जदयू ने घोषित की 51 उम्मीदवारों की पहली सूची, नीतीश 16 अक्टूबर से करेंगे प्रचार

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीट बंटवारे के बाद से जारी तनाव के बीच आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूचीजारी कर दी। पहली सूची में 51 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई है। इनमें मंत्री श्रवण कुमार, विजय कुमार चौधरी, महेश्वर हजारी समेत कईदिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं। जदयू के टिकट से अपना नामांकन दाखिल कर चुके अनंत सिंह का भी नाम इस लिस्ट में है। जनता दल यूनाईटेडके कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि जदयू की पहली सूची आज जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काचुनाव प्रचार 16 से शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने स्थिति की सही समीक्षा करने के बाद पहली सूची जारी करने का निर्णय लिया है। हमारी दूसरी सूची भीएक-दो दिनों में जारी कर दी जाएगी। बिहार में जो कई महत्वपूर्ण सिक्स-लेन हाइवे बन रहेउन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अब तक सीट बंटवारे पर फैसला नहीं कर पाया है। एनडीए पूरी तरह एकजुट है और हमाराउद्देश्य नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाना है। बिहार के लोग भी एनडीए की डबल इंजन सरकार का फायदा देख रहे हैं और अब वे पीछे मुड़ करनहीं देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 16 अक्तूबर से अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेंगे। आप देखिएगा सीएम नीतीश के इसअभियान से राज्य में एक अलग माहौल देखने को मिलेगा। एनडीए का उद्देश्य है कि बिहार के विकास की रफ्तार को बनाये रखना। मुख्यमंत्री जी नेएक करोड़ युवाओं को नौकरी या रोजगार देने का जो वादा किया है, उसे पूरा करना। बिहार में जो कई महत्वपूर्ण सिक्स-लेन हाइवे बन रहे हैं, विकासके बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहे हैं, उन्हें समय से पूरा करना। जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगीवहीं जदयू में अंदर तनाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर किसी भी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए कहा कि जदयू में किसी प्रकार कीकोई अंदरूनी समस्या नहीं है। पार्टी में जो भी निर्णय लिए जाते हैं, वह नीतीश कुमार की सहमति से ही होते हैं। वह एक लोकतांत्रिक नेता हैं, तानाशाही प्रवृत्ति के नहीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की भी कमान संभाले हुए हैं और जदयू की भी कमान संभाले हुए हैं। संजय झा ने दावा कियाकि इस बार एनडीए को इतना प्रचंड बहुमत आने वाला है, कि 2010 का रिकार्ड भी पीछे छूट जाएगा। विपक्ष को भी पता है कि इस बार लोगों काफीडबैक क्या है, महिलाओं और युवाओं का मूड कैसा है और रिजल्ट कैसा आने वाला है। इसलिए पूरा विपक्ष दहशत में है। मैं देख रहा हूं कि कुछलोग एजेंडा बेस्ड नैरेटिव चलाने की कोशिश कर रहे हैं। निराधार खबरें चला कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि इस चुनाव मेंएनडीए में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने कामौका मिला है।
बिना गठबंधन फॉर्मूले के तेजस्वी मैदान में, राघोपुर सीट से नामांकन दाखिल “2025 की पहली बड़ी चाल”

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए हाई-प्रोफाइल सीट राघोपुर सेनामांकन दाखिल कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष बुधवार दोपहर हाजीपुर विधानसभा सीट से राजद प्रत्याशी देव कुमार चौरसिया के साथ नामांकन दाखिलकरने के लिए हाजीपुर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। उनके साथ एक दर्जन से अधिक गाड़ियों का काफिला था। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी के समक्षअपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनके पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी, बहन मीसा भारती, वरिष्ठ नेता संजय यादवसहित कई अन्य राजद नेता मौजूद थे। महागठबंधन के समन्वय समिति के अध्यक्षबता दें कि महागठबंधन की ओर से अभी तक राघोपुर सीट को लेकर कोई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की गई है, न ही उम्मीदवार के नाम की घोषणा हुईहै। तेजस्वी यादव महागठबंधन के समन्वय समिति के अध्यक्ष भी हैं। अब तक सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय नहीं हुआ है। लेकिन, राजद और वामदलने अपने प्रत्याशियों को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतार दिया है। नामांकन के बाद तेजस्वी यादव के साथ राजद के कई विधायक और नेता भीउपस्थित थे। तेजस्वी यादव के स्वागत में महात्मा गांधी सेतु (जो पटना को हाजीपुर से जोड़ता है) पर कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ जोरदारस्वागत किया। तेजस्वी यादव ने खुद को राघोपुर का उम्मीदवार घोषित कर अपना नामांकन भर दियावैशाली जिले से तेजस्वी यादव के अलावा राजद ने दो और प्रत्याशियों को टिकट दिया है। इनमें लालू परिवार के करीबी और महुआ विधायक मुकेशरोशन शामिल हैं, जो आज ही महुआ अनुमंडल कार्यालय में नामांकन दाखिल करेंगे। इस सीट से तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव वर्तमानमें विधायक हैं। उन्होंने जनशक्ति जनता दल के टिकट पर इस बार यहां से चुनाव लड़ने का एलान किया है। बता दें कि सीट से अभी तक एनडीए कीओर से किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। पिछली बार यानी वर्ष 2020 में तेजस्वी यादव के सामने सतीश यादव चुनाव मैदान में थे, जिन्हेंतेजस्वी यादव ने हराया था। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अब तस्वीर साफ नहीं हुआ है। बिहार चुनाव में कौन सा दल कितनी सीटों परलड़ेगा? यह भी तय नहीं हुआ है। लेकिन, महागठबंधन के समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने खुद को राघोपुर का उम्मीदवार घोषित करअपना नामांकन भर दिया।
65 साल से ऊपर के गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों के लिए आजीवन राहत योजना, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बड़ी सौगात

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से लागू की जाने वाली योजनाओं के तहत पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए वित्तीयसहायता में 100 फीसदी वृद्धि करने को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद आश्रितों को शिक्षा, विवाह और निर्धनता अनुदान के अंतर्गत मिलने वालीवित्तीय सहायता राशि दोगुनी हो गई है। संशोधित दरें आगामी एक नवम्बर से लागू होंगी। बुधवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए रक्षा मंत्रालय नेबताया कि ये योजनाएं पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा केन्द्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से लागू की जाती हैं। वित्तीय सहायता में की गई प्रमुखबढ़ोतरी इस के तहत निर्धनता अनुदान की राशि 4,000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 8,000 रुपए प्रति माह प्रति लाभार्थी कर दिया गया है। यहसहायता 65 वर्ष से अधिक आयु वाले उन पूर्व सैनिकों के आश्रितों और विधवाओं को आजीवन दी जाएगी, जिनकी कोई नियमित आय नहीं है औरजो गैर-पेंशनभोगी हैं। 1,00,000 रुपए प्रति लाभार्थी कर दिया गयाशिक्षा अनुदान की श्रेणी में दो आश्रित बच्चों (कक्षा 1 से स्नातक तक) या दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रही विधवाओं के लिए शिक्षा अनुदानएक हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह कर दिया गया है। विस्तृत समाचार के लिए हमारी सेवाएं लें। सरकार की ओर सेविवाह अनुदान में भी बढ़ोतरी की गई है। इसे 50,000 रुपए से बढ़ाकर 1,00,000 रुपए प्रति लाभार्थी कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसारयह अनुदान अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह अथवा विधवा पुनर्विवाह के लिए लागू होगा, बशर्ते विवाह इस आदेश के जारी होने के बाद संपन्न हुआहो। दीपावली से पहले पूर्व सैनिकों को बड़ा उपहाररक्षा मंत्रालय का कहना है कि मंजूरी की गई नई दरें 1 नवंबर 2025 से प्राप्त आवेदनों पर लागू होंगी। इससे प्रति वर्ष लगभग 257 करोड़ रुपए कावित्तीय भार पड़ेगा, जो आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे फंड से वहन किया जाएगा। ये सभी योजनाएं रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष के तहत संचालित हैं, जो आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे फंड का एक उप-कोष है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीपावली से पहले पूर्व सैनिकों को बड़ा उपहार देते हुए उन्हें और उनकेआश्रितों को शिक्षा, विवाह और निर्धनता अनुदान के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि को दोगुना कर दिया है।
योगी आदित्यनाथ ने उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त सिलेंडर रिफिल का दिया तोहफा, LPG रिफिल पर 100% सब्सिडी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन सभागार में उज्जवला योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त सिलिंडर रिफिल का उपहारदिया। इस मौके पर उन्होंने रिफिल की धनराशि महिलाओं के खाते में भेजी। सीएम ने 10 महिलाओं को प्रतीकात्मक रूप से रिफिल की धनराशि मंचपर प्रदान की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी ने उज्ज्वला योजना की लाभार्थी एक करोड़ 86 लाख महिलाओं के खाते में 1500 करोड़ रुपये कीसब्सिडी भेजी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले गरीब महिलाओं को लकड़ी और कोयले में खाना पकाना पड़ताथा जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था। उन्हें जिंदगी भर इलाज करवाना पड़ता था। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गरीबों को मुफ्तगैस कनेक्शन दिए गये जिससे महिलाओं का जीवन आसान हुआ। दिवाली के मौके पर किसी गरीब की मदद जरूर करेंमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में सैफई परिवार ही सबकुछ था। हमारे लिए पूरा प्रदेश परिवार है। सपा सरकार दंगाइयों के सामनेनाक रगड़ती थी और अपराधियों के साथ खड़ी होती थी पर हमने तय किया कि अब अगर किसी बेटी के साथ छेड़छाड़ की तो अगले चौराहे पर यमराजके दर्शन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर यमराज से टिकट करवाना हो तो किसी बेटी से छेड़छाड़ कर दे। अगले चौराहे पर यमराज मिल जाएंगे। हमनेकहा है कि हर बेटी को सुरक्षा देंगे। हर व्यापारी को सुरक्षा देंगे। हर गरीब के साथ सरकार खड़ी होगी। हर दलित के साथ सरकार खड़ी होगी। उत्साहऔर उमंग में किसी ने व्यवधान डालने का काम किया तो उसे जेल में ठूंसने में देर नहीं करेंगे। इसलिए आज हर त्योहार खुशी के साथ मनाया जा रहा है।सीएम योगी ने कहा कि दिवाली आ रही है। ऐसे में ध्यान रखें और स्वदेशी अपनाएं। दिया जलाएं तो अपने ही कुम्हार से बनाया हुआ हो। मूर्ति वहींप्रयोग करें जो स्वदेशी मूर्तिकार की बनी हुई हो। दिवाली के मौके पर किसी गरीब की मदद जरूर करें। सरकार ने प्रदेश की महिलाओं की सबसे ज्यादा चिंता कीबता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई, 2016 में हुई थी। इस योजना से खासकर ग्रामीण भारत की रसोई को धुएं से मुक्त करने मेंसफलता मिली। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव भी कम करने की दिशा में प्रभावी साबित हुई। प्रदेश में अब तक1.86 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति वर्ष दो मुफ्त एलपीजी रिफिल देनेका निर्णय लिया है। यह वितरण वित्तीय वर्ष 2025-26 में दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण अक्तूबर 2025 से दिसंबर 2025 तक औरदूसरा चरण जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक होगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार ने 1500 करोड़ रुपये की धनराशि काप्रावधान किया है। पहले चरण में आधार प्रमाणित लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस मौके पर यूपी सरकार के वित्तमंत्री सुरेशखन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से केंद्र की सत्ता में आए हैं वो आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इसी तरहमुख्यमंत्री योगी भी लगातार काम कर रहे हैं। प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना से 26 लाख 24 हजार लोगों को लाभ मिला है। इसी तरह सामूहिकविवाह योजना से गरीब कन्याओं का विवाह करवाया गया है। वित्तमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के लिए चल रहीअन्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं की सबसे ज्यादा चिंता की है। उन्होंने कहा कि मुद्दईहरगिज न कर पाएगा बांका बाल तक, मोदी योगी गूंजेगा भारत में सौ साल तक।
धामी सरकार ने चार सालों में दी 26,500 से अधिक सरकारी नौकरियां, पारदर्शिता का दावा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में 26,500 युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जो पिछलीसरकारों के मुकाबले में दोगुने से भी अधिक है। धामी ने यह टिप्पणी 1,456 नवचयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए की। इनउम्मीदवारों में राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवाचयन आयोग के माध्यम से चयनित 1,347 सहायक अध्यापक (LT) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार, धांधली और रिश्वतखोरी से भरी हुई थीं और धोखाधड़ी माफिया फल-फूल रहा था। योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां पा रहेउन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा लाए गए सख्त धोखाधड़ी विरोधी कानूनों ने व्यवस्था को पारदर्शी बना दिया है, जिससे योग्य उम्मीदवार योग्यताके आधार पर कई पद हासिल कर पा रहे हैं। धामी ने कहा, “ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, ये प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। हमने चार वर्षों में जितनी नौकरियां दी हैं, वहराज्य निर्माण के बाद से पिछली सरकारों द्वारा दी गई कुल नौकरियों से दोगुनी से भी ज्यादा है।” उन्होंने दावा किया कि विपक्ष खुश नहीं है क्योंकिआम परिवारों के बच्चे अब सिर्फ योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां पा रहे हैं। प्रश्नपत्र के तीन पन्ने लीक हो गएउन्होंने कहा, “हमारे कुछ विपक्षी साथी हर मुद्दे पर हमारी आलोचना करने में तत्पर रहते हैं। वे झूठी बहसें रचते हैं क्योंकि उनके पास बताने के लिएकोई सच्चाई नहीं होती। कोई मुद्दा ही नहीं है।” धामी ने हरिद्वार में हुई एक हालिया घटना का भी जिक्र किया, जहां एक परीक्षार्थी ने कथित तौर परएक परीक्षा केंद्र से मोबाइल फोन के जरिए अपनी बहन को 12 प्रश्न भेजे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुमराह करने के लिए इसे गलत तरीके सेपेपर लीक बताकर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पर सीबीआई जांच के लिए राजी होने के बाद, उन्हीं लोगों ने उन पर झुकने काआरोप लगाया।मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। पिछलेमहीने, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र के तीन पन्ने लीक हो गए थे, जिसके बाद काफी विरोधप्रदर्शन हुए थे। बाद में परीक्षा रद्द कर दी गई और सीबीआई जांच के आदेश दिए गए।