Skip to main content

NEWS अब तक

गुजरात में किसानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ “AAP” की आवाज – अरविंद केजरीवाल का बयान

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में किसानों और पार्टी के नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दीहै। उन्होंने कहा कि 30 साल से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार किसानों की आवाज दबाने में लगी है। उन्होंने गिरफ्तारी और दमन की निंदा करते हुएकहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी।गुजरात में किसानों और AAP नेताओं की गिरफ्तारीकेजरीवाल ने बताया कि गुरुवार को गुजरात पुलिस ने आम आदमी पार्टी के दो नेताओं प्रवीण राम और राजू करपड़ा को गिरफ्तार किया। ये दोनों नेताकिसानों के अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल थे। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने के लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिनAAP इसे सहन नहीं करेगी। किसान आंदोलन और उनकी मुख्य मांगेंअरविंद केजरीवाल ने विस्तार से बताया कि 12 अक्टूबर को बोटाद जिले के हड़दड़ गांव में किसानों की महापंचायत हुई। इसमें दो मुख्य मुद्दे सामनेआए-करदा प्रथा के खिलाफ कार्रवाई – इस प्रथा में व्यापारी पहले तो तय दाम पर फसल लेते हैं, लेकिन बाद में किसान को कम दाम देते हैं। इससे किसानबेइमानी और नुकसान झेलते हैं। किसानों की मांग है कि तय दाम पर पूरी फसल खरीदी जाए।, एपीएमसी मंडी में फसल की खरीदी सुनिश्चित करना – कानून कहता है कि किसान अपनी फसल सरकारी मंडी में बेच सके। लेकिन व्यापारी अक्सर किसानों को 30-40 किलोमीटर दूर फसल ले जाने केलिए कहते हैं, जिससे किसान को ट्रांसपोर्ट खर्च उठाना पड़ता है। किसानों की मांग है कि मंडी में ही पूरी फसल खरीदी जाए। केजरीवाल ने कहा किइन मांगों के लिए किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। इसकेअलावा, 85 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। गुजरात की भाजपा सरकार पर कड़ी आलोचनाकेजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पिछले 30 साल से सत्ता में बैठी सरकार को अहंकार हो गया है। उन्होंने 1985-87 के कांग्रेस शासन काउदाहरण देते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने किसानों का दमन किया था, तो जनता ने उसे अगले चुनाव में उखाड़ फेंका था। अब वही स्थिति भाजपा परभी लागू होती दिख रही है। उन्होंने चेताया कि अगर भाजपा ने किसानों के खिलाफ दमन जारी रखा, तो जनता अगले चुनाव में इसे माफ नहीं करेगी। AAP का रुख और समर्थनअरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हर स्तर पर किसानों के आंदोलनका समर्थन करेगी। अगर सरकार चाहती है कि केस किया जाए, तो AAP नेताओं पर केस करें, लेकिन गरीब किसानों पर लगे सभी केस तुरंत वापसलिए जाएं। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद जेल का सामना किया है, लेकिन कभी डर नहीं पाया। किसानों और जनता के लिए संदेशकेजरीवाल ने किसानों और आम जनता से अपील की कि वे एकजुट हों और अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरें। उनका संदेश था कि अहंकार करनेसे सरकार का कोई भला नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज किसानों पर जो अत्याचार हुआ, उसका हिसाब भविष्य में भाजपा को भुगतना पड़ सकताहै।

जस्टिस बी.आर. गवई पर गलत आरोपों पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया – सौरभ भारद्वाज का बयान

