Saurabh Bhardwaj’s press conference on firecrackers is proof of his political frustration says Virendra Sachdeva

Delhi BJP President Virendra Sachdeva has stated that the Aam Aadmi Party (AAP), for the past 7–8 years, filed such environment reports in courts to appease a minority community, which resulted in the Hon’ble Supreme Court banning firecrackers in Delhi during festivals like Dussehra, Durga Puja, and Diwali. The BJP has consistently maintained that firecrackers […]
अंतरिक्ष से देखा भारत… और बह निकले जज़्बात ISS पर पहुंचे पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला की ज़मीन से जुड़ी आवाज़

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला ने कहा है कि जब कोई अंतरिक्ष में जाने के लिए धरती छोड़ता है, तोपृथ्वी उसकी पहचान बन जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष में अब राष्ट्रीयता का नहीं, बल्कि मानवता का सवाल है। शुभांशु शुक्ला ने यहबात छात्रों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कही। दरअसल, शुभांशु शुक्ला भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद से संबद्ध स्कूलों के छात्रों सेवर्चुअली संवाद कर रहे थे। गोवा में मौजूद शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष में राष्ट्रीयता मायने नहीं रखती, क्योंकि मानवता सर्वोपरि है। अंतरिक्षस्टेशन में अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि स्टेशन से बाहर देखने पर ऐसा लगा जैसे किसी ऐसे दफ्तर में हों, जहां से सबसे अच्छादृश्य दिखाई दे रहा हो। देश के ऊपर से उड़ान भरने का दृश्यशुभांशु शुक्ला ने “प्रज्वलित मन, सीमाओं की खोज करना: अंतरिक्ष, शिक्षा और उद्योग का अभिसरण” शीर्षक वाले सत्र में हिस्सा लिया, जहां स्पेसस्टेशन को लेकर बताया कि यह बहुत ही आकर्षक था। संवाद सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि इस दुनिया में लोगों की अलग-अलग पहचान हो सकतीहै, लेकिन जब कोई अंतरिक्ष में होता है तो वे धुंधली हो जाती हैं। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, “जब आप बच्चे होते हैं और स्कूलजाते हैं, तो हमारा घर और माता-पिता हमारी पहचान बन जाते हैं। जब हम कॉलेज जाते हैं, तो कॉलेज हमारी पहचान बन जाता है। जब आप शहरछोड़कर दूसरी जगह जाते हैं, तो वह शहर आपकी पहचान बन जाता है। जब आप विदेश जाते हैं, तो आपका देश आपकी पहचान बन जाताहै।”उन्होंने कहा कि “अंतरिक्ष में दो-तीन दिन बिताने के बाद, एक दिन वह अपने काम में व्यस्त थे, तभी नासा के एक अंतरिक्ष यात्री ने उन्हें बताया किवे भारत के ऊपर से उड़ान भरेंगे। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं इसे देखना चाहूंगा। मैंने कहा “जरूर” फिर उन्होंने कैमरे सेट किए। रात में पूरे देश केऊपर से उड़ान भरने का दृश्य असाधारण रूप से सुंदर था, और इससे जो भावनाएं पैदा हुईं, वे बेहद भावुक थीं।”हम वास्तव में कितने छोटे और महत्वहीनउन्होंने आगे कहा कि, “जब मैं अमेरिका में (अंतरिक्ष मिशन के लिए) ट्रेनिंग ले रहा था, तो मेरा देश मेरी पहचान था। जब आप इस ग्रह को छोड़ते हैं, तो आपका ग्रह आपकी पहचान बन जाता है। यह एक ऐसा गहरा एहसास होता है कि पूरी पृथ्वी ही आपका घर बन जाती है।” शुभांशु शुक्ला ने कहाकि आप किसी खास महाद्वीप, किसी खास देश, किसी खास क्षेत्र या जहां आप रहते हैं, उस पर ध्यान केंद्रित नहीं करते। आप बस पृथ्वी को देखते हैंऔर कहते हैं मैं यहीं रहता हूं। उन्होंने साफ किया कि अंतरिक्ष में राष्ट्रीयता मायने नहीं रखती, क्योंकि मानवता सर्वोपरि है।उन्होंने 1984 में भारत केपहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से कही गई प्रसिद्ध पंक्ति “सारे जहां से अच्छा” को याद किया। और कहा किअब मैं उनकी भावना और उन्हें यह कहने के लिए प्रेरित करने वाली बात को पूरी तरह समझता हूं। शुक्ला ने छात्रों को बताया कि जब कोई ऊपर सेपृथ्वी को देखता है, तो उसका नजरिया बदल जाता है।उन्होंने कहा, “जब आप पृथ्वी पर होते हैं, तो आप बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति बन सकते हैं, बड़ेपद संभाल सकते हैं, लेकिन जब आप अंतरिक्ष से हमारे ग्रह को देखते हैं, तो आपको एहसास होता है कि हम वास्तव में कितने छोटे और महत्वहीनहैं।” शुक्ला ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार ऊपर से भारत को देखा, तो वह उनके लिए बहुत भावुक क्षण था।
