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GST में कटौती पर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से मिले फीडबैक, वित्त मंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली की प्रमुख बाजारों में ली जनता की राय

केन्द्रीय वित्त मंत्री एवं दिल्ली की मुख्य मंत्री सहित वरिष्ठ नेताओं ने बाजारों में जा कर जी.एस.टी. रिफॉर्म पर व्यापारियों से फीडबैक प्रधान मंत्री नरेन्द्रमोदी के मार्गदर्शन में देश को जी.एस.टी. रिफॉर्म की सौगात देने वाली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन स्वंय आज केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा के साथपूर्वी दिल्ली की लोकप्रिय लक्ष्मी नगर मार्किट में जा कर व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं से मिलीं और जी.एस.टी. कम होने पर उनका पहला फीडबैकलिया। उनके साथ विधायक अभय वर्मा एवं पार्षद अल्का राघव भी थे। उपभोक्ताओं ने दाम घटने के लिए प्रधान मंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार प्रकट कियालक्ष्मी नगर के व्यापारियों ने जहां टैक्स बोझ घटने से व्यपार के लिए पूंजी बढ़ने के लिए तो उपभोक्ताओं ने दाम घटने के लिए प्रधान मंत्री एवं वित्तमंत्री का आभार प्रकट किया।दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने त्रिनगर मार्किट में जा कर व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं से जी.एस.टी. रिफॉर्म पर चर्चाकी। उनके साथ सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल, विधायक श्री तिलक राम गुप्ता एवं केशवपुरम जिलाध्यक्ष श्री अजय खटाना आदि भी थे। आम रिटेल दुकानदारों एवं जनता से बात करके फीडबैक लियाकेन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने स्थानीय विधायक अनिल शर्मा के साथ आर.के. पुरम मार्किट में लोगों केबीच जा कर टैक्स कटौती पर उनकी पहली प्रतिक्रिया ली. भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय सहित कोषाध्यक्ष नरेश बंसल एवं दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेशसाहिब सिंह ने नई दिल्ली की बंगाली मार्किट में व्यापारियों की प्रतिक्रिया समझीं।दिल्ली सरकार में मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने विधायक अजय महावरएवं जिलाध्यक्ष श्री यू.के. चौधरी के साथ उत्तर पूर्वी दिल्ली की भजनपुरा मार्किट में आम रिटेल दुकानदारों एवं जनता से बात करके फीडबैक लिया।

स्टालिन का सियासी वार DMK ने मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प, BJP-AIADMK पर किया करारा हमला

