतंत्र की हत्या है इसमें शामिल अधिकारियों, एजेंटों और राजनीतिक दलों कोजेल की सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए. सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की चुप्पी इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं सत्तासे उसकी मिलीभगत है उन्होंने कहा कि अब जब जनता का जनादेश चोरी किया जा रहा है, तो इस अपराध की जिम्मेदारी सीधे चुनाव आयोग और केंद्रसरकार की होगी. अंत में उन्होंने कहा कि लोकदल इस मुद्दे को लेकर न सिर्फ जनता के बीच जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर अदालततक की लड़ाई लड़ेगा, क्योंकि लोकतंत्र की रक्षा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है.

लोकतंत्र पर हो रहा गंभीर हमला – राहुल गांधी का खुलासा

देश में लोकतंत्र की सुरक्षा को लेकर अब गंभीर खतरा सामने आया है। हाल ही में जो सबूत सामने आए हैं, वे यह बताते हैं कि चुनाव प्रक्रिया में बड़ेपैमाने पर वोट डिलीट किए गए। पहले हमने देखा कि कैसे वोट बढ़ाए गए, और अब यह पता चला है कि कैसे वोट काटे जा रहे हैं। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ वोट की संख्या बदलने का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र कोकमजोर करने का सीधा प्रयास है। उन्होंने साफ कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो इस मामले में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। वोट काटने में इस्तेमाल हुआ सॉफ्टवेयर और कॉल सेंटरराहुल गांधी ने बताया कि वोट काटने के लिए सॉफ्टवेयर और कॉल सेंटर का इस्तेमाल किया गया। इसका मतलब है कि सिर्फ वोटरों की संख्या मेंबदलाव ही नहीं किया गया, बल्कि लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ की गई। हमारे पास इसके पूरे सबूत मौजूद हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि देशका मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस मामले में क्यों निष्क्रिय हैं। उन्होंने कहा कि CEC वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं, जबकि उनका कामसंविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना है। मामला सिर्फ आलंद तक सीमित नहींयह घटना केवल आलंद तक ही सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के राजुरा विधानसभा क्षेत्र में इसी तरह 6,850 वोट बढ़ाए गए। यानी आलंद में वोट डिलीटकिए गए और राजुरा में वोट जोड़े गए। यह दिखाता है कि यह सिर्फ एक क्षेत्रीय मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश में लोकतंत्र को प्रभावित करने वालीसुनियोजित योजना है। राहुल गांधी ने कहा कि यह साफ संदेश देता है कि लोकतंत्र की प्रक्रिया में कई लोग शामिल हैं जो अपनी ताकत का गलतइस्तेमाल कर रहे हैं। यह हमारे संविधान और देश की जनता के अधिकारों पर हमला है। कर्नाटक सीआईडी की मांग और चुनाव आयोग की निष्क्रियताकर्नाटक की जांच एजेंसी, सीआईडी, ने पिछले 18 महीनों में 18 पत्र लिखकर चुनाव आयोग से जरूरी जानकारी मांगी। इसमें डिवाइस पोर्ट्स, ओटीपी ट्रेल और अन्य महत्वपूर्ण डेटा मांगा गया। बावजूद इसके, आयोग ने सबूत देने से इंकार कर दिया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिरकिसकी सुरक्षा की जा रही है और क्यों? क्या लोकतंत्र की रक्षा करने वाली संस्था अब खुद लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर रही है? उन्होंने कहा कि यह देशके हर नागरिक के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वोट चोरी रोकने की तत्काल आवश्यकताअगर इस वोट चोरी को समय रहते नहीं रोका गया होता, तो आलंद में 6,018 वोट हट जाने के कारण हमारे उम्मीदवार चुनाव हार सकते थे। यह साफहै कि लोकतंत्र के खिलाफ गंभीर खतरा मंडरा रहा है। राहुल गांधी ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से स्पष्ट मांग की है कि वे संविधान कीशपथ के अनुसार अपना कर्तव्य निभाएं। उन्हें कर्नाटक सीआईडी द्वारा मांगे गए सभी सबूत सात दिन के भीतर उपलब्ध कराना चाहिए। राहुल गांधी नेचेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग ने कार्रवाई नहीं की, तो पूरा देश जान जाएगा कि CEC वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर संविधानके खिलाफ काम करने जैसा है। