अतिपिछड़ा वर्ग को मिलेगा नया हक आरक्षण, भूमिहीनों के लिए सामाजिक न्याय के का ऐलान

अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत एवं नगर निकाय में वर्तमान 20% नवीनता को 30% प्रदान किया गया। जनसंख्या के अनुपात में 50% की सीमाको बढ़ाने के लिए, विधान मंडल ने संविधान की नौवीं अनुसूची को शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा। नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में”उपयुक्त नहीं पाया गया” (एनएफएस) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा। अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन(अंडर- या ओवर-इनक्लूजन) से संबंधित सभी मामलों को एक समिति में शामिल किया जाएगा। अतिपिछड़ा, जनजाति वर्ग, जन-जाति तथा पिछड़ावर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसीमल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसीमल आवासीय भूमि उपलब्ध होगी। नामांकन में नामांकन दर्जे का आधा हिस्सा अतिपिछड़ायूपीए सरकार द्वारा पारित ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ (2010) के तहत निजी नामांकन में नामांकन दर्जे का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा, पिछौड़ीजाति, आबादी जाति और जन-जाति के बच्चे शामिल होंगे।25 करोड़ अधिनायक वर्ग के लिए सरकारी टेकन/आर्ट आर्टिस्ट में अतिपिछड़ा, परत जाति, जनजाति और पिछड़ा जाति के लिए 50% का प्रस्ताव रखा जाएगा। संविधान की धारा 15 (5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण अभ्यारण्यों केनामोल्लेख को लागू किया गया। उच्च अधिकार प्राप्त कट्टरपंथी प्राधिकारी का गठन किया जाएगा, और जातीय की विशिष्ट सूची में भी कोई भीकेवल विधान मंडल की अनुमति से ही संभव होगा। विवरण एम समाचार बनाके दो अंक एम एमटी देना हेडलाइन चैट के साथ जीपीटी ने कहा: अतिपिछड़ा वर्ग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं: नए संशोधन और सुधारों की घोषणा के तहत, सरकार ने अतिपिछड़ा वर्ग के लिए अहम घोषणाएं कीहैं। घोषणाओं के माध्यम से समाज के इस वर्ग को बनाने की दिशाइन घोषणाओं के माध्यम से समाज के इस वर्ग को बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। यहां हम उन प्रमुख बिंदुओं का विवरण दे रहे हैं: अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम का गठन सरकार ने अतिपिछड़ा वर्ग के लोगों पर हर प्रकार के अत्याचार और भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करनेके लिए एक नया अधिनियम बनाने की घोषणा की है। इससे उनकी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और उनके होने वाले आतंकवादियों कोरोका जाएगा। अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत और नगर निकाय में 20% की बढ़ोतरी, जिसे अब 30% किया जाएगा। यह कदम उनके राजनीतिकऔर सामाजिक विचारधारा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संविधान की नौवीं अनुसूची में पूर्वोत्तर को शामिल करने का प्रस्ताव, जनसंख्या केअनुपात में पूर्वोत्तर की सीमा को 50% से अधिक बढ़ाने के लिए, सरकारी विधान मंडल ने प्रस्ताव रखा कि संविधान की नौवीं अनुसूची को इसमेंशामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में परिवर्तनइससे पहले के शोरूम को शोरूम। नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में परिवर्तन “उपयुक्त नहीं पाया गया” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषितकिया जाएगा। इस कदम से,नौकरी की चयन प्रक्रिया में दुकान और कर्मचारी को बढ़ावा देना। अति पिछड़ा वर्ग की सूची में सुधार अति पिछड़ा वर्गकी सूची में अल्प या अति समावेशन से संबंधित सभी मामलों को एक विशेष समिति द्वारा शामिल किया जाएगा। यह समिति प्रमाणित करती है किबैले सही और हो। जनसंख्या भूमि का वितरण अतिपिछड़ा, जनजाति जाति, जनजाति और जनजाति वर्ग की भूमियों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसीमल औरग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसीमल आवासीय भूमि प्रदान की जाएगी। यह कदम उनके सामाजिक और आर्थिक क्रांतिकारी में सहायक होगा। यूपीए सरकारद्वारा शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ के तहत अब निजी स्कूलों में अतिपिछड़ा, पिछड़ा वर्ग, जनजाति और जन-जातिके बच्चों के लिए ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ का हिस्सा तय किया गया है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में लाभ मिलेगा।