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने भाजपा और एआईएडीएमके पर जोरदार हमला बोला उन्होंने साफ कहा कि डीएमकेहमेशा मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा करेगी और उनके लिए नए अधिकार सुनिश्चित करने में सबसे आगे खड़ी रहेगी. स्टालिन ने भाजपा परवक्फ कानून संशोधन को लेकर निशाना साधा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे केवल डीएमके और अन्य दलों की कानूनी लड़ाई के कारण मिला.मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन मुस्लिमों के खिलाफ साजिश थी उन्होंने कहा कि डीएमके की पहल से ही सुप्रीमकोर्ट ने इसके विवादित प्रावधानों पर रोक लगाई स्टालिन ने एआईएडीएमके पर आरोप लगाया कि उसने भाजपा के साथ मिलकर मुस्लिमों के हितोंके साथ धोखा किया. ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे को लेकर भाजपा-एआईएडीएमके पर भी जुबानी हमलास्टालिन ने एआईएडीएमके पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और ट्रिपल तलाक मुद्दे पर मुस्लिमों से विश्वासघात करने का आरोप लगाया उन्होंनेकहा कि सीएए विरोध के दौरान मुस्लिमों पर लाठीचार्ज एआईएडीएमके शासन में हुआ. यही कारण था कि अनवर राजा जैसे नेता एआईएडीएमकेछोड़कर डीएमके में शामिल हुए. स्टालिन ने कहा कि डीएमके शासन में मुस्लिमों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं इनमें पिछड़ा वर्ग श्रेणीमें 3.5% आंतरिक आरक्षण, उर्दू बोलने वाले मुस्लिमों को बीसी सूची में शामिल करना, अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड की स्थापना, उर्दू अकादमी औरचेन्नई एयरपोर्ट के पास बन रहा हज हाउस शामिल है उन्होंने यह भी कहा कि पैगंबर मोहम्मद पर पाठ्यक्रम की सामग्री पहले ही स्कूल पाठ्यक्रम मेंशामिल की जा चुकी है.भाजपा-एआईएडीएमके पर भी जुबानी हमला बोलास्टालिन ने आगे कहा कि डीएमके संस्थापक सीएन अन्नादुरई और करुणानिधि पहली बार मिलाद-उन-नबी समारोह में मिले थे और इसी से पार्टी कीबुनियाद मजबूत हुई उन्होंने पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं की प्रशंसा की और कहा कि पेरियार, अन्ना और करुणानिधि ने भी समानता और प्रेम के उन्हींमूल्यों को बढ़ावा दिया. मुख्यमंत्री ने गाजा में फलस्तीनियों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस्राइल द्वाराकी जा रही हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं स्टालिन ने कहा कि डीएमके हमेशा मुस्लिमों के साथ खड़ी रहेगी और उनके अधिकारों कीरक्षा के लिए लड़ती रहेगी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भाजपा और एआईएडीएमके पर हमला करते हुए कहा कि डीएमके हमेशामुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करेगी उन्होंने वक्फ कानून संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत का श्रेय डीएमके की कानूनी लड़ाई को दिया साथही सीएए और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे को लेकर भाजपा-एआईएडीएमके पर भी जुबानी हमला बोला.

कर्नाटक में आज से जाति जनगणना शुरू 2 करोड़ घर, 7 करोड़ लोग, विपक्ष ने बताया ‘हिंदुओं को बांटने की साज़िश