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए राहुल गांधी की चेतावनीराहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र का सवाल है। हर नागरिक को सचेत रहना होगा औरलोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठानी होगी। वोट चोरी का मास्टरमाइंड कौन है और कौन इसे बचा रहा है, यह सवाल अब पूरे देश के सामनेहै। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की रक्षा सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने जनता से अपीलकी कि वे लोकतंत्र के अधिकारों के लिए सतर्क रहें और किसी भी तरह की धांधली को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा, सरकार तुम्हारी, सिस्टमहमारा। वोट चोरी की पोल अब खुल चुकी है। इसे रोकना हम सबका कर्तव्य है।

वोट चोरी नया मुद्दा नहीं, अरविंद केजरीवाल पहले ही कर चुके थे खुलासा – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी ने देशभर में हो रही वोट चोरी को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आजकांग्रेस नेता राहुल गांधी जिस वोट चोरी की बात कर रहे हैं, उसका खुलासा तो अरविंद केजरीवाल 29 दिसंबर 2024 को ही कर चुके थे। लेकिन दुखकी बात है कि चुनाव आयोग ने उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वोट चोरी का खेल कोई नया नहीं है। पिछले 11 साल से सुनियोजित तरीके से फर्जी आवेदन देकर वोट कटवाए जा रहे हैं और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। यह सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अपराधहै, जिस पर अब तक चुनाव आयोग ने चुप्पी साधी हुई है। नई दिल्ली विधानसभा का उदाहरणसौरभ भारद्वाज ने बताया कि नई दिल्ली विधानसभा में 1.48 लाख वोटरों में से पहले ही 42 हजार वोट काट दिए गए। इसके बाद भी 6100 वोटकटवाने के आवेदन आए। सिर्फ 84 लोगों ने करीब 4000 वोट कटवाने की अर्जी दी, जबकि 10 हजार से ज्यादा नए वोट बनाने के लिए आवेदन दिएगए। उन्होंने कहा कि यह कैसे संभव है कि कोई व्यक्ति एक साथ 100-100 वोट काटने का आवेदन कर दे? आवेदन करने वाले खुद बोले– हमने कोई अर्जी नहीं दीउन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ने वोट काटने की अर्जी देने वालों को बुलाया, तो सिर्फ 11 लोग सामने आए। चौंकाने वाली बात यह थी किउन्होंने भी साफ इंकार कर दिया कि उन्होंने कोई आवेदन ही नहीं किया है। इससे साफ है कि किसी और के नाम से फर्जी तरीके से आवेदन किया गयाथा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह एक गंभीर आपराधिक मामला है। चुनाव आयोग को सीसीटीवी फुटेज से इसकी जांच करनी चाहिए थी, लेकिनआयोग ने कोई कदम नहीं उठाया। यह चुनाव आयोग की मिलीभगत और नीयत पर सवाल खड़े करता है। राहुल गांधी ने वही बात दोहराईआप नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रेसवार्ता में कर्नाटक की आलंद विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 6 हजार वोट गलत तरीके से काटदिए गए। भारद्वाज ने कहा कि यह वही मुद्दा है जिस पर अरविंद केजरीवाल ने 9 महीने पहले प्रेसवार्ता कर सबूतों के साथ चेताया था। यहां तक किसांसद राघव चड्ढा ने भी उस दौरान वीडियो दिखाकर फर्जी वोट काटने का खुलासा किया था। 2019 में भी उठी थी आवाज़सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी अरविंद केजरीवाल ने यही मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि 7 दिसंबर 2018 कोदिल्ली में एक अभियान चलाया गया था, जिसमें बताया गया था कि लाखों वोट गलत तरीके से काटे जा रहे हैं। उस समय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वालागुप्ता ने ट्वीट कर कहा था कि वह और उनका परिवार 12 साल से तेलंगाना में रह रहे हैं, फिर भी उनके वोट काट दिए गए। गरीब इलाकों के वोट सबसे ज्यादा काटे जाते हैंभारद्वाज ने कहा कि खासतौर पर गरीब इलाकों, अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के वोट बड़े पैमाने पर काटे जाते हैं।