दिल्ली में ग्रीन पटाखों पर लगी पाबंदी हटने के बाद आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशबी.आर. गवई के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने जस्टिस गवई को सनातन कादुश्मन कहकर अपमानित किया और गालियां दीं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब उन लोगों को देश और जस्टिस गवई से माफी मांगनी चाहिए। जस्टिस गवई का फैसला और उसका महत्वसौरभ भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर से लगी पाबंदी हटा दी।उनका कहना था कि यह फैसला समय और परिस्थितियों के अनुसार लिया गया और यह न्यायिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा किन्यायालय के फैसलों को लेकर व्यक्तिगत आरोप लगाना या जज पर हमला करना पूरी तरह गलत है। गलत आरोप और अपमान पर कड़ी प्रतिक्रियासौरभ भारद्वाज ने उन लोगों की निंदा की जिन्होंने जस्टिस गवई को सनातन का दुश्मन कहकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी जज केखिलाफ गाली-गलौज करना, जूताबाजी करना और सोशल मीडिया पर मीम बनाना बिल्कुल अनुचित है। उनका कहना था कि न्याय की कुर्सी पर बैठेव्यक्ति का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट का पिछला फैसलासौरभ भारद्वाज ने यह भी याद दिलाया कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी। लेकिन जब प्रदूषण का स्तर बढ़ा, तो उसी कोर्ट नेदिल्ली-एनसीआर में सभी पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। अब जस्टिस गवई ने पुराने फैसले को देखते हुए पटाखों पर से बैन हटा दिया। उनकाकहना था कि यह फैसला समय और परिस्थिति के अनुसार लिया गया है और इसे सनातन विरोधी मानना गलत है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति में भारी वृद्धि, मोदी सरकार की कथनी और करनी में फर्क उजागर – सुप्रिया श्रीनेत ने उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस का आरोप – दुबे दंपती की संपत्ति में 15 वर्षों में चौंकाने वाली बढ़ोतरीकांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम की संपत्ति में पिछले15 वर्षों में हुई भारी वृद्धि पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि यह मामला मोदी सरकार के भ्रष्टाचार मिटाने के दावों को पूरी तरह झूठा साबित करता है। पार्टी का कहना है कि जब विपक्षीनेताओं के खिलाफ हर छोटी बात पर जांच बैठा दी जाती है, तो भाजपा नेताओं की बेहिसाब संपत्ति पर सरकार मौन क्यों है? दुबे दंपती से मांगा स्पष्टीकरणकांग्रेस की प्रवक्ता और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने यह मामला विस्तार से रखा।उन्होंने निशिकांत दुबे औरउनकी पत्नी की संपत्ति में हुई तेज़ वृद्धि पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सामान्य नहीं हो सकता। श्रीनेत ने कहा कि पार्टी दुबे दंपती से स्पष्टस्पष्टीकरण चाहती है और इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग करती है। संपत्ति में असामान्य उछाल – 50 लाख से 31 करोड़ तक का सफरकांग्रेस प्रवक्ता ने दुबे के चुनावी हलफनामों और उनकी पत्नी के आयकर रिटर्न का हवाला देते हुए कहा कि 2009 में अनामिका गौतम के पास 50 लाख रुपये की चल संपत्ति थी, जबकि कोई अचल संपत्ति नहीं थी। 2014 में उनकी चल संपत्ति 1.03 करोड़ और अचल संपत्ति 5.53 करोड़ रुपयेहो गई। 2019 में चल संपत्ति 3.72 करोड़ और अचल संपत्ति 9.33 करोड़ रुपये तक पहुंची। 2024 में दुबे की पत्नी की कुल संपत्ति 40 करोड़ रुपयेदिखाई गई, जिसमें से आठ करोड़ रुपये विभिन्न लोगों से लिए गए ऋण के रूप में दर्शाए गए। ऋण घटाने के बाद कुल संपत्ति 31.32 करोड़ रुपयेबताई गई। आय में 54 गुना की वृद्धि पर कांग्रेस का सवालसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि 2013-14 में निशिकांत दुबे की पत्नी की वार्षिक आय करीब चार लाख रुपये थी, जो 2017-18 में बढ़कर 2.16 करोड़ रुपये हो गई। यानी केवल चार वर्षों में आय में 54 गुना वृद्धि।उन्होंने कहा कि जब संपत्ति 31 करोड़ रुपये तक पहुंची, तब उनकी वार्षिक आय2.63 करोड़ रुपये बताई गई। श्रीनेत ने कहा कि आय और संपत्ति के बीच कोई तार्किक संबंध नहीं है, और यह साफ तौर पर आय से अधिक संपत्तिअर्जित करने का मामला है। संदिग्ध ऋण और झूठे दावे पर उठे सवालकांग्रेस प्रवक्ता ने 2024 के हलफनामे में दिखाए गए 8.28 करोड़ रुपये के ऋण पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा कि यह चार अलग-अलगव्यक्तियों से लिया गया असुरक्षित ऋण बताया गया है, यानी इसके बदले कोई गारंटी या संपत्ति नहीं रखी गई। श्रीनेत ने बताया कि दुबे ने दावाकिया था कि अभिषेक झा नामक व्यक्ति ने उन्हें एक करोड़ रुपये का ऋण दिया है, जबकि अभिषेक झा ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज करदिया। झा ने खुद निशिकांत दुबे के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।