कर्नाटक में आज से सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है इसे आमतौर पर ‘जाति जनगणना’ कहा जाता है हालांकि, प्रशिक्षण औरतैयारी के चलते ग्रेटर बंगलूरू क्षेत्र में एक-दो दिन की देरी हो सकती है राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग यह सर्वेक्षण करेगा इसमें करीब 1.75 लाख लोगकाम करेंगे, जिनमें ज्यादातर सरकारी स्कूल के शिक्षक होंगे ये लोग करीब सात करोड़ लोगों की जानकारी एकत्र करेंगे यह काम पूरे राज्य के करीब दोकरोड़ घरों में किया जाएगा और प्रक्रिया सात अक्तूबर तक चलेगी. सरकार ने बताया कि करीब 420 करोड़ रुपये की लागत से वैज्ञानिक तरीके से यहजाति जनगणना की जाएगी इसके लिए 60 सवालों वाली एक प्रश्नावली तैयार की गई है हालांकि, जातियों की सूची को लेकर कुछ आलोचनाएंऔर आपत्तियां आई हैं, खासकर कांग्रेस पार्टी के अंदर से सूची में कुछ जातियां ऐसी हैं, जिनकी दोहरी पहचान है, जैसे कुरुबा क्रिश्चियन, ब्राह्मणक्रिश्चियन, वोक्कालिगा क्रिश्चियन आदि आयोग ने बताया कि इन जातियों के नाम छिपाए जाएंगे, लेकिन उन्हें सूची से हटाया नहीं जाएगा. एक हेल्पलाइन नंबर (8050770004) जारी किया गयाराज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष मधुसूदन आर. नाइक ने बताया कि जातियों की सूची केवल गणना करने वालों की मदद के लिए बनाई गई हैऔर इसका कोई कानूनी महत्व नहीं है उन्होंने कहा कि ऐप में इन 33 दोहरी पहचान वाली जातियों को नहीं दिखाया जाएगा, लेकिन लोग अपनीइच्छा से अपनी जाति बता सकते हैं. उन्होंने कहा, हमारी जाति जनगणना 22 सितंबर से शुरू होगी हमने पूरी तैयारी कर ली है लोगों में कुछगलतफहमियां थीं, इसलिए हमने उन पर चर्चा की और जरूरी कदम उठाए नाइक ने यह भी बताया कि जाति जनगणना के दौरान घरों को उनकेबिजली मीटर नंबर से जोड़ा जाएगा और उन्हें एक विशिष्ट गृह पहचान संख्या दी जाएगी राशन कार्ड और आधार कार्ड की जानकारी मोबाइल नंबर सेलिंक की जाएगी जो लोग जाति जनगणना के समय घर पर नहीं होंगे या समस्या होगी, उनके लिए एक हेल्पलाइन नंबर (8050770004) जारीकिया गया है लोग ऑनलाइन भी इसमें शामिल हो सकते हैं.इसे जल्दबाजी कर हिंदुओं को बांटने की कोशिश बतायावोक्कालिगा समुदाय के नेताओं ने अपने लोगों से कहा है कि वे अपने धर्म को हिंदू और जाति को केवल वोक्कालिगा ही लिखें, जबकि उपजाति तभीलिखें जब जरूरी हो वहीं, वीरशैव-लिंगायत समुदाय में थोड़ी अस्पष्टता है इसके नेताओं ने अपने लोगों से कहा कि वे धर्म को अपनी मर्जी से लिखें, लेकिन जाति के कॉलम में वीरशैव-लिंगायत जरूर लिखें कुछ लोगों का कहना है कि धर्म के रूप में भी इसे लिखा जाना चाहिए कुरुबा, मुस्लिम, अनुसूचित जाति, ब्राह्मण आदि जैसे कई अन्य समुदायों ने भी इस जाति जनगणना में अपनी पहचान कैसे लिखनी है, इस पर चर्चा की हैभाजपा ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि यह जाति जनगणना जल्दबाजी में की जा रही है, ताकि हिंदुओं को बांटा जा सके भाजपा ने सवालकिया कि जब केंद्र सरकार पहले ही राष्ट्रीय जनगणना में जाति की गिनती करने की घोषणा कर चुकी है, तो इस जनणना की क्या जरूरत है. सरकार ने2015 में भी एक सामाजिक और शैक्षिक सर्वे किया था, जिसमें करीब 165.51 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन बाद में उसे खारिज कर दिया गया.कर्नाटक में आज से जाति जनगणना शुरू हो रही है, जिसमें करीब 1.75 लाख कर्मचारी लगभग सात करोड़ लोगों और 2 करोड़ घरों का सर्वेक्षणकरेंगे। इस सर्वेक्षण में कुछ जातियों की दोहरी पहचान के कारण नाम छिपाए जाएंगे, लेकिन सूची से हटाए नहीं जाएंगे भाजपा ने इस जनगणना परसवाल उठाए हैं और इसे जल्दबाजी कर हिंदुओं को बांटने की कोशिश बताया है.

केंद्र ने एनएससीएन-के पर प्रतिबंध 5 साल के लिए बढ़ाया, भारत की संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों का आरोप