वोटिंग के दिन जब गरीब आदमी बूथ पर पहुंचता है, तब उसे पता चलता है कि उसका वोट ही नहीं है। जबकि नियम के अनुसार बिना सत्यापन वोटनहीं काटा जा सकता। लेकिन पिछले 10 सालों से बिना सत्यापन फर्जी तरीके से लाखों वोट काटे जा रहे हैं। लोकतंत्र पर हमलाआप नेता ने कहा कि वोट कटवाने की इस साजिश से साफ है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। चुनाव आयोगकी जिम्मेदारी थी कि वह सच्चाई सामने लाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमें गर्व है कि आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को सबसे पहले देश के सामने रखा। जो बात राहुल गांधी अब कह रहे हैं, उसेअरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी कई साल पहले ही उजागर कर चुके हैं। यह साबित करता है कि वोट चोरी सुनियोजित ढंग से की जा रही हैऔर लोकतंत्र को कुचला जा रहा है।

भाजपा सरकार के लिए दलित-मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं – कुलदीप कुमार

अशोक विहार सीवर हादसे में एक मजदूर की मौत, दो गंभीर आप ने भाजपा सरकार पर साधा निशानादिल्ली के अशोक विहार इलाके में सीवर की सफाई के दौरान हुए हादसे ने राजधानी को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना में 40 वर्षीय एकमजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने इस घटना परभाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के लिए दलितों और मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से मजदूरों को बिना किसी सुरक्षाउपकरण के सीवर में उतार दिया गया। जहरीली गैस की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह घटना भाजपा सरकार कीअसंवेदनशीलता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का नतीजा है। मोदी के जन्मदिन के जश्न में दब गई मजदूर की मौत की खबरकुलदीप कुमार ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन था। उस दिन अखबार बधाइयों और विज्ञापनों से भरे पड़े थे, लेकिनइसी बीच सीवर में मजदूर की मौत की खबर एक छोटे से कोने में दबकर रह गई। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकारें जश्न मनाने में व्यस्त हों औरगरीब मजदूर की मौत को नजरअंदाज कर दें, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? आजादी के 78 साल बाद भी सीवर में उतरते हैं मजदूरआप विधायक ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी मजदूर सीवर में उतरने को मजबूर हैं और अपनी जान गंवा रहे हैं। चुनावीफायदे के लिए अधूरे सीवर लाइन के काम जल्दबाजी में पूरे कराए गए और उसी लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। केजरीवाल सरकार ने दिखाई संवेदनशीलताकुलदीप कुमार ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने हमेशा सीवर मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उस दौरान मशीनों से सीवर सफाई कीव्यवस्था लागू की गई और मजदूरों को सीवर में नहीं उतारा गया। जिन परिवारों ने अपने सदस्य खोए थे, उन्हें सीवर सफाई की मशीनें देकर उद्यमीबनाया गया। इन परिवारों की अब हर महीने 50-60 हजार रुपये की स्थायी आय हो रही है। भाजपा सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोपउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी तरह दलित विरोधी है। मजदूरों और उनके परिवारों के उत्थान के लिए सरकार के पास कोई योजना नहींहै। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के परिवार का कोई सदस्य कभी सीवर में नहीं उतरा, इसलिए उन्हें इन मजदूरों का दर्द समझ नहीं आता। दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांगकुलदीप कुमार ने मांग की कि दोषी अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही मृतक मजदूर के परिवार को एक करोड़ रुपये कामुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने किया एस.आई.आर. कार्यक्रम का स्वागत, विपक्ष पर साधा निशाना