श्रीनेत ने कहा कि यह विरोधाभास इस बात का संकेत हैकि यह ऋण कागज़ी हो सकता है और वास्तविक लेन-देन नहीं हुआ। भाजपा की चुप्पी और दोहरे मानदंड पर सवालसुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व से सवाल किया कि जब विपक्षी नेताओं पर बिना सबूत जांच बैठाईजाती है, तो भाजपा सांसदों पर क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि यह मामला भाजपा की ईमानदारी की राजनीति का वास्तविक चेहरा उजागर करता है।मोदी सरकार अपने नेताओं पर कार्रवाई करने से बचती है, जबकि विपक्ष को बदनाम करने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। श्रीनेत ने कहा, येघटनाएं साबित करती हैं कि मोदी सरकार का ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ का नारा सिर्फ चुनावी जुमला है। लोकपाल की कार्यवाही पर भी उठे सवालसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि 24 मई 2025 को लोकपाल में निशिकांत दुबे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद 24 जुलाईको लोकपाल की पूर्ण पीठ ने दुबे को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने का आदेश दिया था।उन्होंने सवाल उठाया कि आज तक यह स्पष्ट नहीं है किदुबे ने कोई जवाब दिया भी या नहीं, और लोकपाल ने आगे क्या कार्रवाई की। कांग्रेस की मांग – पारदर्शी जांच और जवाबदेहीप्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह सिर्फ एक सांसद या उनकी पत्नी का मामला नहीं, बल्कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रश्न है।उन्होंने कहा कि यदि मोदी सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है, तो उसे निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी की संपत्ति की निष्पक्ष जांच करानीचाहिए। श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़कों तक उठाएगी, ताकि देश के नागरिकों को सच्चाई पता चल सके।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान के 65 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों का राष्ट्र को समर्पण किया

राजस्थान में रेलवे विकास की नई शुरुआतरेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज राजस्थान में रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा कदमउठाया। उन्होंने खातीपुरा रेलवे स्टेशन का दौरा किया और राजस्थान के 65 रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा से जुड़े विकास कार्यों का उद्घाटनकिया। यह पहल राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। 65 रेलवे स्टेशनों पर हुए बड़े सुधारवैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्थान के कई प्रमुख स्टेशनों जैसे रामसर, सिवानी, लूनी, पृथ्वीराजपुर, भगत की कोठी आदि पर यात्रीसुविधाओं का शुभारंभ किया। इन सुधारों से स्टेशन अब अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बन गए हैं। प्रतीक्षालयों का नवीनीकरण किया गयाहै, रोशनी की व्यवस्था बेहतर की गई है और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष सुविधाएँउपलब्ध कराई गई हैं।अब यात्री स्टेशन पर पहुँचते ही एक साफ-सुथरा और आरामदायक माहौल महसूस कर सकेंगे। यात्रा में स्वच्छता और सुविधा के नए आयामकार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने जयपुर–आसारवा एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की। अब इस ट्रेन की एसी श्रेणियों मेंमुद्रित कंबल कवर (Printed Blanket Covers) दिए जाएंगे। यह पहल स्वच्छता और एकरूपता सुनिश्चित करेगी और यात्रियों को अधिकआरामदायक यात्रा अनुभव देगी। रेलवे लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जिससे यात्रियों को हर सफर में बेहतर सुविधा और सुकून मिल सके। तेजी से बढ़ रहा है रेलवे का आधुनिकीकरणअश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे देश की प्रगति का प्रतीक बन चुका है। नई ट्रेनों की शुरुआत, स्टेशन पुनर्निर्माण, रेल लाइनों का विस्तार औरविद्युतीकरण जैसे कार्य तेजी से पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक रखरखाव डिपो बनाए जा रहे हैं ताकि ट्रेनों की गुणवत्ता और सुरक्षा बनी रहे।रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का मुख्य उद्देश्य सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना नहीं, बल्कि यात्रियों के जीवन में सार्थक सुधार लाना है। राजस्थान को मिला 9,960 करोड़ रुपये का प्रोत्साहनकेंद्रीय बजट 2025–26 में राजस्थान के लिए रेलवे क्षेत्र में ₹9,960 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह निवेश राज्य में रेलवे के तेजी से विस्तारऔर आधुनिकीकरण को बढ़ावा देगा। रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान के 85 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जारहा है, जिनमें से 8 स्टेशनों का लोकार्पण इस वर्ष हो चुका है।राज्य में वर्तमान में 12 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जो प्रमुख मार्गों पर तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प प्रदान कर रही हैं। आधुनिक और यात्री–केंद्रित रेलवे की दिशा में कदमरेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान में रेलवे का यह विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार नहीं, बल्कि यात्री अनुभव को नया रूप देने की पहल है। स्टेशनोंपर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएँ और पर्यावरणीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ये सारी योजनाएँइस बात का प्रमाण हैं कि रेलवे अब आधुनिक, कुशल और यात्री-केंद्रित हो चुका है।

80 दिनों तक दिल्ली बनेगी संगीत और संस्कृति का वैश्विक केंद्र – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया बड़ा ऐलान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली अब केवल देश की राजधानी नहीं, बल्कि भारत की क्रिएटिव कैपिटल बनने की दिशा में तेज़ी सेआगे बढ़ रही है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले 80 दिनों तक राजधानी में 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के संगीत व सांस्कृतिककार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो पहले कभी इस पैमाने पर नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंसके दौरान दी। इस मौके पर पर्यटन एवं कला, संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा भी उपस्थित रहे। दिल्ली बनेगी ‘इवेंट-फ्रेंडली सिटीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को इवेंट-फ्रेंडली सिटी बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी केप्रमुख स्टेडियमों और सभागारों के किराए में कमी की गई है, ताकि आयोजकों को कम खर्च में विश्वस्तरीय कार्यक्रम करने में सुविधा मिले। इन स्थलोंमें जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्टेडियम, नेशनल स्टेडियम, त्यागराज स्टेडियम और छत्रसाल स्टेडियम शामिल हैं, जिन्हें अब अंतरराष्ट्रीयमानकों के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम से होगी आसान प्रक्रियामुख्यमंत्री ने बताया कि अब दिल्ली में किसी भी बड़े आयोजन के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू किया जा रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से इवेंटपरमिशन, सुरक्षा, ट्रैफिक और लॉजिस्टिक्स जैसी प्रक्रियाएं बेहद सरल और तेज़ होंगी।