करवा चौथ पर पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह का पोस्ट बना विवाद की वजह, सोशल मीडिया पर ट्रोल्स की बौछार

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह पिछले काफी समय से सुर्खियों में बनी हुई हैं। ज्योति ने पति पवन सिंह पर कईगंभीर आरोप लगाए जिसके बाद पूरा विवाद शुरू हुआ। पवन सिंह भी चुप नहीं बैठे, उन्होंने भी पत्नी के सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपनीसफाई पेश की। इन सबके बीच अब ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया पर करवा चौथ की बधाई देते हुए एक पोस्ट साझा किया, लेकिन उसके तुरंतबाद उन्हें ट्रोलर्स का सामना करना पड़ा। करवा चौथ के दिन ज्योति सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो साझा किया जिसमें वो हाथ जोड़े खड़े हुई नजर आरही हैं। तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है- ‘सभी माताओं एवं बहनों को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं!!’ गौर करने वाली बात यह है कि पूरेविवाद के बावजूद ज्योति सिंह ने जो तस्वीर शेयर की, उसमें ज्योति के नाम के बाद पवन सिंह का नाम भी लिखा हुआ है। ज्योति ने जैसे ही ये पोस्टइंस्टाग्राम पर शेयर किया, उन्हें खरी-खोटी सुनाने वालों की लाइन लग गई। मेंटेनेंस का केस भी डालापवन सिंह के फैंस ने ज्योति के पोस्ट पर कई कमेंट्स करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा- वाह रे कन्या। एक तरफ पवन भईया का इज्जत काफालूदा बना दी और दूसरी तरफ उनकी पत्नी। गजब की औरत हो तुम जब अपने पति को बदनाम करने में पीछे नहीं रही तो घर में कैसे रहने दोगी उसइंसान को। वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा- एक पति का इज्जत मिट्टी में मिलाकर करवा चौथ मना रही हो भगवान भी तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा। एकऔर यूजर ने लिखा- नौटंकी। इससे पहले बुधवार को पवन सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने निजी जीवन से जुड़ी बातों का जिक्र किया।ज्योति सिंह ने आरोप लगाया था कि पवन सिंह उनसे मिलना नहीं चाहते हैं। जब मुलाकात हुई तो भी ज्योति ने आरोप लगाए कि पवन सिंह हाेटल मेंएक लड़की को लेकर गए। बताते चलें कि पवन सिंह और ज्योति के तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन सिंह ने बताया किज्योति के पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी को विधायक बना दिया जाए। जो कि पवन सिंह के बस की बात नहीं है। वह कहते हैं, ‘विधायकी के लिएइतनी गिर सकती हैं ये उम्मीद नहीं थी।’ पवन सिंह ने यह भी बताया कि उनका तलाक का केस चल रहा है। साथ ही भोजपुरी एक्टर ने बताया किज्योति ने मेंटेनेंस का केस भी डाला है। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए करवा चौथ की बधाई दीप्रेस कॉन्फ्रेंस पवन सिंह इमोशनल भी हो गए। उन्होंने कहा, ‘मैं भी इंसान हूं, थक जाता हूं। महिला के आंसू हर बात पर गिर जाते हैं और वो दुनिया कोदिखते भी है पर मर्द का दर्द नहीं दिखता.. मर्द अपना दर्द दिखाता भी नहीं है।’ पवन सिंह ने आखिरी में यही कहा कि मामला परिवार का है, तोबातचीत कमरे में होती है, कैमरे पर नहीं। भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए करवाचौथ की बधाई दी, जिसके बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।
इस्लामाबाद में गाजा समर्थन प्रदर्शन का साया, प्रशासन ने मुख्य मार्ग बंद कर मोबाइल इंटरनेट सेवा अनिश्चितकाल के लिए की निलंबित