Delhi CM Rekha Gupta Inaugurates Six State-of-the-Art Switching Sub-Stations, Boosting EV Bus Infrastructure in Delhi

Delhi Chief Minister Smt. Rekha Gupta today inaugurated six modern Switching Sub-Stations to strengthen Delhi’s electric bus charging infrastructure. The event was organized as part of Sewa Pakhwada, in the presence of Transport Minister Dr. Pankaj Kumar Singh and Power Minister Shri Ashish Sood. Distinguished leaders, including Members of Parliament Shri Ramvir Singh Bidhuri and […]
पटना में कांग्रेस की CWC बैठक से पहले घमासान, टिकट को लेकर फूटा नेताओं का गुस्सा

एक राजनीतिक दल के रूप में पहली बार कांग्रेस कार्यसमिति की पटना में बैठक हो रही है. यह बैठक बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए हैलोकसभा चुनाव में जहां-जहां कांग्रेस को कमजोर कड़ी नजर आई थी, उसे सुधारना भी इस बैठक के एजेंडे में है बाहर भले ही वोट चोरी जैसे मुद्दों परबयान आएगा, लेकिन कार्यसमिति की बैठक में बिहार कांग्रेस को मजबूत करने के मुद्दे पर बात होगी। दूसरी तरफ, कांग्रेस की इस बैठक के दौरानसदाकत आश्रम में हंगामे की आशंका भी नजर आ रही है बिहार कांग्रेस के दिग्गजों को इसकी खबर लग चुकी है जिम्मेदार इस तरह की आशंका कोखत्म करने में लग गए हैं, हालांकि आशंका अब भी है. कांग्रेस के टिकटार्थियों का धैर्य जवाब दे रहाबिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम ने पिछले एक-सवा साल के दौरान कई बार हंगामा देखा है मारपीट भी। वीडियो वायरल होते भी अब कांग्रेसके पूरे देशभर से 150 से ज्यादा नेता जुट रहे हैं तो यह हंगामे की परिस्थिति बन रही है वजह है सीट बंटवारे में देरी और सीटों पर सेटिंग। कांग्रेस केटिकटार्थियों में असंतुष्टि चरम सीमा पर है लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को मजबूत दावेदारी वाली सीटें नहीं मिली थी तो वहां के कद्दावर नेता कड़वाघूंट पीकर रह गए थे विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सभी 243 सीटों से प्रत्याशियों से ऑनलाइन आवेदन मांग लिए थे, लेकिन अबतक कुछहुआ नहीं है 10 दिन में चुनाव की अधिसूचना जारी होने के आसार हैं और अक्टूबर अंत से 20-22 नवंबर तक दो चरणों में मतदान भी होने कीसंभावना है. ऐसे में कांग्रेस के टिकटार्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है अध्यक्ष राजेश राम से नाराजगीबुधवार को कांग्रेस कार्यसमिति के लिए सदाकत आश्रम के अंदर तो तैयारी है ही, बाहर भी सुरक्षा को लेकर संजीदगी दिखाई जा रही है कांग्रेस केप्रदेश नेतृत्व ने सदाकत आश्रम के बाहर भी कई नेताओं को ड्यूटी दे रखी है कि किसी तरह का कोई हंगामा न हो. लेकिन, ऐसी आशंका है लोकसभामें विपक्ष के नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आते ही हंगामा हो सकता है कांग्रेस ने 243 सीटों पर प्रत्याशियों से आवेदन लिया थाऑनलाइन आवेदनों का क्या हुआ, यह किसी को पता नहीं चल रहा बस, सेटिंग की जानकारी हर तरफ है। कोई प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु से रुष्टहै तो किसी को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से नाराजगी है। कुछ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह से नाराज हैंनाराजगी का कारण सीटों पर जुगाड़ नहीं होना है 70 सीटों पर तैयारी तो थी, लेकिन उसकी भी उम्मीद नहीं दिख रही है और उम्मीद लिए बैठे जिनटिकटार्थियों को कहीं से भी खराब संकेत मिल रहा है तो गुस्सा दिख रहा है। कुछ का आरोप है कि अल्लावरु स्क्रीनिंग का बहाना कर पुराने लोगों कोदरकिनार कर रहे। कुछ का आरोप है कि अगड़ों को किनारे किया जा रहा है.