उन्होंने कहा कि इस मॉडल का प्रयोग पहले कांवड़ यात्रा, दुर्गापूजा, छठ पर्व और रामलीला समितियों के आयोजनों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है। अब यही मॉडल इवेंट मैनेजमेंट सेक्टर में लागू किया जारहा है, जिससे दिल्ली की लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नई गति मिलेगी। नामी कलाकार करेंगे प्रस्तुति, दिल्ली बनेगी संगीत का केंद्रमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगले 80 दिनों तक दिल्ली में संगीत और संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। देश और विदेश के नामीकलाकार यहां अपनी प्रस्तुति देंगे। इन कलाकारों में ट्रैविस स्कॉट, कृष्ण दास, जाकिर खान, पैपोन, एपी ढिल्लों, अरमान मलिक, जोनिता गांधी, राधिका दास सहित कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दिल्ली सरकार, इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन (फेमा) और पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के संयुक्त सहयोग से किए जाएंगे, ताकि हर कार्यक्रम का स्तर अंतरराष्ट्रीय बना रहे औरदर्शकों को बेहतर अनुभव मिले। लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री बनेगी नई आर्थिक शक्तिमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री लगभग 150 अरब रुपये की है और इसमें दिल्ली का हिस्सा 2500 से 3000 करोड़ रुपयेतक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार न केवल कार्यक्रम स्थलों को आधुनिक बना रही है, बल्कि भविष्य में विश्वस्तरीय इवेंटवेन्यू भी तैयार करेगी, जहां लाखों लोग एक साथ सांस्कृतिक आयोजनों में भाग ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटनउद्योग को बल मिलेगा और दिल्ली की संगीत अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी। विरासत भी विकास भी के मंत्र पर आगे बढ़ रही दिल्ली सरकारमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य सिर्फ आयोजन करना नहीं है, बल्कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय गर्व को बढ़ावा देना भी है।उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार विरासत भी विकास भी के मंत्र पर काम कर रही है, ताकिदिल्ली की ऐतिहासिक पहचान और आधुनिक विकास, दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें। केंद्र सरकार के सहयोग से बदली दिल्ली की तस्वीरमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से दिल्ली सरकार को यह बड़ासांस्कृतिक अभियान शुरू करने में सफलता मिली है।उन्होंने बताया कि पहले आयोजक दिल्ली में बड़े कार्यक्रम करने से हिचकिचाते थे, लेकिन अबसरकार ने सभी आवश्यक सुविधाएं और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया यह तो बस शुरुआत हैपर्यटन तथा कला, संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह विज़न है कि दिल्ली को कंसर्ट इकॉनॉमी और लाइव एंटरटेनमेंट का केंद्रबनाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दिशा में ठोस रोडमैप तैयार किया है। दिल्ली सरकार ने फेमा, फिक्की और इवेंट इंडस्ट्री सेजुड़े 40 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की थी, जिसमें खुद मुख्यमंत्री ने भाग लेकर आवश्यक सुझाव दिए। कपिल मिश्रा ने बताया किइसी चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने स्टेडियमों के टैरिफ घटाने का निर्णय लिया, जिसके बाद दिल्ली दोबारा बड़े और भव्य आयोजनों का केंद्र बनने लगीहै।उन्होंने कहा, यह तो बस शुरुआत है। हमारे पास इससे भी बड़ा रोडमैप है जो प्रधानमंत्री जी के विज़न और मुख्यमंत्री जी की दूरदर्शी नीति कोसाकार करेगा। दिल्ली अब कला, संस्कृति, भाषा और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूएगी। दिल्ली के नागरिकों से मुख्यमंत्री का संदेशमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से कहा कि वे आने वाले 80 दिनों के लिए तैयार रहें, क्योंकि यह समय संगीत, संस्कृति और गर्व का उत्सवहोगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली अब न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है एक ऐसी राजधानी, जोअपनी परंपरा, ऊर्जा और आधुनिकता से दुनिया को प्रेरित करेगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि छात्रों से की सार्थक बातचीत – विजेंद्र गुप्ता