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में गाजा के समर्थन और इस्राइल के विरोध में हो रहे धार्मिक संगठन तेहरिक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) का विरोध प्रदर्शन दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। ऐसे में प्रदर्शन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए और इसे रोकने के लिए प्रशासन ने शुक्रवारको राजधानी इस्लामाबाद के मुख्य रास्ते बंद कर दिए और मोबाइल इंटरनेट सेवा भी निलंबित कर दी। बता दें कि टीएलपी ने गाजा में हुई हत्याओं केखिलाफ मार्च की घोषणा की थी, जो क्षेत्र में शांति समझौते के बीच हो रहा था। बता दें कि आंतरिक मंत्रालय ने मुख्य रास्तों पर कंटेनर लगाकररास्ता बंद कर दिया और पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) को मोबाइल इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया। यह सेवा मध्यरात्रि सेअनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। बड़े समूहों से दूर रहें और अपनी सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखेंमीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने शहर के अंदर और बाहर के रास्ते बंद किए हैं और प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए दंगाइयों के खिलाफ तैयारियांकर रखी हैं। इतना ही नहीं रावलपिंडी में धारा 144 भी लागू कर दी गई है, जिसके तहत शहर में सभी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस और सभा पर रोक लगीहै। वहीं इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास और लाहौर, कराची व पेशावर स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावासों ने खबर दी है कि 10 अक्टूबर2025 को पाकिस्तान में कई जगह विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। इन प्रदर्शनों के कारण सड़कों पर बंदिशें या मार्ग परिवर्तन होने की संभावना है।दूतावासों ने अमेरिकी नागरिकों से सलाह दी है कि वे बड़े समूहों से दूर रहें और अपनी सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखें।मोबाइल इंटरनेट सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद कीटीएलपी का मुख्यालय लाहौर में छापा मारा गया और उसके नेता को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई, जिससे हिंसक झड़पें हुईं। इस्लामाबाद में‘रेड जोन’ पूरी तरह से सील कर दिया गया है, जहां महत्वपूर्ण सरकारी और दूतावास कार्यालय हैं। गौरतलब है कि टीएलपी मुसलमानों का कट्टरसंगठन है, जिसने 2017 में संसद सदस्यों के शपथ-पत्र के मुद्दे पर सफल प्रदर्शन कर सरकार को अपनी नीतियां वापस लेने पर मजबूर किया था।पाकिस्तान की शहबाज सरकार अब इस्लामाबाद में इस्राइल विरोधी प्रदर्शन को सख्ती से रोकने में जुटी है। इसके तहत प्रशासन ने इस्लामाबाद केमुख्य रास्ते बंद कर दिए और मोबाइल इंटरनेट सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद की।
दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने की नई पहल – मनजिंदर सिंह सिरसा ने डीपीसीसी नवाचार चुनौती की शुरुआत की

नई सोच और तकनीक के माध्यम से दिल्ली में स्वच्छ हवा का लक्ष्यदिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज डीपीसीसी नवाचार चुनौती का उद्घाटन किया। यह पहल राजधानी की हवा को और स्वच्छबनाने और पुराने वाहन, निर्माण स्थलों और उद्योगों से निकलने वाले छोटे और बड़े धूल-कणों को कम करने के लिए शुरू की गई है। दिल्ली सरकारका उद्देश्य है कि नई तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से हवा की गुणवत्ता में सुधार हो और हर नागरिक स्वस्थ जीवन जी सके। सिरसा ने कहा किपिछले दस वर्षों में दिल्ली ने सबसे अधिक साफ हवा वाले दिन देखे हैं, लेकिन उनका लक्ष्य है कि राजधानी में हर दिन स्वच्छ हवा दिवस मनायाजाए। इसके लिए केवल नियमों और आदेशों का पालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावशाली तकनीकी समाधान और नवाचार की भी आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि इस बार दिल्ली ने हर नवाचारक के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं। चाहे वह छोटे व्यवसाय, शोध संस्थान, प्रौद्योगिकी संस्थान याबड़ी कंपनियाँ हों, यदि किसी के पास तैयार तकनीक है जो जमीन पर काम कर सके और हवा में वास्तविक प्रभाव डाल सके, तो उसका स्वागत कियाजाएगा। पारदर्शी और वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रक्रियामंत्री ने बताया कि मूल्यांकन पूरी तरह पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। प्रक्रिया तीन चरणों में होगी। पहले डीपीसीसी द्वारा प्रारंभिकचयन, फिर स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण और निरीक्षण, और अंत में राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं द्वारा प्रमाणन। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है किकेवल वही तकनीक आगे बढ़े जो वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी, टिकाऊ और लागत में सस्ती हो। पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि से बढ़ावाडीपीसीसी नवाचार चुनौती में सफल परियोजनाओं को पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। दूसरे चरण तक सफल परियोजनाओं को पाँच लाखरुपये की सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं द्वारा प्रमाणित और सरकारी अनुशंसा प्राप्त परियोजनाओं को पचास लाख रुपयेतक का प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्री ने कहा कि यह राशि केवल पुरस्कार नहीं है, बल्कि दिल्ली में तकनीकों को लागू करने और प्रदूषण कम करने केप्रयासों को बढ़ावा देने का माध्यम भी है। सभी नवाचारकों के लिए खुला अवसरसिरसा ने कहा कि यह चुनौती केवल तकनीक की पहचान तक सीमित नहीं है। यह पूरी तरह खुली चुनौती है और इसमें कोई भी हिस्सा ले सकता हैचाहे वह व्यक्ति, छोटे व्यवसाय, शोध संस्थान, विश्वविद्यालय या बड़ी कंपनी हो। उन्होंने बताया कि हर समाधान, चाहे वह सड़कों की कोटिंग हो, वाहन उत्सर्जन कम करने वाला यंत्र हो या उद्योगों से निकलने वाले धूल कणों को कम करने का कोई उपाय, यदि धरातल पर असर दिखा सके, तोउसे अपनाया जाएगा। दिल्लीवासियों के लिए स्वच्छ हवा और बेहतर स्वास्थ्य का अधिकारमंत्री ने कहा कि दिल्ली ने साफ हवा के दिन केवल निगरानी और नियमों के पालन से नहीं, बल्कि नई सोच और प्रभावी तकनीक के माध्यम से हासिलकिए हैं। इस पहल का उद्देश्य दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना और राजधानी में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। उन्होंने सभीनवाचारकों और संस्थाओं से अपील की कि वे अपने सुझाव और समाधान 31 अक्टूबर 2025 तक डीपीसीसी की वेबसाइट पर जमा करें। सफलतकनीकों को प्रारंभिक परीक्षण के बाद पूरे शहर में लागू किया जाएगा।डीपीसीसी नवाचार चुनौती से यह संदेश दिया गया है कि स्वच्छ और स्वस्थहवा हर नागरिक का अधिकार है, और इसके लिए सरकार, तकनीक, नवाचार और जनता के सहयोग को साथ लेकर चल रही है। यह पहल राजधानीमें बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छ वायु सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह का LNJP अस्पताल का औचक निरीक्षण, राजधानी के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं काभरोसा

स्वास्थ्य मंत्री ने लिया अस्पताल का जायजादिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने आज लोक नायक अस्पताल (LNJP) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल कीसभी व्यवस्थाओं और मेडिकल सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने बताया कि LNJP में मौजूद 80 वेंटिलेटर पूरी तरह से काम कर रहेहैं। साथ ही आपातकालीन मरीजों के लिए 18 वेंटिलेटर अतिरिक्त रूप से आरक्षित किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि दिल्ली के किसी भी नागरिक कोस्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। मरीजों और स्टाफ से बातचीत कर दिया भरोसानिरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और सभी वार्डों का दौरा किया। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों, मेडिकलस्टाफ और मरीजों के परिजनों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएंपहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कहा कि अगर किसी अस्पताल के वेंटिलेटर में कोई तकनीकी खराबी आती है तो उसे 24 घंटे के अंदर ठीक करदिया जाता है। वेंटिलेटर की संख्या और अतिरिक्त सुविधाडॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार के पास सेंट्रल प्रोक्योरमेंट के तहत 222 अतिरिक्त वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। अगर किसी अस्पतालको जरूरत पड़ती है तो वह इस आरक्षित कोटे से वेंटिलेटर मंगवा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि LNJP अस्पताल जैसे बड़े और व्यस्त अस्पताल मेंवेंटिलेटर की खराबी के बारे में जो खबरें आई हैं, वे गलत और भ्रामक हैं। MRI और CT स्कैन की सुविधा जनवरी 2026 तक उपलब्धस्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीनें जनवरी 2026 तक लग जाएंगी। उन्होंनेकहा कि यह कदम राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और देश में सबसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सोच का हिस्सा है। स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और पिछली सरकार की नाकामियांडॉ. सिंह ने बताया कि पिछली सरकार की 11 साल की लापरवाही और कुप्रबंधन के कारण अस्पतालों में कई समस्याएं थीं। पहले डॉक्टरों की कमीथी और मरीजों को मुफ्त में मिलने वाली दवाइयों की भी कमी थी। कई अस्पतालों में एक्सपायर्ड दवा भी मिली थी। अब दिल्ली सरकार ने यहसुनिश्चित किया है कि सभी सरकारी अस्पतालों और आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में दवाइयों की पर्याप्त आपूर्ति हो। अस्पतालों का इंफ्रास्ट्रक्चर लगातारमजबूत किया जा रहा है और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं। कफ सिरप और केंद्र सरकार के निर्देशों का पालनडॉ. सिंह ने कहा कि प्रतिबंधित कफ सिरप के मामले में दिल्ली सरकार पूरी तरह से केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन कर रही है। आगे भी केंद्र कीगाइडलाइन के अनुसार सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धतास्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सुधार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं राजधानी के लोगों का भरोसा फिर से जीत रही हैं। डॉ. पंकज कुमार सिंह नेकहा कि दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है और आने वाले समय में राजधानी के हर नागरिक को उच्च गुणवत्तावाली स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
बरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या मानवता पर कलंक है -देवेंद्र यादव

दिल्ली कांग्रेस ने उठाई दलित युवक की नृशंस हत्या पर आवाजदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के बरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किएजाने की घटना की कड़ी निंदा की है। इस भयावह घटना के खिलाफ दिल्ली कांग्रेस ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) में एक आधिकारिकशिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। देवेंद्र यादव ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्किमानवता पर किया गया सबसे बड़ा अत्याचार है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी कोने में अगर किसी दलित या कमजोर वर्ग पर अत्याचार होता है, तो यह लोकतंत्र के अस्तित्व पर सवाल उठाता है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में कांग्रेस ने सौंपी शिकायतदिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन को एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस मामले की सच्चाई सामनेलाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच दल तुरंत गठित किया जाए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बरेली में 40 वर्षीय दलित युवक हरिओमवाल्मीकि की भीड़ द्वारा हत्या एक संगठित मॉब लिंचिंग का मामला है, जिसकी पारदर्शी और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इस प्रतिनिधिमंडल कीशिकायत को आयोग के सदस्य डॉ. (जस्टिस) बिद्युत रंजन सारंगी ने गंभीरता से सुना और कहा कि आयोग इस मामले की पूरी समीक्षा करेगा तथाउचित कार्रवाई के लिए ठोस कदम उठाएगा। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे वरिष्ठ वकील और कार्यकर्तादेवेंद्र यादव के साथ इस मौके पर दिल्ली कांग्रेस के लीगल एवं मानव अधिकार विभाग के चेयरमैन एडवोकेट सुनील कुमार, तस्वीर सौलंकी, एडवोकेटराजेश टोंक, एडवोकेट हरीश गोला, एडवोकेट अजय चौधरी, एडवोकेट सउद अहमद, एडवोकेट प्रतीक मोहन सिन्हा, एडवोकेट शिवम गौड़, एडवोकेटरोहित कुमार, एडवोकेट विनीत यादव, एडवोकेट रमनित शेरावत, एडवोकेट नितिन उपाध्याय, एडवोकेट हिमांशु पांडे, एडवोकेट अमन कुशवाह, एडवोकेट रूबी सोम सहित कई वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि मानवीय संवेदनाओंके आधार पर भी इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। भाजपा सरकारों की नाकामी का परिणाम हैं ऐसी घटनाएंदिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि दलितों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और यह सब भाजपा शासित राज्यों में कानून औरव्यवस्था की बदहाल स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बरेली जैसी घटनाएं केवल देश की आंतरिक छवि को ही नहीं, बल्कि दुनिया में भारत कीप्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाती हैं। “भाजपा सरकारें समय पर कार्रवाई करने के बजाय दोषियों को संरक्षण देती नजर आती हैं। यह न केवल दलितों केअधिकारों पर हमला है, बल्कि संविधान के मूल्यों का भी अपमान है। देवेंद्र यादव ने कहा कि अगर समय रहते इन घटनाओं को रोका नहीं गया तोसमाज में भय और असमानता का माहौल गहराता जाएगा। दलितों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर गंभीर चिंतादेवेंद्र यादव ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित और हाशिए पर रहने वाले लोग अपने मानवाधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब देश विकसित भारत बनने का दावा कर रहा है, तब भी समाज का एक बड़ा वर्ग असुरक्षा और अत्याचारझेल रहा है। उन्होंने कहा दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या यह दिखाती है कि आज भी देश के सबसे कमजोर वर्ग सुरक्षित नहीं हैं। यह घटनाकेवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनहीनता की कहानी है। देवेंद्र यादव ने गिनाईं देशभर की दर्दनाक घटनाएंदेवेंद्र यादव ने कहा कि बरेली की घटना कोई अलग मामला नहीं है। देश में लगातार दलितों और अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं हो रही हैं।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा रोहित वेमूला की संस्थागत हत्या, मध्य प्रदेश में दलित युवक पर पेशाब करना, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश में दलितों कीपिटाई, अखलाक और पहलू खान की नृशंस हत्या, हाथरस और उन्नाव जैसी घटनाएं — इन सबने देश की आत्मा को झकझोर दिया है। देवेंद्र यादवने कहा कि ऐसे मामलों में समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी जाति या वर्गके कारण उत्पीड़न का शिकार न बने। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से अपील सख्त कार्रवाई और दिशा–निर्देश जारी होंदेवेंद्र यादव ने आयोग से मांग की कि बरेली की घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए और दोषियों पर शीघ्र कानूनीकार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आयोग को केवल जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्टदिशा-निर्देश और निवारक उपाय भी जारी करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाकर यह संदेश देनाचाहिए कि दलितों और कमजोर वर्गों पर अत्याचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। देवेंद्र यादव ने कहा “अगर बरेली जैसी घटनाओं परकठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह प्रवृत्ति और बढ़ेगी। आयोग को चाहिए कि वह दोषियों को कड़ी सजा दिलवाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं कोरोकने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करे।
दिल्ली बनेगा इको-टूरिज्म और वाइल्ड लाइफ का ग्लोबल हब – कपिल मिश्रा