केंद्र ने सोमवार को नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-खापलांग (एनएससीएन-के) और उसके सभी गुटों, शाखाओं और प्रमुख संगठनों परलगाए गए प्रतिबंध को 5 साल के लिए और बढ़ाने का फैसला किया। गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है कि यह प्रतिबंध 28 सितंबरसे 5 साल की अवधि के लिए प्रभावी होगा। गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया कि एनएससीएन-के भारत की संप्रभुता और अखंडता केखिलाफ गतिविधियों में शामिल रहा है। संगठन का उद्देश्य एक अलग संप्रभु नागालैंड बनाना है। जिसमें भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र के सभी नागा-बहुलइलाके शामिल हों अधिसूचना के अनुसार, यह संगठन उल्फा (आई) और पीएलए जैसे अन्य गैरकानूनी संगठनों से जुड़ा रहा है। यह फिरौती के लिए अपहरण, वसूली, गैरकानूनी हथियार रखने और विदेशी ताकतों से मदद लेने जैसी गतिविधियों में भी शामिल पाया गया है। सरकार ने कहा कि अवैध गतिविधियां(निवारण) अधिनियम, 1967″ की धारा 3(1) के तहत एनएससीएन-के और इसके सभी गुटों व सहयोगी संगठनों को गैरकानूनी संगठन घोषित कियाजाता है। गौरतलब है कि एनएससीएन-के कई दशकों से प्रतिबंधित है और हर पांच साल में यह बैन बढ़ाया जाता है। इसके प्रमुख एसएस खापलांगका 2017 में निधन हो गया था। अब संगठन का नेतृत्व उनके दो डिप्टी कर रहे हैं।वहीं, प्रतिद्वंद्वी गुट एनएससीएन-आईएम वर्तमान में केंद्र सरकार केसाथ शांति वार्ता में है ताकि नागालैंड की सात दशकों पुरानी उग्रवाद समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

पीएम मोदी का देशवासियों को पत्र, ‘जीएसटी बचत उत्सव’ से हर परिवार को होगा फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जीएसटी बचत उत्सव’ पर देशवासियों को खुला पत्र लिखा है। पीएम मोदी ने लोगों को लिखे पत्र में कहा, इस वर्ष त्योहारोंमें हमें एक और उपहार मिल रहा है। 22 सितंबर से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू होने के साथ ही पूरे देश में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ कीशुरुआत हो गई है। इन रिफॉर्म्स से किसान, महिला, युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारी, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, सभी को फायदा होगा। पीएम मोदीने कहा, नए जीएसटी रिफॉर्म्स की विशेषता यह है कि अब मुख्य रूप से सिर्फ दो ही दरें रहेंगी। रोज़मर्रा की जरूरी चीजें जैसे खाना, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट और कई अन्य सामान अब जीरो टैक्स- यानी 5% की दर से ही मिलेंगे। बाकी सामानों पर टैक्स दरें भी कम हुई हैं। घर और परिवार से जुड़ीज़्यादातर चीजें और सेवाएं अब 5% टैक्स दर से ही उपलब्ध होंगी। यानी इंश्योरेंस से लेकर घर के सामान तक सब सस्ता हुआ है। आने वाले समय मेंऔर आसान होता जाएगा। नए इंश्योरेंस प्लान भी अब जीएसटी को छोड़कर ही दिए जाएंगे। दुकानदार और व्यापारियों ने अपने यहां ‘पहले और अब’ के बोर्ड लगाएउन्होंने लिखा, मुझे ये देखकर अच्छा लगा कि कई दुकानदार और व्यापारियों ने अपने यहां ‘पहले और अब’ के बोर्ड लगाए हैं, जिसमें लोगों कोदिखाया जा रहा है कि कोई सामान कितना सस्ता हो गया है। हमारी जीएसटी यात्रा 2017 में शुरू हुई थी। तब सरकार ने अनेक वस्तुओं के टैक्सों कोखत्म कर कारोबारियों को बहुत राहत मिली थी। अब ये नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स हमें और आगे ले जा रहे हैं। इसमें सिस्टम को और सरलबनाया गया है। इससे हमारे दुकानदार साथियों, लघु उद्योगों की सहूलियत और बढ़ेगी। पीएम मोदी ने कहा, नागरिक देवो भव हमारा मंत्र है। पिछले11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। देश में एक बड़ा मिडिल क्लास तैयार हुआ है। अब इसे और सशक्त बनानाहमारा संकल्प है। हमारे मध्यम वर्ग की मेहनत को मजबूती देने के लिए 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक की आयकर में छूट दी जा चुकी है। अबजीएसटी रिफॉर्म्स से भी मध्यम वर्ग को सीधे लाभ मिल रहा है। नए जीएसटी रिफॉर्म्स को लागू करने से देशवासियों को सालाना लगभग 2.5 लाखकरोड़ रुपए बचेंगे। देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के हमारे संकल्प को सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ताउन्होंने लिखा, देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के हमारे संकल्प को सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है। अभी जोनए जीएसटी रिफॉर्म्स आए हैं, उनसे आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी तेज गति मिलेगी। आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है कि हम स्वदेशी को अपनेजीवन का हिस्सा बनाएं। जब भी आप अपने देश के कारीगरों, श्रमिकों और इंडस्ट्री के बनाए सामान को खरीदते हैं, तो आप कई परिवारों की रोजी-रोटी में मदद करते हैं और देश के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करते हैं। पीएम मोदी लोगों से अपील करते हुए लिखा कि मैं अपने दुकानदारों औरव्यापारियों से भी अपील करता हूं कि वे स्वदेशी सामान ही बेचें। आइए गर्व से कहें, ये स्वदेशी है।आपके घर की बचत बढ़े, आपके सपने पूरे हों, आपअपने पसंद की चीजों को और त्योहारों की खुशी को बढ़ाएं…इसी यही कामना है। एक बार फिर, मैं आपको नवरात्रि के साथ ही ‘जीएसटी बचतउत्सव’ की शुभकामनाएं देता हूं।