छात्रों ने जाना दिल्ली विधानसभा का गौरवशाली इतिहास और संवैधानिक यात्रादिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के कैम्पस लॉ सेंटर-II के प्रथम औरद्वितीय वर्ष के छात्रों से मुलाकात की। ये छात्र शैक्षणिक भ्रमण पर दिल्ली विधानसभा परिसर आए थे ताकि वे भारत की विधायी संस्थाओं कीकार्यप्रणाली, इतिहास और संवैधानिक ढांचे को नज़दीक से समझ सकें। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों का स्वागत किया और उन्हेंदिल्ली विधानसभा के गौरवशाली अतीत, विधान प्रक्रिया, तथा संविधान की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।पुराना सचिवालय: भारतीय विधायिका की ऐतिहासिक धरोहरअपने संबोधन में श्री गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा भवन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भवन देश की विधायी परंपरा का एकजीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1912 में जब भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित की गई थी, तब पुराना सचिवालय (Old Secretariat) भवन ही केंद्रीय विधान सभा के रूप में कार्य करता था। उन्होंने कहा कि लुटियंस दिल्ली के निर्माण से पहले, यहीं से भारत कीविधायी गतिविधियाँ संचालित होती थीं। इस भवन ने भारतीय लोकतंत्र की नींव को आकार देने वाले अनेक ऐतिहासिक क्षणों को देखा है। स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया यादगुप्ता ने इस अवसर पर गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, मदन मोहन मालवीय और विट्ठलभाई पटेल जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों को यादकरते हुए कहा कि इन व्यक्तित्वों ने भारत की लोकतांत्रिक सोच को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि इन महान नेताओं ने न केवल ब्रिटिश शासन केविरुद्ध संघर्ष किया बल्कि भारतीय संसद और विधान सभाओं की बुनियाद को भी मज़बूती प्रदान की। विशेष संवैधानिक दर्जा और गौरवपूर्ण सफरविधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों को दिल्ली को प्राप्त विशेष संवैधानिक दर्जे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बालकृष्णन समिति कीसिफारिशों के आधार पर भारतीय संविधान में अनुच्छेद 239(एए) जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत दिल्ली को 70 सदस्यों वाली विधानसभा का दर्जाप्राप्त हुआ।उन्होंने छात्रों को यह भी जानकारी दी कि वर्ष 1993 में दिल्ली में पहली बार निर्वाचित विधानसभा का गठन हुआ था। इसके बाद से दिल्ली कीविधान संस्था ने जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विधेयक और नीतियाँ पारित की हैं। 22 एकड़ में फैला आधुनिक विधान परिसरगुप्ता ने यह भी बताया कि वर्तमान दिल्ली विधानसभा परिसर लगभग 22 एकड़ में फैला हुआ है, जो देश के सबसे बड़े विधान परिसरों में से एक है।उन्होंने कहा कि यह परिसर न केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र है, बल्कि यह लोकतांत्रिक भावना और जनसेवा के आदर्शों का प्रतीक भी है। लोकतंत्र और संविधान पर गर्व करने की प्रेरणाविधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गर्व करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने छात्रों कोप्रेरित किया कि वे न केवल संविधान का अध्ययन करें बल्कि उसकी आत्मा समानता, न्याय और सेवा को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा, युवापीढ़ी को यह समझना होगा कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि यह हमारे अस्तित्व का आधार है। संविधान की रक्षा और जनसेवा कीभावना को जीवित रखना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।विधानसभा भ्रमण एक अनोखा अनुभवइस संवाद के बाद छात्रों ने विधानसभा परिसर का भ्रमण किया और सदन की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखा।उन्होंने विधानसभा के सत्र कक्ष, समितियों के कक्ष, और अभिलेखागार का भी दौरा किया। छात्रों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को एक अविस्मरणीय अनुभव बताया और कहा कि इसने उन्हेंभारतीय लोकतंत्र की गहराई और उसकी कार्यप्रणाली को समझने का एक अनोखा अवसर प्रदान किया। ज्ञान और प्रेरणा का संगमयह मुलाकात केवल एक शैक्षणिक यात्रा नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिक जिम्मेदारी पर एक गहन संवाद का अवसर भी थी। विजेंद्रगुप्ता ने छात्रों को यह संदेश दिया कि अगर वे संविधान के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ, तो वे समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिकानिभा सकते हैं।

