BJP Government fails to catch the culprits as adulterated milk products flood the Delhi markets “says Devender Yadav”

The sale of adulterated food items in large quantities in Delhi markets during the festive season should have been stopped by taking immediate action and arresting the culprits, but the government is not concerned about the health of the people. Delhi Pradesh Congress Committee President Shri Devender Yadav said that it was a matter of […]
पवन सिंह के विवादों का सिलसिला जारी, पूर्व पत्नी से लेकर फैंस की धमकियों तक, छवि पर लगे गंभीर दाग

भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता पवन सिंह का नाम बीते कुछ समय से लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। कभी उन पर हरियाणवी मॉडल एक्ट्रेसअंजलि राघव गलत तरीके से छूने का आरोप लगाती हैं तो कभी शो ‘राइज एंड फॉल’ में अभिनेता की को-कंटेस्टेंट उनके फैंस पर रेप और जान से मारनेकी धमकियां देने का आरोप लगाती हैं। अब हाल ही में उनकी पूर्व पत्नी ज्योति सिंह एक्टर के घर पहुंचीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। वायरल वीडियो मेंवो पति से इंसाफ की गुहार लगाती नजर आईं। ज्योति ने कहा कि वो सात साल से मानसिक यातना झेल रही हैं। आइए आपको तीनों मामलों के बारेमें बताते हैं। साथ ही इनके अलावा कब-कब पवन सिंह विवादों में रहे, यह भी जानते हैं। साल 2018 में पवन सिंह ने ज्योति सिंह से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता जल्द ही टूटने की कगार पर पहुंच गया। 2022 में पवन ने आरा कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की। ज्योति ने उन पर गंभीरआरोप लगाए जिनमें मानसिक प्रताड़ना, बार-बार गर्भपात के लिए दबाव और आत्महत्या के लिए उकसाने तक की बातें सामने आईं। उन्होंने भरण-पोषण के लिए ₹5 लाख मासिक की मांग की, लेकिन पवन ने ₹1 करोड़ का एकमुश्त ऑफर दिया। मामला आज भी अदालत में लंबित है। इसबीच, जब अंजलि राघव विवाद बढ़ा तो ज्योति ने आत्मदाह की धमकी तक दे दी। हालिया वीडियो ने एक बार फिर इस विवाद को जीवित कर दियाहै। छवि पर एक और धब्बा लग गयाअभिनेत्री अहाना कुमरा हाल ही में रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ में नजर आई थीं। अब अभिनेत्री इस शो से बाहर हो चुकी हैं। बाहर होने के बादअहाना ने शो को लेकर काफी बातें कीं। इसी दौरान अहाना ने शो में उनके साथी कंटेस्टेंट और भोजपुरी स्टार पवन सिंह के फैंस की ओर से मिल रहीधमकियों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि पवन सिंह के फैंस ने उन्हें जान से मारने और रेप की धमकियां दीं। बता दें शो के दौरान पवन सिंहको लेकर अहाना ने एक ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसके बाद उन्होंने माफी मांगी थी और विवाद वहीं सुलझ भी गया था। कुछ ही महीने पहलेलखनऊ के एक इवेंट में पवन सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर पर अनुचित तरीके से हाथलगाते दिखे। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारी विरोध खड़ा किया। अंजलि ने खुद को असहज बताते हुए भोजपुरी इंडस्ट्री से दूरी बना ली।महिला आयोग और कलाकार संघ (AICWA) ने भी कार्रवाई की मांग की। बाद में पवन सिंह ने माफी मांगी, लेकिन उनकी छवि पर एक और धब्बालग गया। वो देवी थीं, जिन्हें मैंने खो दियापवन सिंह का नाम अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ भी लंबे समय तक जुड़ा रहा। दोनों ने कई सुपरहिट गानों और फिल्मों में साथ काम किया। मगरशादी के बाद रिश्ता बिगड़ गया और अक्षरा ने उन पर धमकी देने, आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर करने और इंडस्ट्री से बाहर करवाने के आरोप लगाए।अक्षरा ने खुलेआम कहा था कि “पवन सिंह ने मुझे मौत की धमकी दी।” इस ब्रेकअप ने भोजपुरी सिनेमा की चमकदार दुनिया के पीछे की कड़वीसच्चाई उजागर कर दी। साल 2014 में पवन सिंह ने नीलम सिंह से पहली शादी की थी, लेकिन तीन महीने बाद ही नीलम ने मुंबई स्थित उनके घर मेंकथित रूप से आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे मामला रहस्य बना रहा। इस घटना ने पवन की निजी जिंदगी पर गहरे सवाल खड़ेकिए। बाद में उन्होंने कहा कि ‘वो देवी थीं, जिन्हें मैंने खो दिया।’