एच-1बी वीजा पर ट्रंप की सख्ती के बीच चीन ने पेश किया ‘के-वीजा’, वैश्विक प्रतिभाओं को दिया नया न्योता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच- 1बी वीजा पर शुल्क बढ़ाने के फैसले का चीन फायदा उठाने की तैयारी में है। चीन ने ट्रंप के फैसले के बादवैश्विक पेशेवरों को अपने यहां काम करने का न्योता दिया है। बताया जा रहा है चीन ने वैश्विक पेशेवरों के लिए नए के-वीजा का एलान किया है। नयाइम्पलॉयमेंट (रोजगार) वीजा अगले महीने से लागू होगा।अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने की घोषणा पिछले शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन ने एच-1बीवीजा पर एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने की घोषणा की। यह शुल्क नए एच-1बी आवेदन जमा करने पर एकमुश्त लिया जाएगा। इसफैसले पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन अमेरिकी वीजा नीति पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा। उन्होंने कहा किवैश्वीकरण के युग में सीमा पार की प्रतिभाएं वैश्विक स्तर पर तकनीकी और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देती हैं। बीजिंग देश में अवसरों का पता लगानेके लिए वैश्विक पेशेवर प्रतिभाओं का स्वागत करता है। गुओ ने कहा, “चीन दुनिया भर के विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों की प्रतिभाओं का चीन में आनेऔर रहने, मानव समाज की प्रगति में संयुक्त रूप से योगदान करने और अपने करियर में सफलता प्राप्त करने का स्वागत करता है। अमेरिका अपनी वीजा व्यवस्था को कड़ा कर रहाएक ओर अमेरिका अपनी वीजा व्यवस्था को कड़ा कर रहा है। दूसरी ओर चीन ने पिछले महीने के-वीजा नामक एक नए वर्क परमिट की घोषणा कीहै। इसके तहत दुनिया भर के योग्य पेशेवर देश में आ सकते हैं और काम के अवसर तलाश सकते हैं। के-वीजा एक अक्तूबर से प्रभावी होगा। इसकाउद्देश्य युवा विज्ञान और तकनीकी प्रतिभाओं को आकर्षित करना है। इसके लिए किसी घरेलू नियोक्ता या संस्था को निमंत्रण जारी करने कीआवश्यकता नहीं है। चीन की समाचार एजेंसी के मुताबिक नई वीजा श्रेणी को राज्य परिषद ने अनुमोदित किया था और देश के प्रवेश और निकासनियमों में संशोधन के हिस्से के रूप में पिछले महीने प्रधानमंत्री ली कियांग ने इस पर हस्ताक्षर किए थे। चीन अपने मौजूदा 12 साधारण वीजा प्रकारोंमें के-वीजा श्रेणी को जोड़ेगा। जो योग्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी पेशेवरों के लिए उपलब्ध होगा। इन वीजा धारकों को अनुमत प्रविष्टियों की संख्या, वैधता अवधि और प्रवास की अवधि के मामले में चीन अधिक सुविधा प्रदान करेगा। सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधिके-वीजा धारक शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधियों, तथा उद्यमिता और व्यवसाय में भी संलग्न हो सकते हैं।एक अधिकारी ने कहा कि चीन के विकास के लिए दुनिया भर की प्रतिभाओं की भागीदारी की आवश्यकता है। चीन का विकास उनके लिए अवसर भीप्रदान करता है। इसके अलावा चीन ने यात्रा को बढ़ावा देने के लिए 40 से अधिक देशों के पर्यटकों के लिए अल्पकालिक प्रवास हेतु वीजा-मुक्तप्रवेश की भी घोषणा की है।