उप महापौर जय भगवान यादव ने किया मुंडका वार्ड का निरीक्षण, नागरिकों की समस्याएं सुनीं

दिल्ली नगर निगम के उप महापौर जय भगवान यादव ने आज नरेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुंडका वार्ड (वार्ड नंबर 35) का निरीक्षण किया। इसदौरान उन्होंने इलाके की जन सुविधाओं का जायजा लिया और नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।निरीक्षण के दौरान मुंडका केविधायक गजेंद्र दराल, नरेला क्षेत्र के उपायुक्त राजीव सिंह सहित निगम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे। टिकरी कलां फिरनी रोड के नाले का होगा पुनर्निर्माणनिरीक्षण के दौरान उप महापौर ने टिकरी कलां फिरनी रोड पर स्थित नाले की दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त की और उसका पुनर्निर्माण कराने के आदेशदिए। उन्होंने कहा कि यह नाला जल निकासी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि बरसात के समयजलभराव की समस्या न रहे। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि नाले के किनारे की झाड़ियों की छंटाई की जाए और सड़क किनारे जमा मलबे कोतुरंत हटाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां पानी जमा है, वहां जेसीबी मशीन और पंप लगाकर पानी निकाला जाए ताकि नागरिकों कोकिसी भी प्रकार की परेशानी न हो। सफाई व्यवस्था पर जताई असंतुष्टिउप महापौर जय भगवान यादव ने इलाके की सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सफाईपर विशेष ध्यान दिया जाए और खाली पड़े प्लॉटों से तुरंत कूड़ा हटाया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम का दायित्व है कि प्रत्येक वार्ड मेंसफाई और जल निकासी की व्यवस्था सुचारू रहे, क्योंकि यह नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा से जुड़ा मुद्दा है। सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देशनिरीक्षण के दौरान उप महापौर ने मुंडका फिरनी रोड पर चल रहे सड़क और नाले के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहाकि बचे हुए निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। उप महापौर ने यह भी कहा किनालों से निकली गाद को समय पर उठाया जाए, जिससे जलभराव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। स्थानीय नागरिकों से की बातचीत, शिकायतें सुनींउप महापौर जय भगवान यादव ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उनकी शिकायतें व सुझाव सुने। उन्होंने नागरिकों कोभरोसा दिलाया कि निगम उनकी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा किदिल्ली नगर निगम की भारतीय जनता पार्टी सरकार नागरिकों की समस्याओं का संज्ञान लेकर त्वरित समाधान के लिए कार्य कर रही है। दिल्ली के विकास के लिए प्रतिबद्ध भाजपा सरकारउप महापौर ने अपने वक्तव्य में कहा कि भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा किनागरिकों की मूलभूत सुविधाओं — जैसे सड़क, नाले, जल निकासी, सफाई और पर्यावरण — को सुधारना सरकार की प्राथमिकता है।उन्होंनेआश्वासन दिया कि निगम प्रशासन जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा और सभी वार्डों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ायाजाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट ने मनाया दशहरा उत्सव विजेता को मिला 20 लाख रुपये का बंपर इनाम – महिमा सिंह