CWC की आड़ में कांग्रेस की सत्ता साधना? अमित मालवीय बोले तेजस्वी के सपने की अंतिम कील

बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा के चुनाव होने है. इसके लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी हैं आरोप-प्रत्यारोप कीराजनीति भी अपने चरम पर है ऐसे में बुधवार को पहली बार बिहार में हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को लेकर भी सियासत मेंगर्माहट तेज हो गई है ऐसे में भाजपा ने इस बैठक पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महज चुनावी स्टंट बताया है और कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाएहै. भाजपा का कहना है कि यह बैठक कांग्रेस की एक सोची-समझी चाल है, जिससे वह महागठबंधन में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है भाजपाआईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने का अंत बताया और कहा कि कांग्रेस अब राजद पर निर्भर नहींरहना चाहती.भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने बिहार में हो रही कांग्रेस की कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) बैठक को लेकर कहा कि यह बैठकमहागठबंधन (इंडिया गठबंधन) के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश लेकर आई है. चुनाव से पहले ही कांग्रेस और राजद की राहें अलगउन्होंने कहा कि इस बैठक में वही नेता शामिल हुए हैं, जिन्होंने पहले भी बार-बार बिहार और यहां की जनता का अपमान किया है और आपत्तिजनकबयान दिए हैं। ऐसे नेताओं का एक मंच पर आना बिहारियों का फिर से अपमान है उन्होंने दावा किया कि यह बैठक असल में तेजस्वी यादव केमुख्यमंत्री बनने के सपने पर आखिरी कील है महागठबंधन के भीतर यह सहमति बनती दिख रही है कि तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बनायाजाएगा.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी का लगातार बिहार आना और कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता इस बात कासंकेत है कि अब कांग्रेस राजद पर निर्भर नहीं रहना चाहती वह खुद को एक मजबूत ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा किजैसा कांग्रेस ने दिल्ली चुनावों के बाद आम आदमी पार्टी (आप) से दूरी बना ली थी, वैसा ही बिहार में राजद के साथ भी होता दिख रहा है ऐसा लगरहा है कि चुनाव से पहले ही कांग्रेस और राजद की राहें अलग हो सकती हैं, और चुनाव के बाद यह अलगाव तय है. राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ वाला मुद्दा सिर्फ एक बहानाकांग्रेस के बैठक पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिहार में अपनी जमीन खो चुकी है उनके पास ना नेता हैं, ना हीकार्यकर्ता। राहुल गांधी झूठे आरोप लगाकर बिहार में अपनी राजनीति जमाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिलेगी उन्होंने कहा किबिहार की जनता जान चुकी है कि असली विकास किसने किया है और अगली सरकार एनडीए की ही बनेगी. भाजपा सांसद खंडेलवाल के बादभाजपा नेता डॉ बूरा नरसैया गौड़ ने भी इस कांग्रेस के इस बैठक पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ वाला मुद्दा सिर्फएक बहाना है गौड़ ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने देश में नेपाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. उन्होंने आरोप लगाया किराहुल गांधी और उनके साथियों ने बिहार के लोगों का अपमान किया है, प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां को गाली दी, बिहारी लोगों को ‘बीड़ी बिहारी’ कहा और उनके सहयोगी नेताओं ने भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं बिहार की जनता का अपमान किया है
मराठवाड़ा में तबाही के बीच उद्धव का दौरा, गीला सूखा घोषित करने की मांग तेज, सरकार बोली दिवाली से पहले देंगे राहत

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बुधवार को कहा कि सितंबर महीने में हुई तेज बारिश ने पहले की बारिश की तुलना में ज्यादा नुकसान पहुंचायाहै. उन्होंने आश्वासन दिया कि इससे प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक मदद दी जाएगी पत्रकारों से बातचीत में भरणे ने कहा कि गीलासूखा (वेट ड्रॉट) घोषित करने की मांग में कुछ भी गलत नहीं है लेकिन इस पर फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके दोनों उपमुख्यमंत्री करेंगे.