राजधानी में रामलीला का भव्य आगाज हाईटेक मंचन, फिल्मी सितारों संग एआई का समागम

राजधानी में सोमवार से रामलीला मंचन का भव्य आगाज होगा। लालकिला मैदान से लेकर अशोक विहार, रोहिणी, पीतमपुरा, शालीमार बाग वद्वारका सहित कई स्थानों पर सजे हाईटेक पंडालों में भगवान श्रीराम की लीला का मंचन होगा। इस बार दर्शक न सिर्फ पारंपरिक भक्ति रस में डूबेंगेबल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक और फिल्मी कलाकारों के संगम से सजी भव्य झांकियां भी देखने को मिलेंगी। दिल्ली की छोटी-बड़ी करीब 600 सौरामलीला कमेटियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इनमें से लगभग 50 जगहों पर हाईटेक मंचन होगा। दर्शकों के मनोरंजन और सुविधा को देखते हुएलीला कमेटियों ने पंडालों को प्राचीन संस्कृति की झलक से सजाया है। साथ ही, सुरक्षा और आपात स्थिति के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।लालकिला मैदान की लवकुश रामलीला सबसे चर्चितलालकिला मैदान की लवकुश रामलीला सबसे चर्चित रहती है। इस बार भी यहां फिल्म और टीवी जगत के नामचीन चेहरे हिस्सा लेंगे। भगवान श्रीरामकी भूमिका फिल्म अभिनेता किंशुक वैद्य निभाएंगे। डॉ. राजन शर्मा लक्ष्मण तो अभिनेत्री रिनी आर्या सीता बनेंगी। हनुमान की भूमिका गुजराती पृष्ठभूमिसे जुड़े थियेटर कलाकार मल्हार पांड्या निभाएंगे। अभिनेता आर्य बब्बर करेंगे रावण बनेंगे। वहीं, मंदोदरी के रूप में अभिनेत्री व मॉडल पूनम पांडे कोलिया गया है। हालांकि, उनके चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। धार्मिक संगठनों और कुछ पदाधिकारियों ने पूनम के पूर्व बयानों को आधारबनाकर आपत्ति जताकर रामलीला से बाहर करने की मांग की है। फिलहाल, कमेटी ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है और वरिष्ठ पदाधिकारी चुप्पीसाधे हुए हैं। लालकिला के सामने 1958 से लगातार रामलीला करने वाली नव श्री धार्मिक लीला कमेटी इस बार मंचन को और भी आधुनिक औरप्रभावशाली बनाने जा रही है। पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। वॉयस मॉड्यूलेशन, लाइट और साउंड इफेक्ट्स को एआई से जोड़ा जाएगावॉयस मॉड्यूलेशन, लाइट और साउंड इफेक्ट्स को एआई से जोड़ा जाएगा ताकि हर दृश्य अधिक वास्तविक और दर्शनीय लगे। रामलीलाओं मेंदर्शकों को टीवी धारावाहिक रामायण जैसी तकनीक का अनुभव मिलेगा। कंप्यूटराइज्ड लाइट और साउंड के साथ भगवान हनुमान का आकाश मेंउड़ना, तलवारों से चिंगारियाँ, अग्नि तीर और विलाप के दृश्य, समुद्र की लहरें, आकाश से पुष्पवर्षा और देवी-देवताओं का आगमन मंच पर जीवंतकिया जाएगा। साथ ही, जादू शो, हास्य कवि सम्मेलन, कृष्ण-सुदामा नृत्य नाटिका, संकीर्तन और आदिवासी बच्चों के भजन भी पेश किए जाएंगे।