दिल्ली में पहली बार हुआ ग्लोबल वाइल्ड लाइफ फेयर-2025 का आयोजन, पर्यटन को मिला नया आयाम-दिल्ली में पर्यटन का नया अध्याय शुरूदिल्ली में पर्यटन के क्षेत्र में आज एक नया इतिहास रचा गया। राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में तीन दिवसीय ग्लोबल वाइल्ड लाइफफेयर-2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने किया। यहआयोजन 10 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा। इस मौके पर कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली अब सिर्फ लाल किला या क़ुतुब मीनार जैसीऐतिहासिक इमारतों के लिए नहीं जानी जाएगी, बल्कि आने वाले समय में वाइल्ड लाइफ और इको-टूरिज्म का ग्लोबल हब बनेगी। उन्होंने कहा कियह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली के पर्यटन के नए युग की शुरुआत है। वाइल्ड लाइफ और इको-टूरिज्म की नई सोचकपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के अनमोल खजाने हैं, जिनकी अब तक अनदेखी की गई थी। उन्होंने बतायाकि दिल्ली के रिज क्षेत्र, यमुना रिवरबैंक और बायोडायवर्सिटी पार्क जैसी जगहें न केवल पर्यावरण के लिहाज़ से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इन्हें पर्यटन से भीजोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सैकड़ों प्रजातियों के पक्षी, तितलियाँ और स्तनधारी जीव पाए जाते हैं। इसके बावजूद अब तक पर्यटनके नाम पर केवल कुछ ऐतिहासिक इमारतों को ही बढ़ावा दिया गया। अब दिल्ली सरकार का उद्देश्य इन प्राकृतिक धरोहरों को भी पर्यटन मानचित्र मेंशामिल करना है।कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में पहली बार इस तरह का ग्लोबल वाइल्ड लाइफ फेयर आयोजित हुआ है, जिससे यह साबितहोता है कि अब दिल्ली वाइल्ड लाइफ, पर्यावरण और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। सरकार की प्रतिबद्धता और नई पहलेंअपने भाषण में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। आने वाले महीनोंमें सरकार द्वारा वाइल्ड लाइफ और पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें लोगों को प्रकृति से जोड़ने पर विशेष ध्यान दियाजाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार अब दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में ईको वाक्स, नेचर फेस्टिवल्स और बर्ड वॉचिंग इवेंट्स आयोजित करेगी, ताकि नागरिकों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और भागीदारी बढ़े। इसके लिए दिल्ली सरकार पर्यटन विभाग के ज़रिए हर संभव सहायता प्रदानकरेगी, जिसमें लॉजिस्टिक सपोर्ट और वित्तीय संसाधन भी शामिल होंगे। कपिल मिश्रा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आने वाले दो से तीन वर्षों मेंदिल्ली को इको-टूरिज्म कैपिटल ऑफ इंडिया बनाना है। इसके लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें विशेषज्ञों, पर्यावरण संस्थाओंऔर नागरिकों की भागीदारी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप प्रयासकपिल मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने देश को सतत विकास औरपर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ाने की बात कही है।उन्होंने कहा कि मोदी जी का ग्रीन इंडिया का सपना अब धीरे-धीरे साकार हो रहा है और दिल्ली सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंनेकहा कि अगर हम सब मिलकर काम करें तो दिल्ली आने वाले वर्षों में न केवल ऐतिहासिक धरोहरों के लिए, बल्कि अपनी हरियाली और प्राकृतिकसुंदरता के लिए भी पहचानी जाएगी। दिल्ली का बदलता चेहरा – पर्यटन में नया आकर्षणग्लोबल वाइल्ड लाइफ फेयर-2025 के आयोजन ने दिल्ली के पर्यटन क्षेत्र को एक नया दृष्टिकोण दिया है। अब दिल्ली सिर्फ एक ऐतिहासिकराजधानी नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक और पर्यावरणीय गंतव्य (Eco Destination) के रूप में भी उभरेगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि अब दिल्ली काउद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ाना नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति से जोड़ना और पर्यावरण की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक औरसरकार मिलकर काम करें तो दिल्ली को ग्रीन कैपिटल ऑफ इंडिया बनाना अब कोई सपना नहीं रहेगा।