आमतौर पर सूखा पड़ने वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है औरकई घर व फसलें बर्बाद हो गई हैं भरणे ने बताया कि बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान मराठवाड़ा के नांदेड़ जिले में हुआ है उन्होंने कहा, सितंबर कीबारिश ने पहले की बारिश से कहीं अधिक नुकसान किया है मराठवाडा़ में नांदेड़ सबसे अधिक प्रभावित है। राजस्व और कृषि विभाग की मदद सेफसल नुकसान का सर्वे युद्ध स्तर पर चल रहा है. मंगलवार को महाष्ट्र सरकार के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा था कि जलगांव और मराठवाड़ा केकुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ के चलते वेट ‘गीला सूखा’ घोषित किया जाना चाहिए. बारिश से नुकसान हुआइस पर भरणे ने कहा, इस मांग में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि किसान इस समय मुसीबत में हैं लेकिन मुख्यमंत्री और दोनों मुख्यमंत्री इस पर केंद्रसरकार के मानकों के अनुसार विचार करेंगे। फिलहाल हमारी प्राथमिकता किसानों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि किसानों केखातों में आर्थिक मदद भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. भरणे ने कहा, जिन क्षेत्रों में जुलाई से पहले नुकसान हुआ था और सर्वे पूरे हो चुके हैं, वहांसरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधी सहायता भेजनी शुरू कर दी है सरकार ने 2,215 करोड़ रुपये की मदद राशि में से यह भुगतान किया हैहालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस महीने (सितंबर)में नुकसान कहीं अधिक हुआ है करीब 30 लाख हेक्टेयर भूमि बारिश से प्रभावित हुई है सितंबर केनुकसान के लिए दी जाने वाली सहायता पहले के मुकाबले अधिक होगी उन्होंने कहा, फसल नुकसान का सर्वे जल्द पूरा कर लिया जाएगा औरदिवाली से पहले किसानों के खातों में राशि जमा कर दी जाएगी भरणे ने यह भी कहा कि जिन इलाकों में बारिश से नुकसान हुआ है, वहां बैंकों कोऋण वसूली रोकने के निर्देश दिए जाएंगे. उद्धव ठाकरे कल मराठवाड़ा का दौरा करेंगेवहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने कहा, पूरा मराठवाड़ा क्षेत्र भारी तबाही का सामना कर रहा है, जिसमें 11 जिले शामिल हैंकरीब 70 लाख एकड़ कृषि भूमि बर्बाद हो चुकी है करीब 40 लाख किसान प्रभावित हुए हैं उन्होंने अपनी फसलें, मवेशी, घर और बाकी सब कुछ खोदिया है लेकिन सरकार कहा हैं? सरकार पर पहले से ही करीब 10 लाखर करोड़ रुपये का कर्ज है ऐसे में वह किसानों की मदद कैसे करेगीराउत ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तत्काल मराठवाड़ा के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की राहत राशिजारी करें उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मराठवाड़ा पूरी तरह तबाह हो जाएगा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के कुछ लोगऔर मंत्री राहत सामग्री पर अपनी पार्टी की फोटो और चुनाव चिह्न चिपकाकर राजनीति कर रहे हैं उन्होंने कहा, शिंदे गुट के लोग यहां भी राजनीति कररहे हैं यह बिल्कुल गलत है उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे कल मराठवाड़ा का दौरा करेंगे, नुकसान का जायजा लेंगे और फिर इस बारे में बोलेंगे.महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आज राज्य में हाल ही में हुई भारी बारिश से फसल नुकसान झेल रहे किसानों को तुरंत मदद पहुंचाने के लिएप्रशासन को निर्देश दिए हैं अजित पवार ने सोलापुर जिले के करमाला तहसील का दौरा किया और वहां किसानों और स्थानीय अधिकारियों सेमुलाकात की उन्होंने किसानों से कहा कि वे हिम्मत न हारें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी. पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मएक्स पर पोस्ट में कहा, लगातार भारी बारिश के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है मैंने खुद खेतों में जाकर फसलों का मुआयना किया औरकिसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी और नुकसान की जानकारी ली.
बिहार में मतदाता सूची से 65 लाख नाम गायब,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने इसे नोटबंदी जैसी विघटनकारी बताया प्रक्रिया