अंकुश नारंग का बड़ा बयान – दिल्ली में डेंगू-मलेरिया के खतरे के बीच एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगों को तुरंत माने भाजपा सरकार

दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने एमसीडी मुख्यालय के बाहर 5200 एमटीएस कर्मचारियों से मुलाकात कीऔर उनकी जायज़ मांगों का समर्थन किया। इन कर्मचारियों ने पिछले 9 दिनों से हड़ताल की है और अपनी सैलरी, मेडिकल लीव और परिवार के लिएनौकरी जैसी मांगें रखी हैं। अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्लीवालों पर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा हैऔर ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल का असर सीधे जनता पर पड़ रहा है। अंकुश नारंग ने कहा कि एमटीएस कर्मचारी ही शहर की सफाई, पानी कीटंकियों की सफाई, मच्छरदानी दवा का छिड़काव और बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए काम करते हैं। जब ये कर्मचारी हड़ताल पर हैं, तोदिल्ली में मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार होने के बावजूद कर्मचारियों कीजरूरतों की अनदेखी कर रही है और जनता की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं कर रही। एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगेंअंकुश नारंग ने बताया कि कर्मचारियों की तीन मुख्य मांगें पूरी तरह सही और जायज़ हैं। समान वेतन – एमटीएस कर्मचारियों को अब तक छह अलग-अलग वेतन स्केल (₹14,000 से ₹27,000) में सैलरी दी जाती रही है। डीबीसी से एमटीएस बनने के बाद भी वेतन में समानता नहीं आई है। अंकुशनारंग ने कहा कि यह मांग बिल्कुल जायज़ है और इसे तुरंत मान लिया जाना चाहिए।, मेडिकल लीव – ये कर्मचारी लगातार डेंगू और मलेरिया जैसेखतरनाक मौसम में काम कर रहे हैं। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मेडिकल लीव दी जाती है, लेकिन एमटीएस कर्मचारियों को क्यों नहीं? अंकुश नारंग नेकहा कि यह भी जायज़ मांग है।, मृत्यु होने पर परिवार को नौकरी – एमटीएस कर्मचारी खतरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं। अगर किसी कर्मचारीकी नौकरी करते हुए मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को नौकरी मिलनी चाहिए। अंकुश नारंग ने इसे कर्मचारियों का हक़ बताया।भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और पैसे की बहानाअंकुश नारंग ने कहा कि उन्होंने 26 सितंबर को सदन में मेयर राजा इक़बाल सिंह को आगाह किया था कि 29 सितंबर से 5200 कर्मचारी हड़ताल परजाने वाले हैं। उन्होंने मेयर से कहा कि कर्मचारियों से बात करें, क्योंकि ये कर्मचारी टंकियों और पानी के जमा होने वाले स्थानों की निगरानी करते हैंऔर बिना इनके काम के दिल्ली में बीमारियों का फैलाव बढ़ सकता है। लेकिन मेयर ने कर्मचारियों से बात करने के लिए 10 मिनट का समय तक नहींदिया। अंकुश नारंग ने बताया कि भाजपा सरकार कह रही है कि समान वेतन देने से सालाना 60 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लेकिन यह खर्च पार्टीके प्रचार और विज्ञापनों में हर साल किए जाने वाले खर्च के मुकाबले बहुत कम है। पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का खर्च भी इससे कई गुना ज्यादाहै। उन्होंने कहा कि पैसे की कमी का यह बहाना भ्रष्ट नीयत और संवेदनहीनता छिपाने का तरीका है। कर्मचारियों की जायज़ मांगों को तुरंत मानना हीचाहिए। दिल्ली में