अंडर हिल रोड घोटाला BJP के भ्रष्टाचार की फिर खुली पोल — अंकुश नारंग

दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की हालिया बैठक में एक बार फिर भ्रष्टाचार और बंदरबांट की बू साफ़-साफ़ महसूस की गई।आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अंकुश नारंग ने भाजपा शासित MCD पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अंडर हिल रोड से जुड़ा एजेंडातीसरी बार स्टैंडिंग कमेटी में लाया गया, जबकि यह पूरी तरह एक निजी बिल्डर की ज़मीन है। बावजूद इसके, BJP ने इस प्रॉपर्टी को लेआउट प्लानमें शामिल कर, अपने चहेते बिल्डरों को फ़ायदा पहुँचाने की कोशिश की। गलत खसरा नंबर और ज़मीन के आकार में गड़बड़ीअंकुश नारंग ने बताया कि इस प्रस्ताव में न सिर्फ़ प्रक्रियागत गड़बड़ी की गई, बल्कि ज़मीन के रिकॉर्ड तक से छेड़छाड़ की गई है। असली ज़मीन11,800 वर्ग गज की है, जबकि BJP शासित निगम ने दस्तावेज़ों में इसे केवल 5,400 वर्ग गज दिखाया। यह खुली हेराफेरी यह साबित करती हैकि किसी निजी बिल्डर को फायदा पहुँचाने के लिए तथ्यों को जानबूझकर बदला गया। 2004 से विवादित मामला, कोर्ट में केस भी हुआयह मामला कोई नया नहीं है। अंकुश नारंग ने बताया कि अंडर हिल रोड की यह ज़मीन वर्ष 2004 से ही विवादित रही है और इस पर कोर्ट में मामलाभी चल चुका है। इतना ही नहीं, वर्ष 2021 में नॉर्थ MCD ने इसी प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया था। फिर भी, BJP के मेयर और स्थायीसमिति अध्यक्ष ने इसे तीसरी बार एजेंडा में लाकर पास करने का प्रयास किया। बंदरबांट में गड़बड़ी उजागर होते ही पलटी BJPअंकुश नारंग ने कहा कि जब BJP नेताओं की अंदरूनी बंदरबांट और सौदेबाज़ी में गड़बड़ी सामने आई, तो कल हुई स्थायी समिति की बैठक में इसप्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया गया। यानी, जब तक सबकी हिस्सेदारी तय नहीं हुई, तब तक एजेंडा पास किया गया और जब सौदे में दिक्कत आई तोमामला दबा दिया गया। उन्होंने कहा, यह सिर्फ़ एक प्रॉपर्टी का मामला नहीं है, बल्कि यह बताता है कि BJP के शासन में निगम भ्रष्टाचार का अड्डाबन गया है। मेयर और समिति अध्यक्ष पर गंभीर आरोपअंकुश नारंग ने खुलासा किया कि इस पूरे प्रोजेक्ट में भारी आर्थिक लेनदेन हुआ है। इसमें मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन तक शामिल बताए जारहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों की मांगों और मच्छरजनित बीमारियों की कोई परवाह नहीं, वही पार्टी निजीबिल्डरों को फ़ायदा पहुँचाने में सबसे आगे रहती है। भ्रष्टाचार BJP के DNA में अंकुश नारंगअंकुश नारंग ने तीखा हमला करते हुए कहा, भ्रष्टाचार BJP के DNA में है। 15 साल पहले भी जब निगम BJP के पास था, तब भी यही किया गयाथा। अब जैसे ही उन्हें दोबारा सत्ता मिली, उन्होंने फिर वही पुराना खेल शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता को अब समझना होगा कि BJP कामकसद जनता की सेवा नहीं, बल्कि निजी हितों की पूर्ति है। जनता से जवाब मांगने का समय आ गया हैअंत में अंकुश नारंग ने कहा कि अब दिल्ली की जनता को सवाल पूछना होगा कि आखिर क्यों बार-बार एक ही विवादित ज़मीन को एजेंडा में लाकरपास करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पारदर्शिता में विश्वास रखती है और किसी भी भ्रष्टाचार को उजागर करने सेपीछे नहीं हटेगी। दिल्ली के लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन BJP फिर से उसी पुराने भ्रष्टाचार के रास्ते पर लौट आई है। अंकुश नारंगका यह बयान MCD में बढ़ते भ्रष्टाचार और BJP के बिल्डर-प्रेम पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने साफ़ कहा कि जब तक निगम मेंईमानदारी और पारदर्शिता नहीं आएगी, जनता के पैसे का इस्तेमाल जनता के लिए नहीं, बल्कि BJP के चहेतों के लिए होता रहेगा।