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन ने बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कहाकि यह देश की चुनावी परंपराओं से पूरी तरह हटकर है पार्टी ने कहा कि यह प्रक्रिया बड़े पैमाने पर लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर सकतीहै और चुनाव में धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकती है भाकपा (माले) लिबरेशन विपक्षी गठबंधन इंडिया का हिस्सा रही है. पार्टी के महासचिव दीपंकरभट्टाचार्य ने इसे नोटबंदी जैसी विघटनकारी प्रक्रिया बताया और आरोप लगाया कि इसका मकसद सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की मूल भावना सेछेड़छाड़ करना है उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग नागरिकता तय करने के वाली संस्था नहीं है लेकिन 75 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि लोगों सेउनकी नागरिकता साबित करने को कहा जा रहा है उन्होंने कहा कि यह फैसला चुनावी प्रक्रिया से पूरी तरह अलग है और भारत के लोकतंत्र के मूलसिद्धांतों के खिलाफ है भाकपा (माले) लिबरेशन और महागठबंधन की ओर से इस प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया गया है लेकिन इसके बावजूदबिहार में यह प्रक्रिया जारी है. भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी को आशंका थी कि प्रक्रिया शुरू होते ही बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाएजाएंगे। करीब दो करोड़ लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं. सुप्रीम के दखल के बाद ही हटाए गए नामों की सूची सार्वजनिकअब तक के घटनाक्रम में उनकी आशंका सही साबित हुई है 65 लाख नाम अब तक हटाए जा चुके हैं और तीन लाख लोगों को नोटिस भेजा जा चुकाहै उन्होंने कहा कि यह कोई कल्पना नहीं, सच में हो रहा है भट्टाचार्य ने दावा किया कि हटाए गए नामों में एक भी विदेशी घुसपैठिया नहीं था 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट केआदेश के बाद जब चुनाव आयोग को हटाए गए नामों की सूची सार्वजनिक करनी पड़ी, तब यह साफ हुआ कि उनमें एक भीबांग्लादेश, नेपाल या म्यांमार का नागरिक नहीं था उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से फैलाया गया घुसपैठिया का डर पूरी तरह झूठ निकलाभट्टाचार्य ने दावा किया कि बिहार में जुलाई से चलाए गए तीन जन अभियानों के चलते चुनाव आयोग को तीन बड़े फैसलों में बदलाव करना पड़ापहले चुनाव आयोग ने कहा था कि सभी आठ करोड़ मतदाताओं को 25 जुलाई तक फोटो और दस्तावेजों सहित फॉर्म जमा करना होगा लेकिन जनताके विरोध के बाद यह आदेश बदल दिया गया अब केवल फॉर्म देना था, दस्तावेज नहीं पहली बार चुनाव पीछे हटना पड़ा दूसरी बात 65 लाख नामहटाने के बाद आयोग को सुप्रीम के दखल के बाद ही हटाए गए नामों की सूची सार्वजनिक करनी पड़ी. समाज पर भारी असर डालने वाले साबित हुएतीसरी बड़ी बात यह रही कि सितंबर में कोर्ट ने आधार कार्ड को वैध दस्तावेज मानने का निर्देश दिया, जिसे पहले आयोग मानने से इनकार कर रहा थाउन्होंने आगाह करते हुए कहा कि आज भी मतदाता सूची से नाम हटाना और चुनावी गड़बड़ी का खतरा बना हुआ है पहले हर दिन चुनाव आयोग कीतरफ से अपडेट मिलते थे, लेकिन अब चु्प्पी है। अचानक महीने के अंत में हमें एक अंतिम सूची मिल जाएगी, जो बंद दरवाजों के पीछे से तैयार हुईहोगी। यही सबसे बड़ा खतरा है। भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया असांविधानिक है. उन्होंने चेतावनी दी कि हो सकता हैकोर्ट इसे बाद में गलत ठहराए, लेकिन तब तक बहुत देर हो जाएगी और करोड़ों लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जैसेनोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, वैसे ही एसआईआर ने चुनावी प्रक्रिया को हिला दिया है दोनों ही फैसले अचानक लिए गए, मनमाने थे और समाज पर भारी असर डालने वाले साबित हुए फिर भी जैसे लोग नोटबंदी के असर से उबरे, वैसे ही बिहार भी इस संकट से उबर जाएगाऔर बदलाव का एक मजबूत संदेश देगा.
खालिस्तानी एजेंडे की खुली साजिश पन्नू पर एनआईए की FIR, तिरंगे को रोकने के लिए 11 करोड़ का ऑफर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के गुरपतवंत सिंह पन्नू और अन्य अज्ञात के खिलाफप्राथमिकी दर्ज की है इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई गई हैंयह प्राथमिकी 19 अगस्त को दर्ज की गई थी प्राथमिकी में कहा गया है कि पन्नू ने 10 अगस्त 2025 को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में ‘मीट दप्रेस’ कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें उसने वॉशिंगटन से वीडियो लिंक के जरिए पत्रकारों को संबोधित किया. उसके भाषण का मुख्य विषयपंजाब पर भारत की संप्रभुता को नकारना और खालिस्तान का प्रचार करना था. अपने संबोधन में पन्नू ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले पर तिरंगाफहराने से रोकने वाले सिख सैनिकों को 11 करोड़ रुपये का इनाम देने की पेशकश की साथ ही उसने सिख फॉर जस्टिस ‘दिल्ली बनेगा पाकिस्तान’ रेफरेंडम नक्शा भी जारी किया, जिसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली को खालिस्तान में शामिल दिखाया गया है. अपनी मां ही नहीं देश के अरमानों को भी चोट पहुंचाईआतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू पंजाब के गांव खानकोट का रहने वाला है और गांव में आज भी उसकी जमीन है काका जी! मेरे बेटा अब बड़ा वकील बनचुका है। कनाडा में उसकी बड़े-बड़े लोगों से जान पहचान हो गई है बात उन दिनों की है, जब आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की मां जिंदा था और गांव मेंठेके पर दी गई जमीन के पैसे लेने आती थी यहां के लोगों का कहना है कि वह यहां आकर बताती थी कि उसका बेटा कनाडा में बड़ा वकील बन गयाहैइससे पता चलता है कि पन्नू की मां भी नहीं चाहती थी वह आतंकी कहलाए पन्नू ने अपनी मां ही नहीं देश के अरमानों को भी चोट पहुंचाई हैखानकोट गांव अमृतसर-जंडियाला गुरु जीटी रोड में स्थित कस्बा दबूरजी के साथ बहती अपर दोआबा नहर के किनारे के अंतिम छोर में बसा है. सिख सैनिकों को 11 करोड़ रुपये देने की पेशकश भी कीगांव की तरफ जाने वाली तंग सड़क के किनारे बह रही नहर की ओर से आने वाले ठंडी हवा के झोंके राहत देने वाले हैं लेकिन इस गांव में पैदा हुएआतंकी गुरपतवंत सिंह की करतूतों से ग्रामीण भी स्तब्ध थे, जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि देश की अखंडता को तोड़ने की साजिश रचनेवाला पन्नू उनके गांव का रहने वाला है आतंकवाद के दौर में भी इस गांव के आसपास के गांवों में आतंकी घटनाएं हुईं थीं. एनआईए ने प्रतिबंधितआतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है पन्नू ने पाकिस्तान में आयोजित एककार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए भारत के पंजाब राज्य की संप्रभुता को चुनौती दी और खालिस्तान का प्रचार किया था. उसने 15 अगस्त2025 को लाल किले पर पीएम मोदी को तिरंगा फहराने से रोकने के लिए सिख सैनिकों को 11 करोड़ रुपये देने की पेशकश भी की थी.
वसंतकुंज आश्रम संचालक पर 32 छात्राओं ने लगाए आरोप, छात्राओं को दिए अश्लील मैसेज, शारीरिक उत्पीड़न का किया प्रयास पुलिस ने दर्ज की FIR

वेब सीरीज ‘आश्रम’ की तरह देश की राजधानी दिल्ली में भी आश्रम कांड सामने आया है दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में स्थित एकप्रसिद्ध आश्रम के संचालक पर छात्राओं से गंदा काम करने का आरोप लगा है आरोप है कि आश्रम के संचालक स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी नेईडब्ल्यूएस छात्रवृत्ति से पीजीडीएम कोर्स कर रही छात्रों से अपशब्दों का इस्तेमाल किया. इसके साथ ही व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए अश्लीलसंदेश भेजे आरोप है कि शारीरिक संपर्क बनाने का भी प्रयास किया गया फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है आरोपी संचालककी तलाश भी की जा रही है आरोपी की आखिरी लोकेशन आगरा में मिली है. दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण भारत केप्रमुख मठ का एक आश्रम दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में है इसे चलाने के लिए स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी नाम के आरोपी को संचालकनियुक्त किया गया था। आश्रम में मैनेजमेंट की पढ़ाई होती है, जिसके दो बैच हैं। दोनों बैच में 35 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं. मामला दर्ज होने के बाद आरोपी आश्रम संचालक फरारमीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीए मुरली, प्रशासक, श्री शृंगेरी मठ ने चार अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी शिकायत में लिखा था कि संस्थानकी कुछ महिला फैकल्टी और वार्डन आरोपी की मांगों को पूरा करने के लिए छात्राओं पर दबाव डालते हैं इस कारण छात्राएं मानसिक और शारीरिकरूप उत्पीड़न झेल रही हैं. इस मामले में कुल 32 छात्रों के बयान दर्ज कराए। इनमें से 17 ने स्वामी पर अपशब्द, अश्लील संदेश और शारीरिक संपर्कके गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्राओं के अनुसार, जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो कुछ फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारी उनपर दबाव डालते थेआरोप है कि आरोपी ने अपनी पहुंच बताकर छात्रों को डराने और दबाव में डालने की कोशिश भी की बताया जा रहा है कि यह मामला लंबे समय सेचल रहा था. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं ने अपनी शिकायत में बताया कि आश्रम में काम करने वाली कुछ वार्डन आरोपी से मिलवातीथीं.थाना वसंत कुंज नॉर्थ में शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने मामले में घटनास्थल पर छापामारी की. इसके साथ हीसंस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी मामला दर्ज होने के बाद आरोपी आश्रम संचालक फरार है. जालसाजी का एक अलग मामला दर्ज किया गयापुलिस ने श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट संस्थान से एनवीआर और हार्ड डिस्क बरामद कर फॉरेंसिक लैब (FSL) के लिए भेज दिए हैं।