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि चुनाव आयोग ने पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की शुरुआत की है औरभारतीय जनता पार्टी इसका स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से दिल्ली की वोटर लिस्ट को सही बनाने, फर्जी नामों को हटाने औरघुसपैठियों को रोकने में मदद मिलेगी।वोटर लिस्ट को सही रखने की भाजपा की पुरानी कोशिशेंवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि भाजपा लगातार 20 सालों से यह मांग उठाती रही है कि दिल्ली की वोटर लिस्ट में कोई फर्जी वोट या घुसपैठियों के नामन रहें। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा यह प्रयास किया है कि दिल्ली की वोटर लिस्ट केवल दिल्ली के असली मतदाताओं की हो।हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने कई जगह गड़बड़ियों को उजागर किया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में एक ही पते पर60 से 100 तक वोट बनाए गए। यहां तक कि फुटपाथ पर नकली घर नंबर डालकर अल्पसंख्यक वोटर बना दिए गए। भाजपा ने इस तरह कीशिकायतों को इकट्ठा कर चुनाव आयोग तक पहुंचाया। विपक्ष पर आरोप – फर्जी वोट बनाने का खेलदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 20 सालों से ये दोनों पार्टियां फर्जी वोट बनानेका खेल खेल रही हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार जनता को लुभावने वादे करके गैर-नागरिकों और घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में शामिल कराया गया।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 और 2015 के विधानसभा चुनावों के बीच अचानक 13 लाख वोट बढ़ गए। वहीं 2019 और 2020 केबीच फिर से 8 लाख से ज्यादा वोट जोड़े गए। जांच में पाया गया कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जो दिल्ली के नागरिक ही नहीं थे। भाजपा की पहल और शिकायतेंसचदेवा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर जाकर इस धांधली की जांच की और चुनाव आयोग को लगभग 10,000 पेज की शिकायतेंसौंपीं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा चुनाव आयोग को समय-समय पर सूचित किया कि दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रहीहै। SIR कार्यक्रम से उम्मीदेंवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अब जब चुनाव आयोग ने एस.आई.आर. कार्यक्रम शुरू किया है, तो यह दिल्ली के लिए बड़ा कदम है। उन्होंने बताया किइस प्रक्रिया में 2002 की वोटर लिस्ट को आधार माना जाएगा। जिनके नाम 2002 की लिस्ट में हैं, उन्हें केवल एन्यूमरेशन फॉर्म भरना होगा। अगरकिसी के नाम उस लिस्ट में नहीं हैं, लेकिन उनके माता-पिता का नाम दर्ज है, तो उसकी प्रति लगाकर उनका नाम जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा किभाजपा कार्यकर्ता इस पूरी प्रक्रिया में दिल्ली के मतदाताओं का सहयोग करेंगे ताकि दिल्ली की वोटर लिस्ट पारदर्शी और पूरी तरह सही बनाई जासके। लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी कदमवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा का मानना है कि वोट हम सबका हक है और यही लोकतंत्र की नींव है। लेकिन फर्जी वोट लोकतंत्र पर एक बदनुमादाग हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का संविधान और लोकतंत्र दोनों ही फर्जी वोट को गलत मानते हैं। इसलिए भाजपा यह सुनिश्चित करने के लिएहरसंभव प्रयास करेगी कि दिल्ली की वोटर लिस्ट साफ-सुथरी हो और दिल्ली के असली मतदाताओं का ही नाम उसमें दर्ज हो।अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके कार्यकर्ता चुनाव आयोग का पूरा सहयोग करेंगे ताकि दिल्ली के मतदाताओं को उनका असली और पूरा हकमिल सके।