कांची शंकराचार्य का देशवासियों को नवरात्रि पर संदेश

नवरात्रि भारत का बहुत ही पावन और महान पर्व है। इस समय पूरे देश में लोग माता दुर्गा और उनकी शक्तियों की पूजा करते हैं। नवरात्रि के नौ दिनशक्ति, भक्ति और श्रद्धा के प्रतीक माने जाते हैं। इस शुभ अवसर पर कांची कामकोटी पीठ के शंकराचार्य जगद्गुरु शंकर विजयेंद्र सरस्वती नेदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सबको विशेष संदेश दिया। देवी कामाक्षी का महत्वशंकराचार्य जी ने बताया कि दक्षिण भारत के कांचीपुरम में स्थित देवी कामाक्षी का मंदिर बहुत ही प्राचीन और पवित्र शक्तिपीठ है। यहां पर मातादुर्गा के साथ-साथ सरस्वती और लक्ष्मी का भी रूप माना जाता है। यानी एक ही देवी में शक्ति (दुर्गा), ज्ञान (सरस्वती) और समृद्धि (लक्ष्मी) तीनों कासंगम है। यह परंपरा लगभग 2500 साल पहले आदि शंकराचार्य ने शुरू की थी। तभी से यहां नवरात्रि पर विशेष पूजा होती आ रही है। मान्यता है किदेवी कामाक्षी के बिना कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती। नवरात्रि की विशेष पूजानवरात्रि में कांची के कामाक्षी मंदिर में विशेष अनुष्ठान और पूजन किए जाते हैं। यहां वैदिक रीति से देवी की पूजा की जाती है और अलग-अलग यंत्रऔर मंत्रों से विशेष प्रार्थना की जाती है। इस पूजा में देशभर से भक्त शामिल होते हैं और माता से आशीर्वाद पाते हैं शंकराचार्य जी ने बताया कि इसपूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में शांति और समृद्धि आती है। देवी कामाक्षी का नाम और अर्थकामाक्षी नाम का अर्थ भी बहुत विशेष है। काम का मतलब होता है इच्छा और अक्षी का मतलब होता है आंख। यानी देवी कामाक्षी वह हैं जिनकीकृपा दृष्टि से हर इच्छा पूरी हो जाती है। यह भी मान्यता है कि वे भगवान शिव और विष्णु की संयुक्त शक्ति का प्रतीक हैं। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्वयह मंदिर सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी बहुत खास है। यहां आकर लोगों को भारतीय परंपरा, एकता और भक्ति काअनुभव होता है। हर साल हजारों श्रद्धालु यहां नवरात्रि के समय दर्शन के लिए आते हैं। शंकराचार्य का आह्वानशंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने अपने संदेश में कहा कि सभी श्रद्धालुओं को नवरात्रि के दौरान कामाक्षी देवी के दर्शन के लिए अवश्य आनाचाहिए,उन्होंने कहा कि माता कामाक्षी ने हमेशा भक्तों की रक्षा की है और आज भी वे हर किसी के जीवन में सुख और शांति लाती हैं। उन्होंने सभीलोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए यहभी कहा कि माता के दर्शन से जीवन पवित्र और सफल बनता है।