सभी छात्राओं के अदालत में जज समक्ष (183 के तहत) के बयान भी दर्ज हो गए हैं. जांच में पता चला कि आरोपी महंगी वोल्वो कार में एंबेसी कानंबर लगाकर घूम रहा था पुलिस ने इस कार को जब्त कर लिया है आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है बताया जा रहा है किसंचालक की आखिरी लोकेशन आगरा में देखी गई पता चला है कि मठ ने उसे कृत्य की जानकारी होते ही उसे आश्रम से निकाल दिया गया है. डीसीपी दक्षिण-पश्चिम दिल्ली ऐश्वर्या सिंह ने कहा कि हमें अगस्त में शिकायत मिली थी. हम कानून के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं समय रहतेएफआईआर दर्ज कर ली गई और जांच जारी है. छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती वसंत कुंज इलाके में स्थित श्रीशारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में मैनेजर था. आरोपी अभी फरार है हम उसकी तलाश कर रहे हैं। इंस्टीट्यूट के बेसमेंट से एक वोल्वो कारजब्त की गई है। कार पर यूएन डिप्लोमैटिक की नंबर प्लेट लगी थी. इसके लिए जालसाजी का एक अलग मामला दर्ज किया गया है.
रविचंद्रन अश्विन ने लिया बड़ा फैसला, सिडनी थंडर के साथ बिग बैश लीग में करेंगे “धमाल पैट कमिंस और डेविड वॉर्नर के साथ जुड़ेंगे”

भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन अपने क्रिकेट करियर में एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल सेसंन्यास लेने के बाद अब अश्विन ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) में सिडनी थंडर की जर्सी में नजर आने के लिए तैयार हैं ऑस्ट्रेलियाई मीडियारिपोर्ट्स के मुताबिक, 39 वर्षीय अश्विन ने सिडनी थंडर फ्रेंचाइजी से जुड़ने के लिए हरी झंडी दे दी है फ्रेंचाइजी इस हफ्ते आधिकारिक एलान करसकती है. अश्विन का यह कदम खास इसलिए भी है क्योंकि वह अब ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और पूर्व ओपनर डेविड वॉर्नर के टीममेट बनेंगेवॉर्नर सिडनी थंडर के कप्तान भी हैं सिडनी थंडर के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि पहली बार कोई बड़ा भारतीय खिलाड़ी बिग बैशलीग में खेलता नजर आएगा. अश्विन ने यूएई में होने वाले आईएलटी20 (ILT20) के लिए भी अपना नाम दर्ज कराया है यह लीग चार जनवरी कोखत्म होगी, जिसके बाद अश्विन बिग बैश के आखिरी हाफ (दूसरे हिस्से) में सिडनी थंडर से जुड़ेंगे। बिग बैश लीग टूर्नामेंट 14 दिसंबर से 18 जनवरीतक खेला जाएगा. भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में गिना जाताबीसीसीआई के नियमों के मुताबिक कोई भी सक्रिय भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में तब तक नहीं खेल सकता जब तक वह टीम इंडिया याआईपीएल में सक्रिय हो. अश्विन ने पिछले महीने आईपीएल से भी संन्यास की घोषणा की थी, जिसके बाद वे फ्री एजेंट बन गए और विदेशी लीग मेंखेलने का रास्ता साफ हो गया चूंकि अश्विन ने इस साल का बिग बैश लीग का ओवरसीज ड्राफ्ट नहीं भरा था, इसलिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को उन्हेंखेलने के लिए स्पेशल एक्सेम्प्शन देनी होगी ठीक वैसे ही जैसे 2022 में मार्टिन गप्टिल को मेलबर्न रेनेगेड्स से जोड़ने के लिए लास्ट-मिनट अप्रूवल दीगई थी. अश्विन का करियर भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में गिना जाता है उन्होंने टेस्ट में 537 विकेट लिए, जो भारत के लिएसिर्फ अनिल कुंबले (619) से पीछे है. अश्विन बिग बैश के आखिरी हाफ (दूसरे हिस्से) में सिडनी थंडर से जुड़ेंगेआईपीएल में उन्होंने 221 मैच खेले, जिसमें 187 विकेट झटके और बल्ले से भी 833 रन बनाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओटॉड ग्रीनबर्ग ने खुद अश्विन से संपर्क किया और बिग बैश लीग में खेलने का प्रस्ताव दिया माना जा रहा है कि यह कदम बिग बैश लीग कीलोकप्रियता को भारत में बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा. वेस एगर, टॉम एंड्रयूज, कैमरन बैनक्रॉफ्ट, सैम बिलिंग्स, ओली डेविस, लोकीफर्ग्यूसन, मैट गिलक्स, क्रिस ग्रीन, रेयान हेडली, सैम कोंस्टास, नाथन मैकएंड्रयू, डेनियल सैम्स, तनवीर संघा, पैट कमिंस, शादाब खान और डेविड वॉर्नर(कप्तान)। (अश्विन के बिना)अश्विन ने यूएई में होने वाले आईएलटी20 (ILT20) के लिए भी अपना नाम दर्ज कराया है। यह लीग चार जनवरी कोखत्म होगी, जिसके बाद अश्विन बिग बैश के आखिरी हाफ (दूसरे हिस्से) में सिडनी थंडर से जुड़ेंगे.