त्योहारों का मौसम हर किसी के जीवन में खुशियां लेकर आता है, और जब खुशियों के साथ बड़ी जीत भी मिल जाए तो आनंद दोगुना हो जाता है।इसी भावना को साकार करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट, जो भारत का एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल ब्रांड है, ने इस साल दशहरा फेस्टिव बंपर ड्रॉ काआयोजन किया। इस भव्य कार्यक्रम में ग्राहकों के चेहरों पर मुस्कान और उत्साह का माहौल देखने लायक था। बंपर ड्रॉ में मिला 20 लाख रुपये का नकद इनामदिल्ली-एनसीआर में आयोजित इस समारोह की सबसे बड़ी खासियत रही बंपर ड्रॉ, जिसमें एक भाग्यशाली विजेता को 20 लाख रुपये का शानदारनकद इनाम मिला। जब ड्रॉ का नतीजा घोषित हुआ और कूपन नंबर 25128702 विजेता के रूप में सामने आया, तो पूरा माहौल तालियों औरशुभकामनाओं से गूंज उठा। कार्यक्रम में बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्रियां रूखसर ढिल्लों और मालवी मल्होत्रा मुख्य आकर्षण रहीं। उन्होंने मंच परआकर खुद लकी ड्रॉ का कूपन निकाला और विजेता का नाम घोषित किया। दोनों ने विजेता को बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार खुशियों औरसौभाग्य का प्रतीक है, और ऐसे आयोजनों से लोगों के जीवन में नई ऊर्जा आती है।ग्राहकों के लिए इंडिया का सबसे बड़ा फेस्टिव ऑफरइलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट ने इस मौके पर अपने ग्राहकों के लिए एक और शानदार घोषणा की। कंपनी ने बताया कि इस साल का फेस्टिव सीजन इंडिया कासबसे बड़ा फेस्टिव ऑफर लेकर आया है। इसके तहत ग्राहकों को कुल 1 करोड़ रुपये तक के कैश प्राइज जीतने का अवसर मिल रहा है। कंपनी काकहना है कि इस ऑफर का उद्देश्य अपने ग्राहकों के विश्वास और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करना है। साथ ही, यह ग्राहकों को अधिक से अधिकलाभ देने और उनके त्योहार को यादगार बनाने का एक प्रयास है। सीईओ करण बजाज ने जताया ग्राहकों के प्रति आभारकार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के सीईओ करण बजाज ने कहा, दिल्ली-एनसीआर में हमारी शुरुआत को जिस तरह ग्राहकों ने सराहा है, वहहमारे लिए गर्व की बात है। बहुत ही कम समय में इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई है। यह बंपर ड्रॉ हमारे लिए ग्राहकों केप्रति धन्यवाद कहने का एक तरीका है। हम आगे भी इसी भरोसे और पारदर्शिता के साथ अपने ग्राहकों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने आगे यह भी कहाकि आने वाले महीनों में कंपनी और भी रोमांचक ऑफर और विशेष इनाम लेकर आएगी, जिससे ग्राहकों के त्योहार और भी यादगार बन सकें। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट विश्वास और पारदर्शिता का प्रतीकइलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट ने अपने पारदर्शी व्यापार और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के जरिए बहुत ही कम समय में इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल सेक्टर में अपनी एकअलग पहचान बनाई है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य केवल प्रोडक्ट बेचना नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ एक लंबे और भरोसेमंद संबंध को कायम रखना है।दशहरा फेस्टिव बंपर ड्रॉ ने न केवल विजेता के घर खुशियां पहुंचाईं, बल्कि पूरे शहर में त्योहार की रौनक को और बढ़ा दिया। इस आयोजन ने यहसाबित कर दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि हर भारतीय परिवार की खुशियों का हिस्सा बन चुका है। त्योहारों में खुशियों का नया रंगदशहरा उत्सव का यह कार्यक्रम लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। हर कोई इस उम्मीद के साथ घर लौटा कि अगली बार लकी कूपन उनकेनाम भी हो सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट की यह पहल लोगों में उत्साह और उम्मीद दोनों लेकर आई है। त्योहारों का असली मतलब ही यही है – खुशियां बांटना, उम्मीद जगाना और साथ मिलकर जश्न मनाना। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट ने अपने इस आयोजन के जरिए देशभर के ग्राहकों को यही संदेशदिया है कि हर खरीदारी के साथ खुशियों का एक नया मौका छिपा है।