स्वास्थ्य संकट बढ़ाअंकुश नारंग ने बताया कि दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्ते रिपोर्ट में डेंगू के 81 नए केस दर्जहुए। इस साल अब तक मलेरिया के 431, डेंगू के 840 और चिकनगुनिया के 75 केस सामने आए हैं। एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल के कारणफॉगिंग, दवा का छिड़काव और टैंक चेकिंग जैसे काम ठप पड़े हैं। इसके चलते बीमारियों का फैलाव तेजी से बढ़ रहा है। अंकुश नारंग ने कहा किजबकि दिल्ली में भाजपा नेता दशहरा, दुर्गा पूजा और वाल्मीकि जयंती मना रहे हैं, कर्मचारी सड़क पर हड़ताल कर रहे हैं और जनता को इसकाखामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अंकुश नारंग का संदेशअंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा एमटीएस कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने भाजपा सरकार से तुरंत कर्मचारियों की मांगें पूरीकरने और हड़ताल खत्म कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल और उनकी मांगें सिर्फ उनके अधिकार के लिए नहीं हैं, बल्किइससे सीधे दिल्लीवालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। अंकुश नारंग ने साफ कहा “दिल्ली के मेहनतकश कर्मचारियों की आवाज़ दबाई नहींजा सकती। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आम आदमी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। कर्मचारियों की मांगें मानना ही दिल्लीवालोंकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौके पर मौजूद पार्टी के नेताइस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें करोलबाग ज़ोन अध्यक्ष पुनीत राय, सिटी एसपी जोन अध्यक्ष विकासटांग, वेस्ट जोन अध्यक्ष निर्मला कुमारी और अन्य जुझारू कार्यकर्ता शामिल थे।
कफ सिरप से बच्चों की मौत पर कांग्रेस का भाजपा सरकारों पर बड़ा हमला, न्यायिक जांच की मांग

राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस गंभीर मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी नेदोनों राज्यों की भाजपा सरकारों पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि इन मौतों के पीछे सरकारों की लापरवाही और दवाओं की खरीद मेंहुआ भारी भ्रष्टाचार ज़िम्मेदार है। पार्टी ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है ताकि सच सामने आ सके। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर उठाए सवालराजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त रूप से भाजपा सरकारों परगंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं ने कहा कि कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों को सरकारें दबाने की कोशिश कर रही हैं। सरकारें न तो सहीआंकड़े बता रही हैं, न ही ज़िम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों पर कोई कार्रवाई कर रही हैं। टीकाराम जूली का आरोप –राजस्थान में चार मौतें, सरकार सच्चाई छिपा रहीटीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में कफ सिरप से अब तक चार बच्चों की मौतें हो चुकी हैं, लेकिन राज्य सरकार इन मौतों को मानने से इनकार कररही है।उन्होंने कहा कि चिकित्सा मंत्री ने कफ सिरप में गड़बड़ी की बात मानने से साफ इनकार कर दिया। जूली ने सवाल किया कि जब कई कंपनियों कोपहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है, तो उन्हीं कंपनियों से दवाइयाँ क्यों खरीदी जा रही हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस गंभीर मामले मेंसिर्फ एक कमेटी बनाकर खानापूर्ति की है, ताकि मामला दब जाए और जनता का ध्यान भटक जाए। जूली ने उठाया एसएमएस अस्पताल में आग की घटना का मुद्दाराजस्थान के जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में लगी आग का जिक्र करते हुए टीकाराम जूली ने कहा कि इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल का स्टाफ मरीजों को बचाने के बजाय भाग गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा मंत्री घटना के 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जिससे सरकार की संवेदनहीनता साफ झलकती है। उमंग सिंघार का आरोप–मध्य प्रदेश में 16 बच्चों की मौत, सरकार सोई रहीमध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में 16 बच्चों की मौत कफ सिरप पीने के बाद हुई, लेकिन सरकार ने कोई कदमनहीं उठाया। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और कलेक्टर को इस मामले में पत्र लिखा था, मगर किसी ने जवाब तक देना ज़रूरीनहीं समझा।सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि जब राज्य में मासूम बच्चे मर रहे थे, तब मुख्यमंत्री काजीरंगा पार्क में हाथियों के साथ मौज-मस्ती कर रहेथे। भ्रष्टाचार के आरोप और कंपनियों को क्लीनचिट देने पर सवालसिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार के डिप्टी सीएम ने कफ सिरप से किसी भी बच्चे की मौत से इनकार कर दिया और सिरप बनाने वाली कंपनी कोक्लीनचिट दे दी। उन्होंने कहा कि यह वही कंपनियां हैं जो पहले भी संदिग्ध रही हैं और जिनकी दवाओं को कई बार बाजार से हटाया गया था। टेस्ट नहीं करवाए गए, किडनी फेल से बच्चों की मौतेंसिंघार ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई, उनमें से ज़्यादातर की किडनी फेल हो गई थी। इसके बावजूद सरकार ने कोई लैब टेस्ट नहीं करवाया, नही यह पता लगाया कि सिरप में कौन-सा ज़हरीला तत्व मिला हुआ था। उन्होंने सवाल किया कि सरकार आखिर किन कारणों से ऐसी कंपनियों केखिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही जो गरीब और आदिवासी इलाकों में जहरीली दवाएं बेच रही हैं? सरकार और दवा कंपनियों की मिलीभगत का आरोपकांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार और कुछ दवा कंपनियों के बीच मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि परासिया जैसे आदिवासी क्षेत्रों और छोटेजिलों में सरकार खुद इन कंपनियों को व्यापार का मौका दे रही है। क्या मंत्री और अधिकारी इन कंपनियों से हिस्सा ले रहे हैं? केंद्र सरकार की एडवाइजरी को नज़रअंदाज़ किया गयाउमंग सिंघार ने बताया कि भारत सरकार ने 3 अक्टूबर 2025 को कफ सिरप को लेकर एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें सतर्क रहने और जांच केनिर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मध्य प्रदेश और राजस्थान की भाजपा सरकारें जागीं तक नहीं, जिससे यह स्पष्ट है कि इन मौतों के पीछे भारीभ्रष्टाचार और लापरवाही है। पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा और नौकरी की मांगकांग्रेस नेताओं ने दोनों राज्यों की सरकारों से मांग की कि मृत बच्चों के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और इलाज में खर्चहुई पूरी राशि वापस की जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुआवज़े का नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही का मामला है। मध्य प्रदेश में अस्पताल की भयावह घटना पर भी सवालउमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश के एक अस्पताल की उस विचलित करने वाली घटना का भी ज़िक्र किया जिसमें नवजात शिशुओं को चूहों ने काट लियाथा।उन्होंने कहा कि राज्य में कुपोषण की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, फिर भी सरकार पोषण आहार योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रही है। कांग्रेस की मांग – बच्चों की मौत पर न्यायिक जांच और दोषियों की गिरफ्तारीकांग्रेस ने साफ कहा है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार से जुड़ा अपराध है। टीकाराम जूली और उमंग सिंघार ने मांग की कि इसपूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो और दोषी अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।