संयुक्त राष्ट्र में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का शांति का संदेश ‘ओम शांति, शांति, शांति ओम’ के साथ वैश्विक सौहार्द्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने दुनिया से शांति, न्याय और समान अवसर की अपीलकी. अपने 19 मिनट के संबोधन के अंत में उन्होंने संस्कृत मंत्र ‘ओम शांति, शांति, शांति ओम’ का उच्चारण कर पूरी दुनिया को सौहार्द्र और एकजुटताका संदेश दिया. अपने भाषण के दौरान राष्ट्रपति सुबियांतो ने गाजा और फलस्तीन में जारी हिंसा और मानवीय संकट पर गहरी चिंता जताई उन्होंनेघोषणा की कि इंडोनेशिया शांति स्थापना में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है उन्होंने कहा- ‘इंडोनेशिया 20000 या उससे भी अधिक सैनिकों कोगाजा और फलस्तीन में शांति स्थापित करने के लिए भेजने को तैयार है. सुबियांतो ने यह भी बताया कि आज इंडोनेशिया दुनिया में संयुक्त राष्ट्र शांतिसेना का एक बड़ा योगदानकर्ता देश है और वह सिर्फ बातों से नहीं, बल्कि सक्रिय सैनिकों की तैनाती के जरिए शांति स्थापित करने के लिए कामकरता रहेगा. शांति और सद्भावना के साथ जीना होगाराष्ट्रपति ने इस्राइल-फलस्तीन विवाद का हल दो-राष्ट्र समाधान में बताया उन्होंने कहा कि फलस्तीन और इस्राइल, दोनों को स्वतंत्र, सुरक्षित औरआतंकवाद व खतरों से मुक्त राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में रहना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गाजा में निर्दोषों पर हो रही तबाही को रोका नहींगया, तो दुनिया ‘अंतहीन युद्ध और बढ़ती हिंसा’ के बहुत खतरनाक दौर में प्रवेश कर जाएगी. सुबियांतो ने कहा, ‘हिंसा किसी भी राजनीतिक संघर्ष कासमाधान नहीं हो सकती, क्योंकि हिंसा केवल और अधिक हिंसा को जन्म देती है’ उन्होंने दोनों समुदायों से सुलह की अपील करते हुए कहा कि अरब, यहूदी, मुस्लिम और ईसाई, सभी को एक साथ शांति और सद्भावना के साथ जीना होगा. 80वें सत्र में एक मजबूत शांति संदेश के रूप में देखा जा रहाराष्ट्रपति सुबियांतो ने अपने भाषण में चेताया कि ‘इंसान की मूर्खता, जो डर, नस्लवाद, घृणा, उत्पीड़न और रंगभेद से प्रेरित है, हमारी साझा भविष्य कोखतरे में डाल रही है उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है कि वह एक निर्णायक कदम उठाए और निर्दोषों को बचाए अंत मेंउन्होंने दुनिया के सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करते हुए बहुधार्मिक अभिवादन दिया. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का यह भाषण संयुक्त राष्ट्रमहासभा के 80वें सत्र में एक मजबूत शांति संदेश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्से हिंसा और संघर्ष से जूझरहे हैं. राष्ट्रपति सुबियांतो ने भाषण की शुरुआत पारंपरिक इस्लामी अभिवादन से की और समापन बहुधार्मिक संदेश के साथ किया उन्होंने कहा- वस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाही वबरकातुह, शालोम, ओम शांति शांति शांति ओम, नमो बुद्धाय। यह संदेश इंडोनेशिया की विविध धार्मिक औरसांस्कृतिक पृष्ठभूमि का प्रतीक था.